मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और किसान सभा द्वारा जन समस्याओं को लेकर चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी आंदोलन और अभियान के तहत कैलारस में एक विशाल प्रदर्शन किया गया। किसान भवन से रैली निकालकर तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान हुई आमसभा को संबोधित करते हुए माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण किसानों की हालत लगातार बदहाल हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार अमेरिका के साथ फ्री ट्रेड डील करती है, तो इससे देश के किसान और कृषि पूरी तरह तबाह हो जाएंगे, जिससे करोड़ों पशुपालक किसानों को डेयरी उद्योग से बाहर होना पड़ेगा। जसविंदर सिंह ने खेती की बढ़ती लागत, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य न मिलने से हो रहे घाटे, बढ़ती भूमिहीनता और ज़मीन के केंद्रीकरण पर भी चिंता व्यक्त की, जिसे उन्होंने कृषि क्षेत्र और देश के लिए विनाशकारी बताया और इसके पुरजोर विरोध की आवश्यकता पर बल दिया। सभा में किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी ने बताया कि शक्कर कारखाना चालू कराने, जल निकासी की व्यवस्था, आवारा पशुओं का प्रबंधन और नाले-नालियों के निर्माण जैसी विभिन्न मांगों के लिए लगातार संघर्ष जारी है और आगामी दिनों में भी जारी रहेगा। वामपंथी नेता गयाराम सिंह धाकड़ ने कहा कि यदि जन समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन का नेतृत्व राजेश गुप्ता, भोंरु लाल, सियाराम सिंह, जगन्नाथ सिंह, बनवारी लाल, डॉ रामकुमार, ब्रजवीर सिंह सिकरवार, कन्हैयालाल और निरंजन शाक्य सहित कई नेताओं ने किया। यह अभियान और आंदोलन 10 जून तक जारी रहेगा। 11 जून को सुबह 7 बजे पुरानी सब्जी मंडी पर एक विशाल आमसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव और माकपा नेता बादल सरोज मुख्य वक्ता होंगे। यह अभियान जिले भर में जारी है और आगे भी जारी रहेगा।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और किसान सभा द्वारा जन समस्याओं को लेकर चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी आंदोलन और अभियान के तहत कैलारस में एक विशाल प्रदर्शन किया गया। किसान भवन से रैली निकालकर तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान हुई आमसभा को संबोधित करते हुए माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण किसानों की हालत लगातार बदहाल हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार अमेरिका के साथ फ्री ट्रेड डील करती है, तो इससे देश के किसान और कृषि पूरी तरह तबाह हो जाएंगे, जिससे करोड़ों पशुपालक किसानों को डेयरी उद्योग से बाहर होना पड़ेगा। जसविंदर सिंह ने खेती की बढ़ती लागत, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य न मिलने से हो रहे घाटे, बढ़ती भूमिहीनता और ज़मीन के केंद्रीकरण पर भी चिंता व्यक्त की, जिसे उन्होंने कृषि क्षेत्र और देश के लिए विनाशकारी बताया और इसके पुरजोर विरोध की आवश्यकता पर बल दिया। सभा में किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी ने बताया कि शक्कर कारखाना चालू कराने, जल निकासी की व्यवस्था, आवारा पशुओं का प्रबंधन और नाले-नालियों के निर्माण जैसी विभिन्न मांगों के लिए लगातार संघर्ष जारी है और आगामी दिनों में भी जारी रहेगा। वामपंथी नेता गयाराम सिंह धाकड़ ने कहा कि यदि जन समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन का नेतृत्व राजेश गुप्ता, भोंरु लाल, सियाराम सिंह, जगन्नाथ सिंह, बनवारी लाल, डॉ रामकुमार, ब्रजवीर सिंह सिकरवार, कन्हैयालाल और निरंजन शाक्य सहित कई नेताओं ने किया। यह अभियान और आंदोलन 10 जून तक जारी रहेगा। 11 जून को सुबह 7 बजे पुरानी सब्जी मंडी पर एक विशाल आमसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव और माकपा नेता बादल सरोज मुख्य वक्ता होंगे। यह अभियान जिले भर में जारी है और आगे भी जारी रहेगा।
