बांसवाड़ा जिला पुलिस मुख्यालय ने अपराधियों की धरपकड़ करने और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आगामी दिनों में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। रिजर्व पुलिस लाइन स्थित शौर्य सदन सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक में कानून व्यवस्था से संबंधित कई कड़े फैसले लिए गए। पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी की अध्यक्षता में हुई इस गोष्ठी में थानों में लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करने और सड़क सुरक्षा के लिए एक पुख्ता कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश जारी किए गए। इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह सहित जिले के सभी वृत्ताधिकारी, थानाधिकारी और शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ने थानावार लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी थानाधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि मुकदमों का समयबद्ध निस्तारण कर पीड़ितों को जल्द राहत प्रदान की जाए। इसके अतिरिक्त, साइबर अपराधों से निपटने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन म्युल हंटर' और रेंज स्तर पर वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान 'ऑपरेशन सुदर्शन चक्र 2' के तहत दबिश तेज करने के निर्देश दिए गए, ताकि हार्डकोर अपराधियों और इनामी बदमाशों को शीघ्र ही सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके। बैठक में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी को ध्वस्त करने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने दो टूक शब्दों में कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तस्करों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की गई। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि अधिक दुर्घटनाओं वाले थाना क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए और थानाधिकारी स्वयं इन दुर्घटना स्थलों का भौतिक निरीक्षण करें। उन्होंने यह भी कहा कि इन क्षेत्रों में सुधारात्मक कदमों के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। वहीं, बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चालकों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए।
बांसवाड़ा जिला पुलिस मुख्यालय ने अपराधियों की धरपकड़ करने और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आगामी दिनों में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। रिजर्व पुलिस लाइन स्थित शौर्य सदन सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक में कानून व्यवस्था से संबंधित कई कड़े फैसले लिए गए। पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी की अध्यक्षता में हुई इस गोष्ठी में थानों में लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करने और सड़क सुरक्षा के लिए एक पुख्ता कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश जारी किए गए। इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह सहित जिले के सभी वृत्ताधिकारी, थानाधिकारी और शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ने थानावार लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी थानाधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि मुकदमों का समयबद्ध निस्तारण कर पीड़ितों को जल्द राहत प्रदान की जाए। इसके अतिरिक्त, साइबर अपराधों से निपटने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन म्युल हंटर' और रेंज स्तर पर वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान 'ऑपरेशन सुदर्शन चक्र 2' के
तहत दबिश तेज करने के निर्देश दिए गए, ताकि हार्डकोर अपराधियों और इनामी बदमाशों को शीघ्र ही सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके। बैठक में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी को ध्वस्त करने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने दो टूक शब्दों में कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तस्करों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की गई। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि अधिक दुर्घटनाओं वाले थाना क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए और थानाधिकारी स्वयं इन दुर्घटना स्थलों का भौतिक निरीक्षण करें। उन्होंने यह भी कहा कि इन क्षेत्रों में सुधारात्मक कदमों के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। वहीं, बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चालकों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए।
- बांसवाड़ा जिला पुलिस मुख्यालय ने अपराधियों की धरपकड़ करने और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आगामी दिनों में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। रिजर्व पुलिस लाइन स्थित शौर्य सदन सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक में कानून व्यवस्था से संबंधित कई कड़े फैसले लिए गए। पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी की अध्यक्षता में हुई इस गोष्ठी में थानों में लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करने और सड़क सुरक्षा के लिए एक पुख्ता कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश जारी किए गए। इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह सहित जिले के सभी वृत्ताधिकारी, थानाधिकारी और शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ने थानावार लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी थानाधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि मुकदमों का समयबद्ध निस्तारण कर पीड़ितों को जल्द राहत प्रदान की जाए। इसके अतिरिक्त, साइबर अपराधों से निपटने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन म्युल हंटर' और रेंज स्तर पर वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान 'ऑपरेशन सुदर्शन चक्र 2' के तहत दबिश तेज करने के निर्देश दिए गए, ताकि हार्डकोर अपराधियों और इनामी बदमाशों को शीघ्र ही सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके। बैठक में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी को ध्वस्त करने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने दो टूक शब्दों में कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तस्करों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की गई। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि अधिक दुर्घटनाओं वाले थाना क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए और थानाधिकारी स्वयं इन दुर्घटना स्थलों का भौतिक निरीक्षण करें। उन्होंने यह भी कहा कि इन क्षेत्रों में सुधारात्मक कदमों के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। वहीं, बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चालकों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए।2
