ग्राम कामती में अंतरवर्ती फसल प्रणाली के अंतर्गत गन्ने के साथ चना एवं धनिया की सफल खेती ग्राम कामती के प्रगतिशील किसान आयुष्मान चौकसे द्वारा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाते हुए अंतरवर्ती फसल प्रणाली के अंतर्गत गन्ने के साथ चना एवं धनिया की सफल खेती की जा रही है। यह कार्य कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर के पादप प्रजनक विशेषज्ञ डॉ. देवीदास पटेल के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इस नवाचार पूर्ण खेती पद्धति से न केवल भूमि का बेहतर उपयोग हो रहा है, बल्कि किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त करने का अवसर भी मिल रहा है। अंतरवर्ती फसल के रूप में बोए गए चने के लिए बीज कृषि विज्ञान केंद्र से प्राप्त किए गए, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार की संभावना बढ़ी है। विशेषज्ञों के अनुसार गन्ने के साथ चना एवं धनिया जैसी फसलों की खेती करने से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और कीट एवं रोगों का प्रभाव भी कम होता है। आयुष्मान चौकसे का यह प्रयास क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है, जो उन्नत तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
ग्राम कामती में अंतरवर्ती फसल प्रणाली के अंतर्गत गन्ने के साथ चना एवं धनिया की सफल खेती ग्राम कामती के प्रगतिशील किसान आयुष्मान चौकसे द्वारा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाते हुए अंतरवर्ती फसल प्रणाली के अंतर्गत गन्ने के साथ चना एवं धनिया की सफल खेती की जा रही है। यह कार्य कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर के पादप प्रजनक विशेषज्ञ डॉ. देवीदास पटेल के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इस नवाचार पूर्ण खेती पद्धति से न केवल भूमि का बेहतर उपयोग हो रहा है, बल्कि किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त करने का अवसर भी मिल रहा है। अंतरवर्ती फसल के रूप में बोए गए चने के लिए बीज कृषि विज्ञान केंद्र से प्राप्त किए गए, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार की संभावना बढ़ी है। विशेषज्ञों के अनुसार गन्ने के साथ चना एवं धनिया जैसी फसलों की खेती करने से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और कीट एवं रोगों का प्रभाव भी कम होता है। आयुष्मान चौकसे का यह प्रयास क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है, जो उन्नत तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
- ग्राम कामती के प्रगतिशील किसान आयुष्मान चौकसे द्वारा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाते हुए अंतरवर्ती फसल प्रणाली के अंतर्गत गन्ने के साथ चना एवं धनिया की सफल खेती की जा रही है। यह कार्य कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर के पादप प्रजनक विशेषज्ञ डॉ. देवीदास पटेल के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इस नवाचार पूर्ण खेती पद्धति से न केवल भूमि का बेहतर उपयोग हो रहा है, बल्कि किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त करने का अवसर भी मिल रहा है। अंतरवर्ती फसल के रूप में बोए गए चने के लिए बीज कृषि विज्ञान केंद्र से प्राप्त किए गए, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार की संभावना बढ़ी है। विशेषज्ञों के अनुसार गन्ने के साथ चना एवं धनिया जैसी फसलों की खेती करने से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और कीट एवं रोगों का प्रभाव भी कम होता है। आयुष्मान चौकसे का यह प्रयास क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है, जो उन्नत तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।1
- सोहागपुर के आदिवासी बाहुल्य गांवों में कमिश्नर का निरीक्षण, शाला व आंगनबाड़ी व्यवस्था सुधारने के निर्देश सोहागपुर तहसील के आदिवासी बाहुल्य ग्राम नया कुकरा में कमिश्नर ने बुधवार दोपहर 3 बजे के लगभग प्राथमिक शाला का निरीक्षण किया। 56 दर्ज बच्चों में से 36 उपस्थित मिले। केवल दो कक्ष होने से कक्षा 1 से 3 और 4 से 5 तक की संयुक्त कक्षाएं संचालित हो रही थीं। कमिश्नर ने शिक्षकों को बरामदे में पृथक कक्षाएं लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया, जहां 63 बच्चे दर्ज हैं। बच्चों से नाश्ते की जानकारी ली और टीएचआर व पौष्टिक खाद्य सामग्री का अवलोकन किया। कार्यकर्ता को बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और केंद्र नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। इसके बाद नयागांव आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया गया, जहां 30 में से 15 बच्चे उपस्थित मिले। कमिश्नर ने 3 से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने और नियमित पोषण आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।1
