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हिन्दू उत्सव समिति परासिया के तत्वधान में भव्य डी जे नाईट छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत विधानसभा परासिया में आज दिनांक 26/3/26दिन गुरुवार समय रात्री 8बजे से स्थान श्री गुरुगोविन्द सिँग चौक पर, आप सभी नगरवासियो से हिन्दू उत्सव समिति निवैदन करती है अधिक से अधिक सँख्या मे अपनी उपस्थिती दे एवँ कार्यक्रम को सफल बनाये।
यश भारत
हिन्दू उत्सव समिति परासिया के तत्वधान में भव्य डी जे नाईट छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत विधानसभा परासिया में आज दिनांक 26/3/26दिन गुरुवार समय रात्री 8बजे से स्थान श्री गुरुगोविन्द सिँग चौक पर, आप सभी नगरवासियो से हिन्दू उत्सव समिति निवैदन करती है अधिक से अधिक सँख्या मे अपनी उपस्थिती दे एवँ कार्यक्रम को सफल बनाये।
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- छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत विधानसभा परासिया में आज दिनांक 26/3/26दिन गुरुवार समय रात्री 8बजे से स्थान श्री गुरुगोविन्द सिँग चौक पर, आप सभी नगरवासियो से हिन्दू उत्सव समिति निवैदन करती है अधिक से अधिक सँख्या मे अपनी उपस्थिती दे एवँ कार्यक्रम को सफल बनाये।1
- आंबेडकर वाटिका से डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का शिलान्यास पत्थर गायब, बहुजन समाज में आक्रोश, जाकीर की रिपोर्ट1
- पांढुर्णा:-सौसर में एच.पी. गैस संकट पर फूटा जनआक्रोश नगर सौसर के मोक्षधाम रोड पर क्षेत्रवासियों के साथ पहुंचकर एच.पी. गैस अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru App) 👇🏻1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 मार्च को छिंदवाड़ा और सौंसर के दौरे पर रहेंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। हालांकि अभी मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है, लेकिन प्रस्तावित शेड्यूल के अनुसार मुख्यमंत्री का दौरा सुबह से दोपहर तक कई कार्यक्रमों में व्यस्त रहेगा। आज बुधवार दोपहर 12 बजे मिली जानकारी अनुसार मुख्यमंत्री सुबह करीब 11 बजे विशेष विमान से इमलीखेड़ा हवाई पट्टी पहुंचेंगे। यहां से वे सीधे पुलिस ग्राउंड जाएंगे जहां वे विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे तथा आमसभा को संबोधित करेंगे1
- ये कहानी उस शख्स की है जिसने जीवन-काल के आरम्भ से लगभग हर मुकाम पर संकट झेले, संघर्ष किए और स्वयं-को स्थापित किया. कॉलेज और यूनिवर्सिटी की शिक्षा के साथ-ही प्रोफेशनल एजुकेशन में तक अपने को बरसों-बरस डुबोया. छोटे-से-छोटे व्यवसाय से लेकर बड़े-से-बड़े कारोबार तक उन्होंने हाथ आजमाते हुए सफलता अर्जित कीं. सार्वजनिक जीवन में भी उन्होंने खूब खट्टे-मीठे अनुभवों का स्वाद चखा. अब वो शासनतंत्र की बुलंदियों पर हैं, लेकिन जिस प्रकार का विज़न लेकर वो ठोस कार्य कर रहे हैं, ऐसा दिखाई देता है कि एक तेजी से विकसित और समावेशी समाज से लकदक नया मध्यप्रदेश आकार ले रहा है. इस महती अभियान की शुरुआत उन्होंने उज्जैन से की है, जहां नई अवंतिका गढ़ी जा रही है. ये लेख इस कारण नहीं लिखा जा रहा कि मोहन यादव ने सूबे की सरकार का नेतृत्व करते हुए निर्धारित कार्यकाल का लगभग आधा भाग पूर्ण कर लिया है. आज के दिन इसे पोस्ट करने का उद्देश्य यह भी नहीं है कि मुख्यमंत्री जी 25 मार्च 2026 को धूमधाम से अपना 62वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं. दरअसल, मंशा ये है कि उन तथ्यों को सामने लाया जाए, जो ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर जी की धरा पर भगवान श्रीकृष्ण की यात्रा का महत्त्व तो सिद्ध करते ही हैं बल्कि महाराजा विक्रमादित्य के अभूतपूर्व शासनकाल की याद भी ताज़ा करते हैं. क्षिप्रा नदी की पावनता और अमृत कुम्भों की बार-बार आवृत्ति तो सदा-से उज्जयिनी के होने का अहसास कराती ही है. 