राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने पुलिस मुख्यालय में की समीक्षा पुलिस मुख्यालय में हुआ महिला सुरक्षा पर मंथन: महिला अपराधों में गिरावट अच्छा संकेत जयपुर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को पुलिस मुख्यालय में महिला सुरक्षा, महिला संबंधित अपराधों और सामाजिक चुनौतियों पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर विस्तृत मंथन किया गया। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर की अध्यक्षता में आयोजित इस समीक्षा बैठक में महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ महिला सुरक्षा संबंधी नवाचारों, महिला अपराध नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। *बढ़ती रिपोर्टिंग: जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक* बैठक के दौरान महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रहाटकर ने बताया कि हालिया प्रस्तुतिकरण में महिलाओं से जुड़े अपराधों के आंकड़ों में गिरावट देखने को मिली है, जो एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि कुछ श्रेणियों में महिलाओं द्वारा शिकायत दर्ज कराने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जो समाज में कानून के प्रति बढ़ती जागरूकता और महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यदि रिपोर्टिंग बढ़ रही है तो इसे नकारात्मक नहीं बल्कि एक स्वस्थ सामाजिक बदलाव के रूप में देखा जाना चाहिए, क्योंकि महिलाएं अब अपने अधिकारों के लिए खुलकर सामने आ रही हैं। उन्होंने अपराध के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं के विरुद्ध दर्ज मामलों में वर्ष 2024, 2025 और 2026 के हालिया आंकड़ों में सुधार दिखाई दे रहा है जो कि पुलिस और प्रशासन के समर्पित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने साइबर अपराधों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों में केवल महिलाओं के खिलाफ अपराध ही नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी भी शामिल होती है, जिसके लिए कड़ी निगरानी और सतर्कता आवश्यक है। इस अवसर पर राजस्थान पुलिस द्वारा राज्य और जिला स्तर पर राष्ट्रीय महिला आयोग के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की पहल की सराहना की गई। रहाटकर ने कहा कि पुलिस और आयोग के बीच संवाद और समन्वय बढ़ने से महिला सुरक्षा के मामलों में बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं। *थानों में काउंसलिंग की भूमिका अहम* आयोग अध्यक्ष रहाटकर ने महिला सशक्तिकरण के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाली आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को कानूनी प्रशिक्षण देने का भी प्रस्ताव रखा गया, ताकि वे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर सकें। इसके साथ ही थानों में एनजीओ काउंसलर्स की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया, जो कई मामलों में पुलिस कार्रवाई से पहले विवादों को सुलझाने और पीड़ित महिलाओं को मनोवैज्ञानिक तथा कानूनी सहायता प्रदान करने का कार्य करती हैं। *महिला सुरक्षा प्राथमिकता-केस ऑफिसर स्कीम से मजबूत कार्रवाई* बैठक के आरंभ में महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय में महिला अपराधों में लगातार कमी आई है और पुलिस अनुसंधान की प्रक्रिया में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों को ‘केस ऑफिसर स्कीम’ के तहत लिया जा रहा है, ताकि अपराधियों को शीघ्र और सख्त सजा दिलाई जा सके तथा मामलों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि जयपुर पुलिस द्वारा चलाए गए ‘सशक्त नारी, जिम्मेदारी हमारी’ अभियान जैसे नवाचारों के माध्यम से महिलाओं में सुरक्षा और जागरूकता को बढ़ावा दिया जा रहा है। *पीड़ितों को राहत पहुंचाने पर जोर* राष्ट्रीय महिला आयोग के सदस्य सचिव सुदीप जैन ने भी महिला संबंधित अपराधों में कमी की स्थिति को अच्छा बताया और कहा कि पीड़ितों को वास्तविक राहत दिलाने के लिए पुलिस और आयोग को मिलकर और अधिक प्रभावी प्रयास करने होंगे। उन्होंने पुलिस विभाग से महिला सुरक्षा के क्षेत्र में नीतिगत निर्णयों और विभागीय नवाचारों के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए। बैठक के आरंभ में एडीजी, सिविल राईट लता मनोज कुमार और एसपी हर्षवर्धन अगरवाला ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से राज्य में महिला अपराधों की स्थिति, किए जा रहे प्रयास, लंबित प्रकरण इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान डीजी ट्रेफिक श्री अनिल पालीवाल सहित समस्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। ———————————————————————— *पुलिस मुख्यालय में हुआ श्रेष्ठ महिला पुलिसकर्मियों, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट व सुरक्षा सखियों का सम्मान* *जयपुर, 9 मार्च।