चुनाव से पहले ग्राम पंचायतों का परिसीमन जरूरी, नहीं हुआ तो हाई कोर्ट जाएगा मुखिया महासंघ आरा। चुनाव पूर्व ग्राम पंचायतों का परिसीमन नहीं होने पर मुखिया महासंघ हाई कोर्ट का भी रुख कर सकता है। आज भोजपुर जिले के आरा में मुखिया महासंघ प्रतिनिधि संगठनों की जिला कार्यकारिणी बैठक आयोजित की गई। जिसमें सर्वसम्मति से पंचायतों के परिसीमन का प्रस्ताव पारित किया गया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सार्थक पहल की अपेक्षा जताई गई। बैठक की अध्यक्षता मुखिया महासंघ के जिलाध्यक्ष हरेंद्र प्रसाद यादव ने की। उन्होंने कहा कि 1991 की जनगणना के आधार पर बिहार में वर्ष 2001 में पंचायतों का परिसीमन हुआ था। उसके बाद पंचायतों की जनसंख्या लगभग ढाई गुना बढ़ चुकी है। ऐसे में परिसीमन अति-आवश्यक है। कई जिलों और प्रखंडों में कुछ पंचायतों का क्षेत्रफल 10 वर्ग किलोमीटर से भी अधिक है। इससे वहां विकास कार्य बाधित हो रहे हैं और प्रशासनिक उपेक्षा बढ़ी है। वहीं, नगर निकायों के गठन और उनके क्षेत्र विस्तार के कारण कई पंचायतों का विखंडन एवं पुनर्गठन अव्यवस्थित ढंग से किया गया। इससे गंभीर विसंगतियां उत्पन्न हुई हैं। पुनर्गठन के दौरान कुछ ऐसे पंचायत वार्ड बनाए गए हैं, जिनकी जनसंख्या मात्र 100 के आसपास है। उन्हें वार्ड का दर्जा दिया जाना 73वें संविधान संशोधन अधिनियम के प्रविधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। संविधान के अनुसार, प्रत्येक 10 वर्ष में जनगणना के बाद परिसीमन एवं उसी आधार पर आरक्षण लागू किया जाना अनिवार्य है।
चुनाव से पहले ग्राम पंचायतों का परिसीमन जरूरी, नहीं हुआ तो हाई कोर्ट जाएगा मुखिया महासंघ आरा। चुनाव पूर्व ग्राम पंचायतों का परिसीमन नहीं होने पर मुखिया महासंघ हाई कोर्ट का भी रुख कर सकता है। आज भोजपुर जिले के आरा में मुखिया महासंघ प्रतिनिधि संगठनों की जिला कार्यकारिणी बैठक आयोजित की गई। जिसमें सर्वसम्मति से पंचायतों के परिसीमन
का प्रस्ताव पारित किया गया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सार्थक पहल की अपेक्षा जताई गई। बैठक की अध्यक्षता मुखिया महासंघ के जिलाध्यक्ष हरेंद्र प्रसाद यादव ने की। उन्होंने कहा कि 1991 की जनगणना के आधार पर बिहार में वर्ष 2001 में पंचायतों का परिसीमन हुआ था। उसके बाद पंचायतों की जनसंख्या लगभग ढाई गुना बढ़ चुकी है।
ऐसे में परिसीमन अति-आवश्यक है। कई जिलों और प्रखंडों में कुछ पंचायतों का क्षेत्रफल 10 वर्ग किलोमीटर से भी अधिक है। इससे वहां विकास कार्य बाधित हो रहे हैं और प्रशासनिक उपेक्षा बढ़ी है। वहीं, नगर निकायों के गठन और उनके क्षेत्र विस्तार के कारण कई पंचायतों का विखंडन एवं पुनर्गठन अव्यवस्थित ढंग से किया गया। इससे गंभीर
विसंगतियां उत्पन्न हुई हैं। पुनर्गठन के दौरान कुछ ऐसे पंचायत वार्ड बनाए गए हैं, जिनकी जनसंख्या मात्र 100 के आसपास है। उन्हें वार्ड का दर्जा दिया जाना 73वें संविधान संशोधन अधिनियम के प्रविधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। संविधान के अनुसार, प्रत्येक 10 वर्ष में जनगणना के बाद परिसीमन एवं उसी आधार पर आरक्षण लागू किया जाना अनिवार्य है।
- आरा। चुनाव पूर्व ग्राम पंचायतों का परिसीमन नहीं होने पर मुखिया महासंघ हाई कोर्ट का भी रुख कर सकता है। आज भोजपुर जिले के आरा में मुखिया महासंघ प्रतिनिधि संगठनों की जिला कार्यकारिणी बैठक आयोजित की गई। जिसमें सर्वसम्मति से पंचायतों के परिसीमन का प्रस्ताव पारित किया गया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सार्थक पहल की अपेक्षा जताई गई। बैठक की अध्यक्षता मुखिया महासंघ के जिलाध्यक्ष हरेंद्र प्रसाद यादव ने की। उन्होंने कहा कि 1991 की जनगणना के आधार पर बिहार में वर्ष 2001 में पंचायतों का परिसीमन हुआ था। उसके बाद पंचायतों की जनसंख्या लगभग ढाई गुना बढ़ चुकी है। ऐसे में परिसीमन अति-आवश्यक है। कई जिलों और प्रखंडों में कुछ पंचायतों का क्षेत्रफल 10 वर्ग किलोमीटर से भी अधिक है। इससे वहां विकास कार्य बाधित हो रहे हैं और प्रशासनिक उपेक्षा बढ़ी है। वहीं, नगर निकायों के गठन और उनके क्षेत्र विस्तार के कारण कई पंचायतों का विखंडन एवं पुनर्गठन अव्यवस्थित ढंग से किया गया। इससे गंभीर विसंगतियां उत्पन्न हुई हैं। पुनर्गठन के दौरान कुछ ऐसे पंचायत वार्ड बनाए गए हैं, जिनकी जनसंख्या मात्र 100 के आसपास है। उन्हें वार्ड का दर्जा दिया जाना 73वें संविधान संशोधन अधिनियम के प्रविधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। संविधान के अनुसार, प्रत्येक 10 वर्ष में जनगणना के बाद परिसीमन एवं उसी आधार पर आरक्षण लागू किया जाना अनिवार्य है।4
