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बरघाट से बड़ी खबर 🚨 वार्ड न. 06 के सुखचंद कोडोपे बड़े भैया की स्थिति ठीक है, रय्यतवाड़ी के भालेकर जी का पैर बीच से टूट गया है सिवनी रेफर . . #barghat वार्ड न. 06 के सुखचंद कोडोपे बड़े भैया की स्थिति ठीक है, रय्यतवाड़ी के भालेकर जी का पैर बीच से टूट गया है सिवनी रेफर

8 hrs ago
user_Barghat Waale
Barghat Waale
बरघाट, सिवनी, मध्य प्रदेश•
8 hrs ago

बरघाट से बड़ी खबर 🚨 वार्ड न. 06 के सुखचंद कोडोपे बड़े भैया की स्थिति ठीक है, रय्यतवाड़ी के भालेकर जी का पैर बीच से टूट गया है सिवनी रेफर . . #barghat वार्ड न. 06 के सुखचंद कोडोपे बड़े भैया की स्थिति ठीक है, रय्यतवाड़ी के भालेकर जी का पैर बीच से टूट गया है सिवनी रेफर

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • वार्ड न. 06 के सुखचंद कोडोपे बड़े भैया की स्थिति ठीक है, रय्यतवाड़ी के भालेकर जी का पैर बीच से टूट गया है सिवनी रेफर
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    वार्ड न. 06 के सुखचंद कोडोपे बड़े भैया की स्थिति ठीक है, रय्यतवाड़ी के भालेकर जी का पैर बीच से टूट गया है सिवनी रेफर
    user_Barghat Waale
    Barghat Waale
    बरघाट, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Post by Naresh Kumar Yadav
    1
    Post by Naresh Kumar Yadav
    user_Naresh Kumar Yadav
    Naresh Kumar Yadav
    सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • 'रसीद दिखाओ या ऑनलाइन चालान!': सिवनी में अवैध वसूली को लेकर पुलिस को लोगों ने घेरा, देखें वीडियो
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    'रसीद दिखाओ या ऑनलाइन चालान!': सिवनी में अवैध वसूली को लेकर पुलिस को लोगों ने घेरा, देखें वीडियो
    user_BS News Network
    BS News Network
    Local News Reporter Seoni, Madhya Pradesh•
    15 hrs ago
  • कलबोड़ी में मारुति नर्सिंग कॉलेज पर पंचायत टैक्स न देने का आरोप, कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत बिना अनुमति चार मंजिला भवन निर्माण और कर बकाया को लेकर सरपंच ने उठाई आवाज कलबोड़ी : विकासखंड कुरई अंतर्गत ग्राम पंचायत कलबोड़ी में स्थित मारुति नर्सिंग कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ पंचायत कर (टैक्स) न चुकाने और बिना अनुमति भवन निर्माण करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्राम पंचायत के सरपंच नरेश द्वारा कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में बताया गया कि मारुति नर्सिंग कॉलेज द्वारा चार मंजिला भवन का निर्माण ग्राम पंचायत की अनुमति लिए बिना ही कर लिया गया।
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    कलबोड़ी में मारुति नर्सिंग कॉलेज पर पंचायत टैक्स न देने का आरोप, कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत
बिना अनुमति चार मंजिला भवन निर्माण और कर बकाया को लेकर सरपंच ने उठाई आवाज
कलबोड़ी  : विकासखंड कुरई अंतर्गत ग्राम पंचायत कलबोड़ी में स्थित मारुति नर्सिंग कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ पंचायत कर (टैक्स) न चुकाने और बिना अनुमति भवन निर्माण करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में ग्राम पंचायत के सरपंच नरेश द्वारा कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई गई है।
शिकायत में बताया गया कि मारुति नर्सिंग कॉलेज द्वारा चार मंजिला भवन का निर्माण ग्राम पंचायत की अनुमति लिए बिना ही कर लिया गया।
    user_Ramkumar Prajapati
    Ramkumar Prajapati