1980 से 2020 तक के एक लम्बे कालखंड में उज्जैन ने जिस तरह की दशा पाई, शायद कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था, उसके आभा-मंडित पुनर्जीवन की! हालात इतने भयावह हो चले थे कि चारों तरफ खंडहर नज़र आते थे, क्षिप्रा मैया स्वयं अपने जीर्णोद्धार को तक रहीं थीं! जिस ज़माने में कांग्रेस पार्टी की तूती बोला करती थी, उज्जैन को प्रकाशचन्द्र सेठी के स्वरूप में मुख्यमंत्री मिले थे. उन्होंने भरचक कोशिश भी कि विकास के आयामों में चार चांद जड़ने की, पर उन्हें इंदौर शिफ्ट कर दिया गया और इस तरह उज्जैन का पोलिटिकल स्टेटस नीचे की पायदानों पर लुढ़कता चला गया! सीएम शिवराज सिंह चौहान के दीर्घ कार्यकाल में सिंहस्थ और महाकाल जी के नाम पर अधोसंरचना विकसित करने के कार्य जरूर हुए. 13 दिसंबर 2023 का तारीखी पल, दिन, महीना और साल बहुत-कुछ बखान करते हुए आया. शायद, बाबा महाकाल जी की कृपा बरस रही थी जो मोहन यादव भाजपा के श्रेष्ठि वर्ग की आंखों का तारा बन गए! मुख्यमंत्री का पद संभालते-ही उन्होंने अपनी अहर्निश सक्रियता, तीव्र गतिशीलता, भारतीय सेना की तरह निर्णय लेने और उसे अंगद की टीम के माफिक लागू करने और समय-समय पर सबक सिखाने वाले और अत्यंत करुनामय फैसले कर अपना तगड़ा परिचय सबको दिया है! उनके कतिपय बयानों, निर्णयों और क़दमों की आलोचनात्मक समीक्षाएं भी हुईं, उज्जैन से दिल्ली तलक, मगर उन्होंने इसे सकारात्मक रूप से ही लिया. संविधान में जिस कल्याणकारी राज्य की परिकल्पना की गई थी, वो अन्य मुख्यमंत्रियों की तरह मोहन जी भी फलीभूत कर ही रहे हैं! ग्राम पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक के चुनाव जितवाने का टारगेट अचीव करने के साथ-साथ 2028 का गढ़ फिर से फतह करने के लोड को वो समझ-ही रहे होंगे! सरकार चलाने, असेंबली को फेस करने, पार्टी संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और अपने-ही गृह क्षेत्र के समीकरणों को संभालने में उनका अधिकांश समय खप जाता है. बावजूद इसके, उन्होंने जिस मनोयोग से विकास के मॉडल्स को एक-एक कर छुआ है, वो दर्शाता है कि उन्होंने किस तरह उज्जयिनी की सर्वकालिक महान विरासत को समझा और तमाम कामयाबियों के साथ आत्मसात किया! आप सबके संज्ञान में लाता चलूं, मेरी इस लेखनी की बारीकी से चर्चा और चीर-फाड़ होगी: इसके टारगेट्स और कथित छिपे बेनेफिट्स पर लोग-बाग बुक्का फाड़ेंगे! इसमें कोई दिक्कत भी नहीं है...अब जानिए सब-कुछ खो-पाकर उज्जैन कितनी लम्बी और ऊंची छलांग लगाने जा रहा है: (1) विक्रम उद्योग-पुरी सहित समूचे मालवांचल में, जिसे प्राचीनकाल में अवंतिका जनपद के तौर पर जाना जाता था, वहां अनगिनत देशी-विदेशी कंपनियां अनेकानेक प्रकार-के उद्योग-धंधे-व्यवसाय-व्यापार सीमा-पार राशि से स्थापित कर रहे हैं; (2) जो पुरानी, लेकिन बड़ी-बड़ी जल-संरचनाएं हैं, उनका व्यवस्थित प्रबंधन कर पेयजल, खेती-किसानी और कारखानों की जरूरतों के मानिंद सप्लाई की बेहद महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर द्रुत गति से काम चल