- रामगढ़िया आरा में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर बहुत सारे लोग आए हैं1
- ये Decade भारत का Techade बनेगा बोले मोदी, गोरखपुर में गोरख धंधा -अखिलेश, भजनलाल गिनाए कांग्रेस के जीरो, प्रियंका ने बताए दो तरह के नेता, इफ्तार की टेबल पर सोनिया-जया साथ में और धर्माचार्य बोले यूजीसी ने हिन्दू चोला हटा दिया... देखिए देश दुनिया की छ बड़ी खबरें राजपथ न्यूज़ पर....1
- अरवल, 23 फरवरी 2026: अरवल जिला स्थित डॉ. बी. आर. अंबेडकर वाचनालय में आज संत गाडगे महाराज की 150वीं जयंती समारोह का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए और संत गाडगे महाराज के विचारों व जीवन पर प्रकाश डाला गया। समारोह को संबोधित करते हुए रेल आंदोलन के सूत्रधार मनोज सिंह यादव ने कहा कि संत गाडगे महाराज ने अपना पूरा जीवन गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि समाज सेवा की उसी भावना को अपनाते हुए अपने क्षेत्र में स्वच्छता, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा दें। मनोज सिंह यादव ने इस अवसर पर यह भी मांग उठाई कि अरवल जिला मुख्यालय पर संत गाडगे महाराज की प्रतिमा स्थापित की जानी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा मिल सके। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस दिशा में पहल करते हुए प्रतिमा का अनावरण कराया जाएगा। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने संत गाडगे महाराज के विचारों को आज के समाज के लिए प्रासंगिक बताते हुए कहा कि उनके बताए मार्ग पर चलकर ही एक स्वच्छ, शिक्षित और समतामूलक समाज का निर्माण संभव है। समारोह के अंत में उपस्थित लोगों ने संत गाडगे महाराज के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।1
- Post by Vikrant कुमार1
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- भोजपुर आरा के मीरगंज, गांगी रोड, शिव मंदिर के पास खुला है 🚗 Hindustan Automobile यहाँ उचित मूल्य पर उपलब्ध हैं: 🛵 ए-स्कूटी (Electric Scooty) 🛺 एल्काइन ई-रिक्शा (E-Rickshaw Loader) 💳 फाइनेंस की सुविधा भी उपलब्ध है। 🎉 होली के शुभ अवसर पर विशेष छूट! 🎉 🛵 स्कूटी पर ₹5,000 तक की छूट 🛺 ई-रिक्शा लोडर पर ₹10,000 तक का डिस्काउंट तो देर किस बात की? आज ही ऑफर का लाभ उठाइए और अपने जीवन को आसान व बेहतर बनाइए। 👤 प्रोपराइटर: निर्मल जी 📍 पता: मीरगंज, गांगी रोड, नियर शिव मंदिर, आरा (भोजपुर) 📞 मोबाइल: 70049 08952, 62044 04099 Hindustan Automobile – भरोसेमंद सेवा, बेहतर कीमत!1
- आरा। बिहार पुलिस सप्ताह- 2026 के शुभ अवसर पर, 'खेलो बिहार-बिहार पुलिस के साथ' अभियान के अंतर्गत आज भोजपुर पुलिस द्वारा एक भव्य वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन भोजपुर पुलिस अधीक्षक द्वारा किया गया। इस प्रतियोगिता में पुलिस विभाग और स्थानीय आमजनता की टीमों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। उद्घाटन के दौरान पुलिस अधीक्षक ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और गेंद को सर्व (Serve) कर मैच की शुरुआत की। अपने संबोधन में एसपी ने कहा कि खेल हमें टीम भावना और अनुशासन सिखाते हैं। 'खेलो बिहार-बिहार पुलिस के साथ' पहल का उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच की दूरी को मिटाना और एक दोस्ताना व सुरक्षित वातावरण तैयार करना है।2
- हिंदू सम्मेलन मीठाकुंवा रामगढ़िया आरा में गरज पड़े संजय महासेठ......2