    Classified ads newspaper publisher कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • वैनगंगा उद्गम स्थल पर 3.05 करोड़ के निर्माण में गड़बड़ी के आरोप, सूचना पटल बना मजाक अखबार में खबर के बाद कराया बोर, पानी नहीं निकला; पेड़ से रस्सी बांधकर टांगा सूचना पटल, गुणवत्ता पर उठे सवाल सिवनी/मुंडारा : जिले की जीवनदायिनी वैनगंगा नदी के उद्गम स्थल पर पर्यटन विभाग द्वारा करीब 3 करोड़ 5 लाख रुपये की लागत से चल रहे निर्माण कार्य में लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप लगातार गहराते जा रहे हैं। चार माह से जारी इस कार्य में न तो पारदर्शिता दिखाई दे रही है और न ही गुणवत्ता का पालन होता नजर आ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इतने बड़े बजट के बावजूद निर्माण स्थल पर लंबे समय तक सूचना पटल नहीं लगाया गया। जब इस मामले को लेकर अखबार में खबर प्रकाशित हुई तो आनन-फानन में बोर कराया गया, लेकिन उसमें भी पर्याप्त पानी नहीं निकला। उपयंत्री द्वारा लगभग 2 इंच पानी निकलने और तराई होने की बात कही जा रही है, जबकि मौके की स्थिति इससे अलग बताई जा रही है। ग्राम पंचायत सचिव विजय राहंगडाले ने स्पष्ट कहा कि बोर गलत स्थान पर किया गया, इसी वजह से पानी नहीं निकला। सूचना पटल बना मजाक ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूचना पटल के नाम पर केवल एक बैनर तैयार कर उसे पेड़ में रस्सी से बांधकर लटका दिया गया है। उनका कहना है कि जिले में इस तरह का सूचना पटल आज तक कहीं देखने को नहीं मिला। जहां ग्राम पंचायतों में 1-2 लाख के छोटे कार्यों में भी स्थायी शिलालेख लगाए जाते हैं, वहीं करोड़ों के इस निर्माण में इस तरह की लापरवाही समझ से परे है। घटिया निर्माण और सुरक्षा के अभाव निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पेड़ों के चबूतरों में तराई न होने से सीमेंट झड़ने लगी है, जबकि सीसी सड़क सहित अन्य निर्माण कार्य भी मानकों के अनुरूप नहीं बताए जा रहे। सबसे चिंताजनक स्थिति 7 फीट गहरे कुंड की है, जिसे खुला छोड़ दिया गया है। सुरक्षा के नाम पर केवल हरि नेट से आंशिक रूप से ढकने की कोशिश की गई है, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। पेटी ठेकेदारी और जिम्मेदारी पर सवाल ग्रामीणों के मुताबिक, निर्माण कार्य पेटी ठेकेदारी के माध्यम से कराया जा रहा है। पेटी ठेकेदार संदीप मर्सकोले द्वारा कार्य किए जाने की बात सामने आई है, जबकि मुख्य ठेकेदार भोपाल के बताए जा रहे हैं। इससे कार्य की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग ग्रामीणों ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि न तो जिम्मेदार अधिकारी मौके पर ध्यान दे रहे हैं और न ही सही जानकारी सार्वजनिक की जा रही है। उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच, गुणवत्ता परीक्षण और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं संत आशिर्वादास जी ने भी कहा कि निर्माण कार्य “भगवान भरोसे” चल रहा है। उन्होंने संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी से कार्य की जांच कराकर गुणवत्ता के साथ निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि वैनगंगा जैसी पवित्र और जीवनदायिनी नदी के उद्गम स्थल पर इस तरह की अनियमितताएं न केवल सरकारी धन की बर्बादी हैं, बल्कि क्षेत्र के धार्मिक और पर्यटन महत्व को भी प्रभावित कर रही हैं।
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    वैनगंगा उद्गम स्थल पर 3.05 करोड़ के निर्माण में गड़बड़ी के आरोप, सूचना पटल बना मजाक
अखबार में खबर के बाद कराया बोर, पानी नहीं निकला; पेड़ से रस्सी बांधकर टांगा सूचना पटल, गुणवत्ता पर उठे सवाल
