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राजधानी राँची में पिछले दो तीन दिनों से दोपहर 12 बजे के बाद हर रोज हो रहा है बारिश। राँची अप्रैल के आखिरी हफ्ते से दोपह बाद हर रोज हो रही वर्षा, और वर्षा होने राजधानी राँची वासियों को गर्मी से राहत मिलने लगा है,लेकिन वर्षा होने के बाद रांची के कई इलाके में जल जमाव की भी समस्या देखने को मिलने लगा है अरगोड़ा चौक से कटहल मोड की ओर जाने वाली रास्ते में चांपुटोली चौक से मात्र 100 मीटर की दूरी पर रोड में इस भीषण गर्मी के मौसम में भी जल जमाव की समस्या देखने को मिल रह है जो कि राँची की जनता ओर राँची नगर निगम की पोल खोल देने वाली सच्चाई है ,इस प्रकार की समस्या राँची के कई में देखने को जरूर मिलेंगे।
Brajesh Gope (एलआइसी अभिकर्ता)
राजधानी राँची में पिछले दो तीन दिनों से दोपहर 12 बजे के बाद हर रोज हो रहा है बारिश। राँची अप्रैल के आखिरी हफ्ते से दोपह बाद हर रोज हो रही वर्षा, और वर्षा होने राजधानी राँची वासियों को गर्मी से राहत मिलने लगा है,लेकिन वर्षा होने के बाद रांची के कई इलाके में जल जमाव की भी समस्या देखने को मिलने लगा है अरगोड़ा चौक से कटहल मोड की ओर जाने वाली रास्ते में चांपुटोली चौक से मात्र 100 मीटर की दूरी पर रोड में इस भीषण गर्मी के मौसम में भी जल जमाव की समस्या देखने को मिल रह है जो कि राँची की जनता ओर राँची नगर निगम की पोल खोल देने वाली सच्चाई है ,इस प्रकार की समस्या राँची के कई में देखने को जरूर मिलेंगे।
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- राँची अप्रैल के आखिरी हफ्ते से दोपह बाद हर रोज हो रही वर्षा, और वर्षा होने राजधानी राँची वासियों को गर्मी से राहत मिलने लगा है,लेकिन वर्षा होने के बाद रांची के कई इलाके में जल जमाव की भी समस्या देखने को मिलने लगा है अरगोड़ा चौक से कटहल मोड की ओर जाने वाली रास्ते में चांपुटोली चौक से मात्र 100 मीटर की दूरी पर रोड में इस भीषण गर्मी के मौसम में भी जल जमाव की समस्या देखने को मिल रह है जो कि राँची की जनता ओर राँची नगर निगम की पोल खोल देने वाली सच्चाई है ,इस प्रकार की समस्या राँची के कई में देखने को जरूर मिलेंगे।1
- Post by SHAMBHU. S. CHAUHAN1
- सिसई प्रखंड भदौली पंचायत अंतर्गत प्राचीन बूढ़ा महादेव मंदिर पोटरो का पुनर्निर्माण किया गया हैं। जिसमें स्थापित नंदी महाराज और बजरंग बली मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा हेतु 3 मई रविवार को 1100 कलश का भव्य कलश यात्रा निकाला जा रहा हैं। पूजा समिति के द्वारा मंदिर परिसर में कलश और नारियल का वितरण किया जाएगा। सुबह 6 बजे कलश यात्रा निकाला जाएगा।1
- शुरू एप्प न्यूज़ संवाददाता। खुंटी। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस शुक्रवार को खुंटी में धूमधाम से मनाया गया । कार्यक्रम में असंगठित कामगार, मोटिया मजदूर, किसान संघ के अध्यक्ष सयूम अंसारी की अध्यक्षता में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डालसा के सहायक एल ए डी सी अमरदीप कुमार ने कहा हमें मजदूरों की हक के लिए आवाज बुलंद करना चाहिए और मजदूर हित की रक्षा के लिए काम करना चाहिए। डलसा के एडवोकेट मदन कुमार गंजू ने विस्तार से बताते हुए कहा 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय दिवस इसलिए मनाया जाता है कि अमेरिका में 14 घंटा काम कराया जाता था उसके विरुद्ध में 8 घंटा की मांग करने की मजदूरों ने मांग उठाई तब वहां की सरकार दमन कार्य करते हुए इन पर गोलियां चला दी जिससे कई लोगों की जान चली गई उसी दिन से 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है। विशिष्ट अतिथि वार्ड 9 के पार्षद विनय नायक ने कहा जिस तरह से मोटिया रिक्शा चालक अपने शारीरिक ताकत से मेहनत करते हैं लेकिन उनका मेहनत का फल सही रूप में नहीं मिल रहा इसको सुधार करना होगा और सरकारी लाभ से परिपूर्ण करना होगा। अध्यक्ष सयूम अंसारी ने कहा 1 मई 1886 को अमेरिका आंदोलन के बाद पूरे विश्व में मजदूर दिवस मनाया जाता है आज के कार्यक्रम में रेजा कुली मजदूरों को अंग वस्त्र देकर गमछा और गंजी देकर सम्मानित किया गया इस अवसर पर