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राजपुर घाटी क्रेशर प्लांट की निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग :- विपिन रोत सीमलवाड़ा। सीमलवाड़ा ब्लॉक के कार्यकर्ताओं ने राजपुर घाटी क्षेत्र में संचालित क्रेशर प्लांट का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं और सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित क्रेशर प्लांट का संचालन नियमों एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। ऐसे में प्रशासन द्वारा मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच करवाना आवश्यक है। कार्यकर्ता विपिन रोत (सीमलवाड़ा) ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही कपची एवं अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ। सड़क निर्माण के दौरान रेती के स्थान पर धूल-मिट्टी जैसी बारीक सामग्री उड़ती हुई दिखाई दे रही है। इससे न केवल निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों को भी धूल प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि सड़क निर्माण में निर्धारित मापदंडों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है तो इसका सीधा असर सड़क की मजबूती और उसकी टिकाऊ क्षमता पर पड़ेगा। घटिया या अनुपयुक्त सामग्री से बनाई गई सड़क लंबे समय तक टिक पाएगी या नहीं, यह गंभीर चिंता का विषय है। सड़क निर्माण पर सरकारी राशि खर्च होने की स्थिति में गुणवत्ता की निगरानी और जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इसके साथ ही क्रेशर प्लांट के संचालन को लेकर भी विभिन्न सवाल उठाए गए हैं। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि प्रशासन संबंधित प्लांट के संचालन की अनुमति, पर्यावरणीय स्वीकृति, प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियम, खनन एवं परिवहन संबंधी दस्तावेज तथा सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच करवाए। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि राजपुर घाटी स्थित क्रेशर प्लांट एवं उससे जुड़े सड़क निर्माण कार्य का संयुक्त एवं निष्पक्ष निरीक्षण करवाया जाए। निर्माण सामग्री के नमूने लेकर अधिकृत प्रयोगशाला से गुणवत्ता की जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, नियमों का उल्लंघन, घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग अथवा पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। क्षेत्रवासियों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। क्रेशर से निकलने वाली धूल एवं अन्य गतिविधियों के कारण आसपास के ग्रामीणों को परेशानी हो रही है तो प्रशासन को इसकी भी गंभीरता से जांच करनी चाहिए और आवश्यक प्रदूषण नियंत्रण उपाय सुनिश्चित करने चाहिए। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि जनहित, गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण, पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण के लिए है। प्रशासन यदि मौके पर निष्पक्ष जांच करवाता है तो पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकती है और यदि आरोप निराधार हैं तो वह भी स्पष्ट हो जाएगा। विपिन रोत ने प्रशासन से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों की टीम गठित कर राजपुर घाटी क्रेशर प्लांट एवं सड़क निर्माण स्थल का निरीक्षण करवाया जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्लांट एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आवश्यक होने पर संचालन पर रोक लगाई जाए। जनहित में सवाल यही है—क्या राजपुर घाटी क्रेशर प्लांट नियमों के अनुसार संचालित हो रहा है और क्या सड़क निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है? प्रशासन की निष्पक्ष जांच से ही इन सवालों का स्पष्ट जवाब सामने आएगा। जनहित • पर्यावरण संरक्षण • गुणवत्तापूर्ण निर्माण विपिन रोत सीमलवाड़ा शैयर करें साथ ही सस्काइबर करना ना भूले 👇

2 hrs ago
user_वागड़ की आवाज
वागड़ की आवाज
Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
2 hrs ago
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राजपुर घाटी क्रेशर प्लांट की निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग :- विपिन रोत सीमलवाड़ा। सीमलवाड़ा ब्लॉक के कार्यकर्ताओं ने राजपुर घाटी क्षेत्र में संचालित क्रेशर प्लांट का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं और सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित क्रेशर प्लांट का संचालन नियमों एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। ऐसे में प्रशासन द्वारा मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच करवाना आवश्यक है। कार्यकर्ता विपिन रोत (सीमलवाड़ा) ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही कपची एवं अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ। सड़क निर्माण के दौरान रेती के स्थान पर धूल-मिट्टी जैसी बारीक सामग्री उड़ती हुई दिखाई दे रही है। इससे न केवल निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों को भी धूल प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि सड़क निर्माण में निर्धारित मापदंडों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है तो इसका सीधा असर सड़क की मजबूती और उसकी टिकाऊ क्षमता पर पड़ेगा। घटिया या अनुपयुक्त सामग्री से बनाई गई सड़क लंबे समय तक टिक पाएगी या नहीं, यह गंभीर चिंता का विषय है। सड़क निर्माण पर सरकारी राशि खर्च होने की स्थिति में गुणवत्ता की निगरानी और जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इसके साथ ही क्रेशर प्लांट के संचालन को लेकर भी विभिन्न सवाल उठाए गए हैं। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि प्रशासन संबंधित प्लांट के संचालन की अनुमति, पर्यावरणीय स्वीकृति, प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियम, खनन एवं परिवहन संबंधी दस्तावेज तथा सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच करवाए। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि राजपुर