सिवनी/मुंडारा  : जिले की जीवनदायिनी वैनगंगा नदी के उद्गम स्थल पर पर्यटन विभाग द्वारा करीब 3 करोड़ 5 लाख रुपये की लागत से चल रहे निर्माण कार्य में लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप लगातार गहराते जा रहे हैं। चार माह से जारी इस कार्य में न तो पारदर्शिता दिखाई दे रही है और न ही गुणवत्ता का पालन होता नजर आ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इतने बड़े बजट के बावजूद निर्माण स्थल पर लंबे समय तक सूचना पटल नहीं लगाया गया। जब इस मामले को लेकर अखबार में खबर प्रकाशित हुई तो आनन-फानन में बोर कराया गया, लेकिन उसमें भी पर्याप्त पानी नहीं निकला। उपयंत्री द्वारा लगभग 2 इंच पानी निकलने और तराई होने की बात कही जा रही है, जबकि मौके की स्थिति इससे अलग बताई जा रही है।
ग्राम पंचायत सचिव विजय राहंगडाले ने स्पष्ट कहा कि बोर गलत स्थान पर किया गया, इसी वजह से पानी नहीं निकला।
सूचना पटल बना मजाक
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूचना पटल के नाम पर केवल एक बैनर तैयार कर उसे पेड़ में रस्सी से बांधकर लटका दिया गया है। उनका कहना है कि जिले में इस तरह का सूचना पटल आज तक कहीं देखने को नहीं मिला। जहां ग्राम पंचायतों में 1-2 लाख के छोटे कार्यों में भी स्थायी शिलालेख लगाए जाते हैं, वहीं करोड़ों के इस निर्माण में इस तरह की लापरवाही समझ से परे है।
घटिया निर्माण और सुरक्षा के अभाव
निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पेड़ों के चबूतरों में तराई न होने से सीमेंट झड़ने लगी है, जबकि सीसी सड़क सहित अन्य निर्माण कार्य भी मानकों के अनुरूप नहीं बताए जा रहे। सबसे चिंताजनक स्थिति 7 फीट गहरे कुंड की है, जिसे खुला छोड़ दिया गया है। सुरक्षा के नाम पर केवल हरि नेट से आंशिक रूप से ढकने की कोशिश की गई है, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
पेटी ठेकेदारी और जिम्मेदारी पर सवाल
ग्रामीणों के मुताबिक, निर्माण कार्य पेटी ठेकेदारी के माध्यम से कराया जा रहा है। पेटी ठेकेदार संदीप मर्सकोले द्वारा कार्य किए जाने की बात सामने आई है, जबकि मुख्य ठेकेदार भोपाल के बताए जा रहे हैं। इससे कार्य की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग
ग्रामीणों ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि न तो जिम्मेदार अधिकारी मौके पर ध्यान दे रहे हैं और न ही सही जानकारी सार्वजनिक की जा रही है। उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच, गुणवत्ता परीक्षण और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं संत आशिर्वादास जी ने भी कहा कि निर्माण कार्य “भगवान भरोसे” चल रहा है। उन्होंने संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी से कार्य की जांच कराकर गुणवत्ता के साथ निर्माण कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि वैनगंगा जैसी पवित्र और जीवनदायिनी नदी के उद्गम स्थल पर इस तरह की अनियमितताएं न केवल सरकारी धन की बर्बादी हैं, बल्कि क्षेत्र के धार्मिक और पर्यटन महत्व को भी प्रभावित कर रही हैं।
    user_बिहारीलाल सोनी
    बिहारीलाल सोनी
    पत्रकार कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • ग्राम पंचायत चुटका में आंगनवाड़ी निर्माण कार्य एक साल से ठप, जर्जर हो रही सामग्री सिवनी। जनपद पंचायत सिवनी अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चुटका में आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य पिछले एक वर्ष से अधूरा पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य लंबे समय से बंद होने के कारण मौके पर रखी निर्माण सामग्री भी जर्जर होती जा रही है, जिससे सरकारी धन के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य के लिए लाई गई लोहे की सामग्री जंग लगने से जर्जर हो