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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आह्वान पर राजधानी में आगामी रविवार, 14 जून को एक व्यापक यमुना घाट सफाई अभियान आयोजित किया जाएगा। इस पहल में 500 से अधिक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) और हजारों स्वयंसेवक एकजुट होकर 'स्वच्छ यमुना, स्वच्छ दिल्ली' के साझा संकल्प को साकार करने के लिए काम करेंगे। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी यमुना घाट पर पहुँचें, कुछ घंटे सेवा के लिए दें और इस जनभागीदारी अभियान का हिस्सा बनकर एक सकारात्मक बदलाव के साक्षी बनें। इस अभियान का लक्ष्य मिलकर यमुना को स्वच्छ और निर्मल बनाना है।
पब्लिक मीडिया न्यूज़ चैनल
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आह्वान पर राजधानी में आगामी रविवार, 14 जून को एक व्यापक यमुना घाट सफाई अभियान आयोजित किया जाएगा। इस पहल में 500 से अधिक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) और हजारों स्वयंसेवक एकजुट होकर 'स्वच्छ यमुना, स्वच्छ दिल्ली' के साझा संकल्प को साकार करने के लिए काम करेंगे। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी यमुना घाट पर पहुँचें, कुछ घंटे सेवा के लिए दें और इस जनभागीदारी अभियान का हिस्सा बनकर एक सकारात्मक बदलाव के साक्षी बनें। इस अभियान का लक्ष्य मिलकर यमुना को स्वच्छ और निर्मल बनाना है।
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- राजधानी दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर तेज हवाओं और बारिश के बीच एयर इंडिया के तीन विमान क्षतिग्रस्त हो गए। खराब मौसम के कारण हुई इस घटना से विमानों को नुकसान पहुंचा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री या क्रू सदस्य के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। घटना के बाद, संबंधित एजेंसियां स्थिति की समीक्षा कर रही हैं और सुरक्षा मानकों के तहत आवश्यक कदम उठा रही हैं, जिससे समय रहते एक बड़ा हादसा टल गया और सभी सुरक्षित रहे।1
- राजपथ न्यूज़ ने भारत की छह बड़ी ख़बरों की जानकारी दी है, जिनमें मेघवाल का सचिन-गहलोत विवाद पर एक तंज भी शामिल है। मेघवाल ने कथित तौर पर कहा कि उन्होंने ही सचिन को मंत्री बनवाया था, लेकिन सचिन ने इसके लिए कभी उनका धन्यवाद नहीं किया। इसके अतिरिक्त, जिन अन्य बड़ी ख़बरों का ज़िक्र किया गया वे थीं ममता और केजरीवाल की मुलाकात, कुत्ते को लेकर हुए झगड़े में तोड़फोड़ की घटना, शाह का अयप्पा स्वामी का आशीर्वाद लेना, और रहमान का पंजाब बॉर्डर पर वंदे मातरम प्रदर्शन।1
- गुजरात के अंकलेश्वर जीआईडीसी स्थित सर्वाइवल टेक्नोलॉजी लिमिटेड कंपनी में भीषण आग लगने की खबर सामने आई है।1
- गाजोल स्टैंड के मैदान में एक मेले का आयोजन किया गया है, जो VDP का एक हिस्सा बताया गया है। इस मेले में एक नागरदोला भी लगा हुआ है। पोस्ट में दोस्तों से पूछा गया है कि यह कैसा लगा है और उनसे इस पर अपनी टिप्पणी साझा करने का आग्रह किया गया है।1
- लोकसभा चुनाव 2024 के बाद से विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक एक बार फिर सक्रिय हो गया है और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इसकी अहम बैठक हो रही है। इस बैठक में गठबंधन में शामिल 23 पार्टियों के नेता हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ मौजूद हैं। इस बैठक में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय यानी थलपति विजय की अगुवाई वाली टीवीके के प्रतिनिधियों के शामिल होने की अटकलें थीं। ऐसा माना जा रहा था कि इंडिया ब्लॉक से डीएमके के बाहर होने के बाद टीवीके इस बैठक के माध्यम से आधिकारिक तौर पर गठबंधन में प्रवेश कर सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस संबंध में कांग्रेस ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि इस बैठक के लिए केवल उन्हीं दलों को न्योता दिया गया है, जिनका संसद में प्रतिनिधित्व है। थलपति विजय की टीवीके संसद में प्रतिनिधित्व के इस मापदंड पर खरी नहीं उतरती, इसलिए उन्हें इंडिया ब्लॉक की मीटिंग में आमंत्रित नहीं किया गया। बैठक में शिवसेना (यूबीटी) की ओर से पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े हैं। वहीं, महाराष्ट्र से ही इंडिया ब्लॉक के एक अन्य घटक दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) से सुप्रिया सुले मौजूद हैं। मीटिंग में तृणमूल कांग्रेस से पार्टी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी के साथ-साथ राज्यसभा में पार्टी के नेता डेरेक ओ'ब्रायन भी शामिल हैं। सपा से अखिलेश यादव, CPM से जॉन ब्रिटास, CPI से डी राजा, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग से पीके कुंजलिकुट्टी, केरल कांग्रेस से जोस के मणि, आरएसपी से एनके प्रेमचंद्रन, वीसीके से टी थिरुमावलन, एमडीएमके की ओर से वाइको और आरजेडी से तेजस्वी यादव भी इस बैठक में मौजूद हैं।1
- बिहार सरकार में मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के काफिले पर हमला किया गया।1
