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गोपालगंज जिले के थावे में मुहर्रम का पर्व सभी समुदाय के लोगों ने मिलकर मनाया। इस दौरान मुहर्रम के जुलूस में थोड़ी झड़प हो गई थी, लेकिन लोगों के बीच-बचाव के बाद मामला जल्द ही शांत हो गया और स्थिति सामान्य हो गई।
गोपालगंज की जनता
गोपालगंज जिले के थावे में मुहर्रम का पर्व सभी समुदाय के लोगों ने मिलकर मनाया। इस दौरान मुहर्रम के जुलूस में थोड़ी झड़प हो गई थी, लेकिन लोगों के बीच-बचाव के बाद मामला जल्द ही शांत हो गया और स्थिति सामान्य हो गई।
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- गोपालगंज जिले के थावे में मुहर्रम का पर्व सभी समुदाय के लोगों ने मिलकर मनाया। इस दौरान मुहर्रम के जुलूस में थोड़ी झड़प हो गई थी, लेकिन लोगों के बीच-बचाव के बाद मामला जल्द ही शांत हो गया और स्थिति सामान्य हो गई।1
- शुक्रवार को गोपालगंज शहर में मोहर्रम का जुलूस निकाला गया, जिसमें युवाओं और बुजुर्गों ने अपने-अपने करतबों का प्रदर्शन किया। इस पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन की टीम पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद रही। सदर एसडीओ अनिल कुमार और एसडीपीओ चंदन कुमार स्वयं पुलिस बल की टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे, वहीं शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर भी मजिस्ट्रेट के साथ पुलिसकर्मी तैनात दिखे।1
- भारत तिवारी ने एक ऐसे गांव का मुद्दा उठाया है, जहाँ आजादी मिलने के इतने वर्षों बाद भी अब तक सड़क नहीं बन पाई है।1
- एक नए वीडियो में स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी विस्तार से प्रस्तुत की जाएगी। यह वीडियो इस बात पर प्रकाश डालेगा कि स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी वास्तव में क्या होती है, साथ ही इसकी सटीक माप कितनी होती है। इसका लक्ष्य दर्शकों को इस विषय पर पूरी समझ प्रदान करना है।1
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- पश्चिमी चंपारण जिले के नौतन प्रखंड अंतर्गत दक्षिणी तिलवा पंचायत के बरियारपुर डाला में श्रीराम सपरिवार पंचमुखी हनुमत अचल प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर 501 कुंवारी कन्याओं ने एक विशाल कलश यात्रा निकाली, जिसमें श्रद्धा और भक्ति का जनसैलाब उमड़ पड़ा। माथे पर कलश धारण किए ये कन्याएं बरियारपुर डाला से चलकर चंद्रावत नदी स्थित मंदिर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने पूजा-अर्चना की। इसके बाद, सभी कन्याओं ने गंडक नदी से पवित्र जल भरा और फिर यज्ञ स्थल पर वापस लौटीं। कलश यात्रा के पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। यह संपूर्ण अनुष्ठान यज्ञाचार्य आचार्य अजय शास्त्री और गुड्डू मिश्रा के नेतृत्व में संपन्न हुआ है। नौ दिनों तक चलने वाला यह महायज्ञ आगामी 4 जुलाई को पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा।1
- अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर भारत-नेपाल सीमा पर नशे के खिलाफ एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। 44वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल नरकटियागंज और नेपाल की सशस्त्र पुलिस बल (APF) ने मिलकर सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया। इस दौरान, ग्रामीणों को नशा मुक्त समाज बनाने की शपथ दिलाई गई और युवाओं से नशे से दूर रहने का आग्रह किया गया। यह विशेष जागरूकता कार्यक्रम 44वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल नरकटियागंज के कार्यवाहक कमांडेंट श्री गोविन्द कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में वाहिनी मुख्यालय और सभी सीमा चौकियों पर आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों, विशेषकर युवाओं को नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के खतरों से अवगत कराना था। भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा का अक्सर नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए दुरुपयोग किया जाता है। इस चुनौती से निपटने के लिए दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां लगातार सहयोग कर रही हैं। इसी क्रम में, SSB और APF नेपाल ने संयुक्त रूप से यह अभियान चलाकर लोगों को नशे के खिलाफ एकजुट होने का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, युवा, महिलाएं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे। सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने बताया कि नशा न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को नष्ट करता है, बल्कि पारिवारिक खुशियों को छीन लेता है और समाज में अपराध व सामाजिक विघटन को बढ़ावा देता है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि नशीली दवाओं का बढ़ता चलन युवाओं के भविष्य के लिए एक गंभीर खतरा बन रहा है, क्योंकि नशे में लिप्त व्यक्ति अपने परिवार, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जिम्मेदारियों से दूर हो जाता है। इस दौरान, उपस्थित ग्रामीणों और युवाओं को नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। लोगों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशा नहीं करेंगे और अपने परिवार तथा समाज को भी नशामुक्त बनाने में सहयोग करेंगे। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि नशा एक सामाजिक बुराई है जिसका प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है, जिससे घरेलू हिंसा, आर्थिक संकट, अपराध और मानसिक तनाव जैसी अनेक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने जोर दिया कि इसका समाधान केवल कानून के माध्यम से नहीं, बल्कि जन जागरूकता और सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। कार्यक्रम में 44वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के उप कमांडेंट श्री ज्ञानेन्द्र कुमार, सहायक कमांडेंट श्री रामवीर कुमार और सहायक कमांडेंट श्री तरुण कुमार सहित कई अधिकारी व जवान मौजूद थे, जबकि APF नेपाल के अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों और बलकर्मियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। भारत और नेपाल के सुरक्षा बलों द्वारा चलाया गया यह संयुक्त जागरूकता अभियान सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे के खिलाफ एक जन आंदोलन का रूप लेने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सुरक्षा बलों ने लोगों से अपील की कि यदि उन्हें कहीं भी नशीले पदार्थों की तस्करी या बिक्री की सूचना मिलती है, तो वे तुरंत संबंधित एजेंसियों को सूचित करें ताकि समाज को इस खतरे से बचाया जा सके। इस संयुक्त अभियान ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सुरक्षा बलों की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है, और जागरूकता, सहयोग व सामूहिक प्रयास से ही एक नशामुक्त और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।1
- गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र स्थित बनौरा गांव में एक महिला का शव फांसी के फंदे से लटकता हुआ बरामद किया गया है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। मृतका की पहचान सुभाष राय की पत्नी अंजू देवी के रूप में हुई है। इस मामले में मृतका के मायके वालों ने ससुरालवालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अंजू देवी की पहले मारपीट कर हत्या की गई और उसके बाद शव को फांसी के फंदे से लटका दिया गया।1