चुकी है, वहीं निर्माण कार्य के लिए लाई गई लोहे की सामग्री जंग लगने से जर्जर लगी हैं। हैरानी की बात यह है कि अभी तक भवन खड़ा भी नहीं हो पाया है और कार्य बीच में ही रोक दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं, साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि आखिर काम क्यों रोका गया है। कार्य बंद होने का कारण अब तक सामने नहीं आया है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पंचायत सचिव से लगातार दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सचिव से संपर्क नहीं हो पा रहा है और न ही कोई स्पष्ट जानकारी दी जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए और गुणवत्ता हीन कार्य के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए, ताकि आंगनवाड़ी भवन का निर्माण शीघ्र पूरा हो सके और बच्चों व महिलाओं को सुविधा मिल सकें
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    ग्राम पंचायत चुटका में आंगनवाड़ी निर्माण कार्य एक साल से ठप, जर्जर हो रही सामग्री
सिवनी। जनपद पंचायत सिवनी अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चुटका में आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य पिछले एक वर्ष से अधूरा पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य लंबे समय से बंद होने के कारण मौके पर रखी निर्माण सामग्री भी जर्जर होती जा रही है, जिससे सरकारी धन के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य के लिए लाई गई लोहे की सामग्री जंग लगने से जर्जर हो चुकी है, वहीं निर्माण कार्य के लिए लाई गई लोहे की सामग्री जंग लगने से जर्जर लगी हैं। हैरानी की बात यह है कि अभी तक भवन खड़ा भी नहीं हो पाया है और कार्य बीच में ही रोक दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं, साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि आखिर काम क्यों रोका गया है। कार्य बंद होने का कारण अब तक सामने नहीं आया है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पंचायत सचिव से लगातार दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सचिव से संपर्क नहीं हो पा रहा है और न ही कोई स्पष्ट जानकारी दी जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए और गुणवत्ता हीन कार्य के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए, ताकि आंगनवाड़ी भवन का निर्माण शीघ्र पूरा हो सके और बच्चों व महिलाओं को सुविधा मिल सकें
    user_सरवन वर्मा पत्रकार
    सरवन वर्मा पत्रकार
    Journalist कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • वारासिवनी । एक ओर तो रेत ठेकेदार द्वारा रेत का ठेका सरेंडर कर दिया गया है, लेकिन दूसरी ओर अभी भी रेत का परिवहन धड़ल्ले से हो रहा है। इसका एक नजारा मंगलवार की रात्रि लगभग 10 बजे ग्राम मेंहदीवाड़ा में देखने में आया, जब रेत से भरा हुए एक डम्पर एक बाईक सवार को बचाने के फेर में सडक़ से नीचे खेतों में पलट गया था। जिससे उसमें भरी हुई रेत खेत में बिखर गई।यह डम्पर खैरलॉजी क्षेत्र के ग्राम कुम्हली रेत घाट से रेत भरकर ग्राम खापा के एथेनॉल प्लांट ला रहा था। लेकिन डम्पर चालक ग्राम मेंहदीवाड़ा पहुॅचने के बाद ग्राम खापा के लिए मुडऩे के स्थान पर सीधा वारासिवनी की ओर आने लगा। जब डम्पर चालक चंदन नदी के पुल के पास पहुॅचा, तो उसे गलत दिशा में जाने का अहसास होने पर उसने डम्पर को रिवर्स लेने के लिए मोडऩे का प्रयास किया। इसी दौरान एक पल्सर बाईक सवार डम्पर के पीछे आ गया। जिसे बचाने के फेर में डम्पर चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया और डम्पर सडक़ किनारे खेत में पलट गया। डम्पर के खेत में पलटने व रेत के