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जयपुर-दिल्ली ओल्ड हाईवे पर स्थित दौलतपुरा टोल प्लाजा पर अब बैरियर-फ्री टोल सिस्टम की शुरुआत हो गई है। इस नई व्यवस्था के तहत, वाहन चालक बिना रुके 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टोल प्लाजा से गुजर सकेंगे। टोल शुल्क का भुगतान ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) और फास्टैग तकनीक का उपयोग करके स्वतः ही हो जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 15 जुलाई तक पूरे हाईवे को बैरियर-फ्री बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
कालूराम मीना जोलन्दा सिटी
जयपुर-दिल्ली ओल्ड हाईवे पर स्थित दौलतपुरा टोल प्लाजा पर अब बैरियर-फ्री टोल सिस्टम की शुरुआत हो गई है। इस नई व्यवस्था के तहत, वाहन चालक बिना रुके 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टोल प्लाजा से गुजर सकेंगे। टोल शुल्क का भुगतान ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) और फास्टैग तकनीक का उपयोग करके स्वतः ही हो जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 15 जुलाई तक पूरे हाईवे को बैरियर-फ्री बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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- सवाई माधोपुर के खंडार में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में गुर्जर आरक्षण आंदोलन संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बैसला ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। शनिवार को उनके आगमन पर गुर्जर समाज सहित क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया, जिसमें माल्यार्पण और साफा पहनाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर खंडार विधानसभा क्षेत्र के उन होनहार छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने हाल ही में आयोजित परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर समाज और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। विजय बैसला ने इन मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और उपहार प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि सरकारी नौकरी ही सफलता का एकमात्र मार्ग नहीं है, क्योंकि लाखों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन करते हैं, लेकिन सीमित पदों के कारण सभी का चयन संभव नहीं हो पाता। ऐसे में उन्होंने युवाओं को अपने कौशल, प्रतिभा और नवाचार के माध्यम से नए अवसर तलाशने तथा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। बैसला के प्रेरणादायक विचारों ने उपस्थित छात्र-छात्राओं में नया उत्साह और आत्मविश्वास भर दिया, और उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने तथा कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रयासरत रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के उपरांत, विजय बैसला ने कुशालीपुरा तिराहे पर स्थापित गुर्जर समाज के प्रेरणास्रोत स्वर्गीय कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला एवं समाज के शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके दौरे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह उनका स्वागत किया गया, जहाँ समाजजनों और ग्रामीणों ने माला और साफा पहनाकर उनका अभिनंदन किया। गुर्जर नेता विजय बैसला के इस दौरे को लेकर पुलिस प्रशासन भी सतर्क नजर आया, और वापसी के दौरान उन्होंने जिला कलेक्टर कानाराम एवं पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी से भी मुलाकात की। इस प्रतिभा सम्मान समारोह में गुर्जर आरक्षण समिति के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह धाबाई सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रबुद्धजन, युवा, विद्यार्थी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।1
