हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा समथर, शिव बारात में उमड़ा आस्था का सैलाब कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण निकला भव्य जुलूस समथर (झांसी)। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर नगर में भक्ति, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। संत बालक दास के संरक्षण में भगवान शिव की भव्य बारात निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयकारों से समथर का वातावरण शिवमय हो उठा। डीजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर शिवभक्त झूमते नजर आए। कटरा बाजार स्थित संकट मोचन मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा प्रारंभ हुई। नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरती बारात का जगह-जगह आरती, पुष्पवर्षा और स्वागत के साथ अभिनंदन किया गया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने छतों से फूल बरसाकर भगवान शिव का स्वागत किया। करीब दो दर्जन ट्रैक्टर-ट्रालियों पर सजी आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण रहीं। शिव-पार्वती, गणेश, कार्तिकेय और नंदी की सजीव प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। ऊंट-घोड़े और पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य करते युवक-युवतियों ने शोभायात्रा की भव्यता बढ़ाई। नगर पालिका अध्यक्ष देवेंद्र सिंह कंसाना सहित जनप्रतिनिधियों ने संत बालक दास का माल्यार्पण कर स्वागत किया। विभिन्न स्थानों पर खीर और दूध का प्रसाद वितरित किया गया। सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रही। पुलिस क्षेत्राधिकारी मोठ अजय श्रोत्रीय और थानाध्यक्ष अतुल कुमार राजपूत के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की मुस्तैदी से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। महाशिवरात्रि की यह शिव बारात समथर में धार्मिक एकता, सामाजिक समरसता और आस्था का अनुपम उदाहरण बन गई।
हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा समथर, शिव बारात में उमड़ा आस्था का सैलाब कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण निकला भव्य जुलूस समथर (झांसी)। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर नगर में भक्ति, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। संत बालक दास के संरक्षण में भगवान शिव की भव्य बारात निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयकारों से समथर का वातावरण शिवमय हो उठा। डीजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर शिवभक्त झूमते नजर आए। कटरा
बाजार स्थित संकट मोचन मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा प्रारंभ हुई। नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरती बारात का जगह-जगह आरती, पुष्पवर्षा और स्वागत के साथ अभिनंदन किया गया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने छतों से फूल बरसाकर भगवान शिव का स्वागत किया। करीब दो दर्जन ट्रैक्टर-ट्रालियों पर सजी आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण रहीं। शिव-पार्वती, गणेश, कार्तिकेय और नंदी की सजीव प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। ऊंट-घोड़े और पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य करते युवक-युवतियों ने शोभायात्रा
की भव्यता बढ़ाई। नगर पालिका अध्यक्ष देवेंद्र सिंह कंसाना सहित जनप्रतिनिधियों ने संत बालक दास का माल्यार्पण कर स्वागत किया। विभिन्न स्थानों पर खीर और दूध का प्रसाद वितरित किया गया। सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रही। पुलिस क्षेत्राधिकारी मोठ अजय श्रोत्रीय और थानाध्यक्ष अतुल कुमार राजपूत के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की मुस्तैदी से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। महाशिवरात्रि की यह शिव बारात समथर में धार्मिक एकता, सामाजिक समरसता और आस्था का अनुपम उदाहरण बन गई।
- समथर (झांसी)। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर नगर में भक्ति, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। संत बालक दास के संरक्षण में भगवान शिव की भव्य बारात निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयकारों से समथर का वातावरण शिवमय हो उठा। डीजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर शिवभक्त झूमते नजर आए। कटरा बाजार स्थित संकट मोचन मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा प्रारंभ हुई। नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरती बारात का जगह-जगह आरती, पुष्पवर्षा और स्वागत के साथ अभिनंदन किया गया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने छतों से फूल बरसाकर भगवान शिव का स्वागत किया। करीब दो दर्जन ट्रैक्टर-ट्रालियों पर सजी आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण रहीं। शिव-पार्वती, गणेश, कार्तिकेय और नंदी की सजीव प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। ऊंट-घोड़े और पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य करते युवक-युवतियों ने शोभायात्रा की भव्यता बढ़ाई। नगर पालिका अध्यक्ष देवेंद्र सिंह कंसाना सहित जनप्रतिनिधियों ने संत बालक दास का माल्यार्पण कर स्वागत किया। विभिन्न स्थानों पर खीर और दूध का प्रसाद वितरित किया गया। सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रही। पुलिस क्षेत्राधिकारी मोठ अजय श्रोत्रीय और थानाध्यक्ष अतुल कुमार राजपूत के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की मुस्तैदी से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। महाशिवरात्रि की यह शिव बारात समथर में धार्मिक एकता, सामाजिक समरसता और आस्था का अनुपम उदाहरण बन गई।3
