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सिद्धार्थनगर तहसील पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओ का धरना प्रदर्शन!
SASHAKT BHARAT NEWS18
सिद्धार्थनगर तहसील पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओ का धरना प्रदर्शन!
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- Post by Umesh Kumar1
- जोगिया -क्षेत्र पंचायत कार्यालय जोगिया के मुख्य द्वार पर लगे तीसरी आँख क़ी नसे विगत कई महीनो से कट चुकी है जिसे पूरी तरह से दिखाई नही देती है! अपराध रोकथाम को लेकर सरकार के निर्देशानुसार पुलिस प्रशासन के पैरवी के क्रम ब्लॉक के मुख्य द्वार पर मिशन त्रिनेत्र के तहत सी सी टी वीं कैमरा लगा था जो आज बंद है! अपराध रोकथाम पर लगाम लग सके स्थानीय थाना कोतवाली जोगिया के प्रेरणा से लगा यह कैमरा अब शून्य नजर आ रहा है पिछले माह ब्लॉक परिसर मे सचिव एवं प्रधान कहासूनी का वीडियो खूब वायरल हुआ था जिसमे एक दूसरे को धमकी देते नजर आ रहे थे इसके बावजूद भी तीसरी आँख क़ी कोई सुधि लेने वाला नही है! स्थानीय थाना द्वारा भी मिशन त्रिनेत्र को नजर अंदाज किया जा रहा जिससे ब्लॉक मुख्यालय सहित चौराहो पर लगे सी सी टी वीं कैमरे काम करना बंद कर दिए है जिससे अपराध पर अंकुश का भय कम हो गया है! क्षेत्र के लोगों का कहना है कैमरा चालू रहने से अपराध क़ी घटनाओ गिरावत आती है और पुलिस को घटना अनावरण मे मद्त मिलती है फिर मुख्य द्वार पर लगे कैमरे क़ी नसे कटी हुई है और मात्र दिखावा है!1
- Post by VIJAY BAHADUR कपिलवस्तु न्यूज़1
- Post by SASHAKT BHARAT NEWS181
- Gill Smart Gorakhpur branch se Abdul Rahman / call . WhatsApp +95294654201
- महराजगंज में अब भारी वाहन ड्राइविंग लाइसेंस पाने के नियम सख्त हो गए हैं। परिवहन विभाग ने नई व्यवस्था लागू कर दी है, जिसमें 15 दिनों का प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। जिले में 2 नए ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया की तारीख आगे बढ़ा दी गई है—जल्द ही ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। यह कदम सड़क सुरक्षा और प्रशिक्षित ड्राइवरों की संख्या बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। . || Maharajganj News || Maharajganj || Aapan Maharajganj || Driving licence rule . #Maharajganj #DrivingLicense #HeavyVehicleLicense1
- ✍️ADSP इरफान नासिर खान की कलम से....✍️ मेरे प्यारे साथियों, आज मैं आपके सामने किसी बड़े अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि उसी गाँव के एक साधारण बेटे की तरह खड़ा हूँ, जिसने इसी मिट्टी में खेलना सीखा, इसी मिट्टी से अपने सपनों को ताकत दी और इसी मिट्टी की खुशबू से अपने जीवन की दिशा पाई। आज का दिन मेरे लिए बहुत भावुक क्षण है। क्योंकि जब इंसान अपनी यात्रा को पीछे मुड़कर देखता है, तो उसे एहसास होता है कि उसकी सफलता केवल उसकी अपनी नहीं होती। उसके पीछे उसके माता-पिता का संघर्ष, परिवार का त्याग, दोस्तों का साथ और गाव समाज का आशीर्वाद होता है। मैं भी एक बिल्कुल साधारण और बहुत ही बदमाश छात्र था। गाँव के घर में मेरा बचपन बीता। मेरे माता-पिता ने हमें हमेशा एक ही बात सिखाई – “ईमानदारी से मेहनत करो, बाकी सब ऊपरवाला देख लेगा।” मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूँजी वही संस्कार थे