बांसवाड़ा शहर के शास्त्री नगर की होनहार बेटी धनश्री चौबीसा ने अपनी प्रतिभा से जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है। भावेश चौबीसा की पुत्री धनश्री, लोकप्रिय टेलीविजन शो 'डांस का दंगल सीजन 3' के क्वार्टर फाइनल राउंड में पहुँची हैं, जिसका प्रसारण भी हो चुका है। उनकी शानदार नृत्य प्रस्तुति को दर्शकों और निर्णायकों से भरपूर सराहना मिली है। धनश्री की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से उनके परिवार, मित्रों और पूरे बांसवाड़ा जिले में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे जिले की युवा प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणादायक सफलता बताया है। यह उपलब्धि धनश्री की कड़ी मेहनत, लगन और उत्कृष्ट नृत्य कौशल का परिणाम है, जिसके बल पर वह लगातार प्रतियोगिता में आगे बढ़ रही हैं। धनश्री के आगामी एपिसोड हर शनिवार रात 12 बजे andtv.in पर प्रसारित किए जाएंगे। जिलेवासियों से अपील की गई है कि वे अपनी बेटी का उत्साहवर्धन करें और उसके प्रदर्शन का आनंद लें।
बांसवाड़ा शहर के शास्त्री नगर की होनहार बेटी धनश्री चौबीसा ने अपनी प्रतिभा से जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है। भावेश चौबीसा की पुत्री धनश्री, लोकप्रिय टेलीविजन शो 'डांस का दंगल सीजन 3' के क्वार्टर फाइनल राउंड में पहुँची हैं, जिसका प्रसारण भी हो चुका है। उनकी शानदार नृत्य प्रस्तुति को दर्शकों और निर्णायकों से भरपूर सराहना मिली है। धनश्री की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से उनके परिवार, मित्रों और पूरे बांसवाड़ा जिले में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे जिले की युवा प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणादायक सफलता बताया है। यह उपलब्धि धनश्री की कड़ी मेहनत, लगन और उत्कृष्ट नृत्य कौशल का परिणाम है, जिसके बल पर वह लगातार प्रतियोगिता में आगे बढ़ रही हैं। धनश्री के आगामी एपिसोड हर शनिवार रात 12 बजे andtv.in पर प्रसारित किए जाएंगे। जिलेवासियों से अपील की गई है कि वे अपनी बेटी का उत्साहवर्धन करें और उसके प्रदर्शन का आनंद लें।
- मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के एक गांव के निवासियों ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के प्रति गहरा असंतोष व्यक्त किया है, आरोप लगाया है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद उनके पिछड़े गांव में कोई विकास कार्य नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि न तो सरकार, न ही प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, पंचायत सदस्य या वार्ड पंच उनकी समस्याओं पर ध्यान दे रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में लगातार धोखे होते जा रहे हैं। गांव में सड़क निर्माण, पुलिया (मोरनी) निर्माण और घाटी के कार्यों जैसे महत्वपूर्ण परियोजनाएँ रुकी हुई हैं, जिसके कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से, बारिश के मौसम में गांव का पूरा रास्ता आवागमन के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। इस गंभीर उपेक्षा से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब एक कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि यदि उनके मुद्दों का समाधान नहीं होता है, तो उनके गांव को सभी सरकारी सूचियों से हटा दिया जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे आदिवासी हैं और उन्हें आदिवासियों की तरह ही रहने दिया जाए, तथा वे भविष्य में न तो विधानसभा, न लोकसभा, न पंचायत और न ही जनपद का कोई चुनाव लड़ना चाहते हैं, और न ही इस गांव में किसी को वोट देंगे।1