रहा है; (3) सभी प्रमुख मार्गों का नए सिरे से और 2050 तक के हिसाब से निर्माण और पुनर-निर्माण प्रचलित है; (4) रेल लाइन्स का विस्तार और नए-नए सब-स्टेशन का विकास देखते-ही बनता है; (5) मेट्रो ट्रेन का सफ़र अब दिवा-स्वप्न नहीं रह गया; (6) अलग-अलग कैपेसिटी के बिजली आपूर्ति के आधुनिक केन्द्रों की स्थापना होती देखी जा सकती है; (7) जगह-जगह हेलिपैड का निर्माण, उनपर आकस्मिक, पर्यटन और कमर्शियल फैक्टर्स के तहत उड़ान सेवाएं, एअरपोर्ट, कार्गो के लिए उच्च-स्तरीय प्रयास; (8) कल्चरल और स्पोर्ट्स के हब स्थापित करने के उल्लेखनीय कार्य; (9) कोठी से लेकर मसान तक आन्तरिक शहर के कायाकल्प के उपक्रम; (10) उत्तरवाही क्षिप्रा नदी पर पूर्व से लेकर पश्चिम तक अबाधित उपयोगी और सुंदर स्नान घाट की श्रृंखला... *मैं, फिलहाल, एक विराम ले रहा हूं, इस बात को विशेषकर शेयर करते हुए कि अटैचमेंट्स पर गौर फरमाइएगा: उज्जैन के उभरते चितेरे पुनीत कदवाने ने चने के एक दाने पर वाटर कलर से एक तस्वीर उकेरी है, अपने गुरु अभिषेक तोमर की प्रेरणा से: मोहन का अभ्युदय!*1
- हरई अमरवाड़ा मार्गमें हरियाणा के अंबाला से डाबर कंपनी के प्रोडक्ट उत्पादकों को लेकर नागपुर जा रहा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया है जिसकी वजह से कंपनी के प्रोडक्ट बिखर गए और कुछ लोगों ने इनको चुरा करले गए1
- Post by Naresh Kumar Yadav1
- 24 घंटे में सिंगोड़ी पुलिस ने पेंच नदी पुल के नीचे मिली अज्ञात महिला के शव की गुत्थीे सुलझाई सिंगोड़ी:– मंगलवार को पेंच नदी पुल के नीचे मिली अज्ञात महिला के शव की गुत्थी सिंगोड़ी पुलिस ने 24 घंटे के अंदर सुलझा ली। उक्त महिला के पति ने ही हत्या कर महाराष्ट्र राज्य से लाकर नदी में फेका था। चौकी प्रभारी पंकज राय ने बताया की उक्त मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डे के निर्देशन,आशीष खरे अति. पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती कल्याणी वरकड़े के निर्देशन एवं थाना प्रभारी राजेन्द्र धुर्वे के मार्गदर्शन में अपराधों की रोकथाम एवं तत्परता से कार्यवाही हेतु पूर्व से निर्देशित किया गया है। 24 मार्च को सूचना प्राप्त हुई कि पेंच नदी पुल के नीचे किसी अज्ञात महिला का शव पानी में पडा है। जांच के दौरान बुधवार को थाना सेलू जिला वर्धा से महाराष्ट्र पुलिस, के साथ रोशन चक्रे पिता विश्वास चक्रे उम्र 27 वर्ष निवासी दताला तह मुर्तिजापुर जिला अकोला के उपस्थित आये। रोशन चक्रे से पूछताछ करने पर बताया कि उसका जीजा अक्षय चौरपगार है जिसके साथ 23 मार्च को उसकी बहन प्रणिता नागपुर गई थी जो इसके जीजा के साथ वापस नहीं आई थी। प्रणिता के न मिलने पर अक्षय चौरपगार से सेलू थाना जिला वर्धा के द्वारा पूछताछ किया गया तब अक्षय ने बताया कि उसने अपनी पत्नि प्रणिता को मुर्तिजापुर से नागपुर शापिंग कराने के लिये लेकर गया था जो रास्ते में आपस में वाद विवाद होने के कारण आरवी के पास रास्ते में कार में बैठे - बैठे इसने प्रणिता का गला दबाया और फिर ग्राम सेलू के सामने आकर पुनः गला दबाया जिससे प्रणिता मृत्यू हो गई। तब अक्षय ने इसकी पत्नि प्रणिता को नागपुर होते हुये रात के 10 बजे पेंच नदी पुल सिंगोडी में पहुँचकर प्रणिता की बाडी को पुल के नीचे पानी में फेक कर वापस चला गया था। पुलिस के द्वारा परिजनों को शव सुपुर्द किया। चूँकि घटनास्थल सेलू थाना जिला वर्धा (महा) का होने से मर्ग डायरी जांच उपरांत संबंधित थाना भेजी जाती है।1