कोटा में कोहिनूर 0007 गैंग से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार, 6 पिस्टल व 2 कट्टे बरामद कोटा (राजस्थान)। कोटा शहर पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कोहिनूर 0007 गैंग से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 देशी पिस्टल, 2 देशी कट्टे और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में एक पर पहले से 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। कार्रवाई बोरखेड़ा थाना पुलिस ने की। पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि शहर में अवैध गतिविधियों और हथियार तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत विशेष टीम का गठन किया गया था। पुख्ता सूचना के आधार पर 14 मार्च को पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए रोनू उर्फ रोनक (निवासी कैथून) और लोकेश मीणा (निवासी उम्मेदगंज) को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी मध्यप्रदेश के इंदौर से अवैध हथियार लाकर कोटा शहर और ग्रामीण क्षेत्र के बदमाशों को सप्लाई करने की तैयारी में थे। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर तस्करी की इस खेप को पकड़ लिया। पूछताछ में और खुलासे की उम्मीद पुलिस के अनुसार लोकेश मीणा कोहिनूर 0007 गैंग का सक्रिय सदस्य है और दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पिछले महीने भी इसी गैंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने हथियार बरामद किए थे और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
कोटा में कोहिनूर 0007 गैंग से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार, 6 पिस्टल व 2 कट्टे बरामद कोटा (राजस्थान)। कोटा शहर पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कोहिनूर 0007 गैंग से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 देशी पिस्टल, 2 देशी कट्टे और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में एक पर पहले से 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। कार्रवाई बोरखेड़ा थाना पुलिस ने की। पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि शहर में
अवैध गतिविधियों और हथियार तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत विशेष टीम का गठन किया गया था। पुख्ता सूचना के आधार पर 14 मार्च को पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए रोनू उर्फ रोनक (निवासी कैथून) और लोकेश मीणा (निवासी उम्मेदगंज) को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी मध्यप्रदेश के इंदौर से अवैध हथियार लाकर कोटा शहर और ग्रामीण क्षेत्र के बदमाशों को सप्लाई करने की तैयारी में थे। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर तस्करी की इस
खेप को पकड़ लिया। पूछताछ में और खुलासे की उम्मीद पुलिस के अनुसार लोकेश मीणा कोहिनूर 0007 गैंग का सक्रिय सदस्य है और दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पिछले महीने भी इसी गैंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने हथियार बरामद किए थे और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
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- कोटा। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री Madan Dilawar की जनहिताय–जन सुखाय पदयात्रा तीसरे दिन जसपुरा गांव पहुंची। गांव की चौपाल पर ग्रामीणों ने मंत्री का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान गरासिया समुदाय के स्त्री-पुरुष पारंपरिक लोकगीतों पर झूमकर नाचे और होली मिलन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। मंत्री मदन दिलावर ने ग्राम जसपुरा के लिए कई विकास कार्यों की घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि यदि 25 और बच्चों का नामांकन कराया जाता है तो गांव के स्कूल को