- Post by Bapulal Ahari1
- मानसून के संबंध में एक बड़ा अपडेट सामने आया है, जिसके मद्देनजर यह सवाल उठाया जा रहा है कि लोगों को भीषण गर्मी से आखिर कब राहत मिल पाएगी। इस जानकारी के साथ, पाठकों को अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और खबरें शेयर करके कमाई करने के लिए शुरू ऐप डाउनलोड करने का सुझाव भी दिया गया है।1
- देश की राजधानी दिल्ली में जनजाति सुरक्षा मंच ने एक विराट गर्जना रैली का आयोजन किया, जिसमें पूरे भारत देश के सभी प्रांतों की कुल 550 जनजातियों से जुड़े दो लाख से अधिक लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। यह रैली रामलीला मैदान से शुरू होकर लाल किले पर पहुंची, जहाँ एक विशाल आमसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान, लाखों की संख्या में पहुंचे जनजाति वर्ग के लोगों ने देश के गृह मंत्री अमित शाह को अपने अधिकारों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख मांगों के तहत देश में हो रहे अवैध धर्मांतरण पर अंकुश लगाने, पूरे भारतवर्ष सहित बांसवाड़ा जिले के गाँवों, ढाणियों और मजरों में अवैध रूप से बने चर्चों का सर्वेक्षण कर उन पर रोक लगाने, और अवैध धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की मांग की गई है। जनजाति वर्ग ने अपने ज्ञापन में 'धर्म संस्कृति सोडेगा, हमारा हक हमारा अधिकार' का संदेश दिया और देश में ईसाई बन चुके लोगों का आरक्षण खत्म करने की भी मांग उठाई। संत नरसिंह गिरी ने बताया कि दिल्ली की इस रैली में जनजाति वर्ग के जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा भी शामिल हुए और दो लाख से अधिक जनजाति के लोग बसों से दिल्ली पहुंचे थे, जिन्होंने दो किलोमीटर तक लंबी कतार बनाई। इस विशाल आयोजन में राजस्थान के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों से अनेक लोग अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पहुंचे।4
- जैन समाज ने रीवा में जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष जांच और विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। समाज ने इस मामले में गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए साफ कहा कि जैन संत की मौत एक दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या है। ज्ञापन में प्रमुख मांगों के तौर पर SIT या न्यायिक जांच की बात कही गई है। इसके साथ ही, जैन समाज ने संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने, विहार मार्गों पर पुलिस और ट्रैफिक सहयोग प्रदान करने तथा एक “Sant Security Coordination Cell” के गठन की मांग भी रखी है। इस दौरान समाज ने यह स्पष्ट किया कि साधु-संत अहिंसा और संयम का संदेश देते हैं और ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ज्ञापन सौंपते समय नरेंद्र गलालिया, राजेंद्र जैन, राजेंद्र वेड़ा, चंद्रकुमार जैन, संतोष गलालिया सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।1
- Post by Bhagirath Megwh राजलदेसर गोगा22
- प्रतापगढ़, राजस्थान में 25 मई को सात दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह के मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं पूर्व भाजपा जिला महामंत्री श्री गजेंद्र चंडालिया रहे, जबकि अध्यक्षता श्री अविश जी बोरदिया ने की। श्री नाहरसिंह जी सिसोदिया, श्री गिरजाशंकर जी शर्मा, श्री गोपाल जी मोदी, श्री विष्णु जी कुमावत, श्री दिलीप जी तिवारी, और श्री मिलन जी शर्मा विशिष्ट अतिथियों के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने बजरंगबली के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम में व्यायामशाला के गुरु आनंद स्वरूप आर्य, मुकेश भावसार, नीतेश सोनी, कमलेश कंकरेचा, राकेश पालीवाल, और रामलाल मीणा ने भगवा ओपरना ओढ़ाकर अतिथियों का स्वागत किया। इस सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में बाल पहलवानों ने जो आत्मरक्षा के गुर सीखे थे, उनके करतबों का प्रदर्शन देख उपस्थित जन समुदाय का मन प्रफुल्लित हो उठा। मुख्य अतिथि गजेंद्र चंडालिया ने बाल पहलवानों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यायामशालाएं कुश्ती, कराटे, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और व्यायाम सिखाने के साथ-साथ सनातन संस्कृति को मजबूत करने का भी केंद्र हैं। उन्होंने जोर दिया कि व्यायामशाला में आने से शरीर स्वस्थ और बलिष्ठ बनता है, मन का भय दूर होता है, और सामाजिक समरसता बढ़ती है, जिससे ये संस्थाएं समाज पर आने वाले संकट को टालने में सहायक रही हैं। चंडालिया ने बाल पहलवानों से प्रतापगढ़ जिले का नाम देश भर में रोशन करने का आग्रह भी किया। केसरी व्यायामशाला के गुरु आनंद स्वरूप जी आर्य ने इस सात दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन कर प्रतापगढ़ जिले में एक नया आयाम स्थापित किया है, जिसके लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राजेश सुथार ने किया। समारोह में प्रशिक्षण देने वाले संजय परमार, मनीष कुमार, अभिजय आर्य, कमल यादव, और कालू लाल यादव को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया, जबकि प्रशिक्षण में भाग लेने वाले सभी बाल पहलवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।2
- आनंदपुरी क्षेत्र में एक अनूठी और रोमांचक बारात ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। मालीपाड़ा गांव से दूल्हा अपने परिजनों और 50 से अधिक बारातियों के साथ नाव में सवार होकर नदी पार पाड़ोला गांव में दुल्हन से शादी करने पहुंचा। करीब एक किलोमीटर तक पानी पर चली इस बारात को देखने के लिए आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नदी के बीच पारंपरिक वेशभूषा में सजे बारातियों के लोकगीतों की गूंज ने पूरे माहौल को मंगलमय बना दिया। ग्रामीणों ने इस अनोखी बारात का बड़े उत्साह के साथ स्वागत किया। बताया गया है कि बैकवॉटर क्षेत्र में बसे कई परिवार आज भी अपने दैनिक जीवन के लिए नाव पर ही निर्भर हैं। स्कूल जाने, राशन लाने या सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने, हर काम के लिए उन्हें नदी पार करनी पड़ती है। ऐसे में नाव से निकली यह बारात पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई।2