घाटी स्थित क्रेशर प्लांट एवं उससे जुड़े सड़क निर्माण कार्य का संयुक्त एवं निष्पक्ष निरीक्षण करवाया जाए। निर्माण सामग्री के नमूने लेकर अधिकृत प्रयोगशाला से गुणवत्ता की जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, नियमों का उल्लंघन, घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग अथवा पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। क्षेत्रवासियों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। क्रेशर से निकलने वाली धूल एवं अन्य गतिविधियों के कारण आसपास के ग्रामीणों को परेशानी हो रही है तो प्रशासन को इसकी भी गंभीरता से जांच करनी चाहिए और आवश्यक प्रदूषण नियंत्रण उपाय सुनिश्चित करने चाहिए। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि जनहित, गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण, पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण के लिए है। प्रशासन यदि मौके पर निष्पक्ष जांच करवाता है तो पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकती है और यदि आरोप निराधार हैं तो वह भी स्पष्ट हो जाएगा। विपिन रोत ने प्रशासन से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों की टीम गठित कर राजपुर घाटी क्रेशर प्लांट एवं सड़क निर्माण स्थल का निरीक्षण करवाया जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्लांट एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आवश्यक होने पर संचालन पर रोक लगाई जाए। जनहित में सवाल यही है—क्या राजपुर घाटी क्रेशर प्लांट नियमों के अनुसार संचालित हो रहा है और क्या सड़क निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है? प्रशासन की निष्पक्ष जांच से ही इन सवालों का स्पष्ट जवाब सामने आएगा। जनहित • पर्यावरण संरक्षण • गुणवत्तापूर्ण निर्माण विपिन रोत सीमलवाड़ा शैयर करें साथ ही सस्काइबर करना ना भूले 👇

