45 दिन बाद भी टूटी हुई नहीं बनी बैरिकेडिंग, महुआडांड़ ओरसा घाटी हादसे पर अधिकारियों की लापरवाही से बढ़ा आक्रोश उपविकास आयुक्त डॉ. सैय्यद अहमद ने कहा कि मामला गंभीर है इसकी जांच कराई जाएगी महुआडांड़ स्थित ओरसा घाटी में 18 जनवरी को हुए भीषण सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत के बाद भी प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है। घटना को करीब 45 दिन बीत चुके हैं, लेकिन दुर्घटनास्थल पर अब तक बैरिकेडिंग या कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। इसे लेकर प्रखंड वासियों में भारी आक्रोश है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसे के बाद शुरुआती कुछ दिनों तक अधिकारी और विभाग सक्रिय दिखे, लेकिन मामला मीडिया में शांत होते ही प्रशासन भी पूरी तरह मौन हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो यहां दोबारा बड़ा हादसा हो सकता है।प्रखंड वासियों ने लातेहार उपायुक्त और डीडीसी से मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी अधिकारियों और संबंधित संवेदक पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी सुरक्षा उपाय नहीं करना प्रशासन की गंभीर उदासीनता को दर्शाता है।इस मामले में उपविकास आयुक्त डॉ. सैय्यद अहमद ने कहा कि मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।वहीं ओरसा पंचायत की मुखिया अनिता देवी ने कहा कि इतने बड़े हादसे के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो पंचायत और ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
45 दिन बाद भी टूटी हुई नहीं बनी बैरिकेडिंग, महुआडांड़ ओरसा घाटी हादसे पर अधिकारियों की लापरवाही से बढ़ा आक्रोश उपविकास आयुक्त डॉ. सैय्यद अहमद ने कहा कि मामला गंभीर है इसकी जांच कराई जाएगी महुआडांड़ स्थित ओरसा घाटी में 18 जनवरी को हुए भीषण सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत के बाद भी प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है। घटना को करीब 45 दिन बीत चुके हैं, लेकिन दुर्घटनास्थल पर अब तक बैरिकेडिंग या कोई ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। इसे लेकर प्रखंड वासियों में भारी आक्रोश है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसे के बाद शुरुआती कुछ दिनों तक अधिकारी और विभाग सक्रिय दिखे, लेकिन मामला मीडिया में शांत होते ही प्रशासन भी पूरी तरह मौन हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो यहां दोबारा बड़ा हादसा हो सकता है।प्रखंड वासियों ने लातेहार उपायुक्त और डीडीसी से मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषी अधिकारियों और संबंधित संवेदक पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी सुरक्षा उपाय नहीं करना प्रशासन की गंभीर उदासीनता को दर्शाता है।इस मामले में उपविकास आयुक्त डॉ. सैय्यद अहमद ने कहा कि मामला गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।वहीं ओरसा पंचायत की मुखिया अनिता देवी ने कहा कि इतने बड़े हादसे के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो पंचायत और ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
- बरवाडीह प्रखंड के जिला परिषद सदस्य एवं भाजपा नेता कन्हाई सिंह के नेतृत्व एवं अध्यक्षता में वन अधिकार कानून लागू करने की मांग को लेकर मंडल से पदयात्रा निकाली गई है पदयात्रा मंगलवार की शाम 5:00 बजे केड़ ग्राम पहुंची है जहां रात्रि विश्राम के उपरांत पदयात्रा कल सुबह छिपादोहर के लिए निकलेगी। इस दौरान पदयात्रा में शामिल लोगों ने बेतला में अवस्थित वन क्षेत्र प्राधिकारी के कार्यालय का घेराव कर वन अधिकार कानून ग्रामीणों के लिए लागू करने को लेकर मांग पत्र सोपा।1
- Post by Birendra Bharti1
- Post by AAM JANATA1
- छात्रों की मांगों को लेकर पांकी के डंडार कला स्थित मजदूर किसान इंटर कॉलेज में 11वीं के विद्यार्थियों ने कॉलेज गेट पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि परीक्षा और पंजीयन से जुड़ी समस्याओं का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। #Panki #Palamu #StudentProtest #MKInterCollege #EducationIssue #JharkhandNews #StudentVoice**1
- समाहरणालय के सामने धरने पर बैठे हैं मनरेगा कर्मचारी संघ के सदस्य एवं....1
- Post by Jharkhand local news1
- Post by Vikram Dewang1
- महुआडांड़। 10 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संत जेवियर कॉलेज, महुआडांड़ में यह दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में महिलाओं की उपलब्धियों, उनके अधिकारों तथा समाज के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा महिलाओं के सम्मान और समानता के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना था। कार्यक्रम के दौरान अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि आज महिलाएँ शिक्षा, समाज, राजनीति, विज्ञान और साहित्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं और समाज के विकास में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर महाविद्यालय की महिला प्राध्यापक प्रो. सुरभि सिंहा द्वारा लिखित पुस्तक “इनसाइट एंड इंट्यूशन” का विमोचन भी किया गया, जो कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोस ने अपने संबोधन में कहा कि समाज की प्रगति महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना संभव नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को महिलाओं के सम्मान, समानता और अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनने तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्यारी कुजूर ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों के माध्यम से बताया कि शिक्षा, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के बल पर महिलाएँ हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं। उनके प्रेरणादायक विचारों से उपस्थित सभी लोग अत्यंत प्रेरित हुए। इस अवसर पर महाविद्यालय की महिला प्राध्यापकों—सि. चन्द्रोदय, प्रो. शालिनी, प्रो. मनीषा, प्रो. शेफाली, प्रो. रोज़ी, प्रो. सुरभि, प्रो. शिल्पी, प्रो. अंजली, प्रो. स्वाति, प्रो. अंकिता, प्रो. मोनिका, प्रो. अदिति, प्रो. बसंती, प्रो. अनीभा तथा प्रो. रैचेल—को सम्मानपूर्वक सम्मानित किया गया। इसके साथ ही महिला शिक्षकेतर कर्मचारियों—सरोज, प्रेमा, नीलम, अरुणा, दीपिका, अंकिता दीदी, क्रिस्टिना दीदी तथा सुनीता दीदी—को भी उनके समर्पण और महाविद्यालय के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। अंत में प्रो. शिल्पी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, जिसके साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह आयोजन महिलाओं के सम्मान, समानता और सशक्तिकरण के संदेश को समाज तक पहुँचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।1