- मध्य प्रदेश के जौरा स्थित सिविल अस्पताल में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों और नियमितीकरण की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल का सीधा असर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है, जिससे इलाज और जांच के लिए आ रहे मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी प्रदेश संगठन के आह्वान पर जौरा के संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने यह सामूहिक हड़ताल प्रारंभ की है। हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि नियमितीकरण सहित उनकी अन्य मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन शासन स्तर पर अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संविदा स्वास्थ्य कर्मी गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा संविदा कर्मियों के हित में निर्देश दिए जाने के बावजूद नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, और न ही अन्य लंबित मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई हुई है। हड़ताल के कारण अस्पताल की कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों ने स्वास्थ्य सेवाओं के बाधित होने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी। इस बीच, अस्पताल प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु बनाए रखने का प्रयास कर रहा है।1
- श्योपुर में नामांतरण संबंधी अपनी समस्या का समाधान न होने से परेशान एक व्यक्ति जन सुनवाई के दौरान दंडवत यात्रा करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। व्यक्ति का कहना है कि वह वर्षों से कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसकी समस्या का कोई हल नहीं निकला। इसी वजह से, जब उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई, तो उसने मजबूरी में न्याय की गुहार लगाने के लिए यह अनोखा तरीका अपनाया।1
- मुंगावली गांव में जल भराव की समस्या उत्पन्न हो रही है। गांव में पानी के निकास की समस्या के कारण यह स्थिति बनी हुई है। इस संबंध में, समस्या के समाधान हेतु एक आवेदन प्रस्तुत किया गया है।1
- सिक्किम का कंचनजंगा नेशनल पार्क एक अद्भुत विरासत है जिसे केवल देखा ही नहीं जाता, बल्कि महसूस भी किया जाता है। यह पार्क अपनी बर्फ से ढकी चोटियों, घने जंगलों और सदियों पुरानी लोककथाओं के माध्यम से प्रकृति और संस्कृति के बीच गहरे व जीवंत संबंध की कहानी कहता है। वर्ष 2016 में, इस गौरवशाली स्थल को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया, जिसके साथ यह भारत का पहला मिश्रित धरोहर स्थल बन गया। यह उपलब्धि देश के लिए एक विशेष सम्मान का प्रतीक है। कंचनजंगा नेशनल पार्क दुनिया के सामने उस भारतीय दृष्टिकोण को प्रस्तुत करता है, जहां विकास, सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति संरक्षण को एक-दूसरे का पूरक माना जाता है, न कि विरोधी। यह धरोहर इस बात पर जोर देती है कि तीनों तत्वों का सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व संभव है।1
- मोरैना शहर के वार्ड क्रमांक 7 स्थित चंबल कॉलोनी के पीछे कत्था-अंबाह रोड क्षेत्र में रहने वाले कई परिवारों ने स्थायी आवासीय पट्टा और पेयजल सुविधा की मांग को लेकर प्रशासन से गुहार लगाई है। इन परिवारों का कहना है कि वे पिछले 30 से 40 वर्षों से इस भूमि पर निवास कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें न तो भूमि का स्थायी कब्जा मिला है और न ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें शासन स्तर से आवासीय पट्टे आवंटित किए जा चुके हैं, फिर भी स्थानीय प्रशासन द्वारा उन्हें अब तक कब्जा नहीं दिलवाया गया है। उनका आरोप है कि कई बार एसडीएम और तहसील कार्यालय में आवेदन देने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। वर्तमान में ये परिवार लगभग 14 झोपड़ियों में जीवन यापन कर रहे हैं और यदि उन्हें इस भूमि से बेदखल किया जाता है, तो उनके सामने छोटे-छोटे बच्चों के साथ रहने का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा और उन्हें दर-दर भटकना पड़ेगा। ग्रामीणों ने कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग की है कि उन्हें आवंटित आवासीय भूमि पर शीघ्र कब्जा दिलाया जाए। साथ ही, क्षेत्र में पेयजल की गंभीर समस्या को देखते हुए हैंडपंप की व्यवस्था कराई जाए। उनका कहना है कि बार-बार आवेदन देने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने से वे बहुत परेशान हैं और मूलभूत सुविधाओं के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार चाहते हैं।1
- बाड़ी शहर में पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष राजकुमार भारद्वाज के नेतृत्व में वरिष्ठ कांग्रेसियों ने नगर पालिका में कथित भ्रष्टाचार को लेकर जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन प्रस्तुत किया है। यह ज्ञापन तहसील कार्यालय में टीआरए सौरभ गर्ग को सौंपा गया। ज्ञापन में नगर पालिका द्वारा निकाली गई नाला सफाई कार्य की निविदा में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उसे तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है। पूर्व उपाध्यक्ष राजकुमार भारद्वाज ने बताया कि नाला साफ-सफाई का कार्य हर वर्ष कराया जाता है, जिसका अनुमानित मैनुअल खर्च लगभग 15 लाख रुपये आता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पूर्व अधिशासी अधिकारी अमिताभ मीणा कुछ महीने पहले ही बसेड़ी रोड, सरमथुरा रोड, अलीगढ़ रोड, कहार गली और रेलवे स्टेशन स्थित नालों की सफाई करा चुके हैं, जिससे अब सफाई के लिए केवल एक-दो नाले ही शेष बचे हैं, जबकि यह निविदा 81 लाख रुपये की निकाली गई है। कांग्रेसियों ने इस 81 लाख रुपये के टेंडर को लेकर नगर पालिका के ईओ का घेराव किया और उन पर सवाल उठाए।4
- राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धौलपुर के अध्यक्ष (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) संजीव मागो के मार्गदर्शन में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) रेखा यादव ने बुधवार को धौलपुर स्थित राजकीय बाल संप्रेषण एवं शिशु गृह का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान बाल संप्रेषण गृह, बाल गृह (देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों हेतु) और शिशु गृह की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया। निरीक्षण के समय बाल संप्रेषण गृह में 10 विधि से संघर्षरत बालक, बाल गृह में एक बालक और शिशु गृह में दो शिशु उपस्थित पाए गए। सचिव रेखा यादव ने विशेष रूप से शिशु गृह का निरीक्षण करते हुए नवजात एवं छोटे बच्चों के आवास, खान-पान तथा चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों के दूध, पूरक आहार एवं भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता में कोई लापरवाही न बरती जाए। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने तथा समय-समय पर शिशु रोग विशेषज्ञ से स्वास्थ्य परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए। इसके बाद, सचिव ने बाल संप्रेषण गृह का निरीक्षण कर वहां रह रहे किशोरों से संवाद किया और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही भोजन, खेलकूद एवं विधिक सहायता संबंधी सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने किशोरों के मामलों की प्रगति, जमानत एवं अपील से जुड़ी जानकारी भी ली, साथ ही आवासीय कक्षों, बिस्तर व्यवस्था और गर्मी से राहत के लिए लगाए गए कूलरों का भी जायजा लिया। रेखा यादव ने बाल संप्रेषण गृह के प्रबंधन को यह भी निर्देशित किया कि किशोरों के मानसिक एवं व्यवहारिक विकास के लिए नियमित रूप से सकारात्मक परामर्श सत्र, योग शिविर एवं व्यक्तित्व विकास गतिविधियों का आयोजन किया जाए, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने बाल गृह में रह रहे देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चे से भी मुलाकात की तथा उसके रहने की व्यवस्था, शैक्षणिक सुविधाओं एवं अध्ययन सामग्री का निरीक्षण किया। इस आकस्मिक निरीक्षण में बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक बबलू शर्मा, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष मधु शर्मा, प्रबंधक मुरारीलाल मीणा, कनिष्ठ सहायक संजय, काउंसलर उषा यादव, मैनेजर निमिका मीणा, केयरटेकर राजकुमार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डंडोतिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- मंगलवार को जौरा तहसील परिसर में कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से जनसुनवाई आयोजित की। इस जनसुनवाई में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में नागरिक अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। जनसुनवाई के दौरान करीब 85 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें राजस्व, बिजली, पेयजल, महिला एवं बाल विकास, पंचायत सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें शामिल थीं। कलेक्टर ने सभी आवेदनों पर गंभीरता से सुनवाई की और संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर अधिकांश मामलों का मौके पर ही निराकरण कराया। इस अवसर पर जौरा एसडीएम शुभम शर्मा, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, बिजली विभाग, जनपद पंचायत और महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसामान्य की समस्याओं का समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए और किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए। जनसुनवाई में अपनी समस्याओं से कलेक्टर को अवगत कराने वाले कई आवेदकों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान होने से लोगों ने संतोष व्यक्त किया। कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को त्वरित और प्रभावी प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है, और जनसुनवाई के माध्यम से लोगों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।1