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जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने चंदवाजी और शाहपुरा क्षेत्रों में स्थित निम्स यूनिवर्सिटी के आस-पास बड़े पैमाने पर अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की है। जेडीए के ज़ोन-13 कमिश्नर और मुख्य नियंत्रण अधिकारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने सरकारी नाले, बहाव क्षेत्र और कृषि भूमि पर अवैध रूप से बनी व्यावसायिक कॉलोनियों और इमारतों को पूरी तरह ढहा दिया। सूत्रों के अनुसार, जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर निम्स यूनिवर्सिटी के समीपवर्ती क्षेत्र में भू-माफियाओं और रसूखदारों द्वारा नियमों की अनदेखी कर लगातार निर्माण करने की शिकायतें मिल रही थीं। जेडीए की टीम ने सर्वेक्षण के बाद पाया कि कृषि भूमि पर बिना लैंड यूज बदले ही व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं, और बरसाती पानी के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र (नाले) को रोककर पक्के अवैध निर्माण खड़े कर दिए गए थे। टीम ने मौके पर मल्टीपल जेसीबी और पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल कर अवैध ढांचों, पक्की बाउंड्री वॉल और सड़कों को तोड़कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई को "2 करोड़ की अवैध बिल्डिंग पर चला बुलडोज़र" के रूप में प्रसारित किया जा रहा है, लेकिन जांच में यह सामने आया है कि यह दावा दो अलग-अलग घटनाओं को मिला रहा है। निम्स के पास अतिक्रमण विरोधी अभियान, जिसमें बहाव क्षेत्र और शाहपुरा में अवैध कॉलोनियों को ढहाया गया, वह सच है। पूर्व में भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूनिवर्सिटी के चार अवैध बहुमंजिला हॉस्टल्स को ध्वस्त कर ₹20 लाख का जुर्माना वसूला जा चुका है। वहीं, '2 करोड़ की प्रॉपर्टी' को ढहाने की कार्रवाई हाल ही में जयपुर के मुहाना मोड़ (डिग्गी रोड) इलाके में एक हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ की गई थी, न कि चंदवाजी/निम्स क्षेत्र में। कार्रवाई के दौरान किसी भी संभावित विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए चंदवाजी और शाहपुरा थाने के भारी पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया था। जेडीए प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी संपत्तियों और ग्रीन बेल्ट (बहाव क्षेत्रों) पर अवैध कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी दिनों में इस हाईवे पर चल रहे अन्य अवैध प्रोजेक्ट्स को भी सील या ध्वस्त करने की योजना तैयार कर ली गई है।

9 hrs ago
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Breaking Live News
Shahpura, Jaipur•
9 hrs ago

जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने चंदवाजी और शाहपुरा क्षेत्रों में स्थित निम्स यूनिवर्सिटी के आस-पास बड़े पैमाने पर अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की है। जेडीए के ज़ोन-13 कमिश्नर और मुख्य नियंत्रण अधिकारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने सरकारी नाले, बहाव क्षेत्र और कृषि भूमि पर अवैध रूप से बनी व्यावसायिक कॉलोनियों और इमारतों को पूरी तरह ढहा दिया। सूत्रों के अनुसार, जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर निम्स यूनिवर्सिटी के समीपवर्ती क्षेत्र में भू-माफियाओं और रसूखदारों द्वारा नियमों की अनदेखी कर लगातार निर्माण करने की शिकायतें मिल रही थीं। जेडीए की टीम ने सर्वेक्षण के बाद पाया कि कृषि भूमि पर बिना लैंड यूज बदले ही व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं, और बरसाती पानी के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र (नाले) को रोककर पक्के अवैध निर्माण खड़े कर दिए गए थे। टीम ने मौके पर मल्टीपल जेसीबी और पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल कर अवैध ढांचों, पक्की बाउंड्री वॉल और सड़कों को तोड़कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई को "2 करोड़ की अवैध बिल्डिंग पर चला बुलडोज़र" के रूप में प्रसारित किया जा रहा है, लेकिन जांच में यह सामने आया है कि यह दावा दो अलग-अलग घटनाओं को मिला रहा है। निम्स के पास अतिक्रमण विरोधी अभियान, जिसमें बहाव क्षेत्र और शाहपुरा में अवैध कॉलोनियों को ढहाया गया, वह सच है। पूर्व में भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूनिवर्सिटी के चार अवैध बहुमंजिला हॉस्टल्स को ध्वस्त कर ₹20 लाख का जुर्माना वसूला जा चुका है। वहीं, '2 करोड़ की प्रॉपर्टी' को ढहाने की कार्रवाई हाल ही में जयपुर के मुहाना मोड़ (डिग्गी रोड) इलाके में एक हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ की गई थी, न कि चंदवाजी/निम्स क्षेत्र में। कार्रवाई के दौरान किसी भी संभावित विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए चंदवाजी और शाहपुरा थाने के भारी पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया था। जेडीए प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी संपत्तियों और ग्रीन बेल्ट (बहाव क्षेत्रों) पर अवैध कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी दिनों में इस हाईवे पर चल रहे अन्य अवैध प्रोजेक्ट्स को भी सील या ध्वस्त करने की योजना तैयार कर ली गई है।

