Shuru
Apke Nagar Ki App…
वडोदरा में विकास की नई रफ्तार, पीएम मोदी ने प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का किया शुभारंभ वडोदरा से लाइव 🚨 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में ₹35,000 करोड़ से अधिक की प्रमुख विकास एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण किया। 🚆🛣️ इन परियोजनाओं से रेल कनेक्टिविटी, सड़क परिवहन और लॉजिस्टिक्स को नई मजबूती मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित भारत की प्रगति का मजबूत आधार है। 📍 वडोदरा | गुजरात 🎥 वडोदरा से सीधा प्रसारण #PMModi #NarendraModi #Vadodara #Gujarat #Infrastructure #Development #ViksitBharat #India #LiveNews #PradeshKhabar
Pradesh Khabar News Network
वडोदरा में विकास की नई रफ्तार, पीएम मोदी ने प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का किया शुभारंभ वडोदरा से लाइव 🚨 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में ₹35,000 करोड़ से अधिक की प्रमुख विकास एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण किया। 🚆🛣️ इन परियोजनाओं से रेल कनेक्टिविटी, सड़क परिवहन और लॉजिस्टिक्स को नई मजबूती मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित भारत की प्रगति का मजबूत आधार है। 📍 वडोदरा | गुजरात 🎥 वडोदरा से सीधा प्रसारण #PMModi #NarendraModi #Vadodara #Gujarat #Infrastructure #Development #ViksitBharat #India #LiveNews #PradeshKhabar
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- वडोदरा में विकास की नई रफ्तार, पीएम मोदी ने प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का किया शुभारंभ वडोदरा से लाइव 🚨 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में ₹35,000 करोड़ से अधिक की प्रमुख विकास एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण किया। 🚆🛣️ इन परियोजनाओं से रेल कनेक्टिविटी, सड़क परिवहन और लॉजिस्टिक्स को नई मजबूती मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित भारत की प्रगति का मजबूत आधार है। 📍 वडोदरा | गुजरात 🎥 वडोदरा से सीधा प्रसारण #PMModi #NarendraModi #Vadodara #Gujarat #Infrastructure #Development #ViksitBharat #India #LiveNews #PradeshKhabar1
- सामाजिक कार्यकर्ता अंकुर जी ने दिया बड़ा बयान— सरकार पे उठाए कई सवाल कहा उठोगे या सोए रहोगे? लगातार समाज सेवा में जुड़े रहने वाले अंकुर जी लगातार अंबिकापुर के समस्याओं का उजागर करते रहते हैं इसी उपरांत उन्होंने बार-बार हर बार की तरह सड़क की समस्या को लेकर सरकार को चेताया है2
- ग्राम पंचायत परसिया में सीसी रोड सड़क निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों को हो रही परेशानी सूरजपुर जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत परसिया ब्लॉक भैयाथान में सड़क निर्माण कि मांग को लेकर मूलभूत सुविधाओं से ग्रामीणों को जूझना पड़ रहा है बरसात के समय सड़क पर चलने में हो रही भारी परेशानी क्षेत्र के नेता मंत्र सुध नहीं ले रहे।1
- अम्बिकापुर, सीतापुर की सड़कों को लेकर ये गाना हो रहा है वायरल तेरा सड़क करेंगे बेड़ा पार, उदासी मन काहे को करे। जगह-जगह हैं गड्ढे कीचड़, टूटी नाली, बड़े-बड़े बोल्डर। ट्रक वाले भी सिर धुन रहे हैं, गड्ढों में सड़कें ढूंढ रहे हैं। सड़कों पर घुटने भर-भर पानी, याद आ रही सबको नानी। चलाना नहीं है अब कार, उदासी मन काहे को करे। मंत्री विधायक बेकार, उदासी मन काहे को करे। सड़क बनी थी बड़े प्यार से, उखड़ गई पहली बौछार से। ठेकेदार का काम निराला, कागज पर पुल और नाला। बजट आया, फाइलें चलीं थी फाइल चली तो जेबें भरी थीं। जनता पूछे—सड़क किधर है? अफसर बोले—काम इधर है! बरसात आई, पोल खुली है , सड़क की सारी मिट्टी धुली है कल तक थे जो बड़े होशियार, बता रहे मौसम जिम्मेदार। उदासी मन काहे को करे। बाइक सवार फिसलते जाएं, पैदल