भूतपूर्व सैनिकों एवं सामाजिक संगठनों ने मिलकर UGC roll back एवं जातिगत आरक्षण की जगह आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर जनाक्रोश रैली का आयोजन कर *महामहीम राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन रौन:- 02/09/2026 को सर्व समाज की ओर से तहसील रौन में UGC रोल बैक एवं वर्तमान आरक्षण की जगह आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर एक जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया। आज की रैली को उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रौन से प्रारम्भ कर तहसील कार्यालय रौन पर समाप्त किया गया जिसमें सर्व समाज की ओर से जिस तरीके से जन आक्रोश रैली को हज़ारों की संख्या में समर्थन मिला और मिल रहा है, उसे शासन को जनता की भावनाओं को समझते हुए यूजीसी जैसे काले कानून को बापिस लेने एवं गरीब, मजदूर , शहीद, किसान को आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाना चाहिए। इस जन आक्रोश रैली में हजारों की संख्या में सवर्ण समाज के लोग उपस्थित हुए। इस कार्यक्रम की रूपरेखा एवं कार्य शैली का आयोजन क्षत्रिय समाज सुधार संघ के महासचिव जितेन्द्र सिंह चौहान , सुनील सिंह जागीरदार , शम्भू सिंह, अरुण सिंह भदौरिया उर्फ नैक्से फौजी , बृजपाल सिंह,सोनू सिंह एवं क्षत्रिय समाज सुधारक रौन,लहार, अमायन, मौ एवं ऊमरी की टीम तथा भूतपूर्व सैनिक संघ भिण्ड के ज़िला अध्यक्ष सूबेदार मेजर राकेशसिंह कुशवाह (रिटायर) एवं उनकी समस्त टीम, भूतपूर्व सैनिक संघ ब्लाक रौन की टीम, भूतपूर्व सैनिक संघ तहसील लहार की टीम के साथ इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए रौन क्षेत्र की जनता ने भारी संख्या में सहभागिता दिखाई। इस कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। प्रमुख रूप से ---------------- बालमुकुंद सिंह भदौरिया,रौकी तोमर, अनुराग भदौरिया, गिर्राज सिंह ,सौरभ सिंह,रौकी चौहान , रामाधार सिंह, हेमंत सिंह, देवेन्द्र सिंह, सतेन्द्र सिंह, गोविन्द सिंह। भूतपूर्व सैनिक संघ ------- शिवरतन सिंह तोमर, प्रताप भान सिंह, अजमेर सिंह भदौरिया,विजय बहादुर सिंह अरविंद सिंह, राजकुमार सिंह, अजीतसिंह भदौरिया, अर्जुनसिंह, विनय कुमार सिंह, नारायण सिंह, सत्यनारायण सिंह, राहुल शर्मा, रौकी चौहान, राहुल सिंह, देवेन्द्र सिंह,शिव शंकर सिंह , विजय बहादुर सिंह। सर्व समाज की तरफ से एक ज्ञापन राष्ट्रपति महोदय के नाम से कार्यालय रौन के माध्यम से दिया गया।
भूतपूर्व सैनिकों एवं सामाजिक संगठनों ने मिलकर UGC roll back एवं जातिगत आरक्षण की जगह आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर जनाक्रोश रैली का आयोजन कर *महामहीम राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन रौन:- 02/09/2026 को सर्व समाज की ओर से तहसील रौन में UGC रोल बैक एवं वर्तमान आरक्षण की जगह आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर एक जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया। आज की रैली को उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रौन से प्रारम्भ कर तहसील कार्यालय रौन पर समाप्त किया गया जिसमें सर्व समाज की ओर से जिस तरीके से जन आक्रोश रैली को हज़ारों की संख्या
में समर्थन मिला और मिल रहा है, उसे शासन को जनता की भावनाओं को समझते हुए यूजीसी जैसे काले कानून को बापिस लेने एवं गरीब, मजदूर , शहीद, किसान को आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाना चाहिए। इस जन आक्रोश रैली में हजारों की संख्या में सवर्ण समाज के लोग उपस्थित हुए। इस कार्यक्रम की रूपरेखा एवं कार्य शैली का आयोजन क्षत्रिय समाज सुधार संघ के महासचिव जितेन्द्र सिंह चौहान , सुनील सिंह जागीरदार , शम्भू सिंह, अरुण सिंह भदौरिया उर्फ नैक्से फौजी , बृजपाल सिंह,सोनू सिंह एवं क्षत्रिय समाज सुधारक रौन,लहार, अमायन, मौ एवं ऊमरी की टीम तथा भूतपूर्व सैनिक संघ भिण्ड के