* पुलिस मुख्यालय में सोमवार का दिन राजस्थान की श्रेष्ठ महिला पुलिसकर्मियों, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट व सुरक्षा सखियों का सम्मान के नाम रहा। इस दौरान राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा की पहल पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्यभर से आई सुरक्षा सखियों, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की सदस्याओं और महिला कांस्टेबलों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रहाटकर ने कहा कि सम्मानित होने वाली सुरक्षा सखियां समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं, जिनमें गृहिणियां, कॉलेज प्रोफेसर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, राजीविका सदस्य और शिक्षक भी शामिल हैं। ये महिलाएं समाज में सक्रिय रहकर पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं। *सम्मानित हर महिला ‘रियल लाइफ हीरो’ और ‘वंडर वुमन’* उन्होंने इन महिलाओं को ‘रियल लाइफ हीरो’ और ‘वंडर वुमन’ बताते हुए कहा कि ये महिलाएं राजस्थान की वीरता और शौर्य की परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि डीजीपी राजस्थान के विजन के अनुरूप महिलाओं के सराहनीय कार्यों को पहचान देने के लिए यह पहल शुरू की गई है, जिससे अन्य बेटियां और महिलाएं भी प्रेरित हों। आरंभ में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि जब महिलाएं सुरक्षित होंगी, तभी समाज की प्रगति की मजबूत नींव रखी जा सकेगी। उन्होंने राजकॉप सिटीजन एप, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, एंटी रोमियो स्कवाड सहित अन्य अभियानों—कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में महिला सुरक्षा के लिए किए जा रहे पुख्ता प्रबंधों की जानकारी दी और कहा कि महिला अपराधों में पिछले तीन वर्षों में लगातार गिरावट आ रही है और अनुसंधान का समय भी कम हुआ है। कार्यक्रम की शुरुआत अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस लता मनोज कुमार द्वारा महिला सुरक्षा से संबंधित पुलिस अभियानों की विस्तृत जानकारी के साथ हुई। उन्होंने ‘राजकॉप सिटीजन ऐप’ के बारे में विस्तार से व्याख्या की। कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता मीणा ने किया, जबकि अंत में डीआईजी श्वेता धनखड़ ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। *इनका हुआ सम्मान :* कार्यक्रम दौरान महिला आयोग अध्यक्ष के हाथों राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंची महिला कांस्टेबल, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट सदस्य व सुरक्षा सखियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया गया। *उत्कृष्ट महिला पुलिस कांस्टेबल (Best Female Constable- कुल 9)* इस श्रेणी में राज्य के विभिन्न जिलों से चुनी गई उन महिला कांस्टेबलों को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने कर्तव्य पथ पर विशेष समर्पण दिखाया। सम्मानित होने वालों में चित्तौड़गढ़ से आरती कुमावत (911), जैसलमेर से श्रीमती खेतू (2036), ब्यावर से सुश्री सरिता (2288), भरतपुर से श्रीमती रीना आर्य (1666), और जयपुर दक्षिण से श्रीमती प्रियंका (9824) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त खैरथल-तिजारा से श्रीमती पुष्पा (267), कोटा शहर से श्रीमती सोनिया (हैडकानि. 