खेत में बिखर जाने के कारण किसान की पूरी फसल खराब होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। वहीं रात्रि हो जाने के कारण डम्पर को बाहर नहीं निकाला गया। उसके बाद सुबह होने पर जेसीबी मशीन की मदद से डम्पर को बाहर निकाला गया। फिलहाल इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। लेकिन इस घटना से यह तो सिद्ध हो गया कि रेत का ठेका सरेंडर होने के बावजूद भी रेत माफिया धड़ल्ले से नदियों से रेत निकाल कर बेच रहे है और खनिज विभाग व जिला प्रशासन सिर्फ ट्रेक्टरों पर कार्यवाही कर वाहवाही लूटने का कार्य कर रहा है। उसका ध्यान इन रेत से भरे हुए भारी भरकम डम्परों की ओर नहीं हैं, जो निर्धारित क्षमत से अधिक व बिना रायल्टी के रेत का परिवहन कर शासन को चूना लगा रहे है।
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    वारासिवनी । एक ओर तो रेत ठेकेदार द्वारा रेत का ठेका सरेंडर कर दिया गया है, लेकिन दूसरी ओर अभी भी रेत का परिवहन धड़ल्ले से हो रहा है। इसका एक नजारा मंगलवार की रात्रि लगभग 10 बजे ग्राम मेंहदीवाड़ा में देखने में आया, जब रेत से भरा हुए एक डम्पर एक बाईक सवार को बचाने के फेर में सडक़ से नीचे खेतों में पलट गया था। जिससे उसमें भरी हुई रेत खेत में बिखर गई।यह डम्पर खैरलॉजी क्षेत्र के ग्राम कुम्हली रेत घाट से रेत भरकर ग्राम खापा के एथेनॉल प्लांट ला रहा था। लेकिन डम्पर चालक ग्राम मेंहदीवाड़ा पहुॅचने के बाद ग्राम खापा के लिए मुडऩे के स्थान पर सीधा वारासिवनी की ओर आने लगा। जब डम्पर चालक चंदन नदी के पुल के पास पहुॅचा, तो उसे गलत दिशा में जाने का अहसास होने पर उसने डम्पर को रिवर्स लेने के लिए मोडऩे का प्रयास किया। इसी दौरान एक पल्सर बाईक सवार डम्पर के पीछे आ गया। जिसे बचाने के फेर में डम्पर चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया और डम्पर सडक़ किनारे खेत में पलट गया। डम्पर के खेत में पलटने व रेत के खेत में बिखर जाने के कारण किसान की पूरी फसल खराब होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। वहीं रात्रि हो जाने के कारण डम्पर को बाहर नहीं निकाला गया। उसके बाद सुबह होने पर जेसीबी मशीन की मदद से डम्पर को बाहर निकाला गया। फिलहाल इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। लेकिन इस घटना से यह तो सिद्ध हो गया कि रेत का ठेका सरेंडर होने के बावजूद भी रेत माफिया धड़ल्ले से नदियों से रेत निकाल कर बेच रहे है और खनिज विभाग व जिला प्रशासन सिर्फ ट्रेक्टरों पर कार्यवाही कर वाहवाही लूटने का कार्य कर रहा है। उसका ध्यान इन रेत से भरे हुए भारी भरकम डम्परों की ओर नहीं हैं, जो निर्धारित क्षमत से अधिक व बिना रायल्टी के रेत का परिवहन कर शासन को चूना लगा रहे है।
    user_Aanand Verma
    Aanand Verma
    Waraseoni, Balaghat•
    18 hrs ago
  • गांव धारना कलां के सिद्धि पेट्रोलियम में लगी बहुत ज्यादा भीड़ लोग टबे टंकी ले ले कर आए पेट्रोल हुआ खतम भीड़ हुई परेशान सिद्धि पेट्रोलियम वालों के हिसाब से वे जितना 3 दिन में कमाई करते थे आज उतना एक दिन में ही कर लिए . . . . #barghat #seoni
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    गांव धारना कलां के सिद्धि पेट्रोलियम में लगी बहुत ज्यादा भीड़ लोग टबे टंकी ले ले कर आए 
पेट्रोल हुआ खतम भीड़ हुई परेशान
सिद्धि पेट्रोलियम वालों के हिसाब से वे जितना 3 दिन में कमाई करते थे आज उतना एक दिन में ही कर लिए 
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#barghat #seoni
    user_Barghat Waale
    Barghat Waale
    बरघाट, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
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