सिंगरौली जिले के देवसर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत महुआ के खजूर टोला में सड़क की बदहाल स्थिति के कारण ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। बारिश के चलते पूरी सड़क कीचड़ से भर गई है, जिससे यहाँ से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की दुर्दशा के कारण आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस समय पर गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को भी इसी कीचड़ से होकर विद्यालय जाना पड़ता है, जिससे न केवल उनके कपड़े और किताबें खराब हो रही हैं, बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। इसके अलावा, दैनिक जरूरतों के लिए बाजार जाने वाले लोगों के लिए पैदल चलना दूभर हो गया है और दोपहिया वाहन फिसलने का डर हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों ने अब ग्राम पंचायत के सरपंच और क्षेत्रीय विधायक से इस समस्या पर संज्ञान लेते हुए खजूर टोला तक पक्की सड़क का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही, प्रशासन से बरसात के मौसम को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की अपील की गई है ताकि आवागमन सुगम बनाया जा सके और लोगों को दैनिक परेशानियों से राहत मिल सके।
सिंगरौली जिले के देवसर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत महुआ के खजूर टोला में सड़क की बदहाल स्थिति के कारण ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। बारिश के चलते पूरी सड़क कीचड़ से भर गई है, जिससे यहाँ से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की दुर्दशा के कारण आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस समय पर गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को भी इसी कीचड़ से होकर विद्यालय जाना पड़ता है, जिससे न केवल उनके कपड़े और किताबें खराब हो रही हैं, बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। इसके अलावा, दैनिक जरूरतों के लिए बाजार जाने वाले लोगों के लिए पैदल चलना दूभर हो गया है और दोपहिया वाहन फिसलने का डर हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों ने अब ग्राम पंचायत के सरपंच और क्षेत्रीय विधायक से इस समस्या पर संज्ञान लेते हुए खजूर टोला तक पक्की सड़क का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही, प्रशासन से बरसात के मौसम को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की अपील की गई है ताकि आवागमन सुगम बनाया जा सके और लोगों को दैनिक परेशानियों से राहत मिल सके।
- सिंगरौली जिले के देवसर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत महुआ के खजूर टोला में सड़क की बदहाल स्थिति के कारण ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। बारिश के चलते पूरी सड़क कीचड़ से भर गई है, जिससे यहाँ से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की दुर्दशा के कारण आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस समय पर गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को भी इसी कीचड़ से होकर विद्यालय जाना पड़ता है, जिससे न केवल उनके कपड़े और किताबें खराब हो रही हैं, बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। इसके अलावा, दैनिक जरूरतों के लिए बाजार जाने वाले लोगों के लिए पैदल चलना दूभर हो गया है और दोपहिया वाहन फिसलने का डर हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों ने अब ग्राम पंचायत के सरपंच और क्षेत्रीय विधायक से इस समस्या पर संज्ञान लेते हुए खजूर टोला तक पक्की सड़क का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही, प्रशासन से बरसात के मौसम को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की अपील की गई है ताकि आवागमन सुगम बनाया जा सके और लोगों को दैनिक परेशानियों से राहत मिल सके।1
- मध्य प्रदेश के सीधी जिले से राकेश भाई ने चेन्नई में नौकरी के अवसर की जानकारी दी है। यहाँ एक्सकैवेटर ऑपरेटर के चार पद खाली हैं। इस पद के लिए वेतन ₹30,000 प्रति माह तय किया गया है, जिसमें रहने और खाने की सुविधा भी शामिल है। इच्छुक उम्मीदवार जो इस काम के लिए चेन्नई जाने के इच्छुक हैं, वे संपर्क करने के लिए कमेंट कर सकते हैं या फोन कॉल कर सकते हैं।1
- मध्य प्रदेश के सीधी जिले में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेत्री रानी वर्मा कोल पर धर्मांतरण करवाने वाले ईसाइयों को खुलेआम संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगे हैं। एक संगठन के अनुसार, जब भी वे धर्मांतरण करने वालों को पकड़ते हैं, रानी वर्मा कोल उन्हें छुड़ाने और बचाने के लिए थाने पहुँच जाती हैं। संगठन ने सीधा सवाल उठाया है कि क्या यह नेत्री सीधी में धर्मांतरण के लिए फंड भी लाती है, क्योंकि हर बार वह धर्मांतरण करने वालों के समर्थन में सामने खड़ी हो जाती हैं और खुलेआम पूरे जिले में धर्मांतरण करवाती हैं। संगठन ने आरोप लगाया है कि रानी वर्मा कोल के खिलाफ खबर चलाने या विरोध करने का दम ना तो किसी पत्रकार में है और ना ही किसी नेता, सांसद या विधायक में। आज चमरौहा में संगठन द्वारा धर्म परिवर्तन करवाने वाले लोगों को पकड़ा गया, जिसमें रानी वर्मा कोल खुलकर उनके सहयोग में सामने आ गईं। संगठन ने यह भी दावा किया कि रानी वर्मा कोल का अमिलिया कांड में भरपूर योगदान था, जिसमें भोले-भाले दलितों को बहकाकर धर्मांतरण करवाना और फिर थानों में घुसकर मारपीट करवाना, साथ ही खुटेली में दुर्गा पंडाल में लाठी चलवाना भी इनके ही कार्यकर्ताओं का काम था। संगठन ने दलितों से अपील की है कि वे इन सजातीय नेताओं को पहचानें, जो उन्हें अपना चारा बनाकर सनातन से अलग कर रहे हैं। उन्होंने रानी वर्मा कोल का बहिष्कार करने का आह्वान किया है और प्रशासन से आग्रह किया है कि ऐसे धर्म परिवर्तन करवाने वाले ईसाइयों को जल्द से जल्द कानूनी प्रक्रिया पूरी करके जेल भेजा जाए। साथ ही कड़ी चेतावनी दी गई है कि अन्यथा, जिस दिन संगठन ने ठेका ले लिया, उनकी कमर तोड़ने में दो मिनट भी नहीं लगेंगे।1
- मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक जमादार को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। यह सीधी से आई एक बड़ी खबर है।1