ज़िला अध्यक्ष सूबेदार मेजर राकेशसिंह कुशवाह (रिटायर) एवं उनकी समस्त टीम, भूतपूर्व सैनिक संघ ब्लाक रौन की टीम, भूतपूर्व सैनिक संघ तहसील लहार की टीम के साथ इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए रौन क्षेत्र की जनता ने भारी संख्या में सहभागिता दिखाई। इस कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। प्रमुख रूप से ---------------- बालमुकुंद सिंह भदौरिया,रौकी तोमर, अनुराग भदौरिया, गिर्राज सिंह ,सौरभ सिंह,रौकी चौहान , रामाधार सिंह, हेमंत सिंह, देवेन्द्र सिंह, सतेन्द्र
सिंह, गोविन्द सिंह। भूतपूर्व सैनिक संघ ------- शिवरतन सिंह तोमर, प्रताप भान सिंह, अजमेर सिंह भदौरिया,विजय बहादुर सिंह अरविंद सिंह, राजकुमार सिंह, अजीतसिंह भदौरिया, अर्जुनसिंह, विनय कुमार सिंह, नारायण सिंह, सत्यनारायण सिंह, राहुल शर्मा, रौकी चौहान, राहुल सिंह, देवेन्द्र सिंह,शिव शंकर सिंह , विजय बहादुर सिंह। सर्व समाज की तरफ से एक ज्ञापन राष्ट्रपति महोदय के नाम से कार्यालय रौन के माध्यम से दिया गया।
- भूतपूर्व सैनिकों एवं सामाजिक संगठनों ने मिलकर UGC roll back एवं जातिगत आरक्षण की जगह आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर जनाक्रोश रैली का आयोजन कर *महामहीम राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन रौन:- 02/09/2026 को सर्व समाज की ओर से तहसील रौन में UGC रोल बैक एवं वर्तमान आरक्षण की जगह आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर एक जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया। आज की रैली को उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रौन से प्रारम्भ कर तहसील कार्यालय रौन पर समाप्त किया गया जिसमें सर्व समाज की ओर से जिस तरीके से जन आक्रोश रैली को हज़ारों की संख्या में समर्थन मिला और मिल रहा है, उसे शासन को जनता की भावनाओं को समझते हुए यूजीसी जैसे काले कानून को बापिस लेने एवं गरीब, मजदूर , शहीद, किसान को आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाना चाहिए। इस जन आक्रोश रैली में हजारों की संख्या में सवर्ण समाज के लोग उपस्थित हुए। इस कार्यक्रम की रूपरेखा एवं कार्य शैली का आयोजन क्षत्रिय समाज सुधार संघ के महासचिव जितेन्द्र सिंह चौहान , सुनील सिंह जागीरदार , शम्भू सिंह, अरुण सिंह भदौरिया उर्फ नैक्से फौजी , बृजपाल सिंह,सोनू सिंह एवं क्षत्रिय समाज सुधारक रौन,लहार, अमायन, मौ एवं ऊमरी की टीम तथा भूतपूर्व सैनिक संघ भिण्ड के ज़िला अध्यक्ष सूबेदार मेजर राकेशसिंह कुशवाह (रिटायर) एवं उनकी समस्त टीम, भूतपूर्व सैनिक संघ ब्लाक रौन की टीम, भूतपूर्व सैनिक संघ तहसील लहार की टीम के साथ इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए रौन क्षेत्र की जनता ने भारी संख्या में सहभागिता दिखाई। इस कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। प्रमुख रूप से ---------------- बालमुकुंद सिंह भदौरिया,रौकी तोमर, अनुराग भदौरिया, गिर्राज सिंह ,सौरभ सिंह,रौकी चौहान , रामाधार सिंह, हेमंत सिंह, देवेन्द्र सिंह, सतेन्द्र सिंह, गोविन्द सिंह। भूतपूर्व सैनिक संघ ------- शिवरतन सिंह तोमर, प्रताप भान सिंह, अजमेर सिंह भदौरिया,विजय बहादुर सिंह अरविंद सिंह, राजकुमार सिंह, अजीतसिंह भदौरिया, अर्जुनसिंह, विनय कुमार सिंह, नारायण सिंह, सत्यनारायण सिंह, राहुल शर्मा, रौकी चौहान, राहुल सिंह, देवेन्द्र सिंह,शिव शंकर सिंह , विजय बहादुर सिंह। सर्व समाज की तरफ से एक ज्ञापन राष्ट्रपति महोदय के नाम से कार्यालय रौन के माध्यम से दिया गया।4