- राजस्थान के सवाई माधोपुर ज़िले के सारसोप ग्राम पंचायत के देवली गांव में ज़मीन से सोना निकलने की अफवाह फैलने के बाद लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, बीती रात कुछ लोगों ने कथित तौर पर सोना खोजने के उद्देश्य से एक स्थान पर खुदाई की थी। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुँचा और स्थिति का जायज़ा लिया। अफवाह के कारण क्षेत्र में उत्सुकता का माहौल बना रहा, जिसके बाद मामले की सत्यता जानने के लिए पुलिस की मौजूदगी में संबंधित स्थान पर खुदाई कर जांच-पड़ताल की गई। इस विस्तृत जांच के दौरान, न तो कोई सोना और न ही कोई अन्य कीमती वस्तु बरामद हुई। अधिकारियों ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार की अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास न करें और ऐसी कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की जांच पूरी कर ली गई है तथा क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है। ग्रामीणों को अफवाहों से दूर रहने की विशेष सलाह दी गई है।3
- सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र की सारसोप देवली ग्राम पंचायत में बीती रात कथित तौर पर जमीन में दबे सोने की तलाश में एक गहरे गड्ढे की खुदाई की गई। गांव के कुछ बुजुर्गों का मानना था कि इस स्थान पर वर्षों पहले कोई सोना या कीमती खजाना दबा हुआ है, और इसी विश्वास के आधार पर प्रशासन की निगरानी में यह खुदाई शुरू की गई। खुदाई की खबर तेजी से फैलने के साथ ही आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए, और देर रात तक खुदाई स्थल पर भारी भीड़ जमा रही। ग्रामीणों में जमीन के नीचे छिपी चीज़ों को जानने की प्रबल उत्सुकता थी; कई लोगों को उम्मीद थी कि ऐतिहासिक वस्तुएं, खजाना या सोना मिल सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खुदाई के लिए मशीनों और श्रमिकों का उपयोग किया गया, जिससे जमीन में काफी गहराई तक एक बड़ा और गहरा गड्ढा बन गया। प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अव्यवस्था को रोका जा सके। हालांकि, कई घंटों तक चली इस खुदाई के बावजूद कोई सोना, चांदी, खजाना या अन्य मूल्यवान वस्तु बरामद नहीं हुई; केवल मिट्टी और सामान्य पत्थर ही मिले। इसके बाद प्रशासन ने खुदाई कार्य को बंद कर दिया और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। प्रशासन ने यह भी कहा कि फिलहाल कोई मूल्यवान वस्तु नहीं मिली है और अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करने का आग्रह किया। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है, और सोशल मीडिया पर खुदाई के वीडियो तथा तस्वीरें भी तेजी से वायरल हो रही हैं। कुछ लोग इसे केवल एक अफवाह बता रहे हैं, जबकि कुछ ग्रामीणों का मानना है कि भविष्य में और जांच की आवश्यकता हो सकती है। सोने की उम्मीद लेकर पहुंचे लोगों को अंततः निराश होकर लौटना पड़ा, लेकिन यह घटना अभी भी क्षेत्र में कौतूहल और चर्चा का मुख्य बिंदु बनी हुई है।1
- चौथ का बरवाड़ा उपखंड मुख्यालय पर शनिवार सुबह से उमस भरी गर्मी के कारण लोग परेशान रहे, लेकिन दोपहर बाद मौसम के मिजाज में अचानक बदलाव आया। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई रिमझिम बारिश ने वातावरण में ठंडक घोल दी, जिससे मौसम सुहावना हो गया। बारिश का यह दौर कभी तेज तो कभी हल्का बना रहा। अचानक बदले मौसम के कारण लोगों के चेहरों पर राहत दिखाई दी और लंबे समय से उमस व गर्मी से परेशान लोगों ने बारिश के बाद राहत की सांस ली, वहीं कई लोग खुशनुमा मौसम का आनंद लेते भी नजर आए। किसानों ने भी इस बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताते हुए इसे एक अच्छी शुरुआत माना। इस बारिश से क्षेत्र में तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण में ताजगी का अहसास हुआ।1