डाक बंगला खूंटी से एक जुलूस निकाला गया जो स्थानीय नेताजी चौक होते ऊपर चौक पेट्रोल पंप से वापस नेताजी चौक मेंन रोड होते हुए भगत सिंह चौक से पुणे डाक बंगला रोड होते हुए डाक बंगला परिसर में पहुंचकर समापन हुआ । मौके पर मजदूर नेता धर्मेंद्र मांझी, विक्रम महतो, प्रखंड अध्यक्ष आनंद कोंगडी, प्रखंड युवा अध्यक्ष डेविड हमसोए, साथ में रांची जिला के अध्यक्ष का घोषणा किया गया जिसका नाम हरीश हसन उर्फ राजा को रांची जिला का संंघ के अध्यक्ष बनाया गया। मोहम्मद आरिफ, इमरान अंसारी, शाहबाज अंसारी, आमिर कुरैशी, सुशांति डांग, रेखा देवी, पूसो देवी, झालो देवी, करीना कुमारी, आशा कुमारी, अरविंद कुमार, अशोक मुंडा, सोम मुंडा, गणेश उरांव, रमेश महतो, दुर्गा चरण मुंडा एवं सैकड़ो की संख्या में मजदूर किसान उपस्थित थे।1
- *शिक्षक का स्नेह ही वह चाबी है, जो बच्चे के भीतर छिपी प्रतिभा का द्वार खोलती है -विजय बहादुर सिंह।* बालकों के सर्वांगीण विकास और उन्हें संस्कारयुक्त शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शनिवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, गुमला में दो दिवसीय संकुल स्तरीय शिशु वाटिका कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला में गुमला संकुल के विभिन्न विद्यालयों— भरनो, कैम्बा टेंगेरिया, आदर, मुर्गो और सिसई की वाटिका दीदी उत्साहपूर्वक भाग ले रही हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रामकिशोर रजक, सचिव विजय बहादुर सिंह, पूर्व विभाग शिशु वाटिका प्रमुख पूनम सारंगी, प्राचार्य जितेन्द्र तिवारी एवं कार्यक्रम प्रमुख अर्चना मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। प्राचार्य जितेन्द्र तिवारी ने कार्यशाला की प्रस्तावना रखते हुए कहा कि शिशु वाटिका का मूल आधार शिशुओं में पंचकोष का विकास करना है। उन्होंने जोर देकर कहा, यदि हम बच्चों में शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास के 12 क्रियाकलापों को सही ढंग से लागू करें, तो हम एक श्रेष्ठ और आदर्श नागरिक की नींव रख सकते हैं। *शारीरिक, मानसिक विकास आध्यात्मिक विकास का संतुलन ही एक आदर्श नागरिक की नींव है जितेंद्र तिवारी।* वहीं, विशेषज्ञ पूनम सारंगी ने शिशु वाटिका की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं की बारीकियों और उनकी उपयोगिता पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने अपील की कि वह बालकों को मां तथा दादी बनकर शिक्षा दें। विद्यालय के सचिव विजय बहादुर सिंह ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि शिशु उस कच्ची मिट्टी के समान होते हैं, जिन्हें जैसा रूप दिया जाए वे वैसे ही बन जाते हैं। उन्होंने उपस्थित सभी दीदी जी से आह्वान करते हुए कहा कि हमारी शिशु वाटिका केवल एक पाठशाला नहीं बल्कि वह संस्कारशाला है जहाँ खेल-खेल में बच्चों के व्यक्तित्व को निखारा जाता है। हमें ऐसी शिक्षा पद्धति पर काम करना है जहाँ बच्चा विद्यालय आने के लिए डरे नहीं, बल्कि उत्साहित रहे। एक शिक्षिका का स्नेह ही बच्चे की छिपी प्रतिभा को उजागर कर सकता है। दो दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में प्रशिक्षण के साथ-साथ कई रचनात्मक गतिविधियाँ भी आकर्षण का केंद्र होने वाली है वाटिका के नन्हे शिशुओं द्वारा बनाई गई सुंदर कलाकृतियों का प्रदर्शन। रंगमंच एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, बच्चों और दीदी जी द्वारा विभिन्न रचनात्मक प्रस्तुतियाँ। शारीरिक और मानसिक स्फूर्ति के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए खेलों का अभ्यास। इस कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को आधुनिक और पारंपरिक शिक्षा पद्धति के समन्वय का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी वैश्विक स्तर की गुणवत्तापूर्ण और सुसंस्कृत शिक्षा प्राप्त हो सके।4
- झारखंड में आज कैसा रहेगा मौसम? जानिए पूरा अपडेट? #HindiNews #Jharkhand #BreakingNews #hazaribaghupdate #ranchi #popular #trendingnow #ViralFacebook1
- Post by Altamas Rja1
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