तुरंत सेकेंडरी स्कूल में क्रमोन्नत कर दिया जाएगा। साथ ही छोटे बच्चों के लिए जनजाति विकास विभाग के माध्यम से बालबाड़ी खोलने के प्रस्ताव बनाने के निर्देश भी दिए। मंत्री ने विकास अधिकारी शैलेश रंजन को वन अधिकार कानून के तहत गांव के सभी पात्र लोगों को तीन महीने के भीतर मकान के पट्टे देने के निर्देश दिए। इसके अलावा तहसीलदार और विकास अधिकारी को मंदिरगढ़, केशवपुरा और जसपुरा में शिविर लगाकर पात्र लोगों के वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन, खाद्य सुरक्षा योजना में मुफ्त गेहूं तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान के लिए आवेदन भरवाने के निर्देश दिए। दिलावर ने पुराने स्कूल भवन को सामुदायिक भवन के लिए हस्तांतरित कर उसकी मरम्मत कराने और उसे आकर्षक बनाने के निर्देश भी दिए। साथ ही किशनपुरा से जसपुरा गांव को सड़क से जोड़ने के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने मंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। केशवपुरा गांव में स्कूल पहुंचने पर नन्हे बालक भारत ने मंत्री को केसुला (पलाश) के फूलों का गुच्छा भेंट किया। वहीं गांव के खेल मैदान के पास पानी और कीचड़ देखकर मंत्री ने वहां पक्का चबूतरा बनाने के निर्देश दिए। पदयात्रा के दौरान कड़कती दोपहरी में पदयात्रियों ने पेड़ों की छांव तले विश्राम भी किया। मंत्री ने केशवपुरा गांव में ग्रामीणों से रूबरू होकर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद पदयात्रा केशवपुरा से आगे जसपुरा गांव की ओर बढ़ी।8
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- इटावा में माकपा ने रैली निकालकर किया प्रदर्शन कोटा/ इटावा। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कार्यकर्ताओं ने इटावा नगर में रैली निकालकर अमेरिका की साम्राज्यवादी नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन किया। माकपा के संयुक्त सचिव मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान सहित अन्य देशों पर किए जा रहे हमलों से विश्व में अशांति और अराजकता का माहौल बन रहा है, जिसका असर अन्य देशों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी साम्राज्यवादी नीतियों के विरोध में माकपा के बैनर तले तहसील सचिव मुकुट बिहारी जंगम, सीटू के तहसील अध्यक्ष गोपाललाल महावर और किसान सभा के तहसील अध्यक्ष सूरजमल मीणा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं, मजदूरों, किसानों और आमजन ने रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। रैली गीता रोड स्थित मजदूर किसान भवन स्थित माकपा कार्यालय से शुरू होकर मुख्य बाजार होते हुए अंबेडकर सर्किल तक पहुंची, जहां सभा आयोजित की गई। सभा को कामरेड बाबूलाल बलवानी, दुलीचंद आर्य, गोपाललाल महावर और कमल बागड़ी ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि अमेरिकी साम्राज्यवाद अंतरराष्ट्रीय कानून की अनदेखी कर कमजोर देशों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, जिससे विश्व में अस्थिरता और मानवता के लिए खतरा पैदा हो रहा है। इन नेताओं ने व्यक्त किए विचार रैली के बाद आयोजित सभा को माकपा जिला कमेटी सदस्य अली मोहम्मद, मलखान सिंह यादव, सीटू महामंत्री मुरारीलाल बैरवा, रामकुंवर महावर, अमोलक चंद, प्रेम पेंटर और भवानी शंकर कुशवाह ने भी ईरान-इजरायल युद्ध को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। शांति व भाईचारे की आवश्यकता पर जोर सभा में वक्ताओं ने विश्व में शांति, भाईचारा और सभी देशों के सम्मान व अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए अमेरिकी नीतियों का विरोध किया। इसके बाद अंबेडकर सर्किल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। माकपा नेताओं ने भारत सरकार से अमेरिका के साथ की गई व्यापारिक समझौतों की समीक्षा करने तथा देश में घरेलू गैस