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कोटा जिले के चेचट कस्बे में पिछले चार सालों से प्रशासनिक लापरवाही के कारण रावतभाटा रोड का मुख्य तिराहा हादसों का केंद्र बना हुआ है। यह बेहद व्यस्त चौराहा है जहाँ तीन प्रमुख सड़कें मिलती हैं और तीनों दिशाओं से भारी वाहनों का दबाव रहता है, लेकिन प्रशासन ने यहाँ सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। इस तिराहे की किसी भी सड़क पर गति रोधक (स्पीड ब्रेकर) नहीं बनाए गए हैं, जिसके चलते वाहन चालक अंधाधुंध गति से गुजरते हैं और आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं। समस्या केवल गति रोधकों की कमी तक ही सीमित नहीं है; इस मुख्य तिराहे पर लंबे समय से जलभराव की गंभीर समस्या भी बनी हुई है। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से ठप होने के कारण यहाँ हमेशा कीचड़ और पानी भरा रहता है। इस गंदे पानी और गड्ढों के कारण कई दुपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री नियंत्रण खोकर गिर चुके हैं, जिससे बुजुर्गों और स्कूली बच्चों सहित कई लोग गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। स्थानीय निवासियों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि वे पिछले चार सालों से लगातार ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं से अवगत करा रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने तीखे सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या ग्राम पंचायत चेचट किसी बड़े हादसे या किसी व्यक्ति की मौत का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही वह जागेगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही यहाँ गति रोधक नहीं बनाए गए और जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

8 hrs ago
user_Neeraj Maheshwari
Neeraj Maheshwari
Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
8 hrs ago

कोटा जिले के चेचट कस्बे में पिछले चार सालों से प्रशासनिक लापरवाही के कारण रावतभाटा रोड का मुख्य तिराहा हादसों का केंद्र बना हुआ है। यह बेहद व्यस्त चौराहा है जहाँ तीन प्रमुख सड़कें मिलती हैं और तीनों दिशाओं से भारी वाहनों का दबाव रहता है, लेकिन प्रशासन ने यहाँ सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। इस तिराहे की किसी भी सड़क पर गति रोधक (स्पीड

ब्रेकर) नहीं बनाए गए हैं, जिसके चलते वाहन चालक अंधाधुंध गति से गुजरते हैं और आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं। समस्या केवल गति रोधकों की कमी तक ही सीमित नहीं है; इस मुख्य तिराहे पर लंबे समय से जलभराव की गंभीर समस्या भी बनी हुई है। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से ठप होने के कारण यहाँ हमेशा कीचड़ और पानी भरा रहता है। इस गंदे पानी और गड्ढों

के कारण कई दुपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री नियंत्रण खोकर गिर चुके हैं, जिससे बुजुर्गों और स्कूली बच्चों सहित कई लोग गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। स्थानीय निवासियों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि वे पिछले चार सालों से लगातार ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं से अवगत करा रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया

जा रहा है। ग्रामीणों ने तीखे सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या ग्राम पंचायत चेचट किसी बड़े हादसे या किसी व्यक्ति की मौत का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही वह जागेगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही यहाँ गति रोधक नहीं बनाए गए और जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।

