झालावाड़ में अशोक चक्र विजेता शहीद निर्भय सिंह सिसोदिया की 42वीं पुण्यतिथि मनाई गई, जिन्होंने पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान आतंकवादियों से लोहा लेते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इस अवसर पर, कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से झालावाड़ में उनके शहीद स्मारक पर शहीद स्मारक समिति के सदस्यों, शहरवासियों, सैन्य व स्थानीय अधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की। झालावाड़ निवासी और कुमाऊँ रेजिमेंट के निर्भय सिंह सिसोदिया ने 6 जून 1984 को ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में आतंकवादियों के सामने असाधारण शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया था। इसी दौरान वे आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। उनकी असाधारण वीरता और अनुकरणीय साहस को देखते हुए सरकार ने उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया था। आज उनकी पुण्यतिथि पर जिला कलेक्टर अजय सिंह, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सहित झालावाड़ के शहरवासियों, सैन्य अधिकारियों, भूतपूर्व सैनिकों और शहीद के परिजनों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में नागा रेजिमेंट के जवानों ने उनकी प्रतिमा स्थल पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस अवसर पर शहर के कई गणमान्य नागरिक और शहीद निर्भय सिंह सिसोदिया के परिजन भी मौजूद रहे, जहाँ सैन्य अधिकारियों, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने शहीद के परिजनों को सम्मानित किया। इस दौरान उनके परिजनों और अधिकारियों ने अपने संस्मरण सुनाए और आज की युवा पीढ़ी से उनकी शहादत से प्रेरणा लेने की अपील की।
झालावाड़ में अशोक चक्र विजेता शहीद निर्भय सिंह सिसोदिया की 42वीं पुण्यतिथि मनाई गई, जिन्होंने पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान आतंकवादियों से लोहा लेते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इस अवसर पर, कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से झालावाड़ में उनके शहीद स्मारक पर शहीद स्मारक समिति के सदस्यों, शहरवासियों, सैन्य व
स्थानीय अधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की। झालावाड़ निवासी और कुमाऊँ रेजिमेंट के निर्भय सिंह सिसोदिया ने 6 जून 1984 को ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में आतंकवादियों के सामने असाधारण शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया था। इसी दौरान वे आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। उनकी असाधारण वीरता
और अनुकरणीय साहस को देखते हुए सरकार ने उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया था। आज उनकी पुण्यतिथि पर जिला कलेक्टर अजय सिंह, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सहित झालावाड़ के शहरवासियों, सैन्य अधिकारियों, भूतपूर्व सैनिकों और शहीद के परिजनों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में नागा रेजिमेंट के जवानों ने उनकी प्रतिमा स्थल पर गार्ड ऑफ
ऑनर दिया। इस अवसर पर शहर के कई गणमान्य नागरिक और शहीद निर्भय सिंह सिसोदिया के परिजन भी मौजूद रहे, जहाँ सैन्य अधिकारियों, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने शहीद के परिजनों को सम्मानित किया। इस दौरान उनके परिजनों और अधिकारियों ने अपने संस्मरण सुनाए और आज की युवा पीढ़ी से उनकी शहादत से प्रेरणा लेने की अपील की।
- झालावाड़ में अशोक चक्र विजेता शहीद निर्भय सिंह सिसोदिया की 42वीं पुण्यतिथि मनाई गई, जिन्होंने पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान आतंकवादियों से लोहा लेते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इस अवसर पर, कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से झालावाड़ में उनके शहीद स्मारक पर शहीद स्मारक समिति के सदस्यों, शहरवासियों, सैन्य व स्थानीय अधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की। झालावाड़ निवासी और कुमाऊँ रेजिमेंट के निर्भय सिंह सिसोदिया ने 6 जून 1984 को ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में आतंकवादियों के सामने असाधारण शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया था। इसी दौरान वे आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। उनकी असाधारण वीरता और अनुकरणीय साहस को देखते हुए सरकार ने उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया था। आज उनकी पुण्यतिथि पर जिला कलेक्टर अजय सिंह, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सहित झालावाड़ के शहरवासियों, सैन्य अधिकारियों, भूतपूर्व सैनिकों और शहीद के परिजनों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में नागा रेजिमेंट के जवानों ने उनकी प्रतिमा स्थल पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस अवसर पर शहर के कई गणमान्य नागरिक और शहीद निर्भय सिंह सिसोदिया के परिजन भी मौजूद रहे, जहाँ सैन्य अधिकारियों, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने शहीद के परिजनों को सम्मानित किया। इस दौरान उनके परिजनों और अधिकारियों ने अपने संस्मरण सुनाए और आज की युवा पीढ़ी से उनकी शहादत से प्रेरणा लेने की अपील की।4