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  • राजपुर घाटी क्रेशर प्लांट की जांच की मांग, सड़क निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर उठे सवाल राजपुर घाटी क्षेत्र में संचालित क्रेशर प्लांट एवं सड़क निर्माण कार्य को लेकर बीएपी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। जिला सदस्य विपिन रोत, जेठौला मंडल अध्यक्ष भरत पगी, मंडल अध्यक्ष प्रकाश बरांडा, वीरेंद्र ननोमा, किशोर ननोमा सहित ग्रामीणों ने क्रेशर प्लांट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं और सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। विपिन रोत सहित ने बताया कि मौके पर सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही कपची व अन्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर संदेह सामने आया। निर्माण के दौरान रेती के स्थान पर धूल-मिट्टी जैसी बारीक सामग्री उड़ती दिखाई देने से आसपास के ग्रामीणों को धूल प्रदूषण की परेशानी भी हो रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं हुआ तो सड़क की मजबूती और टिकाऊपन प्रभावित हो सकता है। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से क्रेशर प्लांट के संचालन की अनुमति, पर्यावरणीय स्वीकृति, प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रावधान, खनन एवं परिवहन दस्तावेजों तथा सड़क निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की। साथ ही निर्माण सामग्री के नमूने लेकर अधिकृत प्रयोगशाला से जांच कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर क्रेशर प्लांट और सड़क निर्माण स्थल का निष्पक्ष निरीक्षण करे। जांच में यदि नियमों का उल्लंघन, घटिया निर्माण सामग्री अथवा पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि जनहित, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर है। विपिन रोत, जेठौला मंडल अध्यक्ष भरत पगी, प्रकाश बरांडा, वीरेंद्र ननोमा, किशोर ननोमा सहित ग्रामीणो ने प्रशासन से जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा अनियमितता पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है ।
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    राजपुर घाटी क्रेशर प्लांट की जांच की मांग, सड़क निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर उठे सवाल
राजपुर घाटी क्षेत्र में संचालित क्रेशर प्लांट एवं सड़क निर्माण कार्य को लेकर बीएपी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। जिला सदस्य विपिन रोत, जेठौला मंडल अध्यक्ष भरत पगी, मंडल अध्यक्ष प्रकाश बरांडा, वीरेंद्र ननोमा, किशोर ननोमा सहित ग्रामीणों ने क्रेशर प्लांट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं और सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। विपिन रोत सहित ने बताया कि मौके पर सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही कपची व अन्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर संदेह सामने आया। निर्माण के दौरान रेती के स्थान पर धूल-मिट्टी जैसी बारीक सामग्री उड़ती दिखाई देने से आसपास के ग्रामीणों को धूल प्रदूषण की परेशानी भी हो रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं हुआ तो सड़क की मजबूती और टिकाऊपन प्रभावित हो सकता है।
कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से क्रेशर प्लांट के संचालन की अनुमति, पर्यावरणीय स्वीकृति, प्रदूषण नियंत्रण संबंधी प्रावधान, खनन एवं परिवहन दस्तावेजों तथा सड़क निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की। साथ ही निर्माण सामग्री के नमूने लेकर अधिकृत प्रयोगशाला से जांच कराने की बात कही।
उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर क्रेशर प्लांट और सड़क निर्माण स्थल का निष्पक्ष निरीक्षण करे। जांच में यदि नियमों का उल्लंघन, घटिया निर्माण सामग्री अथवा पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि जनहित, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर है। विपिन रोत, जेठौला मंडल अध्यक्ष भरत पगी, प्रकाश बरांडा, वीरेंद्र ननोमा, किशोर ननोमा सहित ग्रामीणो ने प्रशासन से जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा अनियमितता पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है ।
    user_मुकेश कुमार आर. पंड्या
    मुकेश कुमार आर. पंड्या
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    25 min ago
  • राजपुर घाटी क्रेशर प्लांट की निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग :- विपिन रोत सीमलवाड़ा। सीमलवाड़ा ब्लॉक के कार्यकर्ताओं ने राजपुर घाटी क्षेत्र में संचालित क्रेशर प्लांट का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं और सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित क्रेशर प्लांट का संचालन नियमों एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। ऐसे में प्रशासन द्वारा मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच करवाना आवश्यक है। कार्यकर्ता विपिन रोत (सीमलवाड़ा) ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही कपची एवं अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ। सड़क निर्माण के दौरान रेती के स्थान पर धूल-मिट्टी जैसी बारीक सामग्री उड़ती हुई दिखाई दे रही है। इससे न केवल निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों को भी धूल प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि सड़क निर्माण में निर्धारित मापदंडों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है तो इसका सीधा असर सड़क की मजबूती और उसकी टिकाऊ क्षमता पर पड़ेगा। घटिया या अनुपयुक्त सामग्री से बनाई गई सड़क लंबे समय तक टिक पाएगी या नहीं, यह गंभीर चिंता का विषय है। सड़क निर्माण पर सरकारी राशि खर्च होने की स्थिति में गुणवत्ता की निगरानी और जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इसके साथ ही क्रेशर प्लांट के संचालन को लेकर भी विभिन्न सवाल उठाए गए हैं। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि प्रशासन संबंधित प्लांट के संचालन की अनुमति, पर्यावरणीय स्वीकृति, प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियम, खनन एवं परिवहन संबंधी दस्तावेज तथा सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच करवाए। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि राजपुर घाटी स्थित क्रेशर प्लांट एवं उससे जुड़े सड़क निर्माण कार्य का संयुक्त एवं निष्पक्ष निरीक्षण करवाया जाए। निर्माण सामग्री के नमूने लेकर अधिकृत प्रयोगशाला से गुणवत्ता की जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, नियमों का उल्लंघन, घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग अथवा पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। क्षेत्रवासियों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। क्रेशर से निकलने वाली धूल एवं अन्य गतिविधियों के कारण आसपास के ग्रामीणों को परेशानी हो रही है तो प्रशासन को इसकी भी गंभीरता से जांच करनी चाहिए और आवश्यक प्रदूषण नियंत्रण उपाय सुनिश्चित करने चाहिए। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि जनहित, गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण, पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण के लिए है। प्रशासन यदि मौके पर निष्पक्ष जांच करवाता है तो पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकती है और यदि आरोप निराधार हैं तो वह भी स्पष्ट हो जाएगा। विपिन रोत ने प्रशासन से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों की टीम गठित कर राजपुर घाटी क्रेशर प्लांट एवं सड़क निर्माण स्थल का निरीक्षण करवाया जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्लांट एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आवश्यक होने पर संचालन पर रोक लगाई जाए। जनहित में सवाल यही है—क्या राजपुर घाटी क्रेशर प्लांट नियमों के अनुसार संचालित हो रहा है और क्या सड़क निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है? प्रशासन की निष्पक्ष जांच से ही इन सवालों का स्पष्ट जवाब सामने आएगा। जनहित • पर्यावरण संरक्षण • गुणवत्तापूर्ण निर्माण विपिन रोत सीमलवाड़ा शैयर करें साथ ही सस्काइबर करना ना भूले 👇
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    राजपुर घाटी क्रेशर प्लांट की निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग :- विपिन रोत 

सीमलवाड़ा। सीमलवाड़ा ब्लॉक के कार्यकर्ताओं ने राजपुर घाटी क्षेत्र में संचालित क्रेशर प्लांट का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं और सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संबंधित क्रेशर प्लांट का संचालन नियमों एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। ऐसे में प्रशासन द्वारा मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच करवाना आवश्यक है।

कार्यकर्ता विपिन रोत (सीमलवाड़ा) ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही कपची एवं अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ। सड़क निर्माण के दौरान रेती के स्थान पर धूल-मिट्टी जैसी बारीक सामग्री उड़ती हुई दिखाई दे रही है। इससे न केवल निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों को भी धूल प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि सड़क निर्माण में निर्धारित मापदंडों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है तो इसका सीधा असर सड़क की मजबूती और उसकी टिकाऊ क्षमता पर पड़ेगा। घटिया या अनुपयुक्त सामग्री से बनाई गई सड़क लंबे समय तक टिक पाएगी या नहीं, यह गंभीर चिंता का विषय है। सड़क निर्माण पर सरकारी राशि खर्च होने की स्थिति में गुणवत्ता की निगरानी और जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

इसके साथ ही क्रेशर प्लांट के संचालन को लेकर भी विभिन्न सवाल उठाए गए हैं। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि प्रशासन संबंधित प्लांट के संचालन की अनुमति, पर्यावरणीय स्वीकृति, प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियम, खनन एवं परिवहन संबंधी दस्तावेज तथा सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच करवाए।

कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि राजपुर घाटी स्थित क्रेशर प्लांट एवं उससे जुड़े सड़क निर्माण कार्य का संयुक्त एवं निष्पक्ष निरीक्षण करवाया जाए। निर्माण सामग्री के नमूने लेकर अधिकृत प्रयोगशाला से गुणवत्ता की जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, नियमों का उल्लंघन, घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग अथवा पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। क्रेशर से निकलने वाली धूल एवं अन्य गतिविधियों के कारण आसपास के ग्रामीणों को परेशानी हो रही है तो प्रशासन को इसकी भी गंभीरता से जांच करनी चाहिए और आवश्यक प्रदूषण नियंत्रण उपाय सुनिश्चित करने चाहिए।

कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि जनहित, गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण, पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण के लिए है। प्रशासन यदि मौके पर निष्पक्ष जांच करवाता है तो पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकती है और यदि आरोप निराधार हैं तो वह भी स्पष्ट हो जाएगा।

विपिन रोत ने प्रशासन से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों की टीम गठित कर राजपुर घाटी क्रेशर प्लांट एवं सड़क निर्माण स्थल का निरीक्षण करवाया जाए तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्लांट एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आवश्यक होने पर संचालन पर रोक लगाई जाए।

जनहित में सवाल यही है—क्या राजपुर घाटी क्रेशर प्लांट नियमों के अनुसार संचालित हो रहा है और क्या सड़क निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है? प्रशासन की निष्पक्ष जांच से ही इन सवालों का स्पष्ट जवाब सामने आएगा।