- बिस्किट और टॉफी बनाने वाली Parle कंपनी का नाम हर कोई जानता है, लेकिन हाल ही में 'पारले' नाम का फायदा Parle Industries को मिल रहा है, जिसका बिस्किट-टॉफी से कोई वास्ता नहीं। बीते 15 दिनों से लगभग हर रोज इस स्टॉक में अपर सर्किट लग रहा है, जिससे इसमें पैसे लगाने वाले निवेशक जमकर कमाई कर रहे हैं। इस तूफानी तेजी का सीधा कनेक्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा है। दरअसल, Parle Industries के शेयर में यह तेजी 20 मई से शुरू हुई, जब सोशल मीडिया पर इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें पारले की मेलोडी टॉफी का पैकेट उपहार में देते नजर आए। इस तेजी से वायरल हुए वीडियो के बाद 'मेलोडी' सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा, जिसके चलते भारतीय शेयर बाजार में 'पारले' नाम से लिस्टेड Parle Industries के शेयर खरीदने की होड़ मच गई। निवेशकों ने यह भी ध्यान नहीं दिया कि Melody टॉफी बनाने वाली कंपनी Parle Products शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है और इसका Parle Industries से कोई संबंध नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी भेंट किए जाने के बाद से ही इस शेयर में अपर सर्किट लगने का सिलसिला शुरू हो गया, जो एक-दो दिनों को छोड़कर अब तक जारी है। 19 मई को इस शेयर का मूल्य सिर्फ 5 रुपये था, लेकिन सोमवार 8 मई को यह 5 फीसदी के अपर सर्किट के साथ 9.35 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। बीते 15 कारोबारी दिनों में Parle Industries का शेयर रॉकेट की तरह भागा है, जिसमें 87% का जोरदार उछाल दर्ज किया गया है। इसके चलते शेयर का भाव 4.35 रुपये बढ़ा है, और मार्च महीने के अंत से अब तक यह निवेशकों का पैसा दोगुना कर चुका है, कुल 116 फीसदी का रिटर्न दे चुका है।1
- भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने समोसे-कचौरी या अन्य खाने-पीने की चीजें बेचने वाले दुकानदारों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की है। FSSAI ने साफ कर दिया है कि अगर कोई दुकानदार खाने-पीने की चीजों को अखबार में लपेटकर बेचते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी ने सोशल मीडिया साइट 'एक्स' पर एक पोस्ट में चेतावनी दी कि अखबारों की छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही में सीसा और अन्य भारी धातुएं तथा हानिकारक रसायन होते हैं। FSSAI के आदेश में कहा गया है कि खाने-पीने की चीजों में अखबार का उपयोग तुरंत बंद करना होगा, क्योंकि गर्म और रसीला खाना इन रसायनों को अपने साथ सोख लेता है, जिससे ये मानव शरीर में पहुंचकर स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। FSSAI ने अपने पैकेजिंग नियम 2018 का हवाला देते हुए बताया कि भोजन के भंडारण, रैपिंग या परोसने के लिए अखबारों या इसी तरह की अप्रमाणित सामग्री का उपयोग करना सख्त वर्जित है। इस चेतावनी के बाद भी अगर कोई दुकानदार अखबारों का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 6 महीने तक की जेल या फिर ₹5 लाख तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। FSSAI ने ग्राहकों से भी सतर्क रहने की अपील की है।2
- मणिपुर के उखरुल जिले में रविवार सुबह शोक्वाओ और न्यू हेवन इलाकों में सैकड़ों तंग्खुल नगा महिलाओं ने असम राइफल्स के जवानों और उनके वाहनों के आगे दीवार बनकर रास्ता रोक लिया। हाथों में मशालें और लाठियां लिए ये महिलाएं जवानों को आगे बढ़ने से लगातार रोक रही थीं और 'हमारी जमीन, हमारा अधिकार' के नारे लगा रही थीं। सैन्य अधिकारियों की चेतावनियों के बावजूद वे अपने स्थान पर डटी रहीं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जवानों ने पुलिस और मजिस्ट्रेट की गैरमौजूदगी में कई राउंड हवाई फायर किए और लाठीचार्ज भी किया, जिसमें प्रदर्शनकारी महिलाओं से धक्का-मुक्की की गई। हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में जवानों ने दावा किया है कि विरोध कर रही महिलाओं ने उन पर पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश की। इस झड़प में एक प्रदर्शनकारी के पैर में गोली लगने की बात कही गई है, वहीं 22 महिलाएं घायल हुई हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आंदोलन के हिंसक होने की वजह सूत्रों के हवाले से सामने आई है। बताया गया कि शनिवार देर रात ही शोक्वाओ गांव की महिलाओं ने न्यू हेवन की ओर बढ़ रहे काफिले को रोक लिया था, जिससे पूरी रात तनाव बना रहा। रविवार सुबह एक समूह ने शोक्वाओ में नाकाबंदी की, जबकि दूसरे समूह ने न्यू हेवन में सुरक्षा बल का एक बंकर ध्वस्त कर दिया। आरोप है कि असम राइफल्स ने शोक्वाओ की विलेज अथॉरिटी की सहमति के बिना न्यू हेवन में अस्थायी बंकर बनाया था, जो मणिपुर (हिल एरियाज विलेज अथॉरिटीज) एक्ट, 1956 और आर्टिकल 371 सी के तहत गांव के कस्टमरी लॉ का उल्लंघन है। इस घटनाक्रम के बाद से शोक्वाओ-न्यू हेवन में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने चेतावनी दी है कि असम राइफल्स को तुरंत वापस बुलाया जाए, अन्यथा किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी असम राइफल्स की होगी। इस बीच, सीआरपीएफ डीजी जीपी सिंह ने मणिपुर में तैनात जवानों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे नागरिक इलाकों में सक्रिय सशस्त्र मिलिटेंट्स के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करें। जल्द ही दो कोबरा बटालियन भी यहां आने वाली हैं।1