Shuru
Apke Nagar Ki App…
पूरे बिहार में बारिश का अलर्ट, IMD ने दी आंधी-बिजली से सावधान रहने की सलाह पूरे बिहार में बारिश का अलर्ट, IMD ने दी आंधी-बिजली से सावधान रहने की सलाह
Niraj Raj
पूरे बिहार में बारिश का अलर्ट, IMD ने दी आंधी-बिजली से सावधान रहने की सलाह पूरे बिहार में बारिश का अलर्ट, IMD ने दी आंधी-बिजली से सावधान रहने की सलाह
More news from बिहार and nearby areas
- बीते 3-4 दिन पहले आंधी से बिजली व्यवस्था खराब 3, 4दिनबाद भी नहीं सुधरा बिजली व्यवस्था अंधेरा में गुजर बसर कर रहे लोग1
- पूरे बिहार में बारिश का अलर्ट, IMD ने दी आंधी-बिजली से सावधान रहने की सलाह1
- बिहार से बेरोजगारी और पलायन दूर करने के लिए सम्राट चौधरी का सराहनीय प्रयास!!1
- जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह ने बताया कि अब पंचायत में ही होगा समस्याओं का समाधान। 02.05.2026.1
- बारिश के बाद नालों की युद्ध स्तर पर सफाई के निर्देश, महापौर ने किया निरीक्षण मझौलिया से जापान साह की रिपोर्ट बेतिया: हालिया तेज आंधी और भारी बारिश के बाद नगर निगम क्षेत्र में जलनिकासी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने मुख्य नालों की युद्ध स्तर पर सफाई कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्वच्छता विंग के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अभियान चलाने को कहा है। महापौर ने बताया कि शहर के प्रमुख नालों, पुलिया और पुलों के नीचे जमे कचरे, जलकुंभी और सिल्ट को तेजी से हटाया जा रहा है, ताकि जल निकासी व्यवस्था सुचारू हो सके। इस दौरान महापौर ने भगवती नगर और हरिवाटिका मोहल्ले में पोकलेन मशीन से चल रहे सफाई कार्य का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की प्रगति पर संतोष जताते हुए इसे और तेज गति से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से बारी टोला से अंधरी चोन्हरी तक फैले मुख्य नाले की गहन सफाई पर जोर देते हुए कहा कि जब तक नाले से जलकुंभी, ठोस कचरा और जमी हुई गाद पूरी तरह नहीं हटती, तब तक अभियान लगातार जारी रखा जाए। महापौर ने स्पष्ट किया कि बरसात के मौसम में जलजमाव की समस्या से नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी कर्मियों को पूरी मुस्तैदी से काम करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि सफाई कार्य में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि नालों में कचरा न फेंकें और शहर को जलजमाव से मुक्त रखने में सहयोग करें।1
- पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित बलिराम भवन के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर एक भव्य और विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां श्रमिक एकता, सम्मान और संघर्ष का सशक्त संदेश देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद वेदी पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसमें मजदूर आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद मजदूरों और नेताओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान पूरे सभागार में सम्मान और गर्व का वातावरण व्याप्त रहा। इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों को उनके समर्पण, जिम्मेदारी और श्रम के प्रति निष्ठा के लिए सम्मानित किया गया। फूलमाला और अंगवस्त्र देकर उन्हें मंच से सम्मानित किया गया, जिससे श्रमिकों का मनोबल और उत्साह बढ़ा। सम्मान पाने वालों में रिक्शा मजदूर सुभाष महतो, कृष्णा साह, गनेश राम, किरित चौधरी, जहुर मियाँ, नगीना प्रसाद, रसोईया नेत्री सुनिता देवी, सीमा देवी, रबेया खातून, खेत मजदूर सुबह मियाँ, पोलदार संघ के भूटकुन महतो, रसोईया संघ के नेता लालबाबु राम, रामाश्रय हजरा, शंभु नाथ मिश्र, खेत मजदूर नेता वीरन यादव और जिले के प्रसिद्ध कवि अरुण गोपाल शामिल रहे। इन सभी को सम्मानित कर यह संदेश दिया गया कि समाज के निर्माण में मजदूरों की भूमिका सबसे अहम है और उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण नन्दन सिंह ने की, जबकि एटक प्रभारी ओम प्रकाश क्रांति ने अपने संबोधन में मजदूर दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में मजदूर संगठनों के सामने खड़ी चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में श्रमिकों के अधिकारों पर कई तरह के दबाव बन रहे हैं और नए कानूनों के जरिए मजदूरों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत जैसे देश में, जहां मजदूरों ने अपने संघर्ष और बलिदान से आजादी की नींव रखी है, वहां का मजदूर कभी भी कारपोरेट ताकतों या उनके समर्थक तंत्र के सामने झुकने वाला नहीं है। ओम प्रकाश क्रांति ने मजदूर संगठनों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए जुझारू संघर्ष करें और हर स्तर पर मजदूरों की आवाज को बुलंद करें। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में गिरफ्तार मजदूर नेताओं की रिहाई की मांग को भी जोरदार तरीके से उठाया और सरकार से श्रमिक संगठनों के साथ सम्मानजनक वार्ता करने की अपील की। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रमिक एकता, अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष का संकल्प दोहराया गया। यह आयोजन न सिर्फ मजदूर दिवस का उत्सव बना, बल्कि आने वाले समय में श्रमिक आंदोलन को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ, जहां हर मजदूर ने अपने हक के लिए लड़ने और समाज के नव निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।1
- मोतिहारी में ई-रिक्शा चालकों का धरना, नगर पालिका पर जबरन वसूली का आरोप या1
- बिहार में सिर्फ सरकार का ऐलान करना है लेकिन ये भ्रष्ट अधिकारी काम नहीं करना चाहते ये सिर्फ मलाई चाटने के लिए बैठा है इन लोगों को सिर्फ मलाई से मतलब है इसीलिए तो ऐसा हालत है बिहार के सरकारी स्कूलों का सरकार बोल रही है कि प्राइवेट स्कूल बंद होगा लेकिन जैसे सरकारी स्कूल की ऐसा हालत रहेगा1