- उल्दन पुलिस ने वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष किया पेश थाना उल्दन पुलिस ने आज रविवार को समय 4 बजे अपराध एवं अपराधियों पर अंकुश लगाने एवं समाज में शांति व्यवस्था फैलाने वाले वांछित अभियुक्त को मुखबिर की सूचना पर अमित खरे पुत्र बिहारी लाल निवासी रानीपुर को पुलिस ने आवश्यक कार्यवाही करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश एवं दीपचंद्र मौर्य कांस्टेबल को बड़ी सफलता मिली है1
- समथर क्षेत्र में शादी से पहले युवक की संदिग्ध मौत, गांव में पसरा मातम1
- Post by Adiya dantre 99816018601
- विगत दिवसों में ब्राह्मण समाज में दुखद घटनाओं के चलते पंडित श्री अशोक बुधौलिया जी,पंडित श्री अशोक मुदगल जी टोड़ा रमगढा वालों का, पंडित श्री अशोक पटसारिया के पुत्र मोनू आशीष पटसारिया का, पंडित श्री राजू व्यास की धर्मपत्नी पिंकी व्यास तथा पंडित श्री महेश शर्मा की माता जी सौरभ शर्मा जी की दादी लक्ष्मी देवी जी पंडित श्री संतोष बोहरे का देहावसान हो गया है ब्राह्मण समाज इंदरगढ़ भगवान परशुराम मंदिर पर इन विप्रवरों के लिए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है भगवान परशुराम मंदिर पर आयोजित कर रहा है जिसमें उपस्थित बांके बिहारी शर्मा अध्यक्ष ब्राह्मण समाज रामप्रकाश खटालिया सनत दुबे विपिन बिहारी मिश्रा सुनील दुबे मोहन दुबे शिवकुमार तिवारी रवि महाराज नंदकिशोर शर्मा आकाश दुबे गोविंद फौजी सैकड़ो लोग उपस्थित रहे l4
- Post by Lakshya News tv1
- पृथ्वीपुर विकासखंड का जेर गांव अब नए औद्योगिक क्षेत्र के रूप में उभरेगा,,, 240 एकड़ यानी 98 हेक्टर शासकीय भूमि चिन्हित की गई जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक गुंजन जैन ने दी जानकारी,,,,1
- समथर (झांसी)। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर नगर में आस्था, उल्लास और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। संत बालक दास के संरक्षण में भगवान शिव की भव्य बारात परंपरानुसार निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के गगनभेदी जयकारों से पूरा समथर गुंजायमान हो उठा। सुबह से ही मंदिरों में भगवान शिव के जयकारों की ध्वनि सुनाई देने लगी थी। मोहल्ला कटरा बाजार स्थित संकट मोचन मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद बारात का शुभारंभ हुआ। जैसे ही शोभायात्रा आगे बढ़ी, मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भक्ति में लीन नजर आए। बारात कटरा बाजार, नागर चौराहा, वाल्मीकि नगर, अंबेडकर नगर, संत गाडगे नगर, काली मर्दन, चौपड़ बाजार, अग्गा बाजार, महाराजा छतरी चौराहा और नई बस्ती होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर व पुष्पवर्षा कर भगवान शिव का स्वागत किया। कई स्थानों पर छतों से फूल बरसाए गए, जिससे भक्ति और उल्लास का मनोहारी दृश्य देखने को मिला। आकर्षक झांकियां रहीं केंद्र में करीब दो दर्जन ट्रैक्टर-ट्रालियों पर देवी-देवताओं एवं महापुरुषों की आकर्षक झांकियां सजाई गई थीं। शिव-पार्वती, गणेश, कार्तिकेय और नंदी की सजीव झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियां और बच्चे नृत्य करते हुए चल रहे थे। ऊंट और घोड़े शोभायात्रा की गरिमा बढ़ा रहे थे। डीजे पर बजते शिव भजनों और ढोल-नगाड़ों की गूंज से पूरा नगर भक्तिरस में डूबा नजर आया। स्वागत, सम्मान और प्रसाद वितरण नगर पालिका परिषद अध्यक्ष देवेंद्र सिंह कंसाना ने पार्षदों के साथ संत बालक दास जी महाराज का माल्यार्पण कर स्वागत किया और जलपान की व्यवस्था कराई। मंदिरों में साफ-सफाई एवं पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई। मां सुखदैनी माता मंदिर के सामने जितेन्द्र सिंह गुर्जर लावन के नेतृत्व में संत बालक दास का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। पीपरी बस स्टैंड पर पार्षद प्रतिनिधि मुन्ना मेवाती के नेतृत्व में खीर का प्रसाद वितरित किया गया। संत गाडगे नगर चौराहा पर पार्षद अरविंद श्रीवास के नेतृत्व में दूध का प्रसाद बांटा गया। नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने सेवा भाव से बारात का स्वागत कर धार्मिक एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद बारात को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। पुलिस क्षेत्राधिकारी मोठ अजय श्रोत्रीय एवं थानाध्यक्ष अतुल कुमार राजपूत ने स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। पूंछ और मोंठ से भारी पुलिस बल जुलूस के साथ तैनात रहा। संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी गई और अराजक तत्वों पर पैनी नजर रखी गई। प्रशासन की सतर्कता और नागरिकों के सहयोग से यह भव्य आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। महाशिवरात्रि पर निकली यह शिव बारात समथर में आस्था, एकता और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बन गई।2