Shuru
Apke Nagar Ki App…
विराटनगर (कोटपूतली-बहरोड़) के ऐतिहासिक और महाभारतकालीन प्राचीन गणेश मंदिर परिसर के समीप अरावली की पहाड़ियों में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्थानीय ग्रामीणों ने एक साथ चार तेंदुओं के कुनबे को देखा। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इन वन्यजीवों ने रात के अंधेरे में आबादी क्षेत्र के नजदीक आकर एक पालतू बकरी को अपना शिकार बना लिया। इस घटना के बाद से ही मंदिर के श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और चरवाहों में भारी दहशत का माहौल व्याप्त है।
Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
विराटनगर (कोटपूतली-बहरोड़) के ऐतिहासिक और महाभारतकालीन प्राचीन गणेश मंदिर परिसर के समीप अरावली की पहाड़ियों में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्थानीय ग्रामीणों ने एक साथ चार तेंदुओं के कुनबे को देखा। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इन वन्यजीवों ने रात के अंधेरे में आबादी क्षेत्र के नजदीक आकर एक पालतू बकरी को अपना शिकार बना लिया। इस घटना के बाद से ही मंदिर के श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और चरवाहों में भारी दहशत का माहौल व्याप्त है।
More news from Jaipur and nearby areas
- पावटा में स्थित कोटपूतली पुलिया के नीचे सब्जी के ठेलों पर जेसीबी चलाए जाने की घटना सामने आई है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से प्रशासन द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान का हिस्सा थी।1
- जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने चंदवाजी और शाहपुरा क्षेत्रों में स्थित निम्स यूनिवर्सिटी के आस-पास बड़े पैमाने पर अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की है। जेडीए के ज़ोन-13 कमिश्नर और मुख्य नियंत्रण अधिकारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने सरकारी नाले, बहाव क्षेत्र और कृषि भूमि पर अवैध रूप से बनी व्यावसायिक कॉलोनियों और इमारतों को पूरी तरह ढहा दिया। सूत्रों के अनुसार, जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर निम्स यूनिवर्सिटी के समीपवर्ती क्षेत्र में भू-माफियाओं और रसूखदारों द्वारा नियमों की अनदेखी कर लगातार निर्माण करने की शिकायतें मिल रही थीं। जेडीए की टीम ने सर्वेक्षण के बाद पाया कि कृषि भूमि पर बिना लैंड यूज बदले ही व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं, और बरसाती पानी के प्राकृतिक बहाव क्षेत्र (नाले) को रोककर पक्के अवैध निर्माण खड़े कर दिए गए थे। टीम ने मौके पर मल्टीपल जेसीबी और पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल कर अवैध ढांचों, पक्की बाउंड्री वॉल और सड़कों को तोड़कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई को "2 करोड़ की अवैध बिल्डिंग पर चला बुलडोज़र" के रूप में प्रसारित किया जा रहा है, लेकिन जांच में यह सामने आया है कि यह दावा दो अलग-अलग घटनाओं को मिला रहा है। निम्स के पास अतिक्रमण विरोधी अभियान, जिसमें बहाव क्षेत्र और शाहपुरा में अवैध कॉलोनियों को ढहाया गया, वह सच है। पूर्व में भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूनिवर्सिटी के चार अवैध बहुमंजिला हॉस्टल्स को ध्वस्त कर ₹20 लाख का जुर्माना वसूला जा चुका है। वहीं, '2 करोड़ की प्रॉपर्टी' को ढहाने की कार्रवाई हाल ही में जयपुर के मुहाना मोड़ (डिग्गी रोड) इलाके में एक हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ की गई थी, न कि चंदवाजी/निम्स क्षेत्र में। कार्रवाई के दौरान किसी भी संभावित विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए चंदवाजी और शाहपुरा थाने के भारी पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया था। जेडीए प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी संपत्तियों और ग्रीन बेल्ट (बहाव क्षेत्रों) पर अवैध कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी दिनों में इस हाईवे पर चल रहे अन्य अवैध प्रोजेक्ट्स को भी सील या ध्वस्त करने की योजना तैयार कर ली गई है।1
- कोटपूतली-बहरोड़ जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने शुक्रवार, 3 जुलाई को आयोजित एक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर सरकारी योजनाओं, सेवाओं और सुविधाओं को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम हैं। कलेक्टर गुप्ता ने सभी विभागों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे और शिविरों में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति, रोजगार मेले की तैयारियों, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, मुख्यमंत्री जनसुनवाई और मानसून तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सेवा शिविरों में प्रत्येक विभाग अपनी योजनाओं की जानकारी आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाए और पात्र व्यक्तियों को मौके पर ही अधिकतम सेवाएँ उपलब्ध कराए। उन्होंने यह भी कहा कि शिविरों में विभागवार उपलब्धियों और निस्तारित प्रकरणों की सूचना प्रतिदिन निर्धारित पोर्टल पर समयबद्ध रूप से अपडेट की जाए, ताकि राज्य स्तर पर प्रगति की प्रभावी निगरानी हो सके। इसके साथ ही, शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनभागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया गया। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, पट्टा वितरण व नियमन, राजस्व अभिलेखों में नाम शुद्धिकरण, सीमाज्ञान, सहमति से विभाजन, फार्मर रजिस्ट्री, ई-धरती पोर्टल, रास्तों से संबंधित प्रकरण, अतिक्रमण निष्पादन और अन्य विभागीय सेवाओं का अधिकतम निस्तारण सेवा शिविरों के माध्यम से करने के निर्देश दिए। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को पालनहार योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और एकल नारी योजना के पात्र लाभार्थियों का शीघ्र चिन्हीकरण कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने, लंबित सत्यापन कार्य समय पर पूरा करने और दिव्यांगजनों के यूडीआईडी प्रमाण-पत्रों के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने का भी निर्देश दिया। पेंशन सत्यापन अभियान में उत्कृष्ट प्रगति पर संबंधित कार्मिकों की सराहना करते हुए अन्य योजनाओं में भी इसी तरह के परिणामोन्मुख कार्य करने की अपेक्षा जताई गई। इसके अतिरिक्त, शिक्षा विभाग को विद्यालय परिसरों और खेल मैदानों को अतिक्रमण मुक्त कराने, महिला एवं बाल अधिकारिता विभाग को आंगनवाड़ी केन्द्रों में आधारभूत सुविधाओं से जुड़े लंबित कार्य शीघ्र पूरे कराने तथा सहकारिता विभाग को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लंबित सत्यापन एवं प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान की समीक्षा के दौरान भूजल पुनर्भरण संरचनाओं के निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे करने और जल संरक्षण गतिविधियों में जनसहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया। 4 जुलाई को आयोजित होने वाले रोजगार मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी ब्लॉक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को नेटवर्क कनेक्टिविटी, कैमरा सहित सभी तकनीकी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने, पूर्व परीक्षण करने और आयोजन से पूर्व व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। बैठक में राज उन्नति के लंबित प्रकरणों और पंचगौरव योजना के अंतर्गत प्रस्तावित विकास कार्यों की भी समीक्षा हुई, जिस पर कलेक्टर ने सभी विभागों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। सांख्यिकी विभाग के बीएसओ बाबूलाल बैरवा ने आगामी जनगणना कार्यक्रम के संबंध में सभी चार्ज अधिकारियों को परिपत्र-15 की पालना करते हुए आवश्यक दस्तावेजीकरण समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जनसुनवाई और अन्य लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संतोषजनक एवं गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। मानसून तैयारियों की समीक्षा के दौरान शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों और नालों की नियमित सफाई, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी व्यवस्थाएं पूर्ण रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण, उपखंड अधिकारी कोटपूतली योगेश सिंह देवल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष सिंह शेखावत, नगर परिषद आयुक्त अरुण शर्मा और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता रामनिवास यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।1
- कोटपूतली-बहरोड़ में 3 जुलाई को आयोजित एक समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों को आमजन तक सरकारी योजनाओं, सेवाओं और सुविधाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाने का सबसे सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने सभी विभागों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे, तथा शिविरों में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। बैठक में कलेक्टर ने ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों, रोजगार मेले की तैयारियों, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, मुख्यमंत्री जनसुनवाई, मानसून तैयारियों और अन्य विभागीय कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सेवा शिविरों में प्रत्येक विभाग अपनी योजनाओं की जानकारी आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाए और पात्र व्यक्तियों को मौके पर ही अधिकतम सेवाएं उपलब्ध कराएं। साथ ही, शिविरों में विभागवार उपलब्धियों और निस्तारित प्रकरणों की सूचना प्रतिदिन निर्धारित पोर्टल पर समयबद्ध रूप से अपडेट की जानी चाहिए, ताकि राज्य स्तर पर प्रगति की प्रभावी निगरानी हो सके। उन्होंने शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनभागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया। कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, पट्टा वितरण एवं नियमन, राजस्व अभिलेखों में नाम शुद्धिकरण, सीमाज्ञान, सहमति से विभाजन, फार्मर रजिस्ट्री, ई-धरती पोर्टल, रास्तों से संबंधित प्रकरण, अतिक्रमण निष्पादन और अन्य विभागीय सेवाओं का अधिकतम निस्तारण सेवा शिविरों के माध्यम से हो। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान, पालनहार योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और एकल नारी योजना के पात्र लाभार्थियों का शीघ्र चिन्हीकरण कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने, लंबित सत्यापन कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने तथा दिव्यांगजनों के यूडीआईडी प्रमाण-पत्रों के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने पेंशन सत्यापन अभियान में उत्कृष्ट प्रगति पर संबंधित कार्मिकों की सराहना की और अन्य योजनाओं में भी ऐसे ही परिणामोन्मुख कार्य करने की अपेक्षा जताई। शिक्षा विभाग को विद्यालय परिसरों और खेल मैदानों को अतिक्रमण मुक्त कराने, महिला एवं बाल अधिकारिता विभाग को आंगनबाड़ी केन्द्रों में आधारभूत सुविधाओं से जुड़े लंबित कार्य शीघ्र पूर्ण कराने, तथा सहकारिता विभाग को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लंबित सत्यापन एवं प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान की समीक्षा करते हुए, भूजल पुनर्भरण संरचनाओं के निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने और जल संरक्षण गतिविधियों में जनसहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया। 