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  • जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने चंदवाजी और शाहपुरा क्षेत्रों में स्थित निम्स यूनिवर्सिटी के आस-पास बड़े पैमाने पर अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की है। जेडीए के ज़ोन-13 कमिश्नर और मुख्य नियंत्रण अधिकारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने सरकारी नाले, बहाव क्षेत्र और कृषि भूमि पर अवैध रूप से बनी व्यावसायिक कॉलोनियों और इमारतों को पूरी तरह ढहा दिया। सूत्रों के अनुसार, जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर निम्स यूनिवर्सिटी के समीपवर्ती क्षेत्र में भू-माफियाओं और रसूखदारों द्वारा नियमों की अनदेखी कर लगातार निर्माण करने की शिकायतें मिल रही थीं। जेडीए की टीम ने सर्वेक्षण के बाद पाया कि कृषि भूमि पर बिना लैंड यूज बदले ही व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं, और बरसाती पानी के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र (नाले) को रोककर पक्के अवैध निर्माण खड़े कर दिए गए थे। टीम ने मौके पर मल्टीपल जेसीबी और पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल कर अवैध ढांचों, पक्की बाउंड्री वॉल और सड़कों को तोड़कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई को "2 करोड़ की अवैध बिल्डिंग पर चला बुलडोज़र" के रूप में प्रसारित किया जा रहा है, लेकिन जांच में यह सामने आया है कि यह दावा दो अलग-अलग घटनाओं को मिला रहा है। निम्स के पास अतिक्रमण विरोधी अभियान, जिसमें बहाव क्षेत्र और शाहपुरा में अवैध कॉलोनियों को ढहाया गया, वह सच है। पूर्व में भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूनिवर्सिटी के चार अवैध बहुमंजिला हॉस्टल्स को ध्वस्त कर ₹20 लाख का जुर्माना वसूला जा चुका है। वहीं, '2 करोड़ की प्रॉपर्टी' को ढहाने की कार्रवाई हाल ही में जयपुर के मुहाना मोड़ (डिग्गी रोड) इलाके में एक हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ की गई थी, न कि चंदवाजी/निम्स क्षेत्र में। कार्रवाई के दौरान किसी भी संभावित विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए चंदवाजी और शाहपुरा थाने के भारी पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया था। जेडीए प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी संपत्तियों और ग्रीन बेल्ट (बहाव क्षेत्रों) पर अवैध कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी दिनों में इस हाईवे पर चल रहे अन्य अवैध प्रोजेक्ट्स को भी सील या ध्वस्त करने की योजना तैयार कर ली गई है।
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    जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने चंदवाजी और शाहपुरा क्षेत्रों में स्थित निम्स यूनिवर्सिटी के आस-पास बड़े पैमाने पर अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की है। जेडीए के ज़ोन-13 कमिश्नर और मुख्य नियंत्रण अधिकारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने सरकारी नाले, बहाव क्षेत्र और कृषि भूमि पर अवैध रूप से बनी व्यावसायिक कॉलोनियों और इमारतों को पूरी तरह ढहा दिया।

सूत्रों के अनुसार, जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर निम्स यूनिवर्सिटी के समीपवर्ती क्षेत्र में भू-माफियाओं और रसूखदारों द्वारा नियमों की अनदेखी कर लगातार निर्माण करने की शिकायतें मिल रही थीं। जेडीए की टीम ने सर्वेक्षण के बाद पाया कि कृषि भूमि पर बिना लैंड यूज बदले ही व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं, और बरसाती पानी के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र (नाले) को रोककर पक्के अवैध निर्माण खड़े कर दिए गए थे। टीम ने मौके पर मल्टीपल जेसीबी और पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल कर अवैध ढांचों, पक्की बाउंड्री वॉल और सड़कों को तोड़कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है।