जनहित • पर्यावरण संरक्षण • गुणवत्तापूर्ण निर्माण

विपिन रोत
सीमलवाड़ा
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    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • सीसीटीवी से खुला चांदी चोरी का राज, दो शातिर चोर गिरफ्तार ज्वेलरी दुकान से 1.50 किलो चांदी और पांच हजार रुपए चोरी का खुलासा, आरोपी गोविंद के खिलाफ पहले से 13 मामले दर्ज डूंगरपुर(गुणवंत कलाल)। पुलिस थाना चितरी क्षेत्र की ज्वेलरी दुकान से करीब 1.50 किलो चांदी के जेवरात और पांच हजार रुपए नकद चोरी के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पहले ज्वेलरी दुकानों की रैकी करते और ग्राहक बनकर छोटे-मोटे सामान खरीदते थे। दुकान और व्यापारी की गतिविधियों की जानकारी जुटाने के बाद मौका मिलते ही जेवरात व नकदी पर हाथ साफ कर फरार हो जाते थे। गिरफ्तार आरोपियों में गोविंद पिता नारायण हाडा मीणा उम्र 34 वर्ष निवासी मोरडी निचली, थाना घाटोल, जिला बांसवाड़ा तथा अशोक पिता लाबु डामोर मीणा उम्र 19 वर्ष निवासी मोरडी निचली, थाना घाटोल, जिला बांसवाड़ा शामिल हैं। आरोपी गोविंद के खिलाफ पूर्व में भी चोरी व संपत्ति संबंधी अपराधों के 13 प्रकरण दर्ज होना सामने आया है। ऐसे दिया वारदात को अंजाम पुलिस के अनुसार चितरी निवासी तुलसीलाल सोनी ने 23 अगस्त को रिपोर्ट दी थी कि 22 अगस्त को सुबह करीब नौ बजे ज्वेलरी व्यापारी दीपेश जैन सफाई के लिए चांदी के पांच हाकरी और एक हासली दुकान पर देकर गए थे। इनका वजन करीब 1.50 किलो था। जेवरात को थैली में रखकर दुकान के कपाट में रख दिया गया। करीब 10.50 बजे एक व्यक्ति कान की लवंग खरीदने आया। व्यापारी ने उसे सामान दिया। इसके बाद व्यापारी कुछ समय के लिए दुकान से बाहर चले गए। करीब साढ़े 12 बजे वापस लौटे तो चांदी के जेवरात वाली थैली और करीब पांच हजार रुपए से भरा पर्स गायब मिला। सीसीटीवी फुटेज से संदिग्ध तक पहुंची पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रकरण संख्या 81/2026 धारा 305(ए) बीएनएस में दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। आरोपियों के आने-जाने वाले संभावित मार्गों के कैमरों की फुटेज का भी बारीकी से अध्ययन किया गया। तकनीकी अनुसंधान और पुराने संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल आरोपियों की जानकारी जुटाने के बाद गोविंद मीणा पर संदेह गहराया। पुलिस ने उसे डिटेन कर पूछताछ की तो उसने साथी अशोक डामोर के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। पहले रैकी, फिर चोरी पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले ज्वेलरी दुकानों की रैकी करते थे। ग्राहक बनकर छोटे-मोटे सामान खरीदते और इसी दौरान दुकान में रखे जेवरात तथा व्यापारी की गतिविधियों पर नजर रखते थे। मौका मिलने पर व्यापारी की नजर बचाकर जेवरात व नकदी चोरी कर लेते थे। आरोपी गोविंद के खिलाफ 13 मामले पुलिस के अनुसार आरोपी गोविंद के खिलाफ चोरी, नकबजनी और लूट सहित संपत्ति संबंधी अपराधों के 13 प्रकरण पहले से दर्ज हैं। इनमें बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिले के विभिन्न थानों के मामले शामिल हैं। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में जिले की अन्य चोरी की वारदातों का खुलासा होने की संभावना जताई गई है। पुलिस टीम ने ऐसे किया खुलासा पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह तथा सागवाड़ा वृत्ताधिकारी हेरंब जोशी के निकट पर्यवेक्षण में चितरी थानाधिकारी रमेश मीणा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक लालसिंह, सहायक उपनिरीक्षक दिग्विजयसिंह थाना ओबरी, सहायक उपनिरीक्षक हरीश चन्द्र, सहायक उपनिरीक्षक रमण लाल, सहायक उपनिरीक्षक मान शंकर, सहायक उपनिरीक्षक गोविंदलाल, अरविन्द कुमार , विरेन्द्र सिंह , गजेन्द्र सिंह , लोकेन्द्रसिंह , कांस्टेबल विरेन्द्र सिंह , कांस्टेबल भावेश , कांस्टेबल हरेन्द्र सिंह , कांस्टेबल पुष्पराज सिंह , कांस्टेबल धवल, कांस्टेबल कृष्णार्जुन सिंह तथा साइबर सेल डूंगरपुर के कांस्टेबल राहुल और हंसराज शामिल रहे। विरेन्द्र सिंह और हरेन्द्र सिंह का सराहनीय कार्य चोरी की वारदात का खुलासा करने में कांस्टेबल विरेन्द्रसिंह और कांस्टेबल हरेन्द्रसिंह थाना चितरी की विशेष भूमिका रही। दोनों कांस्टेबलों ने लगातार सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया तथा घटनास्थल से जुड़े विभिन्न मार्गों और स्थानों पर लगे कैमरों की फुटेज का सूक्ष्म अध्ययन किया। तकनीकी पुलिस के सहयोग से संदिग्ध आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश तक पहुंचने में दोनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए बताया कि मामले में अनुसंधान जारी है और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य वारदातों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है।
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    सीसीटीवी से खुला चांदी चोरी का राज, दो शातिर चोर गिरफ्तार
ज्वेलरी दुकान से 1.50 किलो चांदी और पांच हजार रुपए चोरी का खुलासा, आरोपी गोविंद के खिलाफ पहले से 13 मामले दर्ज
डूंगरपुर(गुणवंत कलाल)। पुलिस थाना चितरी क्षेत्र की ज्वेलरी दुकान से करीब 1.50 किलो चांदी के जेवरात और पांच हजार रुपए नकद चोरी के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पहले ज्वेलरी दुकानों की रैकी करते और ग्राहक बनकर छोटे-मोटे सामान खरीदते थे। दुकान और व्यापारी की गतिविधियों की जानकारी जुटाने के बाद मौका मिलते ही जेवरात व नकदी पर हाथ साफ कर फरार हो जाते थे। गिरफ्तार आरोपियों में गोविंद पिता नारायण हाडा मीणा उम्र 34 वर्ष निवासी मोरडी निचली, थाना घाटोल, जिला बांसवाड़ा तथा अशोक पिता लाबु डामोर मीणा उम्र 19 वर्ष निवासी मोरडी निचली, थाना घाटोल, जिला बांसवाड़ा शामिल हैं। आरोपी गोविंद के खिलाफ पूर्व में भी चोरी व संपत्ति संबंधी अपराधों के 13 प्रकरण दर्ज होना सामने आया है।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार चितरी निवासी तुलसीलाल सोनी ने 23 अगस्त को रिपोर्ट दी थी कि 22 अगस्त को सुबह करीब नौ बजे ज्वेलरी व्यापारी दीपेश जैन सफाई के लिए चांदी के पांच हाकरी और एक हासली दुकान पर देकर गए थे। इनका वजन करीब 1.50 किलो था। जेवरात को थैली में रखकर दुकान के कपाट में रख दिया गया। करीब 10.50 बजे एक व्यक्ति कान की लवंग खरीदने आया। व्यापारी ने उसे सामान दिया। इसके बाद व्यापारी कुछ समय के लिए दुकान से बाहर चले गए। करीब साढ़े 12 बजे वापस लौटे तो चांदी के जेवरात वाली थैली और करीब पांच हजार रुपए से भरा पर्स गायब मिला।
