Shuru
Apke Nagar Ki App…
बंडोल/सिवनी_कात्यायनी मंदिर बंडोल में षष्ठी पूजन का विशेष महत्व(२४३२६-२६३२६)
Naresh Kumar Yadav
बंडोल/सिवनी_कात्यायनी मंदिर बंडोल में षष्ठी पूजन का विशेष महत्व(२४३२६-२६३२६)
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- Post by Naresh Kumar Yadav1
- 'रसीद दिखाओ या ऑनलाइन चालान!': सिवनी में अवैध वसूली को लेकर पुलिस को लोगों ने घेरा, देखें वीडियो1
- वार्ड न. 06 के सुखचंद कोडोपे बड़े भैया की स्थिति ठीक है, रय्यतवाड़ी के भालेकर जी का पैर बीच से टूट गया है सिवनी रेफर1
- कलबोड़ी में मारुति नर्सिंग कॉलेज पर पंचायत टैक्स न देने का आरोप, कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत बिना अनुमति चार मंजिला भवन निर्माण और कर बकाया को लेकर सरपंच ने उठाई आवाज कलबोड़ी : विकासखंड कुरई अंतर्गत ग्राम पंचायत कलबोड़ी में स्थित मारुति नर्सिंग कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ पंचायत कर (टैक्स) न चुकाने और बिना अनुमति भवन निर्माण करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्राम पंचायत के सरपंच नरेश द्वारा कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में बताया गया कि मारुति नर्सिंग कॉलेज द्वारा चार मंजिला भवन का निर्माण ग्राम पंचायत की अनुमति लिए बिना ही कर लिया गया।1
- वैनगंगा उद्गम स्थल पर 3.05 करोड़ के निर्माण में गड़बड़ी के आरोप, सूचना पटल बना मजाक अखबार में खबर के बाद कराया बोर, पानी नहीं निकला; पेड़ से रस्सी बांधकर टांगा सूचना पटल, गुणवत्ता पर उठे सवाल सिवनी/मुंडारा : जिले की जीवनदायिनी वैनगंगा नदी के उद्गम स्थल पर पर्यटन विभाग द्वारा करीब 3 करोड़ 5 लाख रुपये की लागत से चल रहे निर्माण कार्य में लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप लगातार गहराते जा रहे हैं। चार माह से जारी इस कार्य में न तो पारदर्शिता दिखाई दे रही है और न ही गुणवत्ता का पालन होता नजर आ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इतने बड़े बजट के बावजूद निर्माण स्थल पर लंबे समय तक सूचना पटल नहीं लगाया गया। जब इस मामले को लेकर अखबार में खबर प्रकाशित हुई तो आनन-फानन में बोर कराया गया, लेकिन उसमें भी पर्याप्त पानी नहीं निकला। उपयंत्री द्वारा लगभग 2 इंच पानी निकलने और तराई होने की बात कही जा रही है, जबकि मौके की स्थिति इससे अलग बताई जा रही है। ग्राम पंचायत सचिव विजय राहंगडाले ने स्पष्ट कहा कि बोर गलत स्थान पर किया गया, इसी वजह से पानी नहीं निकला। सूचना पटल बना मजाक ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूचना पटल के नाम पर केवल एक बैनर तैयार कर उसे पेड़ में रस्सी से बांधकर लटका दिया गया है। उनका कहना है कि जिले में इस तरह का सूचना पटल आज तक कहीं देखने को नहीं मिला। जहां ग्राम पंचायतों में 1-2 लाख के छोटे कार्यों में भी स्थायी शिलालेख लगाए जाते हैं, वहीं करोड़ों के इस निर्माण में इस तरह की लापरवाही समझ से परे है। घटिया निर्माण और सुरक्षा के अभाव निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पेड़ों के चबूतरों में तराई न होने से सीमेंट झड़ने लगी है, जबकि सीसी सड़क सहित अन्य निर्माण कार्य भी मानकों के अनुरूप नहीं बताए जा रहे। सबसे चिंताजनक स्थिति 7 फीट गहरे कुंड की है, जिसे खुला छोड़ दिया गया है। सुरक्षा के नाम पर केवल हरि नेट से आंशिक रूप से ढकने की कोशिश की गई है, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। पेटी ठेकेदारी और जिम्मेदारी पर सवाल ग्रामीणों के मुताबिक, निर्माण कार्य पेटी ठेकेदारी के माध्यम से कराया जा रहा है। पेटी ठेकेदार संदीप मर्सकोले द्वारा कार्य किए जाने की बात सामने आई है, जबकि मुख्य ठेकेदार भोपाल के बताए जा रहे हैं। इससे कार्य की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग ग्रामीणों ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि न तो जिम्मेदार अधिकारी मौके पर ध्यान दे रहे हैं और न ही सही जानकारी सार्वजनिक की जा रही है। उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच, गुणवत्ता परीक्षण और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं संत आशिर्वादास जी ने भी कहा कि निर्माण कार्य “भगवान भरोसे” चल रहा है। उन्होंने संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी से कार्य की जांच कराकर गुणवत्ता के साथ निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि वैनगंगा जैसी पवित्र और जीवनदायिनी नदी के उद्गम स्थल पर इस तरह की अनियमितताएं न केवल सरकारी धन की बर्बादी हैं, बल्कि क्षेत्र के धार्मिक और पर्यटन महत्व को भी प्रभावित कर रही हैं।1
- ग्राम पंचायत चुटका में आंगनवाड़ी निर्माण कार्य एक साल से ठप, जर्जर हो रही सामग्री सिवनी। जनपद पंचायत सिवनी अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चुटका में आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य पिछले एक वर्ष से अधूरा पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य लंबे समय से बंद होने के कारण मौके पर रखी निर्माण सामग्री भी जर्जर होती जा रही है, जिससे सरकारी धन के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य के लिए लाई गई लोहे की सामग्री जंग लगने से जर्जर हो चुकी है, वहीं निर्माण कार्य के लिए लाई गई लोहे की सामग्री जंग लगने से जर्जर लगी हैं। हैरानी की बात यह है कि अभी तक भवन खड़ा भी नहीं हो पाया है और कार्य बीच में ही रोक दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं, साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि आखिर काम क्यों रोका गया है। कार्य बंद होने का कारण अब तक सामने नहीं आया है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पंचायत सचिव से लगातार दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सचिव से संपर्क नहीं हो पा रहा है और न ही कोई स्पष्ट जानकारी दी जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए और गुणवत्ता हीन कार्य के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए, ताकि आंगनवाड़ी भवन का निर्माण शीघ्र पूरा हो सके और बच्चों व महिलाओं को सुविधा मिल सकें1
- *लोकेशन आलीराजपुर* *रिपोर्टर विजय कुमार सोनी* महिलाओं ने सिर पर उठाया रथ, भूल-चूक की सामूहिक माफी मांगकर माता को किया विदा आलीराजपुर गणगौर पर्व के चलते रविवार रात माली समाज ने गणगौर माता का चल समारोह निकाला। जिसमें श्रद्धा और उल्लास का माहौल नजर आया। इस दौरान महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरी तरह से पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाओं ने माता के रथ को अपने सिर पर उठाया और जुलूस में कदम ताल करती नजर आई। माली समाज धर्मशाला से चल समारोह में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। ज्वारों और रथ के साथ निकले इस चल समारोह में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए सगरवंशीय माली समाज द्वारा गणगौर का यह पर्व धूमधाम से मनाया गया। माली समाज के मीडिया प्रभारी संजय गेहलोद ने बताया कि चल समारोह में समाज की महिलाएं और पुरुष अपनी पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर शामिल हुए। सिर पर माता का रथ धारण किए महिलाओं की भक्ति ने पूरे माहौल को धर्ममय कर दिया। चल समारोह रात 10 बजे से प्रारंभ हुआ, जो नीम चौक, राजवाड़ा, हाट गली चौराहा होते हुए निकला। रात में माता की विदाई के पूर्व माता को नैवेद्य और खीर का भोग लगाकर माता का विदाई चल समारोह धूमधाम से निकाला गया। माता को सिनेमा चौराहा पर स्थित को बड़ी माता पर समाज के सभी बालक बालिकाओं, महिला, पुरुषों ने भूल-चूक माफी मांग कर माता को नम आंखों से को विदा किया1
- 150 गाँवों के लोगों की प्यास का जिम्मेदार कौन? छपारा तहसील की बदहाल तस्वीर।1