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बिहार में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच गया है, जिससे लू जानलेवा खतरा बन गई है और मानसून का इंतज़ार भी लगातार लंबा होता जा रहा है। भीषण गर्मी के इस कहर के कारण राज्य में 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है, क्योंकि लू सबसे बड़ा खतरा बनी हुई है और गर्मी थमने का नाम नहीं ले रही। हर साल बिहार में यह गर्मी का संकट क्यों गहराता जा रहा है, और क्या यह सिर्फ मौसमी बदलाव है या जलवायु परिवर्तन की एक बड़ी चेतावनी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। लोगों को राहत कब मिलेगी, यह जानने के लिए विशेष रिपोर्ट का इंतज़ार है।
RUBY JOURNALIST
बिहार में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच गया है, जिससे लू जानलेवा खतरा बन गई है और मानसून का इंतज़ार भी लगातार लंबा होता जा रहा है। भीषण गर्मी के इस कहर के कारण राज्य में 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है, क्योंकि लू सबसे बड़ा खतरा बनी हुई है और गर्मी थमने का नाम नहीं ले रही। हर साल बिहार में यह गर्मी का संकट क्यों गहराता जा रहा है, और क्या यह सिर्फ मौसमी बदलाव है या जलवायु परिवर्तन की एक बड़ी चेतावनी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। लोगों को राहत कब मिलेगी, यह जानने के लिए विशेष रिपोर्ट का इंतज़ार है।
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- बिहार में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुँच गया है, जिससे लू जानलेवा खतरा बन गई है और मानसून का इंतज़ार भी लगातार लंबा होता जा रहा है। भीषण गर्मी के इस कहर के कारण राज्य में 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है, क्योंकि लू सबसे बड़ा खतरा बनी हुई है और गर्मी थमने का नाम नहीं ले रही। हर साल बिहार में यह गर्मी का संकट क्यों गहराता जा रहा है, और क्या यह सिर्फ मौसमी बदलाव है या जलवायु परिवर्तन की एक बड़ी चेतावनी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। लोगों को राहत कब मिलेगी, यह जानने के लिए विशेष रिपोर्ट का इंतज़ार है।1
- भाजपा के दिग्गज नेता और बाढ़ विधानसभा से लगातार चार बार विधायक रहे पूर्व विधायक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ज्ञानू सोमवार को अपनी पत्नी के साथ बाढ़ पहुंचे। उन्होंने बाबा उमानाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और ईश्वर से सुख-समृद्धि तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए ज्ञानू ने बताया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने बाढ़ में डेढ़ सौ से दो सौ करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए। उन्होंने यह भी कहा कि कई कार्य अभी भी जारी हैं और जो परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं, वे पूरी भी होंगी। ज्ञानू ने कहा कि हालांकि वे अब विधायक नहीं हैं, फिर भी महीने में तीन-चार बार बाढ़ के लोगों से मिलने आते हैं, बाबा उमानाथ में पूजा करते हैं और चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण भी करते हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि विधायक न होने पर भी, जहाँ भी बाढ़ के लोगों को कोई दिक्कत होगी, उसके समाधान के लिए वे कार्य करते रहेंगे, हालांकि विधायक होते तो उन्हें अधिक अधिकार मिलता।1
- नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस एनकाउंटर को फर्जी करार देते हुए गंभीर आरोप लगाया है कि राज्य का प्रशासन पूरी तरह विफल हो चुका है। यादव ने जोर देकर कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और निर्दोष लोगों पर गोलियां चलाई जा रही हैं। तेजस्वी यादव ने उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए टिप्पणी की कि उनसे बिहार नहीं संभल रहा है और सरकार पूरी तरह असफल साबित हुई है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राज्य में अपराध और अराजकता बढ़ रही है, जिससे जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, साथ ही सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं। इस बीच, सरकार और पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में न्यायिक जांच कराए जाने की बात कही गई है।1
- समस्तीपुर के मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र के आनंद गोलवा गांव निवासी शिवशंकर सिंह का ईनामी अपराधी पुत्र लल्लन सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ हुई एक मुठभेड़ में मारा गया है।1
- यह प्रश्न उठाया गया है कि पटना के बांकीपुर क्षेत्र के मुसलमान राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के संबंध में क्या राय रखते हैं।1
- भरत तिवारी के लिए न्याय की मांग को लेकर सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने एक कैंडल मार्च निकाला।1
- बिहार के बाढ़ अनुमंडल के बाढ़ शहर में सोमवार को दिवंगत भरत तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर के विरोध में एक विशाल जनसैलाब सड़कों पर उमड़ पड़ा। न्याय की मांग को लेकर उनके समर्थकों द्वारा ‘न्याय यात्रा’ निकाली गई, जो अनुग्रह नारायण सिंह कॉलेज मैदान से शुरू होकर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) कार्यालय तक पहुंची। यात्रा में शामिल दर्जनों लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हाथों में बैनर लेकर भरत तिवारी को न्याय दिलाने व पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की। समर्थकों का आरोप है कि पुलिस ने भरत तिवारी को सुनियोजित तरीके से एक फर्जी एनकाउंटर में मारा। उनके अनुसार, भरत तिवारी ने हथियार डाल दिए थे, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। बताया जाता है कि भरत तिवारी मूल रूप से आरा के बिलौटी गांव के निवासी थे और स्थानीय स्तर पर सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते थे, जिन्हें समर्थक एक संघर्षशील और जनहित के मुद्दे उठाने वाले व्यक्ति के रूप में वर्णित करते हैं। उनकी मौत के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखा गया था और पहले भी लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसे नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। न्याय यात्रा के दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले की उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। इस बीच, प्रशासन पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है।1
- वैशाली के लालगंज में एक अज्ञात बोलेरो वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुई महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दुखद सड़क हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया, जिसके परिणामस्वरूप चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस घटना से क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।1