- रामगंजमंडी के जुल्मी गांव में शुक्रवार को महिलाओं और ग्रामीणों ने भीषण पेयजल संकट के विरोध में सड़क जाम कर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण सड़क पर लगभग तीन घंटे तक जाम लगा रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले छह-सात दिनों से उनके गांव में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। सुबह करीब सात बजे, महिलाएं खाली बर्तन लेकर सड़क पर उतर आईं और नियमित पेयजल आपूर्ति की मांग को लेकर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि संबंधित विभाग को कई बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें सड़क जाम करने जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा। धरने और जाम की सूचना मिलने पर लगभग ढाई घंटे बाद जलदाय विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और ग्रामीणों को यह आश्वासन दिया कि अब उनके क्षेत्र में हर दूसरे दिन जलापूर्ति की जाएगी। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे भविष्य में एक बार फिर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।2
- खानपुर तहसील के डोबडा गाँव में पिछले दिनों लगी आग के कारण चार से पाँच मकान जलकर पूरी तरह राख हो गए। इस गंभीर घटना पर अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर ध्यान न दिए जाने से स्थानीय लोगों में असंतोष था। इसके बाद, गाँव के जिम्मेदार नागरिकों ने विधायक सुरेश गुर्जर की अगुवाई में एसडीएम कार्यालय पहुँचकर एसडीएम को पूरी घटना से अवगत कराया। मामले की जानकारी मिलने पर, एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को उचित मुआवजे का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।1
- एक कच्चे मकान को लेकर यह सवाल उठाया गया है कि वह कब तक कच्चा रहेगा, और उसे पक्का कब बनवाया जाएगा।1
- ग्राम लौटखेड़ी की गलियों में जगह-जगह गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रात के अंधेरे में ये गड्ढे स्पष्ट दिखाई नहीं देते, जिसके चलते कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं। इस गंभीर समस्या के बावजूद, ग्राम पंचायत लौटखेड़ी के सरपंच इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच एक गली का काम पूरा किए बिना ही दूसरी गली में काम शुरू कर देते हैं, जिससे दोनों गलियां अधूरी और खराब स्थिति में रह जाती हैं। यह परेशानी सड़क के नीचे बिछाई गई नई पाइपलाइन के कारण उत्पन्न हुई है। बताया जा रहा है कि पाइपलाइन बिछाए हुए 15 से 20 दिन हो चुके हैं, लेकिन इसे अभी तक ठीक से भरा या दुरुस्त नहीं किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप गलियां खस्ताहाल बनी हुई हैं।1
- इंटरनेशनल योगा दिवस की तैयारियों के तहत छिपाबड़ौद स्टेडियम में धीमी गति से दौड़ लगाई जा रही है।1
- कोटा जिले के रामगंजमंडी स्थित सातलखेड़ी में शाम को एक इको कार अनियंत्रित हो गई। इस कार ने पहले एक बाइक सवार को टक्कर मारी और फिर सड़क किनारे खड़े पानी-पूरी विक्रेता के ठेले में जा घुसी। हादसे के बाद यह कार एक लोहे की बेंच और बिजली के पोल से टकराकर रुकी। इस दौरान बाइक सवार मोहम्मद इमरान (निवासी सुकेत) कार के नीचे फंस गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने इमरान को कार के नीचे से बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे झालवाड़ अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, इमरान के पैर में फ्रैक्चर हुआ है और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आई हैं। इस दुर्घटना में पानी-पूरी विक्रेता भी घायल हो गया, जिन्हें कमर और पैर में चोट लगने के कारण उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए, जिन्होंने घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में स्थानीय लोगों की सहायता की। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।2
- कोटा जिले के ढाबादेह के समीप एनएच-52 पर देर रात करीब 12 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। फोरलेन पर हुई इस दुर्घटना में दो आइसर ट्रकों की आमने-सामने की टक्कर हो गई, जिसमें एक ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के साथ ही एनएच-52 पर लगातार हो रहे हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक ट्रक का केबिन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और चालक उसमें बुरी तरह फंस गया। करीब डेढ़ घंटे के बचाव अभियान के बाद चालक को ट्रक से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, पुलिस ने दूसरे ट्रक के चालक को पकड़ लिया है और इस पूरे मामले की जांच कर रही है।4