हालांकि, सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई को "2 करोड़ की अवैध बिल्डिंग पर चला बुलडोज़र" के रूप में प्रसारित किया जा रहा है, लेकिन जांच में यह सामने आया है कि यह दावा दो अलग-अलग घटनाओं को मिला रहा है। निम्स के पास अतिक्रमण विरोधी अभियान, जिसमें बहाव क्षेत्र और शाहपुरा में अवैध कॉलोनियों को ढहाया गया, वह सच है। पूर्व में भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूनिवर्सिटी के चार अवैध बहुमंजिला हॉस्टल्स को ध्वस्त कर ₹20 लाख का जुर्माना वसूला जा चुका है। वहीं, '2 करोड़ की प्रॉपर्टी' को ढहाने की कार्रवाई हाल ही में जयपुर के मुहाना मोड़ (डिग्गी रोड) इलाके में एक हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ की गई थी, न कि चंदवाजी/निम्स क्षेत्र में।

कार्रवाई के दौरान किसी भी संभावित विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए चंदवाजी और शाहपुरा थाने के भारी पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया था। जेडीए प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी संपत्तियों और ग्रीन बेल्ट (बहाव क्षेत्रों) पर अवैध कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी दिनों में इस हाईवे पर चल रहे अन्य अवैध प्रोजेक्ट्स को भी सील या ध्वस्त करने की योजना तैयार कर ली गई है।
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    Shahpura, Jaipur•
    9 hrs ago
  • पावटा में स्थित कोटपूतली पुलिया के नीचे सब्जी के ठेलों पर जेसीबी चलाए जाने की घटना सामने आई है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से प्रशासन द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान का हिस्सा थी।
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    पावटा में स्थित कोटपूतली पुलिया के नीचे सब्जी के ठेलों पर जेसीबी चलाए जाने की घटना सामने आई है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से प्रशासन द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान का हिस्सा थी।
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    Pavta, Jaipur•
    8 hrs ago
  • कोटपूतली-बहरोड़ जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने शुक्रवार, 3 जुलाई को आयोजित एक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर सरकारी योजनाओं, सेवाओं और सुविधाओं को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम हैं। कलेक्टर गुप्ता ने सभी विभागों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और शिविरों में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति, रोजगार मेले की तैयारियों, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, मुख्यमंत्री जनसुनवाई और मानसून तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सेवा शिविरों में प्रत्येक विभाग अपनी योजनाओं की जानकारी आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाए और पात्र व्यक्तियों को मौके पर ही अधिकतम सेवाएँ उपलब्ध कराए। उन्होंने यह भी कहा कि शिविरों में विभागवार उपलब्धियों और निस्तारित प्रकरणों की सूचना प्रतिदिन निर्धारित पोर्टल पर समयबद्ध रूप से अपडेट की जाए, ताकि राज्य स्तर पर प्रगति की प्रभावी निगरानी हो सके। इसके साथ ही, शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनभागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया गया। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, पट्टा वितरण व नियमन, राजस्व अभिलेखों में नाम शुद्धिकरण, सीमाज्ञान, सहमति से विभाजन, फार्मर रजिस्ट्री, ई-धरती पोर्टल, रास्तों से संबंधित प्रकरण, अतिक्रमण निष्पादन और अन्य विभागीय सेवाओं का अधिकतम निस्तारण सेवा शिविरों के माध्यम से करने के निर्देश दिए। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को पालनहार योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और एकल नारी योजना के पात्र लाभार्थियों का शीघ्र चिन्हीकरण कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने, लंबित सत्यापन कार्य समय पर पूरा करने और दिव्यांगजनों के यूडीआईडी प्रमाण-पत्रों के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने का भी निर्देश दिया। पेंशन सत्यापन अभियान में उत्कृष्ट प्रगति पर संबंधित कार्मिकों की सराहना करते हुए अन्य योजनाओं में भी इसी तरह के परिणामोन्मुख कार्य करने की अपेक्षा जताई गई। इसके अतिरिक्त, शिक्षा विभाग को विद्यालय परिसरों और खेल मैदानों को अतिक्रमण मुक्त कराने, महिला एवं बाल अधिकारिता विभाग को आंगनवाड़ी केन्द्रों में आधारभूत सुविधाओं से जुड़े लंबित कार्य शीघ्र पूरे कराने तथा सहकारिता विभाग को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लंबित सत्यापन एवं प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान की समीक्षा के दौरान भूजल पुनर्भरण संरचनाओं के निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे करने और जल संरक्षण गतिविधियों में जनसहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया। 4 जुलाई को आयोजित होने वाले रोजगार मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी ब्लॉक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को नेटवर्क कनेक्टिविटी, कैमरा सहित सभी तकनीकी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने, पूर्व परीक्षण करने और आयोजन से पूर्व व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। बैठक में राज उन्नति के लंबित प्रकरणों और पंचगौरव योजना के अंतर्गत प्रस्तावित विकास कार्यों की भी समीक्षा हुई, जिस पर कलेक्टर ने सभी विभागों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। सांख्यिकी विभाग के बीएसओ बाबूलाल बैरवा ने आगामी जनगणना कार्यक्रम के संबंध में सभी चार्ज अधिकारियों को परिपत्र-15 की पालना करते हुए आवश्यक दस्तावेजीकरण समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जनसुनवाई और अन्य लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संतोषजनक एवं गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। मानसून तैयारियों की समीक्षा के दौरान शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों और नालों की नियमित सफाई, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी व्यवस्थाएं पूर्ण रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण, उपखंड अधिकारी कोटपूतली योगेश सिंह देवल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष सिंह शेखावत, नगर परिषद आयुक्त अरुण शर्मा और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता रामनिवास यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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    कोटपूतली-बहरोड़ जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने शुक्रवार, 3 जुलाई को आयोजित एक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर सरकारी योजनाओं, सेवाओं और सुविधाओं को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम हैं। कलेक्टर गुप्ता ने सभी विभागों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और शिविरों में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए।