- सदर बाजार में मीटरों से, तार चोरी सीसीटीवी में कैद हुई तस्वीर। अंबाह। शहर के हृदय सदर बाजार में कुछ असमाजिक तत्वों के द्वारा घरों के लिए जाने वाली सर्विस केवल और अच्छी क्वालिटी के तारों को चोरी करने का मामला सामने आया है सदर बाजार की गलियों में सीसीटीवी में साफ रूप से दिखाई दे रहा है कि एक व्यक्ति के मीटरों से घरों में गए तारों को निकाल कर, काट कर उनको एक बोरी में भरा जा रहा । जब कोई वहां से गुज़रता है तो वह इधर-उधर होकर घूमने लगता है जबकि हरकत सीसीटीवी के कमरे में कैद हो गई और स्थानीय निवासियों में पुलिस और विभाग से सतत निगरानी के लिए अपील की है1
- राजाखेड़ा नगर पालिका चुनाव: 149 नामांकनों की स्क्रूटनी, 10 आवेदन खारिज राजाखेड़ा। नगर पालिका के 35 वार्डों के लिए मंगलवार को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी प्रक्रिया संपन्न हुई। तीन दिनों की नामांकन प्रक्रिया में कुल 149 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। स्क्रूटनी रिटर्निंग अधिकारी राजाखेड़ा के कार्यालय में राजाखेड़ा एसडीएम सुशीला मीणा की निगरानी में हुई। निर्वाचन विभाग के कर्मचारियों ने प्रत्याशियों के नामांकन फॉर्म और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान 10 आवेदन खारिज कर दिए गए। इनमें वार्ड-1 से कमलेश देवी व भोला देवी, वार्ड-8 से पूनम, वार्ड-13 से कुसुम सिंह, वार्ड-17 से रामवीर, वार्ड-19 से टेकचंद, वार्ड-24 से प्राची रावत व संजय कुमार शर्मा, वार्ड-29 से रुबीना तथा वार्ड-33 से सोमोती शामिल हैं। कुल 149 आवेदनों में भाजपा के 40, कांग्रेस के 37, बसएसपी के 2 और निर्दलीय प्रत्याशियों के 70 नामांकन पत्र शामिल थे। हालांकि कांग्रेस और बीजेपी ने सोमवार को राजाखेड़ा नगर पालिका के सभी 35 वार्डों के लिए अपने-अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी। 3 सितंबर तक नाम वापसी का समय-: नामांकन पत्रों की जांच आज पूरी होने के बाद उम्मीदवार के पास 3 सितंबर दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लेने का समय रहेगा। 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे बाद फाइनल प्रत्याशियों (चुनाव लड़ने वाले व्यक्तियों) की सूची जारी की जाएगी। 4 सितंबर को इन सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा। स्क्रूटनी के बाद अब दो दिनों तक नाम वापसी का समय रहेगा। राजाखेड़ा नगर पालिका चुनाव: 149 नामांकनों की स्क्रूटनी, 10 आवेदन खारिज राजाखेड़ा। नगर पालिका के 35 वार्डों के लिए मंगलवार को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी प्रक्रिया संपन्न हुई। तीन दिनों की नामांकन प्रक्रिया में कुल 149 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। स्क्रूटनी रिटर्निंग अधिकारी राजाखेड़ा के कार्यालय में राजाखेड़ा एसडीएम सुशीला मीणा की निगरानी में हुई। निर्वाचन विभाग के कर्मचारियों ने प्रत्याशियों के नामांकन फॉर्म और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान 10 आवेदन खारिज कर दिए गए। इनमें वार्ड-1 से कमलेश देवी व भोला देवी, वार्ड-8 से पूनम, वार्ड-13 से कुसुम सिंह, वार्ड-17 से रामवीर, वार्ड-19 से टेकचंद, वार्ड-24 से प्राची रावत व संजय कुमार शर्मा, वार्ड-29 से रुबीना तथा वार्ड-33 से सोमोती शामिल हैं। कुल 149 आवेदनों में भाजपा के 40, कांग्रेस के 37, बसएसपी के 2 और निर्दलीय प्रत्याशियों के 70 नामांकन पत्र शामिल थे। हालांकि कांग्रेस और बीजेपी ने सोमवार को राजाखेड़ा नगर पालिका के सभी 35 वार्डों के लिए अपने-अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी। 3 सितंबर तक नाम वापसी का समय-: नामांकन पत्रों की जांच आज पूरी होने के बाद उम्मीदवार के पास 3 सितंबर दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लेने का समय रहेगा। 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे बाद फाइनल प्रत्याशियों (चुनाव लड़ने वाले व्यक्तियों) की सूची जारी की जाएगी। 4 सितंबर को इन सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा। स्क्रूटनी के बाद अब दो दिनों तक नाम वापसी का समय रहेगा।1