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  • कोटा जिले के चेचट कस्बे में पिछले चार सालों से प्रशासनिक लापरवाही के कारण रावतभाटा रोड का मुख्य तिराहा हादसों का केंद्र बना हुआ है। यह बेहद व्यस्त चौराहा है जहाँ तीन प्रमुख सड़कें मिलती हैं और तीनों दिशाओं से भारी वाहनों का दबाव रहता है, लेकिन प्रशासन ने यहाँ सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। इस तिराहे की किसी भी सड़क पर गति रोधक (स्पीड ब्रेकर) नहीं बनाए गए हैं, जिसके चलते वाहन चालक अंधाधुंध गति से गुजरते हैं और आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं। समस्या केवल गति रोधकों की कमी तक ही सीमित नहीं है; इस मुख्य तिराहे पर लंबे समय से जलभराव की गंभीर समस्या भी बनी हुई है। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से ठप होने के कारण यहाँ हमेशा कीचड़ और पानी भरा रहता है। इस गंदे पानी और गड्ढों के कारण कई दुपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री नियंत्रण खोकर गिर चुके हैं, जिससे बुजुर्गों और स्कूली बच्चों सहित कई लोग गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। स्थानीय निवासियों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि वे पिछले चार सालों से लगातार ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं से अवगत करा रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने तीखे सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या ग्राम पंचायत चेचट किसी बड़े हादसे या किसी व्यक्ति की मौत का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही वह जागेगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही यहाँ गति रोधक नहीं बनाए गए और जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
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    कोटा जिले के चेचट कस्बे में पिछले चार सालों से प्रशासनिक लापरवाही के कारण रावतभाटा रोड का मुख्य तिराहा हादसों का केंद्र बना हुआ है। यह बेहद व्यस्त चौराहा है जहाँ तीन प्रमुख सड़कें मिलती हैं और तीनों दिशाओं से भारी वाहनों का दबाव रहता है, लेकिन प्रशासन ने यहाँ सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। इस तिराहे की किसी भी सड़क पर गति रोधक (स्पीड ब्रेकर) नहीं बनाए गए हैं, जिसके चलते वाहन चालक अंधाधुंध गति से गुजरते हैं और आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं।

समस्या केवल गति रोधकों की कमी तक ही सीमित नहीं है; इस मुख्य तिराहे पर लंबे समय से जलभराव की गंभीर समस्या भी बनी हुई है। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से ठप होने के कारण यहाँ हमेशा कीचड़ और पानी भरा रहता है। इस गंदे पानी और गड्ढों के कारण कई दुपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री नियंत्रण खोकर गिर चुके हैं, जिससे बुजुर्गों और स्कूली बच्चों सहित कई लोग गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं।

स्थानीय निवासियों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि वे पिछले चार सालों से लगातार ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं से अवगत करा रहे हैं, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने तीखे सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या ग्राम पंचायत चेचट किसी बड़े हादसे या किसी व्यक्ति की मौत का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही वह जागेगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही यहाँ गति रोधक नहीं बनाए गए और जलभराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
    user_Neeraj Maheshwari
    Neeraj Maheshwari
    Reporters राजगढ़, अलवर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े गांवों में इन दिनों बिजली का गंभीर संकट बना हुआ है। विशेषकर रात के समय की जाने वाली बिजली कटौती ने इन गांवों के लोगों की नींद छीन ली है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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    औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े गांवों में इन दिनों बिजली का गंभीर संकट बना हुआ है। विशेषकर रात के समय की जाने वाली बिजली कटौती ने इन गांवों के लोगों की नींद छीन ली है, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
    user_Voice of Labour
    Voice of Labour
    Alwar, Rajasthan•
    17 hrs ago
  • अलवर के काशिराम सर्किल पर एक दुकानदार ने हद कर रखी है। शिकायत के अनुसार, यह दुकानदार रात-दिन किसी न किसी से लड़ाई-झगड़ा करता रहता है। उसकी दुकान का सामान अक्सर सड़कों पर फैला रहता है, जिससे अतिक्रमण की स्थिति बनी हुई है, और स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस अतिक्रमण को हटाया नहीं जा रहा है।
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    अलवर के काशिराम सर्किल पर एक दुकानदार ने हद कर रखी है। शिकायत के अनुसार, यह दुकानदार रात-दिन किसी न किसी से लड़ाई-झगड़ा करता रहता है। उसकी दुकान का सामान अक्सर सड़कों पर फैला रहता है, जिससे अतिक्रमण की स्थिति बनी हुई है, और स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस अतिक्रमण को हटाया नहीं जा रहा है।
    user_Jeetu Kumar Jain
    Jeetu Kumar Jain
    अलवर, अलवर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • दौसा जिले के सैंथल उपखंड अधिकारी (SDM) नवज्योति कांवरिया ने कार्यभार संभालने के बाद शुक्रवार को कुण्डल तहसील मुख्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया, जिससे तहसील कार्यालय में दिनभर सक्रियता और हलचल का माहौल बना रहा। निरीक्षण के दौरान SDM कांवरिया ने विभिन्न अनुभागों का दौरा कर वहाँ के रिकॉर्ड संधारण, लंबित प्रकरणों की स्थिति और आमजन को प्रदान की जा रही सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कुण्डल तहसीलदार हरिकेश मिरोठा और अन्य कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि राजस्व से संबंधित मामलों, नामांतरण, सीमांकन सहित सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण समयबद्ध और पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। नवज्योति कांवरिया ने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई, महत्वपूर्ण अभिलेखों के रखरखाव की प्रणाली और पूरी कार्यप्रणाली का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आमजन को सरल, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
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    दौसा जिले के सैंथल उपखंड अधिकारी (SDM) नवज्योति कांवरिया ने कार्यभार संभालने के बाद शुक्रवार को कुण्डल तहसील मुख्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया, जिससे तहसील कार्यालय में दिनभर सक्रियता और हलचल का माहौल बना रहा।