जो मुझे अपने माता-पिता परिवार और संघर्ष के साथियो से मिले। जब मैं छोटा था, तब गाँव में जब भी कोई पुलिस अधिकारी आता था, तो उसे देखकर मेरे मन में भी एक अलग ही भावना पैदा होती थी। जैसा कि सभी लोगों के साथ भी सामन्यतः यही होता है वर्दी की गरिमा, अनुशासन और समाज के लिए खड़े होने का साहस मुझे बहुत प्रेरित करता था। तभी से सपना जन्मा जिसे माँ बाप भाइयों और बहनों ने साकार करने में सक्षम बनाया लेकिन दोस्तों सपना देखना आसान होता है, उसे सच करना आसान नहीं होता। पढ़ाई करते समय भी कई कठिनाइयाँ भटकाव सामने आएं। लेकिन उन परिस्थितियों ने मुझे कमजोर नहीं बनाया, बल्कि मजबूत बनाया। लेकिन जीवन की राह में चुनौतियाँ भी कम नहीं थीं। पहली बार परीक्षा दी — असफलता मिली। दूसरी बार तीसरी बार......— फिर असफलता। उस समय बहुत निराशा हुई। कई लोगों ने कहा कि यह रास्ता आसान नहीं है, और शायद यह मेरे बस की बात भी नहीं है। लेकिन उसी समय मेरे माता-पिता भैया ने और संघर्ष के दोस्तों ( सभी का नाम लेना चाहते हैं लेकिन सम्भव नहीं फिर कभी)ने मुझे संभाला। उन्होंने कहा — “अगर हार मान ली तो कहानी यहीं खत्म हो जाएगी।” उनके शब्द मेरे लिए नई ऊर्जा बन गए। मैंने फिर से मेहनत शुरू की। दिन-रात की मेहनत, संघर्ष और विश्वास ने आखिरकार रंग दिखाया। एक दिन वह भी आया जब मुझे पता चला कि मेरा चयन DSP के पद पर हो गया है। उस दिन की खुशी शब्दों में बयान करना मुश्किल है। जब मैंने पहली बार वर्दी पहनी, तो मेरे मन में गर्व भी था और जिम्मेदारी का एहसास भी। वर्दी केवल सम्मान नहीं देती, बल्कि जिम्मेदारी भी देती है। उस दिन मैंने खुद से एक वादा किया कि मैं इस वर्दी की गरिमा को हमेशा1
- जोगिया -विकास खंड जोगिया क्षेत्र के ग्राम पंचायत बड़गो से केवटलिया मार्ग कई दशकों से बड़े -बड़े पत्थर पर चलना मजबूरी है और सड़क उपेक्षा का शिकार है सड़क क़ी लम्बाई महज लगभग 1.5 से 2 किलोमीटर है! ग्राम पंचायत केवटलिया मे 2 राजकीय अस्पताल है जिसमे एक राजकीय होमियोंपैथिक चिकित्सालय केवटलिया, उप स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष मान आरोग्य मंदिर केवटलिया जहाँ सैकड़ो महिला पुरुष बच्चे इलाज हेतु आते रहते है उपकेंद्र केवटलिया प्रशव केंद्र भी है जहाँ गर्भवती महिलाओ का ज्यादा आना जाना रहता है इस सड़क पर गर्भवती महिलाओ का बाइक पर अथवा पैदल चलना काफ़ी मुश्किल है! यह ऊबड़ खाबड़ सड़क कई दशकों से उपेक्षा का शिकार है यह न ही क्षेत्रीय विधायक क़ी नजर पहुँचती है और न ही ब्लॉक प्रमुख क़ी जिससे क्षेत्रीय गर्भवती महिलाओ पुरुषो मरीजों को अस्पताल पर पहुंचने मे आसानी हो! ग्राम पंचायत केवटलिया धर्मेंद्र लोधी, बबलू साहनी, अशोक साहनी, महेश यादव, ने बताया इस संबंध मे क्षेत्रीय विधायक को कई बार सूचना देकर अवगत कराया गया लेकिन कोई सार्थक परिणाम नही देखा गया जबकि प्रदेश सरकार द्वारा हर गांव घर को पिच रोड से जोड़ने का दावा ठोकती है लेकिन जिला मुख्यालय के विधानसभा मे कई दशकों से यह सड़क उपेक्षा का शिकार है जिसकी कोई सुधि लेने वाला नही है! ग्राम पंचायत बड़गो पूर्व प्रधान राम अवतार यादव, राम लगन यादवा, हरिश्चन्द्र यादव, विनीत कुमार बाजपेई सहित दर्जनों क्षेत्र वासियो का कहना है यदि यह सड़क बड़गो से केवटलिया पिच रोड बन जाए तो राहगीरों सहित अस्पताल तक जाने वाले मरीजों को काफ़ी सहूलियत मिलेगी और रास्ता सुलभ हो जायेगा!2