- मेहगांव में 6 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम की तैयारी को लेकर कार्यकर्ताओं ने मौ गोहद में किया लोगों से संपर्क रामलीला मैदान मेहगांव में 6 सितंबर को समाजसेवियों द्वारा सम्राट मिहिर भोज जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसको लेकर समाजसेवी कार्यकर्ताओं ने मौ तथा गोहद में लगभग 4:00 बजे लोगों से संपर्क किया।1
- 79 साल बाद भी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहा आरी गांव कीचड़ और जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने जिला अध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार को बताई समस्या, प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम धौलपुर। आजादी के 79 वर्ष बाद भी आरी गांव के ग्रामीण कच्चे और कीचड़युक्त रास्तों तथा जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। गांव में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को हो रही है। जलभराव के चलते कीड़े-मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीणों ने समस्या को लेकर श्री राष्ट्रीय क्षत्रिय युवा एकता भारत के जिला अध्यक्ष सुखवेन्द्र सिंह परमार को अवगत कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को कई बार समस्या से अवगत कराने के साथ ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। मौके पर समस्या की जानकारी लेने के बाद सुखवेन्द्र सिंह परमार ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशान होना पड़ रहा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि निर्धारित अवधि में रास्ते की समस्या और जल निकासी का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने परमार के नेतृत्व में प्रस्तावित आंदोलन में सहयोग करने की सहमति जताई। उन्होंने प्रशासन से तत्काल रास्ते की मरम्मत कराने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं होने पर आगामी चुनाव का बहिष्कार करने तथा जनप्रतिनिधियों के गांव में प्रवेश का विरोध करने का निर्णय लिया जाएगा।1
- is vedio me jo bhi kuchh dikhaya hai vo sach hai isme sant ram pal ji maharaj ji ne greb logo ke liye roti kapada or makan diya hai1
- फतेहाबाद की पहचान बने 80 साल पुराने ‘भगत जी के समोसे’, स्वाद लेने दूर-दूर से आते हैं लोग फतेहाबाद (आगरा)। कस्बा फतेहाबाद में स्वाद और परंपरा की बात हो तो सबसे पहले ‘भगत जी के समोसे’ का नाम लोगों की जुबान पर आता है। करीब 80 से 90 साल पुरानी यह दुकान आज भी अपने पुराने स्वाद और खास अंदाज के लिए मशहूर है। समय के साथ भले ही खान-पान के तौर-तरीके बदले हों, लेकिन भगत जी के समोसे का स्वाद आज भी लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित इस छोटी सी दुकान पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ नजर आने लगती है। यहां मिलने वाले कुरकुरे समोसे और साथ में परोसी जाने वाली मलाईदार रबड़ी का स्वाद लोगों को खासा पसंद आता है। स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज से आने वाले लोग भी यहां समोसे और रबड़ी का स्वाद लेने पहुंचते हैं। तीन पीढ़ियों से बरकरार है स्वाद स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, इस दुकान की शुरुआत लोंदूराम भगत जी ने की थी। इसके बाद तीन पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन समोसे बनाने का पारंपरिक अंदाज और स्वाद आज भी बरकरार है। कस्बे में समय के साथ कई रेस्टोरेंट और फास्ट फूड की दुकानें खुलीं, लेकिन ‘भगत जी के समोसे’ की लोकप्रियता पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। पुराने ग्राहकों का कहना है कि इस दुकान से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हुई