निरीक्षण के दौरान SDM कांवरिया ने विभिन्न अनुभागों का दौरा कर वहाँ के रिकॉर्ड संधारण, लंबित प्रकरणों की स्थिति और आमजन को प्रदान की जा रही सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कुण्डल तहसीलदार हरिकेश मिरोठा और अन्य कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि राजस्व से संबंधित मामलों, नामांतरण, सीमांकन सहित सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण समयबद्ध और पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

नवज्योति कांवरिया ने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई, महत्वपूर्ण अभिलेखों के रखरखाव की प्रणाली और पूरी कार्यप्रणाली का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आमजन को सरल, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
    user_RIVENDRA KUMAR SHARMA
    RIVENDRA KUMAR SHARMA
    Local News Reporter बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • दौसा जिले से संबंधित एक मामला पिछले दो सालों से लंबित है, जिसे अभी तक कोई मान्यता नहीं मिल पाई है।
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    दौसा जिले से संबंधित एक मामला पिछले दो सालों से लंबित है, जिसे अभी तक कोई मान्यता नहीं मिल पाई है।
    user_Rakesh Kumar Bairwa
    Rakesh Kumar Bairwa
    बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • राजस्थान के दौसा जिले की ग्राम पंचायत काली पहाड़ी के पुरोहितों का बास निवासी अशोक का लंबी बीमारी सिलिकोसिस के कारण निधन हो गया। इस बीमारी के इलाज के चलते उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से कमजोर हो चुकी थी। अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़कर गए अशोक के परिवार के सामने उनके निधन के बाद जीवनयापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। इस मुश्किल घड़ी में पीड़ित परिवार की सहायता के लिए मां वैष्णो मां नर्बदा सेवा समिति और सर्व समाज एकजुट होकर आगे आया। रंगलाल मीना और सुनील के नेतृत्व में एक विशेष सहायता अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 508 दानदाताओं ने सहयोग किया और ₹3,06,954 की राशि जुटाई। समिति ने इस एकत्रित राशि में से तीनों बच्चों के नाम पर एक-एक लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करवाई। बची हुई राशि परिवार को बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च के लिए सौंप दी गई, जिससे उन्हें तत्काल आर्थिक सहारा मिल सके।
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    राजस्थान के दौसा जिले की ग्राम पंचायत काली पहाड़ी के पुरोहितों का बास निवासी अशोक का लंबी बीमारी सिलिकोसिस के कारण निधन हो गया। इस बीमारी के इलाज के चलते उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से कमजोर हो चुकी थी। अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़कर गए अशोक के परिवार के सामने उनके निधन के बाद जीवनयापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया था।

इस मुश्किल घड़ी में पीड़ित परिवार की सहायता के लिए मां वैष्णो मां नर्बदा सेवा समिति और सर्व समाज एकजुट होकर आगे आया। रंगलाल मीना और सुनील के नेतृत्व में एक विशेष सहायता अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 508 दानदाताओं ने सहयोग किया और ₹3,06,954 की राशि जुटाई।