सिलेंडर, डीजल, पेट्रोल और राशन जैसी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुचारू रूप से सुनिश्चित करने की मांग की। जन आक्रोश रैली के लिए 23 को दिल्ली कूच माकपा नेताओं ने 23 मार्च को सरकार के खिलाफ आयोजित जन आक्रोश रैली में बड़ी संख्या में मजदूरों और किसानों के कोटा से दिल्ली कूच करने की जानकारी दी। वहीं तहसील सचिव मुकुट बिहारी जंगम ने 24 मार्च को दिल्ली में आयोजित माकपा की महारैली में क्षेत्र के मजदूरों, किसानों, महिलाओं, छात्रों और युवाओं से शामिल होने का आह्वान किया। प्रदर्शन करने वालों में ये रहे शामिल रैली और प्रदर्शन में हरिओम मीणा, लेखराज मीणा, हेमराज पारेता, गिर्राज प्रसाद, बाबूलाल गोगड़िया, गुलाबचंद, बाबूलाल सेन, भोजराज नागर, रामहरि मीणा, सूरजमल बैरवा, छीतरलाल बैरवा सहित सैकड़ों मजदूर, किसान और माकपा कार्यकर्ता शामिल रहे।4
- Post by Mayur times news1
- सरकारी विद्यालय ~~~ अगर शिक्षक ऐसा हो तो बच्चे क्यों ना टैलेंटेड हो क्यों ना कंप्यूटराइज कैलकुलेटर से भी तेज निकले हमें ऐसे ही शिक्षकों की जरूरत है -------------------------------------राजस्थान के नागौर का सरकारी स्कूल जहाँ बच्चे अबेकस से कैलकुलेशन सीख रहे हैं और झट से जवाब दे रहे हैं📟 शानदार… सच में गर्व की बात है👏 राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय धामनिया (नागौर), राजस्थान#highlight #education #follower Ministry of Education #cheifminister CMO Rajasthan Directorate Secondary Edu #rajasthan #ChiefMinister Bhajanlal Sharma #viral #teachers #trendingpost #post Vijayshankar Jindal #taranagar #highlighteveryone1
- स्थान: बमनपुरा, हिंडौन सिटी (करौली) हिंडौन सिटी। जहाँ एक ओर हम आधुनिक भारत और चमकते स्कूलों की बात करते हैं, वहीं राजस्थान के बमनपुरा से आई एक तस्वीर दिल को झकझोर देने वाली है। यहाँ के 'राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय' में पढ़ने वाले एक मासूम बच्चे की व्यथा सुनकर आज हर आँख नम है। "जब दादा की पेंशन आएगी, तब कपड़े आएंगे" इस बच्चे के सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है। घर की आर्थिक स्थिति ऐसी है कि तन ढकने के लिए नई स्कूल ड्रेस भी एक "लक्जरी" बन गई है। जब स्कूल में अन्य बच्चों को साफ-सुथरी वर्दी में देखा, तो इस मासूम ने अपनी लाचारी एक ही वाक्य में बयां कर दी— "अभी पैसे नहीं हैं, जब दादा जी की पेंशन आएगी, तब नई ड्रेस आएगी।" यह शब्द केवल एक बच्चे की जरूरत नहीं, बल्कि उस संघर्ष की कहानी हैं जो वह हर दिन जी रहा है। दादा की पेंशन ही इस घर का इकलौता सहारा है, और उसी छोटी सी राशि पर मासूम के सुनहरे भविष्य और बुनियादी जरूरतों की उम्मीदें टिकी हैं। गुरु ने निभाया 'पिता' का धर्म बच्चे की इस बेबसी को देखकर विद्यालय के शिक्षकों का दिल पसीज गया। स्कूल के गुरुजी ने मिसाल पेश करते हुए न केवल बच्चे को ढांढस बंधाया, बल्कि अपनी ओर से उसे शर्ट और पैंट (ड्रेस) भेंट की। शिक्षक के इस छोटे से कदम ने बच्चे के चेहरे पर वो मुस्कान लौटा दी, जो गरीबी की परतों के नीचे कहीं दब गई थी। विद्यालय प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे बच्चों को सरकारी योजनाओं के साथ-साथ सामाजिक सहयोग की भी सख्त जरूरत है। मुख्य बिंदु: स्थान: राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय, बमनपुरा (हिंडौन)। स्थिति: माता-पिता का निधन, दादा की पेंशन पर निर्भरता। प्रेरणा: शिक्षक द्वारा स्वयं के खर्च पर ड्रेस उपलब्ध कराना। यह कहानी हमें याद दिलाती है कि हमारे आसपास ऐसे कई 'नन्हे सितारे' हैं जो अभावों के अंधेरे में भी पढ़ने की हिम्मत जुटा रहे हैं। प्रशासन और समाज को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी बच्चे की शिक्षा और उसके सपने सिर्फ "पेंशन के पैसों" के इंतजार में न दम तोड़ें।1
- Post by Mahendar.merotha1