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सागर जिले के गौरझामर में एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बरमान से लौट रहा एक पिकअप वाहन अचानक केसली ओवर ब्रिज पर पलट गया। यह घटना इतनी गंभीर थी कि हादसे में दो व्यक्तियों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
Jurneslist Amit Sahu भूमिका भास्कर
सागर जिले के गौरझामर में एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बरमान से लौट रहा एक पिकअप वाहन अचानक केसली ओवर ब्रिज पर पलट गया। यह घटना इतनी गंभीर थी कि हादसे में दो व्यक्तियों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
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- मध्य प्रदेश के गौरझामर में हुए एक दुखद सड़क हादसे के लिए स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है। यह आरोप लगाया गया है कि यदि मालवाहक वाहन पर समय रहते चालानी कार्रवाई की जाती, तो कई परिवारों को बर्बादी और इतने लोगों के घर उजड़ने से बचाया जा सकता था। बताया गया है कि दुर्घटनाग्रस्त मालवाहक वाहन छह पुलिस थानों से होकर गुजरा और 100 किलोमीटर की यात्रा पूरी करके वापस भी आ गया, लेकिन इसके बावजूद उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस स्थिति पर गंभीर सवाल उठाया गया है कि प्रशासन आखिर क्या कर रहा था और इन मौतों का वास्तविक जिम्मेदार कौन है। इस हृदय विदारक घटना से हुई बर्बादी और मौतों पर गहरा दुख व्यक्त किया गया है, और कहा गया है कि यह सुनकर 'आत्मा झुलस गई' है। पोस्ट में यह पुरजोर मांग की गई है कि मेलों में ट्रॉली और पिकअप जैसे वाहनों पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही, यह चेतावनी भी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत चालानी कार्रवाई हो और उनके वाहनों को जब्त कर लिया जाए।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में ट्रैफिक पुलिस द्वारा की जा रही चेकिंग के दौरान एक युवक की दबंगई का मामला सामने आया है। इस घटना से संबंधित एक वीडियो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- सागर जिले के गढ़ाकोटा नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ई-20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के उपयोग को लेकर वाहन चालकों में गहरा असंतोष फैल गया है। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि इस पेट्रोल को भरवाने के बाद उनकी दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों में तकनीकी समस्याएं काफी बढ़ गई हैं। वाहन चालकों के अनुसार, कई गाड़ियां बीच रास्ते में ही बंद हो जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय वाहन मालिकों का कहना है कि पेट्रोल डलवाने के कुछ ही समय बाद गाड़ियों की पिकअप कम हो जाती है, इंजन झटके देने लगता है, और कई बार वाहन अचानक बंद हो जाते हैं। इस कारण लोगों को गाड़ियों की मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है और वे अपनी गाड़ियां लेकर मैकेनिकों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। नागरिकों ने बताया कि पहले उनकी गाड़ियां सामान्य रूप से चल रही थीं, लेकिन ई-20 मिश्रित पेट्रोल की उपलब्धता बढ़ने के बाद से लगातार तकनीकी शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका मानना है कि पुराने मॉडल के कई वाहन ई-20 ईंधन के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं, जो इन समस्याओं की जड़ हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसान, विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हैं। वाहन रास्ते में बंद होने से उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है और वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ती है। स्थानीय मैकेनिकों का भी कहना है कि यदि कोई वाहन ई-20 ईंधन के अनुरूप डिजाइन नहीं किया गया है, तो यह फ्यूल सिस्टम, फिल्टर और इंजन के कुछ हिस्सों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, वाहन खराब होने के पीछे का वास्तविक कारण केवल एक तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। नागरिकों ने जिला प्रशासन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और पेट्रोलियम कंपनियों से तत्काल पेट्रोल की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में पेट्रोल की निष्पक्ष जांच, पेट्रोल पंपों पर नियमित सैंपलिंग की व्यवस्था, उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण, जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करना और ई-20 पेट्रोल के उपयोग संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना शामिल है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान समय रहते नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में वाहन चालक प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल, वाहन चालकों की इन शिकायतों को लेकर नगर में चर्चाएं जारी हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह स्पष्ट हो पाएगा कि वाहन खराब होने की घटनाओं का कारण ई-20 पेट्रोल है या कोई अन्य तकनीकी वजह, यह जांच के बाद ही सामने आएगा।1
- नरसिंहपुर से मिली एक रिपोर्ट के अनुसार, स्काई इंडिया टीवी चैनल द्वारा कवर की गई एक अत्यंत कठिन और प्रेरणादायक नर्मदा परिक्रमा इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। नर्मदा माई की बगिया, अमरकंटक से दशहरे (विजयदशमी) के पावन अवसर पर शुरू हुई यह अनूठी परिक्रमा अगले 10 से 12 वर्षों तक निरंतर जारी रहेगी। इस यात्रा के दौरान धर्मपुरी बाबा अपनी भक्ति और दृढ़ता की मिसाल पेश कर रहे हैं, जो अपने दोनों हाथों के सहारे पैदल चलते हुए इसे पूर्ण कर रहे हैं। वे अब गोटेगांव पहुँचे हैं। धर्मपुरी बाबा का संकल्प अत्यंत कठोर है, जिसमें वे पूरे दिन उपवास रखते हैं और केवल शाम के समय ही प्रसाद ग्रहण करते हैं। यह यात्रा नर्मदा नदी के किनारे-किनारे पैदल चलकर की जा रही है, जहाँ भक्त विभिन्न धार्मिक स्थलों और आश्रमों में रुककर माँ नर्मदा की महिमा का गुणगान करते हैं। हिंदू धर्म में नर्मदा परिक्रमा को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसे मोक्ष का मार्ग माना गया है। धर्मपुरी बाबा की यह यात्रा शारीरिक व मानसिक दृढ़ता का एक अद्वितीय संगम है, जो माँ नर्मदा के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा को दर्शाता है। बाबा का यह समर्पण श्रद्धालुओं के लिए गहरी प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।1
- नरसिंहपुर में ट्रैफिक पुलिस के साथ अभद्रता करने और अनुसूचित जाति-जनजाति समाज के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी किए जाने के एक मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना के विरोध में, भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने मोर्चा खोलते हुए पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा है।1
- नरसिंहपुर जिले में ट्रैफिक पुलिस के साथ अभद्रता करने और अनुसूचित जाति-जनजाति समाज के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस पूरे प्रकरण में सूरज पटैल नामक व्यक्ति आरोपी है। इस मामले को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने पुलिस अधीक्षक को एक लिखित आवेदन सौंपा है, जिसमें आरोपी सूरज पटैल के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही करने की मांग की गई है।1
- सागर जिले के रविंद्र भवन में 16 से 18 जून 2026 तक एक खंड स्तरीय जन कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान कलेक्टर श्रीमति प्रतिभा पाल जी ने सभी नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह प्रदान की। यह शिविर आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और उनका लाभ उठाने का अवसर देता है। साथ ही, नागरिक अपनी किसी भी समस्या से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका समाधान भी प्राप्त कर सकते हैं। इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा नरयावली विधायक प्रदीप लारिया जी भी उपस्थित रहे।1
- कोकरोच जनता पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन पर हमला करने वाले लोग एक गैर रजिस्टर्ड संगठन से संबंधित थे। दीपके ने दृढ़तापूर्वक कहा कि शांतपूर्ण प्रदर्शन के दौरान की गई हिंसा और हाथापाई से उनके हौसले नहीं तोड़े जा सकते। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे युवा, विद्यार्थी और बेरोजगारों की आवाज को लगातार बुलंद करते रहेंगे।1