समिति ने इस एकत्रित राशि में से तीनों बच्चों के नाम पर एक-एक लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) करवाई। बची हुई राशि परिवार को बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च के लिए सौंप दी गई, जिससे उन्हें तत्काल आर्थिक सहारा मिल सके।
    user_जितेन्द्र कुमार शर्मा पत्रकार
    जितेन्द्र कुमार शर्मा पत्रकार
    बेजुपाड़ा, दौसा, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोटपूतली-बहरोड़ के निर्देशानुसार, तालुका विधिक सेवा समिति विराटनगर ने स्थानीय सेठ श्री प्रभु दयाल सूरज मल अग्रवाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया। इस शिविर में पैरा लीगल वॉलंटियर दाताराम गुर्जर ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना हर नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, जल संकट और घटते जंगलों पर चिंता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। श्री गुर्जर ने वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण के खतरनाक प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने दैनिक जीवन में प्लास्टिक का उपयोग बंद करने, पानी व बिजली की बचत करने तथा स्वच्छता अपनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि आज लगाया गया एक पौधा हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव है। शिविर के समापन पर, उपस्थित सभी 50 सदस्यों ने पर्यावरण को स्वच्छ रखने और प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करने की शपथ ली। इसके साथ ही, सभी ने हर साल अनिवार्य रूप से कम से कम एक पौधा लगाने और उसके पूर्ण पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करने का संकल्प भी उठाया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश कुमार मीणा, अध्यापक रामकिशन, सांवर मल, मुकेश सहित स्कूल का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
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    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोटपूतली-बहरोड़ के निर्देशानुसार, तालुका विधिक सेवा समिति विराटनगर ने स्थानीय सेठ श्री प्रभु दयाल सूरज मल अग्रवाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया। इस शिविर में पैरा लीगल वॉलंटियर दाताराम गुर्जर ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना हर नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, जल संकट और घटते जंगलों पर चिंता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।

श्री गुर्जर ने वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण के खतरनाक प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने दैनिक जीवन में प्लास्टिक का उपयोग बंद करने, पानी व बिजली की बचत करने तथा स्वच्छता अपनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि आज लगाया गया एक पौधा हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव है।

शिविर के समापन पर, उपस्थित सभी 50 सदस्यों ने पर्यावरण को स्वच्छ रखने और प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करने की शपथ ली। इसके साथ ही, सभी ने हर साल अनिवार्य रूप से कम से कम एक पौधा लगाने और उसके पूर्ण पेड़ बनने तक उसकी देखभाल करने का संकल्प भी उठाया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश कुमार मीणा, अध्यापक रामकिशन, सांवर मल, मुकेश सहित स्कूल का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
    user_Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    रिपोर्टर Viratnagar, Jaipur•
    16 hrs ago
  • विराटनगर (कोटपूतली-बहरोड़) के ऐतिहासिक और महाभारतकालीन प्राचीन गणेश मंदिर परिसर के समीप अरावली की पहाड़ियों में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्थानीय ग्रामीणों ने एक साथ चार तेंदुओं के कुनबे को देखा। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इन वन्यजीवों ने रात के अंधेरे में आबादी क्षेत्र के नजदीक आकर एक पालतू बकरी को अपना शिकार बना लिया। इस घटना के बाद से ही मंदिर के श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और चरवाहों में भारी दहशत का माहौल व्याप्त है।
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    विराटनगर (कोटपूतली-बहरोड़) के ऐतिहासिक और महाभारतकालीन प्राचीन गणेश मंदिर परिसर के समीप अरावली की पहाड़ियों में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्थानीय ग्रामीणों ने एक साथ चार तेंदुओं के कुनबे को देखा। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इन वन्यजीवों ने रात के अंधेरे में आबादी क्षेत्र के नजदीक आकर एक पालतू बकरी को अपना शिकार बना लिया।

इस घटना के बाद से ही मंदिर के श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और चरवाहों में भारी दहशत का माहौल व्याप्त है।
    user_Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    रिपोर्टर Viratnagar, Jaipur•
    6 hrs ago
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