वाले जूते बचाएं। जिसको जाना है बाजार, खोज रहा है नाव और पतवार। उदासी मन काहे को करे। गड्ढों में जब चांद उतरता, सड़क का चेहरा खूब निखरता। जनता पीएं कितनी हाला, सड़क बने है विष का प्याला। नेता जी फिर देंगे बयान, “बहुत जल्द होगा निर्माण।” जनता बोले—कब तक यार? उदासी मन काहे को करे। टेंडर होगा, शिलान्यास होगा, फिर फोटो का प्रकाश होगा। नारियल फूटे, फीता काटें, गड्ढों के बल रेवड़ी बांटें। फिर आएगा अगला चुनाव, फिर दिखलाएंगे नया स्वप्न-गांव। हम भी बोलें बारंबार— “तेरा सड़क करेंगे बेड़ा पार!” हंस लो भाई, रोना बेकार, गड्ढों से ही है अब प्यार। जब तक सड़क न आए यार, उदासी मन काहे को करे। सुनील गुप्ता केसला रोड सीतापुर1
- बाबा भोलेनाथ की नगरी चोरकी पानी धाम में बन रहा है भव्य शिव मंदिर हजारों लोगों के आस्था का केंद्र चोर की पानी धाम में भविष्य मंदिर का निर्माण किया जा रहा है जिसका विशाल स्वरूप दिखाना शुरू हो गया एक बार अपने परिवार को साथ जरूर आए1
- मुश्किलों को मात देकर अरविंद ने हासिल की मंजिल, NEET-2026 में सफलता, अब बनेंगे डॉक्टर पहली असफलता से नहीं मानी हार, दूसरे प्रयास में NEET क्वालिफाई कर डॉक्टर बनेंगे अरविंद कृषि मजदूर परिवार के बेटे का रायपुर मेडिकल कॉलेज में MBBS के लिए चयन, पंडो समुदाय और क्षेत्र में खुशी का माहौल रामचंद्रपुर/बलरामपुर, 11 सितंबर 2026। दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो तो विपरीत परिस्थितियां भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं। इस बात को ग्राम चुनापाथर, विकासखंड रामचंद्रपुर निवासी अरविंद कुमार पंडो ने अपनी मेहनत से साबित कर दिखाया है। आर्थिक कठिनाइयों और सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई करते हुए अरविंद ने पहले प्रयास में असफलता मिलने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना, तैयारी जारी रखी और दूसरे प्रयास में NEET-2026 क्वालिफाई कर डॉक्टर बनने के अपने सपने की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया। अरविंद का चयन पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में MBBS की पढ़ाई के लिए हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पंडो समुदाय और आदिवासी समाज में खुशी का माहौल है। सफलता की जानकारी मिलने के बाद सोशल एक्टिविस्ट एवं सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग, सरगुजा के संभाग प्रभारी बीपीएस पोया अरविंद के घर पहुंचे और उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कृषि मजदूर परिवार में जन्मे अरविंद ने देखा डॉक्टर बनने का सपना अरविंद कुमार कृषि मजदूर रमेश प्रसाद पंडो और गृहिणी मुनिया देवी के पुत्र हैं। साधारण परिवार में जन्म लेने के बावजूद अरविंद ने पढ़ाई को अपनी प्राथमिकता बनाया। ग्रामीण परिवेश और सीमित सुविधाओं के बीच उन्होंने डॉक्टर बनने का सपना देखा और उसे पूरा करने के लिए लगातार मेहनत की। अरविंद की सफलता इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि उन्होंने ऐसे क्षेत्र से निकलकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की है, जहां विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, मार्गदर्शन और अन्य शैक्षणिक संसाधनों के लिए काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। एकलव्य विद्यालय से शुरू हुआ सफलता का सफर अरविंद ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक शाला बैकुंठपुर से प्राप्त की। इसके बाद कक्षा 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई उन्होंने एकलव्य विद्यालय, बलरामपुर में पूरी की। स्कूल के दौरान ही उनके मन में डॉक्टर बनने का लक्ष्य मजबूत हुआ। 