- सोहागपुर: ग्राम करनपुर निवासी श्री दिनेश सिंह ठाकुर के सुपुत्र श्री सतीश कुमार ठाकुर के यहां कन्या का जन्म होने पर पर परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई, परिजनों द्वारा इस शुभ अवसर पर ग्राम तालाखेड़ी स्थित देवी धाम पर विशाल भंडारा आयोजित किया गया उसके पश्चात यहां राम रहीम रोटी बैंक में भी आकर जरूरतमंद, बेघर,बेसहारा लोगों को भी स्वादिष्ट भोजन कराए गए।1
- Post by Rahul Kevat1
- ग्वालियर शहर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के गिरगांव में पुरानी रंजिश के चलते मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे गोलीबारी की घटना सामने आई है। इस घटना में डालचंद गुर्जर नामक युवक के सिर में गोली लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तत्काल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, गिरगांव में ही सजातीय लोगों के बीच एक महीने पुराना विवाद चल रहा था। मंगलवार को दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मामला अचानक हिंसक हो गया और गोली चल गई। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। आरोपियों की तलाश जारी है।1
- मध्यप्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत बजट 2026–27 को लेकर रायसेन जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह पवार ने इसे विकास, विश्वास और समृद्धि का बजट बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट प्रदेश के समग्र विकास की मजबूत नींव रखेगा अब देखते रहे रायसेन (बाड़ी) की खबरें सबसे पहले | सबसे आगे 📺 साधना न्यूज़ (MP/CG/RAJASTHAN) रितिक जैन रिपोर्टर –बाडी रायसेन एवं जिला ब्यूरो चीफ न्यूज़ इंडिया 24 📡 Tata Play 1168 | Digiana 363 | Hathway 218 📱 ZEE5 | MX Player | YouTube Live मध्य प्रदेश | छत्तीसगढ़ | राजस्थान 📺 साधना न्यूज़ – बदलते वक्त का गवाह1
- https://youtu.be/4Ecr13TO4-0?si=oFoC8USQ_EBFg8FA गाडरवारा अधिवक्ता संघ ने शिवपुरी करैरा के अधिवक्ता संजय सक्सेना की गोली मारकर हुई हत्या हत्या के विरोध मे मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी गाडरवारा के कार्यालय में सौंपा ज्ञापन । म.प्र.राज्य अधिवक्ता परिषद जबलपुर के आव्हान पर अधिवक्ताओं द्वारा न्यायालीन कार्य से विरत रहते हुये प्रतिवाद दिवस मनाने हेतु ज्ञापन सौंपा गया।आपको बता दें कि विगत दिवस दिनांक 14/02/2025 को शिवपुरी जिला के..करेरा अधिवक्ता संजय सक्सेना को कोर्ट जाते समय यूनिफार्म में गोली मारकर उनकी निर्मम हत्या कर दी गई है जिससे समुचे प्रदेश के अधिवक्ताकों में आक्रोश एवं रोष व्याप्त है एवं म.प्र. का अधिवक्ता अपने आपको असहाय महसूस कर रहा है जो कि अत्यंत चिंता का विषय है। आइए सुनते हैं क्या कुछ कहना है ज्ञापन देने आए अधिवक्ताओं की जुबानी ज्ञापन की पूरी कहानी। अदिति न्यूज गाडरवारा से सतीश लमानिया की रिपोर्ट1
- सोहागपुर में बाल श्रम उन्मूलन हेतु संयुक्त जन-जागरूकता अभियान सोहागपुर। बाल श्रम की पहचान एवं विमुक्ति की कार्रवाई के उद्देश्य से बुधवार को सोहागपुर शहर में स्थित ढाबा-होटल, गैराज एवं अन्य व्यावसायिक संस्थानों में संयुक्त जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान श्रम विभाग के नेतृत्व में पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग के सहयोग से संचालित किया गया। अभियान के दौरान विभिन्न संस्थानों में बाल श्रम रोकथाम संबंधी स्टीकर लगाए गए तथा नियोजकों को बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी गई। निरीक्षण के समय स्पष्ट किया गया कि 14 वर्ष तक के बच्चों का किसी भी प्रकार के कार्य में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। वहीं 14 से 18 वर्ष तक के किशोरों को खतरनाक श्रेणी के कार्यों—जैसे ज्वलनशील पदार्थ, विस्फोटक सामग्री एवं अन्य परिसंकटमय प्रक्रियाओं—में नियोजित करना कानूनन अपराध है। श्रम निरीक्षक श्रीमती ज्योति अय्यर ने बताया कि बालकों का किसी भी संस्थान में नियोजन तथा किशोर श्रमिकों को खतरनाक उद्योगों में कार्य पर लगाना संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में दोषी नियोजक को न्यूनतम छह माह से अधिकतम दो वर्ष तक का कारावास अथवा न्यूनतम 20 हजार से अधिकतम 50 हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जाने का प्रावधान है। भ्रमण के दौरान एक गैराज में किशोर श्रमिक कार्यरत पाए जाने पर संबंधित अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई। इस संयुक्त अभियान में शिक्षा विभाग से बीआरसी श्री राकेश रघुवंशी एवं जनशिक्षक श्री राजेश कुमार दीक्षित, स्पेशल किशोर पुलिस इकाई से एएसआई श्रीमती ललिता मेहरा एवं आरक्षक श्री रोहित, महिला एवं बाल विकास विभाग से पर्यवेक्षक श्रीमती रेखा तिवारी एवं कार्यकर्ता श्रीमती सविता ताम्रवंशी सहित पुलिस विभाग के आरक्षक उपस्थित रहे।1