उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने मऊ जनपद के प्रधान समिति सभागार में आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित शिक्षकों एवं शिक्षा कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए संवेदनशील होकर कार्य कर रही है। उन्होंने इस योजना को एक ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी पहल बताया, जो शिक्षकों तथा उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करेगी। श्री शर्मा ने बताया कि शिक्षा समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार है, और शिक्षकों के योगदान को देखते हुए सरकार ने उनके स्वास्थ्य संरक्षण के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही, जिससे शिक्षकों को स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से काफी हद तक राहत मिलेगी। ऊर्जा मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा वाराणसी से इस योजना का शुभारंभ किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत पात्र शिक्षकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज में होने वाला आर्थिक बोझ कम होगा और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं तक उनकी पहुँच सुनिश्चित होगी। इस योजना का लाभ बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र कर्मचारियों को मिलेगा, जिसमें बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन), अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, वार्डन, रसोइये तथा अन्य पात्र कार्मिक और उनके आश्रित परिवार के सदस्य शामिल हैं। श्री शर्मा ने जोर दिया कि स्वस्थ शिक्षक ही बेहतर शिक्षा व्यवस्था का आधार होते हैं, और सरकार का उद्देश्य केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना नहीं, बल्कि शिक्षकों व उनके परिवारों के जीवन को अधिक सुरक्षित व सम्मानजनक बनाना भी है। उन्होंने इस योजना को लाखों शिक्षकों एवं शिक्षा कर्मियों के लिए वरदान सिद्ध होने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान, ऊर्जा मंत्री श्री ए. के. शर्मा ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत प्रमोद सिंह (माध्यमिक शिक्षक), हरी लाल यादव (शिक्षामित्र), बिना सिंह (शिक्षामित्र) और अरुण सिंह (अनुदेशक) सहित पात्र लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, जिलाध्यक्ष, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने मऊ जनपद के प्रधान समिति सभागार में आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित शिक्षकों एवं शिक्षा कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए संवेदनशील होकर कार्य कर रही है। उन्होंने इस योजना को एक ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी पहल बताया, जो शिक्षकों तथा उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करेगी। श्री शर्मा ने बताया कि शिक्षा समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार है, और
शिक्षकों के योगदान को देखते हुए सरकार ने उनके स्वास्थ्य संरक्षण के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही, जिससे शिक्षकों को स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से काफी हद तक राहत मिलेगी। ऊर्जा मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा वाराणसी से इस योजना का शुभारंभ किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत पात्र शिक्षकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी, जिससे गंभीर
बीमारियों के इलाज में होने वाला आर्थिक बोझ कम होगा और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं तक उनकी पहुँच सुनिश्चित होगी। इस योजना का लाभ बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र कर्मचारियों को मिलेगा, जिसमें बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन), अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, वार्डन, रसोइये तथा अन्य पात्र कार्मिक और उनके आश्रित परिवार के सदस्य शामिल हैं। श्री शर्मा ने जोर दिया कि स्वस्थ शिक्षक ही बेहतर शिक्षा व्यवस्था का आधार होते हैं, और सरकार का उद्देश्य केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना नहीं, बल्कि शिक्षकों व उनके
परिवारों के जीवन को अधिक सुरक्षित व सम्मानजनक बनाना भी है। उन्होंने इस योजना को लाखों शिक्षकों एवं शिक्षा कर्मियों के लिए वरदान सिद्ध होने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान, ऊर्जा मंत्री श्री ए. के. शर्मा ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत प्रमोद सिंह (माध्यमिक शिक्षक), हरी लाल यादव (शिक्षामित्र), बिना सिंह (शिक्षामित्र) और अरुण सिंह (अनुदेशक) सहित पात्र लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, जिलाध्यक्ष, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
- Post by SONI DEVI1
- एक व्यक्ति अपनी शिकायत के लिए व्यापक और दूरगामी समर्थन की अपील कर रहा है। उनका आग्रह है कि उनकी आवाज़ को अधिक से अधिक लोगों तक और बहुत दूर-दूर तक पहुँचाया जाए ताकि उनकी बात सुनी जा सके।1
- मऊ जनपद की रानीपुर पुलिस ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में वांछित चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गुरुवार सुबह करीब 6:05 बजे रानीपुर गांव जाने वाले रास्ते के मेन गेट के पास से आरोपी नीरज पासवान पुत्र राजेंद्र पासवान (उम्र करीब 21 वर्ष) को घेराबंदी कर पकड़ा। आरोपी खिरियां, थाना रानीपुर, जनपद मऊ का निवासी है। उसके खिलाफ थाना रानीपुर में मु0अ0सं0 87/2026 के तहत दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट सहित धारा 65(1), 352, 351(2) बीएनएस एवं 5एम/6 पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज था। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देश पर जनपद में वांछित अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार और क्षेत्राधिकारी मुहम्मदाबाद गोहना शीतला प्रसाद पाण्डेय के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम इस मामले में सक्रिय थी। पुलिस टीम गुरुवार सुबह क्षेत्र में गश्त और वांछित अभियुक्तों की तलाश में थी, तभी मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी नीरज पासवान रानीपुर गांव जाने वाले रास्ते के मेन गेट के पास खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने गिरफ्तारी के डर से भागने की बात स्वीकार की। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अख्तर अली, कांस्टेबल राकेश कुमार गौड़ और कांस्टेबल वैभव त्रिपाठी शामिल रहे। पुलिस ने बताया है कि आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।2