सीसीटीवी फुटेज से संदिग्ध तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रकरण संख्या 81/2026 धारा 305(ए) बीएनएस में दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। आरोपियों के आने-जाने वाले संभावित मार्गों के कैमरों की फुटेज का भी बारीकी से अध्ययन किया गया। तकनीकी अनुसंधान और पुराने संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल आरोपियों की जानकारी जुटाने के बाद गोविंद मीणा पर संदेह गहराया। पुलिस ने उसे डिटेन कर पूछताछ की तो उसने साथी अशोक डामोर के साथ मिलकर चोरी करना स्वीकार किया। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया।
पहले रैकी, फिर चोरी
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले ज्वेलरी दुकानों की रैकी करते थे। ग्राहक बनकर छोटे-मोटे सामान खरीदते और इसी दौरान दुकान में रखे जेवरात तथा व्यापारी की गतिविधियों पर नजर रखते थे। मौका मिलने पर व्यापारी की नजर बचाकर जेवरात व नकदी चोरी कर लेते थे।
आरोपी गोविंद के खिलाफ 13 मामले
पुलिस के अनुसार आरोपी गोविंद के खिलाफ चोरी, नकबजनी और लूट सहित संपत्ति संबंधी अपराधों के 13 प्रकरण पहले से दर्ज हैं। इनमें बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिले के विभिन्न थानों के मामले शामिल हैं। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में जिले की अन्य चोरी की वारदातों का खुलासा होने की संभावना जताई गई है।
पुलिस टीम ने ऐसे किया खुलासा
पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह तथा सागवाड़ा वृत्ताधिकारी हेरंब जोशी के निकट पर्यवेक्षण में चितरी थानाधिकारी रमेश मीणा के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
कार्रवाई करने वाली टीम में उपनिरीक्षक लालसिंह, सहायक उपनिरीक्षक दिग्विजयसिंह थाना ओबरी, सहायक उपनिरीक्षक हरीश चन्द्र, सहायक उपनिरीक्षक रमण लाल, सहायक उपनिरीक्षक मान शंकर, सहायक उपनिरीक्षक गोविंदलाल, अरविन्द कुमार ,  विरेन्द्र सिंह ,  गजेन्द्र सिंह ,  लोकेन्द्रसिंह , कांस्टेबल विरेन्द्र सिंह , कांस्टेबल भावेश , कांस्टेबल हरेन्द्र सिंह , कांस्टेबल पुष्पराज सिंह , कांस्टेबल धवल, कांस्टेबल कृष्णार्जुन सिंह  तथा साइबर सेल डूंगरपुर के कांस्टेबल राहुल और हंसराज शामिल रहे।
विरेन्द्र सिंह और हरेन्द्र सिंह का सराहनीय कार्य
चोरी की वारदात का खुलासा करने में कांस्टेबल विरेन्द्रसिंह  और कांस्टेबल हरेन्द्रसिंह  थाना चितरी की विशेष भूमिका रही। दोनों कांस्टेबलों ने लगातार सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया तथा घटनास्थल से जुड़े विभिन्न मार्गों और स्थानों पर लगे कैमरों की फुटेज का सूक्ष्म अध्ययन किया। तकनीकी पुलिस के सहयोग से संदिग्ध आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश तक पहुंचने में दोनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए बताया कि मामले में अनुसंधान जारी है और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य वारदातों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है।
    user_Gunwant kalal
    Gunwant kalal
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • समाजसेवी दिनेश अहारी ने आज एक भक्ति जन जागरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। हवन और सत्संग कार्यक्रम में समाजसेवी अहारी ने भजन करते हुए भक्ति भजन का आनंद लिया और भक्तों और सज्जनों को आनंद करवाया।। उन्होंने इस अवसर पर तमाम भक्तों के समक्ष बारिश की कामना करते हुए भक्त जनों को समाज में भक्ति जन जागरण अधिक से अधिक हो जिससे समाज में एक पॉजिटिव ऊर्जा का संसार होगा। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में संत सुरमाल महाराज गोवनघर महाराज, मावजी महाराज जैसे महान महा गुरुओं ने इस समाज को जगाने के लिए यही हथियार अपनाया था जिसका नाम था भक्ति जन जागरण और उसी से समाज में जन जागरण आया है जिससे आज आदिवासी समाज का व्यक्ति पढ़ लिखकर के हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है यह देन उन गुरुओं की भक्ति की ही देन है, उन्होंने समाज के युवाओं को एवं समाज के सभी भाइयों को बहनों को माताओ को गुरुओ के दिए उपदेशों पर चलते हुए अपने जीवन का निर्वहन करने हेतु प्रेरित किया 🙏🙏 समाजसेवी दिनेश अहारी ने आज एक भक्ति जन जागरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। हवन और सत्संग कार्यक्रम में समाजसेवी अहारी ने भजन करते हुए भक्ति भजन का आनंद लिया और भक्तों और सज्जनों को आनंद करवाया।। उन्होंने इस अवसर पर तमाम भक्तों के समक्ष बारिश की कामना करते हुए भक्त जनों को समाज में भक्ति जन जागरण अधिक से अधिक हो जिससे समाज में एक पॉजिटिव ऊर्जा का संसार होगा। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में संत सुरमाल महाराज गोवनघर महाराज, मावजी महाराज जैसे महान महा गुरुओं ने इस समाज को जगाने के लिए यही हथियार अपनाया था जिसका नाम था भक्ति जन जागरण और उसी से समाज में जन जागरण आया है जिससे आज आदिवासी समाज का व्यक्ति पढ़ लिखकर के हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है यह देन उन गुरुओं की भक्ति की ही देन है, उन्होंने समाज के युवाओं को एवं समाज के सभी भाइयों को बहनों को माताओ को गुरुओ के दिए उपदेशों पर चलते हुए अपने जीवन का निर्वहन करने हेतु प्रेरित किया 🙏🙏