- पवित्र पुरुषोत्तम मास के अवसर पर, कुशलगढ़ में पहली बार आयोजित होने जा रही 10 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ की तैयारियों के संबंध में शनिवार रात 8 बजे नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई। इस बैठक में आयोजन की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता से चर्चा की गई। बैठक में पालिका उपाध्यक्ष नितेश बैरागी सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें पंडित हेमेंद्र पांडया, एडवोकेट हरेंद्र पाठक, कमलेश सांगवी, कमलेश कावड़िया, मुकेश अग्रवाल, ओमप्रकाश सोनी, विपिन भट्ट, अजय निगम, अमित चौहान, कमलेश टेलर, अशोक पांडया, अशोक जोशी, दीपक प्रजापत और कैलाश कास्कार शामिल थे। इसके अतिरिक्त, महिला मंडल की ओर से जोशना बेन पड़िया, मधुजी राव, अंबिका पाठक, ममता शर्मा और प्रीति ठाकुर ने भी इस धार्मिक आयोजन में सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया। इस बैठक में जानकारी दी गई कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 1 जून से 10 जून 2026 तक प्रतिदिन सायं 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक नीलकंठ महादेव मंदिर, सरदार पटेल रोड, कुशलगढ़ में होगा। कथा का वाचन प्रसिद्ध कथावाचक पंडित डॉक्टर महेंद्र त्रिवेदी करेंगे और यह पूरा आयोजन राधे-राधे बाबा की प्रेरणा से संपन्न होगा। बैठक का समापन सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ, जिसके बाद आयोजन समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया।2
- मूकनायक की पड़ताल में कबीर पंथ पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह पड़ताल कबीर के इस कथन पर केंद्रित है कि 'सब समान हैं', जिसके बावजूद पंथ के भीतर गुरु और शिष्य के बीच भेद क्यों किया जाता है। संपादक रामलाल यादव के साथ मूकनायक की यह पड़ताल 30.05.2026 को जारी रहेगी।1
- Post by Bapulal Ahari1
- पानि कि समचा नरेश खाटं को वलि भला1
- डूंगरपुर शहर की टाइगर हिल कॉलोनी में शुक्रवार तड़के अज्ञात बदमाशों ने एक घर में घुसकर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। बदमाशों ने घर में सो रही महिला की गर्दन पर चाकू रखकर नकदी और जेवरात के बारे में पूछताछ की और करीब 10 हजार रुपये नकद, दो जोड़ी चांदी की पायल और एक मोबाइल लेकर फरार हो गए। पीड़िता जया जैन, जो टाइगर हिल कॉलोनी निवासी अनिल जैन की पत्नी हैं, ने कोतवाली थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि सुबह करीब 4 बजे जब वह अपने घर में सो रही थीं, तभी अज्ञात बदमाश घुस आए। बदमाशों ने पहले दूसरे कमरे की अलमारी खंगाली और वहां रखी खाद्य सामग्री भी खाई। इसके बाद वे उस कमरे में पहुंचे जहां महिला सो रही थी। महिला के अनुसार, बदमाशों ने उसे जगाकर उसकी गर्दन पर चाकू रख दिया और घर में रखे रुपये व जेवरात के बारे में पूछताछ करने लगे। डर के कारण महिला ने मंदिर के पास पैसे रखे होने की जानकारी दी। इसी दौरान महिला ने सूझबूझ दिखाते हुए मंदिर की ओर जाते समय जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया और पड़ोसियों को आवाज लगाई। पड़ोसियों के जागने और हलचल बढ़ने की आहट मिलते ही बदमाश मौके से भाग निकले, लेकिन भागने से पहले वे घर से बताए गए सामान ले गए। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने पुलिस से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।1
- यह पोस्ट पावागढ़ स्थित मां काली के एक विशाल मंदिर का जिक्र करती है और पाठकों से पूछती है कि क्या वे कभी इस पवित्र स्थान पर घूमने गए हैं। पोस्ट में बताया गया है कि मंदिर के भीतर सब कुछ देखने लायक है। अंत में, मां पावागढ़ कालीमां को श्रद्धापूर्वक याद किया गया है।1
- रतनाली गांव में गरीब इंसानों की मदद करने का आग्रह किया गया है। स्थानीय निवासियों ने गांव में सामने आ रही घटनाओं पर तत्काल ध्यान देने और उनके स्थायी समाधान खोजने की भी मांग की है।1