- हाईवे और मुख्य मार्गों पर यात्रियों के लिए पेट्रोल पंपों पर मिलने वाली बुनियादी सुविधाएं अक्सर सिर्फ एक छलावा साबित होती हैं। नियमों के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर स्वच्छ शौचालय और पीने के पानी की मुफ्त व्यवस्था अनिवार्य है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो ने इन 'सुविधाओं' की पोल खोल दी है, जिसमें दिखाया गया है कि कैसे ये वादे खोखले हैं। सफर के दौरान, विशेषकर परिवार और महिलाओं को, पेट्रोल पंपों पर भारी निराशा का सामना करना पड़ता है। वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश शौचालयों में अत्यधिक गंदगी होती है, जिससे उनका उपयोग करना असंभव हो जाता है। कई पेट्रोल पंप संचालकों ने तो सफाई से बचने के लिए शौचालयों पर ताले ही जड़ दिए हैं, और चाबी मांगने पर टालमटोल भरे जवाब मिलते हैं। इसके अलावा, बुनियादी ढाँचा भी बदहाल है, जैसे नलों में पानी न आना, वॉशबेसिन टूटे होना और कई जगह तो शौचालयों के दरवाजे भी गायब होना। सुरक्षा और निजता के अभाव में महिलाओं और बच्चियों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इंडियन ऑयल, एचपी और भारत पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियों के सख्त निर्देश हैं कि हर पेट्रोल पंप पर स्वच्छ शौचालय और शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। बाहर लगे बड़े-बड़े बोर्ड भी इन सुविधाओं के उपलब्ध होने का दावा करते हैं, बावजूद इसके यात्रियों को केवल बेवकूफ बनाया जा रहा है। इस बदहाली को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि संबंधित विभाग और सरकार पेट्रोल पंपों की निगरानी क्यों नहीं कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने मांग की है कि तेल कंपनियों के अधिकारियों और प्रशासन को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने चाहिए। जिन पेट्रोल पंपों पर सुविधाएं केवल कागजों या बोर्ड तक सीमित हैं और वहां ताले लटके मिलते हैं, उनके संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जैसे जुर्माना लगाना या लाइसेंस रद्द करना, होनी चाहिए। यह समस्या किसी एक पेट्रोल पंप की नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में यही हालात हैं, और जनता को सुविधाओं के नाम पर ठगना बंद होना चाहिए तथा जवाबदेही तय की जानी चाहिए।1
- आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में खेती के लिए पारंपरिक तरीकों का उपयोग किया जाता है। इसके तहत, बैलों और देशी हल की मदद से ज़मीन में बीज बोए जाते हैं।1
- लालसोट पंचायत समिति में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 12 वर्ष के कार्यकाल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित '12 साल बेमिसाल' प्रदर्शनी का समापन 20 जून को हुआ। यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के ऐतिहासिक कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास को प्रदर्शित करने के लिए लगाई गई थी। इस प्रदर्शनी का अवलोकन कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया, जिसमें जिला संयोजक श्रीमती पिंकी चतुर्वेदी, नगर मंडल अध्यक्ष अनिल बुर्जा, नगर महामंत्री भागचंद सैनी, नगर प्रवक्ता भानु प्रकाश चतुर्वेदी, युवा मोर्चा अध्यक्ष दीपक शेड्डलाई, महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष सुषमा चौधरी, नगर उपाध्यक्ष विजय लक्ष्मी रावत, नगर अनु शर्मा, सैनी मोहन सैनी, अवतार सैनी, जीतू शर्मा, विष्णु राजू शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसी अवसर पर लालसोट महिला मंडल द्वारा 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत एक पौधा भी लगाया गया। इस प्रकार, '12 साल बेमिसाल' प्रदर्शनी का सफलतापूर्वक समापन हो गया।3
- शनिवार को चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। सुबह से ही लोग उमस और तेज गर्मी से परेशान थे, लेकिन दोपहर बाद आसमान में घने बादल छाने के साथ ही तेज बारिश शुरू हो गई। इस झमाझम बारिश से सड़कों पर पानी बहने लगा और वातावरण में ठंडक घुल गई। बारिश के कारण किसानों के चेहरों पर भी खुशी देखने को मिली, क्योंकि ग्रामीणों का मानना है कि यह बारिश फसलों की बुवाई की तैयारियों को गति देगी और जलस्रोतों में भी पानी की आवक बढ़ेगी। बच्चों और युवाओं ने भी इस बारिश का खूब आनंद लिया, वहीं बाजारों में भी लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि आगामी दिनों में भी क्षेत्र में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे आम जनता ने सुकून की सांस ली।1