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    समाजसेवी दिनेश अहारी ने आज एक भक्ति जन जागरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। हवन और सत्संग कार्यक्रम में समाजसेवी अहारी ने भजन करते हुए भक्ति भजन का आनंद लिया और भक्तों और सज्जनों को आनंद करवाया।। उन्होंने इस अवसर पर तमाम भक्तों के समक्ष बारिश की कामना करते हुए भक्त जनों को समाज में भक्ति जन जागरण अधिक से अधिक हो जिससे समाज में एक पॉजिटिव ऊर्जा का संसार होगा। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में संत सुरमाल महाराज गोवनघर महाराज, मावजी महाराज जैसे महान महा गुरुओं ने इस समाज को जगाने के लिए यही हथियार अपनाया था जिसका नाम था भक्ति जन जागरण और उसी से समाज में जन जागरण आया है जिससे आज आदिवासी समाज का व्यक्ति पढ़ लिखकर के हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है यह देन उन गुरुओं की भक्ति की ही देन है, उन्होंने समाज के युवाओं को एवं समाज के सभी भाइयों को बहनों को माताओ को गुरुओ के दिए उपदेशों पर चलते हुए अपने जीवन का निर्वहन करने हेतु प्रेरित किया  🙏🙏
समाजसेवी दिनेश अहारी ने आज एक भक्ति जन जागरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। हवन और सत्संग कार्यक्रम में समाजसेवी अहारी ने भजन करते हुए भक्ति भजन का आनंद लिया और भक्तों और सज्जनों को आनंद करवाया।। उन्होंने इस अवसर पर तमाम भक्तों के समक्ष बारिश की कामना करते हुए भक्त जनों को समाज में भक्ति जन जागरण अधिक से अधिक हो जिससे समाज में एक पॉजिटिव ऊर्जा का संसार होगा। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में संत सुरमाल महाराज गोवनघर महाराज, मावजी महाराज जैसे महान महा गुरुओं ने इस समाज को जगाने के लिए यही हथियार अपनाया था जिसका नाम था भक्ति जन जागरण और उसी से समाज में जन जागरण आया है जिससे आज आदिवासी समाज का व्यक्ति पढ़ लिखकर के हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है यह देन उन गुरुओं की भक्ति की ही देन है, उन्होंने समाज के युवाओं को एवं समाज के सभी भाइयों को बहनों को माताओ को गुरुओ के दिए उपदेशों पर चलते हुए अपने जीवन का निर्वहन करने हेतु प्रेरित किया  🙏🙏
    user_समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी
    समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी
    Teacher सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • सीमलवाड़ा कस्बे में सजा राखियों, मिठाईयो का बाजार, रक्षाबंधन को लेकर खासा उत्साह सीमलवाड़ा। भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन नजदीक आते ही सिमलवाड़ा कस्बे के बाजार में रौनक बढ़ गई है। आमजन के साथ व्यापारियों में भी रक्षाबंधन को लेकर खासा उत्साह नजर आ रहा है। कस्बे के बाजार में जगह-जगह रंग-बिरंगी राखियों के स्टॉल सजाए गए हैं। साथ ही मिठाइयों की विभिन्न वैरायटी भी दुकानों पर उपलब्ध है। व्यापारियों ने बताया कि बाजार में 5 रुपए से लेकर 150 रुपए तक की विभिन्न प्रकार की राखियां उपलब्ध हैं। इनमें स्टोन, मोती, रेशम, पन्नी राखी, जुड़ा राखी और कपल राखी सहित कई आकर्षक वैरायटी शामिल हैं। व्यापारियों के अनुसार, हर बार की तरह इस बार भी रक्षाबंधन को लेकर बाजार में विशेष रौनक दिखाई दे रही है। बहनें अपने भाइयों के लिए पसंदीदा राखियां खरीद रही हैं, वहीं मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है।
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    सीमलवाड़ा कस्बे में सजा राखियों, मिठाईयो का बाजार, रक्षाबंधन को लेकर खासा उत्साह
सीमलवाड़ा। भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन नजदीक आते ही सिमलवाड़ा कस्बे के बाजार में रौनक बढ़ गई है। आमजन के साथ व्यापारियों में भी रक्षाबंधन को लेकर खासा उत्साह नजर आ रहा है। कस्बे के बाजार में जगह-जगह रंग-बिरंगी राखियों के स्टॉल सजाए गए हैं। साथ ही मिठाइयों की विभिन्न वैरायटी भी दुकानों पर उपलब्ध है।
व्यापारियों ने बताया कि बाजार में 5 रुपए से लेकर 150 रुपए तक की विभिन्न प्रकार की राखियां उपलब्ध हैं। इनमें स्टोन, मोती, रेशम, पन्नी राखी, जुड़ा राखी और कपल राखी सहित कई आकर्षक वैरायटी शामिल हैं।
व्यापारियों के अनुसार, हर बार की तरह इस बार भी रक्षाबंधन को लेकर बाजार में विशेष रौनक दिखाई दे रही है। बहनें अपने भाइयों के लिए पसंदीदा राखियां खरीद रही हैं, वहीं मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है।
    user_संजय भोई
    संजय भोई
    सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • चितरी थाना पुलिस ने ज्वेलरी शॉप मे चोरी का किया खुलासा, दो आरोपीयो को किया गिरफ्तार 1.50 किलो चांदी चोरी मामले में कार्रवाई, आरोपियों से पुलिस कर रही हे गहन पूछताछ ब्रेकिंग न्यूज चितरी थाना पुलिस ने ज्वेलरी शॉप मे चोरी का किया खुलासा, दो आरोपीयो को किया गिरफ्तार 1.50 किलो चांदी चोरी मामले में कार्रवाई, आरोपियों से पूछताछ जारी हर खबर वागड़ न्यूज़ ब्यूरो रिपोर्ट राकेश कलाल कुआं हर खबर वागड़ न्यूज कुआं । डूंगरपुर जिले के चितरी थाना क्षेत्र में ज्वेलरी शॉप से हुई चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, चोरी हुई करीब 1.50 किलो चांदी के मामले में दोनों आरोपियों की तलाश के बाद कार्रवाई की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले ज्वेलरी दुकान पर खरीदारी करने पहुंचे थे। इसके बाद वे दोबारा दुकान पर आए और मौके का फायदा उठाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना के दौरान दुकान संचालक अन्य ग्राहकों में व्यस्त था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। जांच के बाद गोविंद और अशोक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से एक के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। चितरी थाना पुलिस द्वारा मामले में आगे की पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से अन्य वारदातों और चोरी के शेष माल की बरामदगी को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। हर खबर वागड़ न्यूज चैनल को फॉलो करे लाइक करे इस खबर को लेकर आपका क्या कहना हे कमेंट्स जरूर करे
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    चितरी थाना पुलिस ने ज्वेलरी शॉप मे चोरी का किया खुलासा, दो आरोपीयो को किया गिरफ्तार