12वीं के बाद अरविंद ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए अंबिकापुर में रहकर NEET की तैयारी शुरू की। उन्होंने नियमित अध्ययन और मेहनत के साथ परीक्षा की तैयारी की। हालांकि पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद उन्होंने इसे अपनी मंजिल का अंत नहीं माना। पहले प्रयास की असफलता से सीख लेते हुए अरविंद ने अपनी तैयारी की समीक्षा की। जिन विषयों और क्षेत्रों में कमियां थीं, उन पर विशेष ध्यान दिया। लगातार मेहनत और अनुशासन के साथ उन्होंने दोबारा परीक्षा की तैयारी की और दूसरे प्रयास में NEET-2026 क्वालिफाई करने में सफल रहे। असफलता को बनाया सफलता की सीढ़ी अरविंद की कहानी उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो किसी प्रतियोगी परीक्षा में पहली बार असफल होने के बाद निराश हो जाते हैं। अरविंद ने असफलता को कमजोरी बनाने के बजाय उसे अपनी तैयारी सुधारने का अवसर बनाया। उनकी सफलता बताती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में एक प्रयास में सफलता न मिलने का अर्थ यह नहीं कि लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। सही रणनीति, लगातार मेहनत और आत्मविश्वास के साथ दोबारा प्रयास किया जाए तो परिणाम बदला जा सकता है। “प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं” : बीपीएस पोया अरविंद को बधाई देने पहुंचे बीपीएस पोया ने कहा कि अरविंद की सफलता पंडो समुदाय सहित पूरे आदिवासी समाज के लिए गौरव की बात है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मेहनत और निरंतर प्रयास से यह साबित किया है कि “प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती।” उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थी हैं, लेकिन उचित मार्गदर्शन और संसाधनों की कमी के कारण उन्हें अपनी क्षमता दिखाने का अवसर नहीं मिल पाता। ऐसे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि जाति प्रमाण-पत्र सहित आवश्यक दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं के कारण पात्र विद्यार्थियों को शिक्षा, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। पात्र विद्यार्थियों तक आरक्षण और सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाने के साथ समाज में शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। “गरीबी-अमीरी नहीं, मेहनत मायने रखती है” बीपीएस पोया ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा, “कौन गरीब है और कौन अमीर, यह मायने नहीं रखता। मायने यह रखता है कि हम अपने लक्ष्य और कर्तव्य के प्रति कितनी ईमानदारी और लगन से काम करते हैं।” उन्होंने अरविंद की सफलता को “कहो नहीं, करके दिखाओ” की भावना का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि अरविंद ने केवल डॉक्टर बनने का सपना नहीं देखा, बल्कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उसे हासिल करने के लिए लगातार प्रयास किया। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के ग्रामीण और आदिवासी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। अरविंद की युवाओं से अपील—नशे से दूर रहें, शिक्षा को बनाएं हथियार अपनी सफलता के बाद अरविंद कुमार ने क्षेत्र के युवाओं और विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा अपने समय और ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं तथा शिक्षा को अपना सबसे मजबूत हथियार बनाएं। उन्होंने कहा कि जीवन में असफलता आना स्वाभाविक है, लेकिन असफलता के कारण लक्ष्य छोड़ देना सही नहीं है। असफलता से सीख लेकर अपनी कमियों को दूर करना चाहिए और पहले से अधिक मेहनत के साथ दोबारा प्रयास करना चाहिए। अरविंद ने कहा कि मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और सही दिशा में निरंतर प्रयास के माध्यम से कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। MBBS प्रवेश में समाज ने बढ़ाया सहयोग का हाथ अरविंद के MBBS में प्रवेश के दौरान समाज के लोगों ने आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवार से आने वाले अरविंद के लिए यह सहयोग काफी महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। अरविंद ने कहा कि समाज के लोगों द्वारा दिए गए सहयोग और प्रोत्साहन से उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि वे पूरी लगन से MBBS की पढ़ाई करें और भविष्य में समाज एवं जरूरतमंद लोगों की सेवा कर सकें। “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पिएगा वह दहाड़ेगा” सरपंच प्रतिनिधि नंदकेश्वर पंडो ने अरविंद को बधाई देते हुए कहा, “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पिएगा वह दहाड़ेगा।” उन्होंने कहा कि अरविंद ने अपनी सफलता से यह साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्र का विद्यार्थी भी मेहनत और लगन के दम पर बड़े मुकाम तक पहुंच सकता है। उन्होंने क्षेत्र के अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अरविंद की सफलता से क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों को भी डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। पंडो समाज में खुशी का माहौल अरविंद की सफलता की खबर मिलते ही उनके परिवार, रिश्तेदारों और समाज के लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर मेडिकल कॉलेज में चयन हासिल करने वाले अरविंद को लोग बधाई दे रहे हैं। उनकी सफलता ने यह संदेश दिया है कि संसाधनों की कमी सपनों को रोक नहीं सकती। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत निरंतर हो और असफलता के बाद भी प्रयास जारी रखा जाए, तो सुदूर गांव का विद्यार्थी भी देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकता है। इस अवसर पर लक्ष्मी बैगा, राजेंद्र पंडो, कमला पंडो, रामजीत पंडो, सीमा पंडो, गोरेलाल पंडो सहित समाज के अनेक लोग उपस्थित रहे और अरविंद को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।1
- .राष्ट्रीय वन शहीद दिवस: बलरामपुर में वीर वनकर्मियों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, कलेक्टर और DFO रहे मौजूद ..राष्ट्रीय वन शहीद दिवस के अवसर पर आज बलरामपुर स्थित वन मंडलाधिकारी DFO कार्यालय परिसर में एक गरिमामय श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान देश की प्राकृतिक संपदा जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर वन शहीदों को याद कर उन्हें नमन किया गया। बीओ01...कार्यक्रम में जिला कलेक्टर, डीएफओ (DFO) सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र एवं फूल-मालाएं अर्पित कर वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी दो जांबाज कर्मचारियों की शहादत को किया याद समारोह के दौरान विशेष रूप से बलरामपुर जिले के उन दो बहादुर वन कर्मियों को याद किया गया, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान नक्सलियों के चंगुल में फंसने के बावजूद हार नहीं मानी और कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राण न्योछावर कर दिए। अधिकारियों ने कहा कि देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों की तरह ही ये वनकर्मी भी अपनी परवाह किए बिना दिन-रात जंगलों की सुरक्षा में डटे रहते हैं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएफओ ने बलरामपुर के शहीदों के साथ-साथ कर्तव्य निर्वहन के दौरान देशभर में शहीद हुए सभी वनकर्मियों के साहस और बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि इन वीरों की शहादत हमेशा युवाओं और वन विभाग के अमले को अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठावान रहने की प्रेरणा देती रहेगी। बाइट 1.. Alok Kumar Bajpai dfo बलरामपुर1
- सरगुजा छत्तीसगढ़ मंत्री— श्री राजेश अग्रवाल ने विधायक ग्रह घेराव एवं सड़क को लेकर दिए बड़े बयान कहा सड़के बनेगी जल्द बनेगी वर्तमान मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने बयान में कहा कि टेंडर पास हो चुका है ठेकेदार भी नियुक्त हो चुके हैं बारिश रुकते के साथ सड़कों का निर्माण शुरू होगा1