शादी की पहली रात ही दुल्हन ने कह दिया—“मैं पति के साथ नहीं रहूंगी!” उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से सामने आया यह मामला शादी के बाद रिश्तों और परिवार की सहमति को लेकर कई सवाल खड़े करता है। रिपोर्टों के मुताबिक, राठ क्षेत्र में शादी के बाद दुल्हन ससुराल पहुंची, लेकिन पहली ही रात उसने पति के साथ वैवाहिक जीवन शुरू करने से इनकार कर दिया। अगले दिन मामला पुलिस तक पहुंच गया। दुल्हन ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वह इस शादी के लिए तैयार नहीं थी और किसी दूसरे युवक से प्रेम करती है। वहीं, दूल्हे का कहना था कि अगर उसे पहले से दुल्हन की इच्छा के बारे में पता होता तो शादी ही नहीं होती। इसके बाद दोनों परिवारों को थाने बुलाया गया और काफी देर तक बातचीत व समझाइश का दौर शादी की पहली रात ही दुल्हन ने कह दिया—“मैं पति के साथ नहीं रहूंगी!” उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से सामने आया यह मामला शादी के बाद रिश्तों और परिवार की सहमति को लेकर कई सवाल खड़े करता है। रिपोर्टों के मुताबिक, राठ क्षेत्र में शादी के बाद दुल्हन ससुराल पहुंची, लेकिन पहली ही रात उसने पति के साथ वैवाहिक जीवन शुरू करने से इनकार कर दिया। अगले दिन मामला पुलिस तक पहुंच गया। दुल्हन ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वह इस शादी के लिए तैयार नहीं थी और किसी दूसरे युवक से प्रेम करती है। वहीं, दूल्हे का कहना था कि अगर उसे पहले से दुल्हन की इच्छा के बारे में पता होता तो शादी ही नहीं होती। इसके बाद दोनों परिवारों को थाने बुलाया गया और काफी देर तक बातचीत व समझाइश का दौर चला। आखिरकार दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया और दुल्हन अपने परिवार के साथ वापस चली गई। पुलिस के अनुसार, मामले में किसी पक्ष की लिखित शिकायत नहीं थी और विवाद को आपसी सहमति से समाप्त कर दिया गया। यह घटना एक अहम सवाल जरूर छोड़ जाती है—शादी जैसे बड़े फैसले में क्या लड़का-लड़की की इच्छा को सबसे 🥲🥲
शादी की पहली रात ही दुल्हन ने कह दिया—“मैं पति के साथ नहीं रहूंगी!” उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से सामने आया यह मामला शादी के बाद रिश्तों और परिवार की सहमति को लेकर कई सवाल खड़े करता है। रिपोर्टों के मुताबिक, राठ क्षेत्र में शादी के बाद दुल्हन ससुराल पहुंची, लेकिन पहली ही रात उसने पति के साथ वैवाहिक जीवन शुरू करने से इनकार कर दिया। अगले दिन मामला पुलिस तक पहुंच गया। दुल्हन ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वह इस शादी के लिए तैयार नहीं थी और किसी दूसरे युवक से प्रेम करती है। वहीं, दूल्हे का कहना था कि अगर उसे पहले से दुल्हन की इच्छा के बारे में पता होता तो शादी ही नहीं होती। इसके बाद दोनों परिवारों को थाने बुलाया गया और काफी देर तक बातचीत व समझाइश का दौर शादी की पहली रात ही दुल्हन ने कह दिया—“मैं पति के साथ नहीं रहूंगी!” उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से सामने आया यह मामला शादी के बाद रिश्तों और परिवार की सहमति को लेकर कई सवाल खड़े करता है। रिपोर्टों के मुताबिक, राठ क्षेत्र में शादी के बाद दुल्हन ससुराल पहुंची, लेकिन पहली ही रात उसने पति के साथ वैवाहिक जीवन शुरू करने से इनकार कर दिया। अगले दिन मामला पुलिस तक पहुंच गया। दुल्हन ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वह इस शादी के लिए तैयार नहीं थी और किसी दूसरे युवक से प्रेम करती है। वहीं, दूल्हे का कहना था कि अगर उसे पहले से दुल्हन की इच्छा के बारे में पता होता तो शादी ही नहीं होती। इसके बाद दोनों परिवारों को थाने बुलाया गया और काफी देर तक बातचीत व समझाइश का दौर चला। आखिरकार दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया और दुल्हन अपने परिवार के साथ वापस चली गई। पुलिस के अनुसार, मामले में किसी पक्ष की लिखित शिकायत नहीं थी और विवाद को आपसी सहमति से समाप्त कर दिया गया। यह घटना एक अहम सवाल जरूर छोड़ जाती है—शादी जैसे बड़े फैसले में क्या लड़का-लड़की की इच्छा को सबसे 🥲🥲
- त्रिशूल नदी में भूस्खलन से गंडक में बाढ़ की आशंका, भगवानपुर छरकी से पलायन तेज नौतन।अंचल के भगवानपुर छरकी दियरा क्षेत्र में गंडक नदी में बाढ़ की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने गुरुवार की सुबह से चम्पारण तटबंध की ओर पलायन शुरू कर दिया।बताया जा रहा है कि त्रिशूल नदी में भूस्खलन की घटना के बाद गंडक नदी में पानी बढ़ने की आशंका जताई गई है।इसे लेकर दियरा क्षेत्र के ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।बाढ़ की आशंका को देखते हुए ग्रामीण चम्पारण तटबंध पर पहुंचकर साफ-सफाई करने के साथ झुग्गी-झोपड़ी बनाने में जुटे हैं। ग्रामीण अपने स्तर से प्लास्टिक खरीदकर अस्थायी आशियाना तैयार कर रहे हैं।कई परिवार जरूरी सामान लेकर तटबंध पर पहुंच गए हैं।इधर,उप प्रमुख अफसर हुसैन सहित पंचायत समिति सदस्यों ने क्षेत्र का भ्रमण कर पलायन कर रहे ग्रामीणों का जायजा लिया। उप प्रमुख ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक अंचल प्रशासन की ओर से तटबंध पर रहने वाले लोगों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीण अपने खर्च पर प्लास्टिक खरीदकर झुग्गी-झोपड़ी बनाने को मजबूर हैं।ग्रामीणों ने बताया कि त्रिशूल नदी में भूस्खलन की खबर के बाद गंडक में बाढ़ की आशंका को लेकर वे पहले से ही सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे हैं। दियरा क्षेत्र में पानी बढ़ने की स्थिति में परेशानी और बढ़ सकती है।उप प्रमुख अफसर हुसैन ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर जल्द ही अंचल प्रशासन से बात की जाएगी। तटबंध पर पलायन कर रहे लोगों के लिए रोशनी, प्लास्टिक और भोजन की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील किया गया है।4