1.50 किलो चांदी चोरी मामले में कार्रवाई, आरोपियों से पुलिस कर रही हे गहन  पूछताछ 

ब्रेकिंग न्यूज 
चितरी थाना पुलिस ने ज्वेलरी शॉप मे चोरी का किया खुलासा, दो आरोपीयो को किया गिरफ्तार
1.50 किलो चांदी चोरी मामले में कार्रवाई, आरोपियों से पूछताछ जारी
हर खबर वागड़ न्यूज़ 
ब्यूरो रिपोर्ट राकेश कलाल कुआं 
हर खबर वागड़ न्यूज कुआं ।
डूंगरपुर जिले के चितरी थाना क्षेत्र में ज्वेलरी शॉप से हुई चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, चोरी हुई करीब 1.50 किलो चांदी के मामले में दोनों आरोपियों की तलाश के बाद कार्रवाई की गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले ज्वेलरी दुकान पर खरीदारी करने पहुंचे थे। इसके बाद वे दोबारा दुकान पर आए और मौके का फायदा उठाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना के दौरान दुकान संचालक अन्य ग्राहकों में व्यस्त था।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। जांच के बाद गोविंद और अशोक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से एक के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
चितरी थाना पुलिस द्वारा मामले में आगे की पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से अन्य वारदातों और चोरी के शेष माल की बरामदगी को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।
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    user_राकेश कलाल रिपोर्टर
    राकेश कलाल रिपोर्टर
    Local News Reporter चिखली, डूंगरपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले के करौली गांव में राखी से सजी दुकाने ग्राहकों ने जताई खुशी। डूंगरपुर जिले के करौली गांव में राखी से सजी दुकाने नई नई- वैरायटी की रखिए गाव मे मिलने से ग्राहकों ने जताई खुशी।
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    डूंगरपुर जिले के करौली गांव में राखी से सजी दुकाने ग्राहकों ने जताई खुशी।
डूंगरपुर जिले के करौली गांव में राखी से सजी दुकाने नई नई- वैरायटी की रखिए गाव मे मिलने से ग्राहकों ने जताई खुशी।
    user_पत्रकार प्रकाश बारोट
    पत्रकार प्रकाश बारोट
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले के धम्बोला थाना क्षेत्र के चुंडवाड़ा गांव में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की है। पीड़ित के घर से सोने-चांदी के आभूषण, करीब 500 ग्राम चांदी, ₹50 हजार नकद और मोबाइल चोरी हुआ था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से एक के खिलाफ राजस्थान के विभिन्न जिलों में करीब 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस की कार्रवाई के बाद चोरी की वारदात का पर्दाफाश हुआ है। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर चोरी के माल की बरामदगी में जुटी है। शैयर करें साथ ही सब्सक्राइबर करना ना भूलें 👇
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    डूंगरपुर जिले के धम्बोला थाना क्षेत्र के चुंडवाड़ा गांव में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की है।

पीड़ित के घर से सोने-चांदी के आभूषण, करीब 500 ग्राम चांदी, ₹50 हजार नकद और मोबाइल चोरी हुआ था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में से एक के खिलाफ राजस्थान के विभिन्न जिलों में करीब 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पुलिस की कार्रवाई के बाद चोरी की वारदात का पर्दाफाश हुआ है। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर चोरी के माल की बरामदगी में जुटी है।



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    वागड़ की आवाज
    Local News Reporter सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, राजस्थान•
    19 hrs ago
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