मध्य प्रदेश के सीधी जिले में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेत्री रानी वर्मा कोल पर धर्मांतरण करवाने वाले ईसाइयों को खुलेआम संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगे हैं। एक संगठन के अनुसार, जब भी वे धर्मांतरण करने वालों को पकड़ते हैं, रानी वर्मा कोल उन्हें छुड़ाने और बचाने के लिए थाने पहुँच जाती हैं। संगठन ने सीधा सवाल उठाया है कि क्या यह नेत्री सीधी में धर्मांतरण के लिए फंड भी लाती है, क्योंकि हर बार वह धर्मांतरण करने वालों के समर्थन में सामने खड़ी हो जाती हैं और खुलेआम पूरे जिले में धर्मांतरण करवाती हैं। संगठन ने आरोप लगाया है कि रानी वर्मा कोल के खिलाफ खबर चलाने या विरोध करने का दम ना तो किसी पत्रकार में है और ना ही किसी नेता, सांसद या विधायक में। आज चमरौहा में संगठन द्वारा धर्म परिवर्तन करवाने वाले लोगों को पकड़ा गया, जिसमें रानी वर्मा कोल खुलकर उनके सहयोग में सामने आ गईं। संगठन ने यह भी दावा किया कि रानी वर्मा कोल का अमिलिया कांड में भरपूर योगदान था, जिसमें भोले-भाले दलितों को बहकाकर धर्मांतरण करवाना और फिर थानों में घुसकर मारपीट करवाना, साथ ही खुटेली में दुर्गा पंडाल में लाठी चलवाना भी इनके ही कार्यकर्ताओं का काम था। संगठन ने दलितों से अपील की है कि वे इन सजातीय नेताओं को पहचानें, जो उन्हें अपना चारा बनाकर सनातन से अलग कर रहे हैं। उन्होंने रानी वर्मा कोल का बहिष्कार करने का आह्वान किया है और प्रशासन से आग्रह किया है कि ऐसे धर्म परिवर्तन करवाने वाले ईसाइयों को जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया पूरी करके जेल भेजा जाए। साथ ही कड़ी चेतावनी दी गई है कि अन्यथा, जिस दिन संगठन ने ठेका ले लिया, उनकी कमर तोड़ने में दो मिनट भी नहीं लगेंगे।
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेत्री रानी वर्मा कोल पर धर्मांतरण करवाने वाले ईसाइयों को खुलेआम संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगे हैं। एक संगठन के अनुसार, जब भी वे धर्मांतरण करने वालों को पकड़ते हैं, रानी वर्मा कोल उन्हें छुड़ाने और बचाने के लिए थाने पहुँच जाती हैं। संगठन ने सीधा सवाल उठाया है कि क्या यह नेत्री सीधी में धर्मांतरण के लिए फंड भी लाती है, क्योंकि हर बार वह धर्मांतरण करने वालों के समर्थन में सामने खड़ी हो जाती हैं और खुलेआम पूरे जिले में धर्मांतरण करवाती हैं। संगठन ने आरोप लगाया है कि रानी वर्मा कोल के खिलाफ खबर चलाने या विरोध करने का दम ना तो किसी पत्रकार में है और ना ही किसी नेता, सांसद या विधायक में। आज चमरौहा में संगठन द्वारा धर्म परिवर्तन करवाने वाले लोगों को पकड़ा गया, जिसमें रानी वर्मा कोल खुलकर उनके सहयोग में सामने आ गईं। संगठन ने यह भी दावा किया कि रानी वर्मा कोल का अमिलिया कांड में भरपूर योगदान था, जिसमें भोले-भाले दलितों को बहकाकर धर्मांतरण करवाना और फिर थानों में घुसकर मारपीट करवाना, साथ ही खुटेली में दुर्गा पंडाल में लाठी चलवाना भी इनके ही कार्यकर्ताओं का काम था। संगठन ने दलितों से अपील की है कि वे इन सजातीय नेताओं को पहचानें, जो उन्हें अपना चारा बनाकर सनातन से अलग कर रहे हैं। उन्होंने रानी वर्मा कोल का बहिष्कार करने का आह्वान किया है और प्रशासन से आग्रह किया है कि ऐसे धर्म परिवर्तन करवाने वाले ईसाइयों को जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया पूरी करके जेल भेजा जाए। साथ ही कड़ी चेतावनी दी गई है कि अन्यथा, जिस दिन संगठन ने ठेका ले लिया, उनकी कमर तोड़ने में दो मिनट भी नहीं लगेंगे।
- मध्य प्रदेश के सीधी जिले से राकेश भाई ने चेन्नई में नौकरी के अवसर की जानकारी दी है। यहाँ एक्सकैवेटर ऑपरेटर के चार पद खाली हैं। इस पद के लिए वेतन ₹30,000 प्रति माह तय किया गया है, जिसमें रहने और खाने की सुविधा भी शामिल है। इच्छुक उम्मीदवार जो इस काम के लिए चेन्नई जाने के इच्छुक हैं, वे संपर्क करने के लिए कमेंट कर सकते हैं या फोन कॉल कर सकते हैं।1
- मध्य प्रदेश के सीधी जिले में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेत्री रानी वर्मा कोल पर धर्मांतरण करवाने वाले ईसाइयों को खुलेआम संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगे हैं। एक संगठन के अनुसार, जब भी वे धर्मांतरण करने वालों को पकड़ते हैं, रानी वर्मा कोल उन्हें छुड़ाने और बचाने के लिए थाने पहुँच जाती हैं। संगठन ने सीधा सवाल उठाया है कि क्या यह नेत्री सीधी में धर्मांतरण के लिए फंड भी लाती है, क्योंकि हर बार वह धर्मांतरण करने वालों के समर्थन में सामने खड़ी हो जाती हैं और खुलेआम पूरे जिले में धर्मांतरण करवाती हैं। संगठन ने आरोप लगाया है कि रानी वर्मा कोल के खिलाफ खबर चलाने या विरोध करने का दम ना तो किसी पत्रकार में है और ना ही किसी नेता, सांसद या विधायक में। आज चमरौहा में संगठन द्वारा धर्म परिवर्तन करवाने वाले लोगों को पकड़ा गया, जिसमें रानी वर्मा कोल खुलकर उनके सहयोग में सामने आ गईं। संगठन ने यह भी दावा किया कि रानी वर्मा कोल का अमिलिया कांड में भरपूर योगदान था, जिसमें भोले-भाले दलितों को बहकाकर धर्मांतरण करवाना और फिर थानों में घुसकर मारपीट करवाना, साथ ही खुटेली में दुर्गा पंडाल में लाठी चलवाना भी इनके ही कार्यकर्ताओं का काम था। संगठन ने दलितों से अपील की है कि वे इन सजातीय नेताओं को पहचानें, जो उन्हें अपना चारा बनाकर सनातन से अलग कर रहे हैं। उन्होंने रानी वर्मा कोल का बहिष्कार करने का आह्वान किया है और प्रशासन से आग्रह किया है कि ऐसे धर्म परिवर्तन करवाने वाले ईसाइयों को जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया पूरी करके जेल भेजा जाए। साथ ही कड़ी चेतावनी दी गई है कि अन्यथा, जिस दिन संगठन ने ठेका ले लिया, उनकी कमर तोड़ने में दो मिनट भी नहीं लगेंगे।1
- मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक जमादार को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। यह सीधी से आई एक बड़ी खबर है।1
- मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले की चितरंगी तहसील स्थित ग्राम गोढा़बर में विकास कार्यों के अभाव ने ग्रामीणों को मुश्किल में डाल दिया है। गांव की मुख्य सड़कों की हालत बेहद खराब है, जिसे लेकर स्थानीय निवासियों ने नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक गांव में कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है और यहां की बदहाली को देखने वाला कोई नहीं है। अव्यवस्था के बीच ग्रामीण सरकार और प्रशासन से सुध लिए जाने की उम्मीद कर रहे हैं।4
- सिंगरौली जिले के देवसर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत महुआ के खजूर टोला में सड़क की बदहाल स्थिति के कारण ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। बारिश के चलते पूरी सड़क कीचड़ से भर गई है, जिससे यहाँ से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की दुर्दशा के कारण आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस समय पर गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को भी इसी कीचड़ से होकर विद्यालय जाना पड़ता है, जिससे न केवल उनके कपड़े और किताबें खराब हो रही हैं, बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। इसके अलावा, दैनिक जरूरतों के लिए बाजार जाने वाले लोगों के लिए पैदल चलना दूभर हो गया है और दोपहिया वाहन फिसलने का डर हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों ने अब ग्राम पंचायत के सरपंच और क्षेत्रीय विधायक से इस समस्या पर संज्ञान लेते हुए खजूर टोला तक पक्की सड़क का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही, प्रशासन से बरसात के मौसम को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की अपील की गई है ताकि आवागमन सुगम बनाया जा सके और लोगों को दैनिक परेशानियों से राहत मिल सके।1
- सिंगरौली के गनियारी स्थित हिर्रवाह मुक्तिधाम परिसर में 'अमृत हरित महाअभियान 2.0' और 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत गुरुवार को एक वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिसर में लगभग 1500 पौधे लगाए गए। नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान ने कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। नगर पालिक निगम सिंगरौली एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों, मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के प्रतिनिधियों और छात्रों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान न केवल विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया, बल्कि उपस्थित लोगों को इन पौधों के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया। इस दौरान 'एक पेड़ माँ के नाम' और 'वृक्षारोपण जन आंदोलन' जैसे संदेशों के जरिए नागरिकों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी उठाने के लिए प्रेरित किया गया। कलेक्टर गौरव बेनल ने जानकारी दी कि नगर निगम क्षेत्र में कुल डेढ़ लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थान चिन्हित किए गए हैं। इसी लक्ष्य के तहत वार्ड क्रमांक 43 स्थित हिर्रवाह मुक्तिधाम में यह आयोजन संपन्न हुआ। जनप्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों को बचाना भी हर नागरिक का कर्तव्य है।2
- सतना जिले की मझगवां जनपद पंचायत में पदस्थ निलंबित उपयंत्री सतीश समेले ने मीडिया के सामने आकर सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सतीश समेले ने दावा किया है कि निर्माण कार्यों के लिए 10 से 15 प्रतिशत तक का कमीशन पहले से तय किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कमीशन जनपद स्तर से लेकर ऊपर तक के अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है।1
- रीवा कलेक्टर ने सिक्कों के लेन-देन को लेकर कड़ा आदेश जारी किया है। प्रशासन के निर्देशानुसार, यदि रीवा जिले के अंतर्गत किसी भी स्तर पर सिक्का लेने से मना किया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति या दुकानदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल की सजा सुनिश्चित की जाएगी। यह कदम सिक्कों की स्वीकार्यता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।2