- मऊ जिले के रामपुर थाना क्षेत्र स्थित ढिलई फिरोजपुर बाग में बुधवार शाम साइकिल के मोलभाव को लेकर दो पक्षों के बीच गंभीर विवाद हो गया। यह कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और घूंसों से हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार, उतराई निवासी कृष्णा ढिलई फिरोजपुर बाग में साइकिल की दुकान चलाता है, जहां बुधवार शाम लखनौर निवासी कुछ युवक साइकिल खरीदने पहुंचे थे। इसी दौरान साइकिल के दाम को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट में तब्दील हो गया। इस मारपीट में दोनों पक्षों से एक-एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर रामपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दोनों घायल व्यक्तियों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, फतेहपुर मंडाव में भर्ती कराया। समाचार लिखे जाने तक, दोनों पक्षों के बीच आपसी सुलह-समझौते की बातचीत जारी थी और पुलिस पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है।1
- उत्तर प्रदेश के मुहम्मदाबाद गोहना में पूर्व मंत्री श्रीराम सोनकर के एक बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली है। कार्यकर्ताओं ने शहीद चौक पर बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर इस बयान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि पूर्व मंत्री श्रीराम सोनकर ने भाजपा नेता छोटू प्रसाद के संबंध में जो टिप्पणी की है, वह अनुचित है और इससे पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने मांग की कि पूर्व मंत्री श्रीराम सोनकर अपना बयान तुरंत वापस लें। उन्होंने पार्टी के भीतर आपसी सम्मान और संगठनात्मक मर्यादा को बनाए रखने पर भी जोर दिया। इस पर भाजपा नेता छोटू प्रसाद ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह होते हैं, लेकिन किसी कार्यकर्ता या नेता के सम्मान पर सार्वजनिक मंच से टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की मजबूती के लिए समर्पित है और सभी का सम्मान किया जाना चाहिए। इस विरोध प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष रामसरन चौहान, मंडल अध्यक्ष जनार्दन शर्मा, मंडल महामंत्री अंकित सरोज, पूर्व मंडल अध्यक्ष ओमकार सिंह और प्रद्युम्न प्रताप सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज कराया और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से इस पूरे मामले का संज्ञान लेने की मांग की है।1
- E20 पेट्रोल को लेकर एक बड़ा सवाल उठाया गया है, जिसके बाद अब ऑटो कंपनियों और सरकार से लिखित गारंटी की मांग की जा रही है। कहा गया है कि सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद सभी ऑटो कंपनियों को पत्र लिखकर उनसे यह मांग की जाएगी कि वे अपने ग्राहकों को लिखित आश्वासन दें। इस आश्वासन के तहत, यदि E20 पेट्रोल के उपयोग से गाड़ी का माइलेज 10% से ज़्यादा घटता है, तो कंपनी उसकी भरपाई करे। इसके अतिरिक्त, अगर E20 के इस्तेमाल से गाड़ी का कोई भी पार्ट खराब होता है, तो उसे कंपनी मुफ्त में बदलकर दे। इन मांगों के साथ ही, अगले हफ्ते प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखने की बात कही गई है। उस पत्र में स्पष्ट रूप से पूछा जाएगा कि यदि E20 पेट्रोल के कारण किसी वाहन में कोई नुकसान होता है, तो उसका मुआवज़ा सरकार देगी या संबंधित ऑटो कंपनी। फिलहाल, इस महत्वपूर्ण और सीधे सवाल पर सरकार और वाहन कंपनियों का क्या जवाब आता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने मऊ जनपद के प्रधान समिति सभागार में आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित शिक्षकों एवं शिक्षा कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए संवेदनशील होकर कार्य कर रही है। उन्होंने इस योजना को एक ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी पहल बताया, जो शिक्षकों तथा उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करेगी। श्री शर्मा ने बताया कि शिक्षा समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार है, और शिक्षकों के योगदान को देखते हुए सरकार ने उनके स्वास्थ्य संरक्षण के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही, जिससे शिक्षकों को स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से काफी हद तक राहत मिलेगी। ऊर्जा मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि मा. मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा वाराणसी से इस योजना का शुभारंभ किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत पात्र शिक्षकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज में होने वाला आर्थिक बोझ कम होगा और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं तक उनकी पहुँच सुनिश्चित होगी। इस योजना का लाभ बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र कर्मचारियों को मिलेगा, जिसमें बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन), अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, वार्डन, रसोइये तथा अन्य पात्र कार्मिक और उनके आश्रित परिवार के सदस्य शामिल हैं। श्री शर्मा ने जोर दिया कि स्वस्थ शिक्षक ही बेहतर शिक्षा व्यवस्था का आधार होते हैं, और सरकार का उद्देश्य केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना नहीं, बल्कि शिक्षकों व उनके परिवारों के जीवन को अधिक सुरक्षित व सम्मानजनक बनाना भी है। उन्होंने इस योजना को लाखों शिक्षकों एवं शिक्षा कर्मियों के लिए वरदान सिद्ध होने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान, ऊर्जा मंत्री श्री ए. के. शर्मा ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत प्रमोद सिंह (माध्यमिक शिक्षक), हरी लाल यादव (शिक्षामित्र), बिना सिंह (शिक्षामित्र) और अरुण सिंह (अनुदेशक) सहित पात्र लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, जिलाध्यक्ष, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।4
- आजमगढ़ के नरौली में स्थित ग्रिल टू चील रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया है।1