जिला कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति, रोजगार मेले की तैयारियों, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, मुख्यमंत्री जनसुनवाई और मानसून तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सेवा शिविरों में प्रत्येक विभाग अपनी योजनाओं की जानकारी आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाए और पात्र व्यक्तियों को मौके पर ही अधिकतम सेवाएँ उपलब्ध कराए। उन्होंने यह भी कहा कि शिविरों में विभागवार उपलब्धियों और निस्तारित प्रकरणों की सूचना प्रतिदिन निर्धारित पोर्टल पर समयबद्ध रूप से अपडेट की जाए, ताकि राज्य स्तर पर प्रगति की प्रभावी निगरानी हो सके। इसके साथ ही, शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनभागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया गया।

कलेक्टर ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, पट्टा वितरण व नियमन, राजस्व अभिलेखों में नाम शुद्धिकरण, सीमाज्ञान, सहमति से विभाजन, फार्मर रजिस्ट्री, ई-धरती पोर्टल, रास्तों से संबंधित प्रकरण, अतिक्रमण निष्पादन और अन्य विभागीय सेवाओं का अधिकतम निस्तारण सेवा शिविरों के माध्यम से करने के निर्देश दिए। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को पालनहार योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और एकल नारी योजना के पात्र लाभार्थियों का शीघ्र चिन्हीकरण कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने, लंबित सत्यापन कार्य समय पर पूरा करने और दिव्यांगजनों के यूडीआईडी प्रमाण-पत्रों के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने का भी निर्देश दिया। पेंशन सत्यापन अभियान में उत्कृष्ट प्रगति पर संबंधित कार्मिकों की सराहना करते हुए अन्य योजनाओं में भी इसी तरह के परिणामोन्मुख कार्य करने की अपेक्षा जताई गई।

इसके अतिरिक्त, शिक्षा विभाग को विद्यालय परिसरों और खेल मैदानों को अतिक्रमण मुक्त कराने, महिला एवं बाल अधिकारिता विभाग को आंगनवाड़ी केन्द्रों में आधारभूत सुविधाओं से जुड़े लंबित कार्य शीघ्र पूरे कराने तथा सहकारिता विभाग को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लंबित सत्यापन एवं प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान की समीक्षा के दौरान भूजल पुनर्भरण संरचनाओं के निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे करने और जल संरक्षण गतिविधियों में जनसहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया। 4 जुलाई को आयोजित होने वाले रोजगार मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी ब्लॉक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को नेटवर्क कनेक्टिविटी, कैमरा सहित सभी तकनीकी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने, पूर्व परीक्षण करने और आयोजन से पूर्व व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। बैठक में राज उन्नति के लंबित प्रकरणों और पंचगौरव योजना के अंतर्गत प्रस्तावित विकास कार्यों की भी समीक्षा हुई, जिस पर कलेक्टर ने सभी विभागों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