4 जुलाई को आयोजित होने वाले रोजगार मेले की तैयारियों की समीक्षा के दौरान, सभी ब्लॉक एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को नेटवर्क कनेक्टिविटी, कैमरा सहित सभी तकनीकी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने, पूर्व परीक्षण करने तथा आयोजन से पूर्व व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री जनसुनवाई और अन्य लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संतोषजनक और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। मानसून तैयारियों की समीक्षा के दौरान, उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों एवं नालों की नियमित सफाई, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी व्यवस्थाएं पूर्ण रखने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण, उपखंड अधिकारी कोटपूतली योगेश सिंह देवल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष सिंह शेखावत, नगर परिषद आयुक्त अरुण शर्मा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता रामनिवास यादव, जिला शिक्षा अधिकारी प्रकाशचंद मीणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।1
- कोटा जिले के चेचट कस्बे में पिछले चार सालों से प्रशासनिक लापरवाही के कारण रावतभाटा रोड का मुख्य तिराहा हादसों का केंद्र बना हुआ है। यह बेहद व्यस्त चौराहा है जहाँ तीन प्रमुख सड़कें मिलती हैं और तीनों दिशाओं से भारी वाहनों का दबाव रहता है, लेकिन प्रशासन ने यहाँ सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। इस तिराहे की किसी भी सड़क पर गति रोधक (स्पीड ब्रेकर) नहीं बनाए गए हैं, जिसके चलते वाहन चालक अंधाधुंध गति से गुजरते हैं और आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं। समस्या केवल गति रोधकों की कमी तक ही सीमित नहीं है; इस मुख्य तिराहे पर लंबे समय से जलभराव की गंभीर समस्या भी बनी हुई है। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से ठप होने के कारण यहाँ हमेशा कीचड़ और पानी भरा रहता है। इस गंदे पानी और गड्ढों के कारण कई दुपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री नियंत्रण खोकर गिर चुके हैं, जिससे बुजुर्गों और स्कूली बच्चों सहित कई लोग गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। स्थानीय निवासियों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि वे पिछले चार सालों से लगातार ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं से अवगत करा रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने तीखे सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या ग्राम पंचायत चेचट किसी बड़े हादसे या किसी व्यक्ति की मौत का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही वह जागेगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही यहाँ गति रोधक नहीं बनाए गए और जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।4
- औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े गांवों में इन दिनों बिजली का गंभीर संकट बना हुआ है। विशेषकर रात के समय की जाने वाली बिजली कटौती ने इन गांवों के लोगों की नींद छीन ली है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोटपूतली-बहरोड़ के निर्देशानुसार, तालुका विधिक सेवा समिति विराटनगर ने स्थानीय सेठ श्री प्रभु दयाल सूरज मल अग्रवाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया। इस शिविर में पैरा लीगल वॉलंटियर दाताराम गुर्जर ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना हर नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, जल संकट और घटते जंगलों पर चिंता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। श्री गुर्जर ने वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण के खतरनाक प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने दैनिक जीवन में प्लास्टिक का उपयोग बंद करने, पानी व बिजली की बचत करने तथा स्वच्छता अपनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि आज लगाया गया एक पौधा हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव है। शिविर के समापन पर, उपस्थित सभी 50 सदस्यों ने पर्यावरण को स्वच्छ रखने और प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करने की शपथ ली। इसके साथ ही, सभी ने हर साल अनिवार्य रूप से कम से कम एक पौधा लगाने और उसके पूर्ण पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करने का संकल्प भी उठाया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश कुमार मीणा, अध्यापक रामकिशन, सांवर मल, मुकेश सहित स्कूल का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।1
- विराटनगर (कोटपूतली-बहरोड़) के ऐतिहासिक और महाभारतकालीन प्राचीन गणेश मंदिर परिसर के समीप अरावली की पहाड़ियों में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्थानीय ग्रामीणों ने एक साथ चार तेंदुओं के कुनबे को देखा। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इन वन्यजीवों ने रात के अंधेरे में आबादी क्षेत्र के नजदीक आकर एक पालतू बकरी को अपना शिकार बना लिया। इस घटना के बाद से ही मंदिर के श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और चरवाहों में भारी दहशत का माहौल व्याप्त है।1