35), बीकानेर से श्रीमती संजू (1940) तथा जोधपुर पश्चिम से श्रीमति किरण (2055) को भी उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए नवाजा गया है। *सुरक्षा सखी (Suraksha Sakhi- कुल 9)* समाज और पुलिस के बीच सेतु का कार्य करने वाली विभिन्न रेंजों की सुरक्षा सखियों को उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें उदयपुर रेंज के चित्तौड़गढ़ जिले से सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली शिल्पा जैन, अजमेर रेंज (ब्यावर) से ममता गुप्ता, और बीकानेर रेंज (हनुमानगढ़) से मूर्ति वर्मा शामिल हैं। साथ ही भरतपुर से रीना देवी, जयपुर रेंज (अलवर) से लक्ष्मी चौहान, जयपुर आयुक्तालय (दक्षिण) से रेणु राठौड़, जोधपुर रेंज (बाड़मेर) से शोभा गौड़, जोधपुर आयुक्तालय (पूर्व) से बिन्दू टांक और कोटा रेंज (बारां) से श्रीमति सुरभि खंडेलवाल को भी इस विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया। *कालिका पेट्रोलिंग यूनिट (Kalika Patrolling Unit-कुल 18)* क्षेत्रीय सुरक्षा और गश्त में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कालिका यूनिट की सदस्यों को भी पहचान दी गई। इसमें श्रीगंगानगर से श्रीमति संतोष व सुश्री प्रियंका, जोधपुर पश्चिम से सुश्री माया व सुश्री अनिता, और जयपुर उत्तर से श्रीमति शर्मिला व श्रीमती संगीता को सम्मानित किया गया। अलवर जिले से श्रीमति कविता व श्रीमती मकोल, भीलवाड़ा से श्रीमति सुशीला व श्रीमती सुमन, भरतपुर से श्रीमती अर्चना व श्रीमती जयश्री, जालोर से श्रीमती इन्द्रा व श्रीमती राजल, कोटा ग्रामीण से श्रीमती लीला व श्रीमती सुनिता तथा चित्तौड़गढ़ से श्रीमती श्यामा (सउनि) व श्रीमती बीना को उनके साहसिक कार्यों के लिए सम्मान प्रदान किया गया।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने पुलिस मुख्यालय में की समीक्षा पुलिस मुख्यालय में हुआ महिला सुरक्षा पर मंथन: महिला अपराधों में गिरावट अच्छा संकेत जयपुर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को पुलिस मुख्यालय में महिला सुरक्षा, महिला संबंधित अपराधों और सामाजिक चुनौतियों पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर विस्तृत मंथन किया गया। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर की अध्यक्षता में आयोजित इस समीक्षा बैठक में महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ महिला सुरक्षा संबंधी नवाचारों, महिला अपराध नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। *बढ़ती रिपोर्टिंग: जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक* बैठक के दौरान महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रहाटकर ने बताया कि हालिया प्रस्तुतिकरण में महिलाओं से जुड़े अपराधों के आंकड़ों में गिरावट देखने को मिली है, जो एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि कुछ श्रेणियों में महिलाओं द्वारा शिकायत दर्ज कराने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जो समाज में कानून के प्रति बढ़ती जागरूकता और महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यदि रिपोर्टिंग बढ़ रही है तो इसे नकारात्मक नहीं बल्कि एक स्वस्थ सामाजिक बदलाव के रूप में देखा जाना चाहिए, क्योंकि महिलाएं अब अपने अधिकारों के लिए खुलकर सामने आ रही हैं। उन्होंने अपराध के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं के विरुद्ध दर्ज मामलों में वर्ष 2024, 2025 और 2026 के हालिया आंकड़ों में सुधार दिखाई दे रहा है जो कि पुलिस और प्रशासन के समर्पित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने साइबर अपराधों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों में केवल महिलाओं के खिलाफ अपराध ही नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी भी शामिल होती है, जिसके लिए कड़ी निगरानी और सतर्कता आवश्यक है। इस अवसर पर राजस्थान पुलिस द्वारा राज्य और जिला स्तर पर राष्ट्रीय महिला आयोग के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की पहल की सराहना की गई। रहाटकर ने कहा कि पुलिस और आयोग के बीच संवाद और समन्वय बढ़ने से महिला सुरक्षा के मामलों में बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं। *थानों में
काउंसलिंग की भूमिका अहम* आयोग अध्यक्ष रहाटकर ने महिला सशक्तिकरण के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाली आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को कानूनी प्रशिक्षण देने का भी प्रस्ताव रखा गया, ताकि वे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर सकें। इसके साथ ही थानों में एनजीओ काउंसलर्स की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया, जो कई मामलों में पुलिस कार्रवाई से पहले विवादों को सुलझाने और पीड़ित महिलाओं को मनोवैज्ञानिक तथा कानूनी सहायता प्रदान करने का कार्य करती हैं। *महिला सुरक्षा प्राथमिकता-केस ऑफिसर स्कीम से मजबूत कार्रवाई* बैठक के आरंभ में महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय में महिला अपराधों में लगातार कमी आई है और पुलिस अनुसंधान की प्रक्रिया में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों को ‘केस ऑफिसर स्कीम’ के तहत लिया जा रहा है, ताकि अपराधियों को शीघ्र और सख्त सजा दिलाई जा सके तथा मामलों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि जयपुर पुलिस द्वारा चलाए गए ‘सशक्त नारी, जिम्मेदारी हमारी’ अभियान जैसे नवाचारों के माध्यम से महिलाओं में सुरक्षा और जागरूकता को बढ़ावा दिया जा रहा है। *पीड़ितों को राहत पहुंचाने पर जोर* राष्ट्रीय महिला आयोग के सदस्य सचिव सुदीप जैन ने भी महिला संबंधित अपराधों में कमी की स्थिति को अच्छा बताया और कहा कि पीड़ितों को वास्तविक राहत दिलाने के लिए पुलिस और आयोग को मिलकर और अधिक प्रभावी प्रयास करने होंगे। उन्होंने पुलिस विभाग से महिला सुरक्षा के क्षेत्र में नीतिगत निर्णयों और विभागीय नवाचारों के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए। बैठक के आरंभ में एडीजी, सिविल राईट लता मनोज कुमार और एसपी हर्षवर्धन अगरवाला ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से राज्य में महिला अपराधों की स्थिति, किए जा रहे प्रयास, लंबित प्रकरण इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान डीजी ट्रेफिक श्री अनिल पालीवाल सहित समस्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। ———————————————————————— *पुलिस मुख्यालय में हुआ श्रेष्ठ महिला पुलिसकर्मियों, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट व सुरक्षा सखियों का सम्मान* *जयपुर,
9 मार्च।* पुलिस मुख्यालय में सोमवार का दिन राजस्थान की श्रेष्ठ महिला पुलिसकर्मियों, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट व सुरक्षा सखियों का सम्मान के नाम रहा। इस दौरान राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा की पहल पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्यभर से आई सुरक्षा सखियों, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की सदस्याओं और महिला कांस्टेबलों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रहाटकर ने कहा कि सम्मानित होने वाली सुरक्षा सखियां समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं, जिनमें गृहिणियां, कॉलेज प्रोफेसर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, राजीविका सदस्य और शिक्षक भी शामिल हैं। ये महिलाएं समाज में सक्रिय रहकर पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं। *सम्मानित हर महिला ‘रियल लाइफ हीरो’ और ‘वंडर वुमन’* उन्होंने इन महिलाओं को ‘रियल लाइफ हीरो’ और ‘वंडर वुमन’ बताते हुए कहा कि ये महिलाएं राजस्थान की वीरता और शौर्य की परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि डीजीपी राजस्थान के विजन के अनुरूप महिलाओं के सराहनीय कार्यों को पहचान देने के लिए यह पहल शुरू की गई है, जिससे अन्य बेटियां और महिलाएं भी प्रेरित हों। आरंभ में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि जब महिलाएं सुरक्षित होंगी, तभी समाज की प्रगति की मजबूत नींव रखी जा सकेगी। उन्होंने राजकॉप सिटीजन एप, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, एंटी रोमियो स्कवाड सहित अन्य अभियानों—कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश में महिला सुरक्षा के लिए किए जा रहे पुख्ता प्रबंधों की जानकारी दी और कहा कि महिला अपराधों में पिछले तीन वर्षों में लगातार गिरावट आ रही है और अनुसंधान का समय भी कम हुआ है। कार्यक्रम की शुरुआत अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस लता मनोज कुमार द्वारा महिला सुरक्षा से संबंधित पुलिस अभियानों की विस्तृत जानकारी के साथ हुई। उन्होंने ‘राजकॉप सिटीजन ऐप’ के बारे में विस्तार से व्याख्या की। कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता मीणा ने किया, जबकि अंत में डीआईजी श्वेता धनखड़ ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। *इनका हुआ सम्मान :* कार्यक्रम दौरान महिला आयोग अध्यक्ष के हाथों राज्य के विभिन्न