- श्रावणी महोत्सव में उत्तर तेंलुआ के केदार यादव चौक पर झंडा का आयोजन नौतन प्रखंड के उत्तरी तेलुआ पंचायत के केदार यादव के चौक पर श्रावणी महोत्सव के दौरान महावीरी झंडा का आयोजन किया गया जिसमें शिक्षक प्रकाश यादव ने झंडा में अपने कर्तव्य दिखाए1
- पडरौना में निषाद समाज का प्रदर्शन, राजू दास के बयान पर जताया विरोध... ब्रेकिंग कुशीनगर - पडरौना में निषाद समाज का प्रदर्शन, राजू दास के बयान पर जताया विरोध... - अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास के बयान को लेकर निषाद समाज में आक्रोश... - नेशनल चैनल की डिबेट में कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का विरोध... - पडरौना के सुभाष चौक पर विकासशील इंसान पार्टी के नेतृत्व में पुतला दहन... - प्रदर्शन कर समाज के लोगों ने जताया भारी रोष... - जिला अध्यक्ष शौखी निषाद की अध्यक्षता में हुआ प्रदर्शन... - जितेंद्र उर्फ मुन्ना साहनी बोले कुंवर सिंह निषाद का अपमान पूरे निषाद समाज का अपमान... - समाज के किसी व्यक्ति का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा...4
- कुशीनगर में बाढ़ का खतरा! डीएम ने जारी किया आदेश, लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील कुशीनगर में नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने संवेदनशील इलाकों के लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर1
- कुशीनगर जनपद में जश्ने ईद-मिलादुन्नबी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। आपको बता दें कि कुशीनगर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में शानदार जुलूस निकाले गए, जिनमें मुस्लिम धर्मगुरुओं, समाजसेवियों, बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जुलूस के दौरान हर तरफ अमन, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश देखने को मिला।1
- कुशीनगर जनपद में जश्ने ईद-मिलादुन्नबी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। आपको बता दे कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में शानदार जुलूस निकाले गए, जिनमें मुस्लिम धर्मगुरुओं, समाजसेवियों, बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जुलूस के दौरान हर तरफ अमन, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश देखने को मिला।1
- गैस लीक के बाद जोरदार धमाका, घर का छाजा उड़ा; ललन शर्मा बुरी तरह झुलसे। मझौलिया के रामनगर बनकट के वार्ड नंबर-3 में बीती रात्रि गैस रिसाव के बाद अचानक जोरदार धमाका होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाका इतना तेज था कि ललन शर्मा के घर का छाजा उड़ गया। हादसे के बाद आसपास के लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल कायम हो गया। घटना की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए। बताया जा रहा है कि गैस लीक होने के बाद अचानक आग पकड़ ली, जिसकी चपेट में आने से घर में मौजूद ललन शर्मा पूरी तरह झुलस गए। हादसे के बाद परिजनों और आसपास के लोगों में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे आग को और फैलने से रोक लिया गया। घटना के बाद झुलसे ललन शर्मा को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उनकी स्थिति को लेकर परिजन चिंतित हैं। वहीं, हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गैस सिलेंडर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से घटना की जांच कराने और गैस रिसाव से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।1
- मिलादुन्नबी के अवसर पर शिवराजपुर में निकला जुलूस, आपसी भाईचारे का दिया संदेश नौतन।।मिलादुन्नबी के अवसर पर प्रखंड के शिवराजपुर गांव में मुस्लिम समुदाय के लोगों के द्वारा आपसी मेल-जोल और भाईचारे के साथ जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान लोग मोहम्मद साहब की शान में नारे लगाए और दरूद शरीफ पढ़ते हुए पूरे शिवराजपुर गांव का भ्रमण किया। इस दौरान गांव का वातावरण उत्साह और धार्मिक उल्लास से भरा रहा। लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस निकालकर मिलादुन्नबी का पर्व मनाया। इस अवसर पर लोगों ने आपसी एकता, भाईचारे और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।वहीं, मिलादुन्नबी को लेकर बच्चों और बच्चियों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चे नए-नए कपड़े पहनकर खुशी-खुशी जुलूस में शामिल हुए और बाद में मेले का आनंद लेने के लिए घरों से निकले। बच्चों के चेहरे पर पर्व को लेकर काफी खुशी नजर आई।स्थानीय लोगों ने बताया कि मिलादुन्नबी का पर्व मोहम्मद साहब की पैगाम-ए-मोहब्बत, शांति और भाईचारे की सीख को याद करने का अवसर है। ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण माहौल में पर्व मनाते हुए समाज में आपसी प्रेम और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया।4