सांख्यिकी विभाग के बीएसओ बाबूलाल बैरवा ने आगामी जनगणना कार्यक्रम के संबंध में सभी चार्ज अधिकारियों को परिपत्र-15 की पालना करते हुए आवश्यक दस्तावेजीकरण समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जनसुनवाई और अन्य लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संतोषजनक एवं गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। मानसून तैयारियों की समीक्षा के दौरान शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों और नालों की नियमित सफाई, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी व्यवस्थाएं पूर्ण रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण, उपखंड अधिकारी कोटपूतली योगेश सिंह देवल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष सिंह शेखावत, नगर परिषद आयुक्त अरुण शर्मा और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता रामनिवास यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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    Kotputli-Behror Breaking Live
    Kotputli, Jaipur•
    9 hrs ago
  • नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के बाड़मेर दौरे के दौरान उनके काफिले से जुड़ा एक विवाद सामने आया है, जिसके बाद इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। इस दौरे पर बेनीवाल को क्षेत्रवासियों का भारी समर्थन और सम्मान प्राप्त हुआ था। इस विवाद में दो तरह के दावे किए जा रहे हैं। कुछ समर्थकों का कहना है कि एक वाहन ने काफिले की गाड़ी को टक्कर मारने की कोशिश की। वहीं, दूसरी ओर, आरोप लगाए जा रहे हैं कि संबंधित वाहन पर कुछ आरएलपी कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किया गया, जिसमें गाड़ी के शीशे तोड़े गए और लाठी-डंडों से मारपीट भी की गई। इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सुरक्षा को खतरा था, तो मौके पर मौजूद पुलिस ने तत्काल क्या कार्रवाई की। संदेश में जोर दिया गया है कि कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है और यदि किसी भी पक्ष ने कानून का उल्लंघन किया है, तो निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
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    नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के बाड़मेर दौरे के दौरान उनके काफिले से जुड़ा एक विवाद सामने आया है, जिसके बाद इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। इस दौरे पर बेनीवाल को क्षेत्रवासियों का भारी समर्थन और सम्मान प्राप्त हुआ था।

इस विवाद में दो तरह के दावे किए जा रहे हैं। कुछ समर्थकों का कहना है कि एक वाहन ने काफिले की गाड़ी को टक्कर मारने की कोशिश की। वहीं, दूसरी ओर, आरोप लगाए जा रहे हैं कि संबंधित वाहन पर कुछ आरएलपी कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किया गया, जिसमें गाड़ी के शीशे तोड़े गए और लाठी-डंडों से मारपीट भी की गई। इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सुरक्षा को खतरा था, तो मौके पर मौजूद पुलिस ने तत्काल क्या कार्रवाई की। संदेश में जोर दिया गया है कि कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है और यदि किसी भी पक्ष ने कानून का उल्लंघन किया है, तो निष्पक्ष जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
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    Just Jaipur Live
    Journalist जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • जयपुर ग्रामीण के चंदवाजी थाना क्षेत्र स्थित हरचंदपुरा गांव में करीब एक महीने पहले हुई राकेश जाट की चाकू मारकर हत्या के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने पानी की एक बोतल को लेकर हुए मामूली विवाद में अंजाम दिए गए इस 'ब्लाइंड मर्डर' की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य आरोपी चंद्रशेखर उर्फ शेखर को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने शव को 200 मीटर तक घसीटकर नदी किनारे दफना दिया था। पुलिस अनुसंधान में सामने आया है कि बीती 6 जून को आरोपी चंद्रशेखर का राकेश जाट से बोतल को लेकर झगड़ा हुआ था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने राकेश पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद, सबूत मिटाने के इरादे से चंद्रशेखर ने राकेश के शव को करीब 200 मीटर तक घसीटा और फिर नदी किनारे एक गहरे गड्ढे में दबा दिया। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी चंद्रशेखर ने पुलिस को गुमराह करने की हर मुमकिन कोशिश की। वह अपनी प्रेमिका के साथ गांव से फरार हो गया ताकि उस पर कोई शक न कर सके। इतना ही नहीं, संघर्ष के दौरान लगे खून या निशानों को मिटाने और अपनी पहचान छुपाने के लिए उसने अपने हाथ तक जला लिए थे। शव मिलने के बाद इस अंधे कत्ल को सुलझाना चंदवाजी थाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी। पुलिस ने तकनीकी जांच के लिए साइबर सेल की मदद ली, घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और लगभग 250 स्थानीय लोगों व संदिग्धों से गहन पूछताछ की। कड़ियों को जोड़ते हुए आखिरकार पुलिस आरोपी चंद्रशेखर उर्फ शेखर तक पहुंचने में कामयाब रही और उसे दबोच लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी चंद्रशेखर को रिमांड पर लेकर मामले में आगे की पूछताछ कर रही है।
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    जयपुर ग्रामीण के चंदवाजी थाना क्षेत्र स्थित हरचंदपुरा गांव में करीब एक महीने पहले हुई राकेश जाट की चाकू मारकर हत्या के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने पानी की एक बोतल को लेकर हुए मामूली विवाद में अंजाम दिए गए इस 'ब्लाइंड मर्डर' की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य आरोपी चंद्रशेखर उर्फ शेखर को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने शव को 200 मीटर तक घसीटकर नदी किनारे दफना दिया था।