हैं। कई लोग ऐसे हैं जो बचपन में अपने माता-पिता के साथ यहां समोसे खाने आते थे और अब अपने बच्चों तथा नाती-पोतों को लेकर पहुंचते हैं। इस तरह दुकान का स्वाद एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंच रहा है। स्वाद के साथ जुड़ी है फतेहाबाद की विरासत स्थानीय लोगों के मुताबिक, ‘भगत जी के समोसे’ सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि फतेहाबाद की पुरानी खान-पान की परंपरा और यादों का हिस्सा हैं। कस्बे में आने वाले कई बाहरी लोग भी यहां के समोसे और रबड़ी का स्वाद लेना पसंद करते हैं। फतेहाबाद की गलियों और बाजारों में अपनी अलग पहचान रखने वाली यह पुरानी दुकान आज भी बदलते दौर के बीच अपनी परंपरा और स्वाद को संजोए हुए है। यही वजह है कि ‘भगत जी के समोसे’ आज फतेहाबाद की पहचान से जुड़ा एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिसका स्वाद लेने के लिए लोग बार-बार यहां पहुंचते हैं। फतेहाबाद की पहचान बने 80 साल पुराने ‘भगत जी के समोसे’, स्वाद लेने दूर-दूर से आते हैं लोग फतेहाबाद (आगरा)। कस्बा फतेहाबाद में स्वाद और परंपरा की बात हो तो सबसे पहले ‘भगत जी के समोसे’ का नाम लोगों की जुबान पर आता है। करीब 80 से 90 साल पुरानी यह दुकान आज भी अपने पुराने स्वाद और खास अंदाज के लिए मशहूर है। समय के साथ भले ही खान-पान के तौर-तरीके बदले हों, लेकिन भगत जी के समोसे का स्वाद आज भी लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित इस छोटी सी दुकान पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ नजर आने लगती है। यहां मिलने वाले कुरकुरे समोसे और साथ में परोसी जाने वाली मलाईदार रबड़ी का स्वाद लोगों को खासा पसंद आता है। स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों और दूर-दराज से आने वाले लोग भी यहां समोसे और रबड़ी का स्वाद लेने पहुंचते हैं। तीन पीढ़ियों से बरकरार है स्वाद स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, इस दुकान की शुरुआत लोंदूराम भगत जी ने की थी। इसके बाद तीन पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन समोसे बनाने का पारंपरिक अंदाज और स्वाद आज भी बरकरार है। कस्बे में समय के साथ कई रेस्टोरेंट और फास्ट फूड की दुकानें खुलीं, लेकिन ‘भगत जी के समोसे’ की लोकप्रियता पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। पुराने ग्राहकों का कहना है कि इस दुकान से उनकी बचपन की यादें जुड़ी हुई हैं। कई लोग ऐसे हैं जो बचपन में अपने माता-पिता के साथ यहां समोसे खाने आते थे और अब अपने बच्चों तथा नाती-पोतों को लेकर पहुंचते हैं। इस तरह दुकान का स्वाद एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंच रहा है। स्वाद के साथ जुड़ी है फतेहाबाद की विरासत स्थानीय लोगों के मुताबिक, ‘भगत जी के समोसे’ सिर्फ एक दुकान नहीं, बल्कि फतेहाबाद की पुरानी खान-पान की परंपरा और यादों का हिस्सा हैं। कस्बे में आने वाले कई बाहरी लोग भी यहां के समोसे और रबड़ी का स्वाद लेना पसंद करते हैं। फतेहाबाद की गलियों और बाजारों में अपनी अलग पहचान रखने वाली यह पुरानी दुकान आज भी बदलते दौर के बीच अपनी परंपरा और स्वाद को संजोए हुए है। यही वजह है कि ‘भगत जी के समोसे’ आज फतेहाबाद की पहचान से जुड़ा एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिसका स्वाद लेने के लिए लोग बार-बार यहां पहुंचते हैं।1
- दूध और दूध से बने पदार्थों की रैपिड किट से स्पॉट चेकिंग, छात्राओं को किया जागरुक खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती रीना बंसल ने तहसील गोहद में बुधवार को लगभग 4 बजे परशुराम कुशवाह की कृष्णा डेयरी से दूध का नमूना व रामजीलाल मिष्ठान भंडार पर दूध मावा पनीर के नमूने रैपिड किट से जांच किए। तथा ताराचंद बांदिल की डेयरी से दूध का नमूना जांच हेतु लिया गया।1