जिलों से पहुंची महिला कांस्टेबल, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट सदस्य व सुरक्षा सखियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया गया। *उत्कृष्ट महिला पुलिस कांस्टेबल (Best Female Constable- कुल 9)* इस श्रेणी में राज्य के विभिन्न जिलों से चुनी गई उन महिला कांस्टेबलों को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने कर्तव्य पथ पर विशेष समर्पण दिखाया। सम्मानित होने वालों में चित्तौड़गढ़ से आरती कुमावत (911), जैसलमेर से श्रीमती खेतू (2036), ब्यावर से सुश्री सरिता (2288), भरतपुर से श्रीमती रीना आर्य (1666), और जयपुर दक्षिण से श्रीमती प्रियंका (9824) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त खैरथल-तिजारा से श्रीमती पुष्पा (267), कोटा शहर से श्रीमती सोनिया (हैडकानि. 35), बीकानेर से श्रीमती संजू (1940) तथा जोधपुर पश्चिम से श्रीमति किरण (2055) को भी उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए नवाजा गया है। *सुरक्षा सखी (Suraksha Sakhi- कुल 9)* समाज और पुलिस के बीच सेतु का कार्य करने वाली विभिन्न रेंजों की सुरक्षा सखियों को उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इनमें उदयपुर रेंज के चित्तौड़गढ़ जिले से सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली शिल्पा जैन, अजमेर रेंज (ब्यावर) से ममता गुप्ता, और बीकानेर रेंज (हनुमानगढ़) से मूर्ति वर्मा शामिल हैं। साथ ही भरतपुर से रीना देवी, जयपुर रेंज (अलवर) से लक्ष्मी चौहान, जयपुर आयुक्तालय (दक्षिण) से रेणु राठौड़, जोधपुर रेंज (बाड़मेर) से शोभा गौड़, जोधपुर आयुक्तालय (पूर्व) से बिन्दू टांक और कोटा रेंज (बारां) से श्रीमति सुरभि खंडेलवाल को भी इस विशेष सम्मान से सम्मानित किया गया। *कालिका पेट्रोलिंग यूनिट (Kalika Patrolling Unit-कुल 18)* क्षेत्रीय सुरक्षा और गश्त में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कालिका यूनिट की सदस्यों को भी पहचान दी गई। इसमें श्रीगंगानगर से श्रीमति संतोष व सुश्री प्रियंका, जोधपुर पश्चिम से सुश्री माया व सुश्री अनिता, और जयपुर उत्तर से श्रीमति शर्मिला व श्रीमती संगीता को सम्मानित किया गया। अलवर जिले से श्रीमति कविता व श्रीमती मकोल, भीलवाड़ा से श्रीमति सुशीला व श्रीमती सुमन, भरतपुर से श्रीमती अर्चना व श्रीमती जयश्री, जालोर से श्रीमती इन्द्रा व श्रीमती राजल, कोटा ग्रामीण से श्रीमती लीला व श्रीमती सुनिता तथा चित्तौड़गढ़ से श्रीमती श्यामा (सउनि) व श्रीमती बीना को उनके साहसिक कार्यों के लिए सम्मान प्रदान किया गया।
- जैसलमेर, राजस्थान की शान और मशहूर इंटरनेशनल कलाकार सावन खान दबड़ी के इंतकाल की खबर सुनकर दिल बहुत दुखी हो गया। उन्होंने अपनी कला और आवाज़ से देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी राजस्थान और जैसलमेर की संस्कृति और लोक कला को पहचान दिलाई* *उनकी कला, सादगी और मेहनत हमेशा लोगों के दिलों में ज़िंदा रहेगी। यह कला जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है*💐1
- सुरों की दुनिया में शोक की लहर, सूफी गायक उस्ताद सावन खान का आकस्मिक निधन। 🥀1
- Israel का बड़ा हमला? मुजतबा खामेनेई घायल होने की खबर #Israel #Iran #MiddleEast1
- Post by Sachin vyas1
- Post by TILORARAM Godara अध्यक्ष वीर तेजा सेना जिला फलोदी1
- नेशनल हाईवे-25 पर अतिक्रमण, आमजन हो रहे हैं परेशान बायतु क्षेत्र से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग -25 पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाईवे के किनारे और कई स्थानों पर सड़क तक ठेले, दुकानें व अन्य अस्थायी कब्जे होने से यातायात बाधित हो रहा है। राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कतें आ रही हैं तथा दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हाईवे पर हो रहे अतिक्रमण को हटाकर यातायात व्यवस्था सुचारू करने की मांग की है।1
- बालोतरा। बालोतरा के विभिन्न गांव में होली के बाद 7 दिन तक गैर नृत्य का आयोजन किया जाता है।1
- अलवर/हरियाणा,भिवाड़ी के सीमावर्ती हरियाणा क्षेत्र में दिल्ली जयपुर हाईवे पर होटल राव के सामने कापड़ियावास स्थित सिगनेचर ग्लोबल बिल्डर सोसाइटी में मिट्टी खुदाई के दौरान मिट्टी में दबने से 7 श्रमिकों की हुई मौत, 7 श्रमिकों के शव भिवाड़ी के सरकारी अस्पताल में पहुंचे हैं, जिनको डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया है. मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है, लगातार मिट्टी से लोगों को निकालने का काम चल रहा है. घटनास्थल पर बड़ी संख्या में वहां काम करने वाले श्रमिकों के परिजन पहुंच रहे हैं. कुछ लोगों को भिवाड़ी के अलावा अन्य अस्पतालों में भी भर्ती करवाया गया है.2