पुलिस अनुसंधान में सामने आया है कि बीती 6 जून को आरोपी चंद्रशेखर का राकेश जाट से बोतल को लेकर झगड़ा हुआ था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने राकेश पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद, सबूत मिटाने के इरादे से चंद्रशेखर ने राकेश के शव को करीब 200 मीटर तक घसीटा और फिर नदी किनारे एक गहरे गड्ढे में दबा दिया।

हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी चंद्रशेखर ने पुलिस को गुमराह करने की हर मुमकिन कोशिश की। वह अपनी प्रेमिका के साथ गांव से फरार हो गया ताकि उस पर कोई शक न कर सके। इतना ही नहीं, संघर्ष के दौरान लगे खून या निशानों को मिटाने और अपनी पहचान छुपाने के लिए उसने अपने हाथ तक जला लिए थे। शव मिलने के बाद इस अंधे कत्ल को सुलझाना चंदवाजी थाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी। पुलिस ने तकनीकी जांच के लिए साइबर सेल की मदद ली, घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और लगभग 250 स्थानीय लोगों व संदिग्धों से गहन पूछताछ की। कड़ियों को जोड़ते हुए आखिरकार पुलिस आरोपी चंद्रशेखर उर्फ शेखर तक पहुंचने में कामयाब रही और उसे दबोच लिया।

फिलहाल पुलिस आरोपी चंद्रशेखर को रिमांड पर लेकर मामले में आगे की पूछताछ कर रही है।
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    Breaking Live News
    Shahpura, Jaipur•
    10 hrs ago
  • विराटनगर (कोटपूतली-बहरोड़) के ऐतिहासिक और महाभारतकालीन प्राचीन गणेश मंदिर परिसर के समीप अरावली की पहाड़ियों में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्थानीय ग्रामीणों ने एक साथ चार तेंदुओं के कुनबे को देखा। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इन वन्यजीवों ने रात के अंधेरे में आबादी क्षेत्र के नजदीक आकर एक पालतू बकरी को अपना शिकार बना लिया। इस घटना के बाद से ही मंदिर के श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और चरवाहों में भारी दहशत का माहौल व्याप्त है।
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    विराटनगर (कोटपूतली-बहरोड़) के ऐतिहासिक और महाभारतकालीन प्राचीन गणेश मंदिर परिसर के समीप अरावली की पहाड़ियों में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्थानीय ग्रामीणों ने एक साथ चार तेंदुओं के कुनबे को देखा। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इन वन्यजीवों ने रात के अंधेरे में आबादी क्षेत्र के नजदीक आकर एक पालतू बकरी को अपना शिकार बना लिया।

इस घटना के बाद से ही मंदिर के श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और चरवाहों में भारी दहशत का माहौल व्याप्त है।
    user_Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    रिपोर्टर Viratnagar, Jaipur•
    8 hrs ago
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