- शहडोल जिले में 9 जुलाई 2026 को नवागत पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपना पदभार ग्रहण किया। श्री अग्रवाल मध्यप्रदेश पुलिस की राज्य पुलिस सेवा के वर्ष 1997 बैच के अधिकारी हैं और वर्ष 2016 से भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। अपने सेवाकाल में उन्होंने डीसीपी इंटेलिजेंस भोपाल और मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी में अपनी सेवाएँ दी हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भिंड, नीमच, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दतिया, शिवपुरी, जबलपुर एवं भोपाल सहित विभिन्न जिलों में कार्य किया है। उनकी सेवाएँ पुलिस अकादमी, सीआईडी, विशेष शाखा, विशेष सशस्त्र बल, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ और एसआईएसएफ जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों में भी रही हैं। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए श्री अग्रवाल को मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2017 और 2018 का के.एफ. रुस्तम पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है। साथ ही, वर्ष 2020 में भारत सरकार ने उन्हें सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया था।1
- मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले की चितरंगी तहसील स्थित ग्राम गोढा़बर में विकास कार्यों के अभाव ने ग्रामीणों को मुश्किल में डाल दिया है। गांव की मुख्य सड़कों की हालत बेहद खराब है, जिसे लेकर स्थानीय निवासियों ने नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक गांव में कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है और यहां की बदहाली को देखने वाला कोई नहीं है। अव्यवस्था के बीच ग्रामीण सरकार और प्रशासन से सुध लिए जाने की उम्मीद कर रहे हैं।4
- सिंगरौली के गनियारी स्थित हिर्रवाह मुक्तिधाम परिसर में 'अमृत हरित महाअभियान 2.0' और 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत गुरुवार को एक वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिसर में लगभग 1500 पौधे लगाए गए। नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान ने कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। नगर पालिक निगम सिंगरौली एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों, मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के प्रतिनिधियों और छात्रों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान न केवल विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया, बल्कि उपस्थित लोगों को इन पौधों के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया। इस दौरान 'एक पेड़ माँ के नाम' और 'वृक्षारोपण जन आंदोलन' जैसे संदेशों के जरिए नागरिकों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी उठाने के लिए प्रेरित किया गया। कलेक्टर गौरव बेनल ने जानकारी दी कि नगर निगम क्षेत्र में कुल डेढ़ लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थान चिन्हित किए गए हैं। इसी लक्ष्य के तहत वार्ड क्रमांक 43 स्थित हिर्रवाह मुक्तिधाम में यह आयोजन संपन्न हुआ। जनप्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों को बचाना भी हर नागरिक का कर्तव्य है।2
- शहडोल में 9 जुलाई 2026 को कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में जिले के विभिन्न मंदिरों के पुजारियों और ट्रस्ट समिति के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह और मध्यप्रदेश तीर्थ स्थल एवं मेला प्राधिकरण (धर्मस्व न्यास) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव उपस्थित रहे। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जोर देकर कहा कि मंदिर श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था, श्रद्धा और विश्वास के प्रमुख केंद्र होते हैं, इसलिए उनकी आस्था बनाए रखना पुजारियों की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि पुजारियों का व्यवहार ही मंदिर की पहचान बनाता है और मंदिरों में प्राप्त चढ़ावे का उपयोग मंदिर के विकास, रखरखाव और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में किया जाना चाहिए। कलेक्टर ने पुजारियों एवं ट्रस्ट समिति के सदस्यों से आपसी समन्वय स्थापित कर मंदिर परिसरों में स्वच्छता, सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने मुंडन जैसे धार्मिक संस्कारों के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने और मंदिरों में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मिले सुझावों के आधार पर, कलेक्टर ने जिला मुख्यालय स्थित रामजानकी मंदिर परिसर की खाली भूमि पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अनुमति प्रदान की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कंकाली मंदिर परिसर से अतिक्रमण हटाने, वाहन पार्किंग की व्यवस्था विकसित करने और आवश्यकतानुसार मंदिरों में पुजारियों के लिए आवासीय सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने पुजारियों को समाज और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बताया। उन्होंने जिले के धार्मिक एवं ऐतिहासिक मंदिरों, तीर्थस्थलों, आश्रमों तथा आयोजित होने वाले मेलों की जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने और उनका पंजीयन कराने का आह्वान किया। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि पंजीकृत मंदिरों एवं ट्रस्टों को मध्यप्रदेश शासन द्वारा अनुदान प्रदान किया जाता है, साथ ही पात्र पुजारियों को मानदेय भी दिया जाता है। उन्होंने पुजारियों को पूजा-पद्धति, उचित वेशभूषा, मंदिर के इतिहास, मंत्रों के शुद्ध उच्चारण एवं धार्मिक परंपराओं का ज्ञान रखने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही, उन्होंने मंदिरों में घंटी, शंख, धर्मग्रंथ जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं जनसहयोग से करने, खंडित मूर्तियों की पूजा न करने, मंदिर परिसरों को अतिक्रमण मुक्त रखने तथा स्वच्छता बनाए रखने की भी बात कही। डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने यह भी जानकारी दी कि आगामी दिनों में शहडोल संभाग में धर्मगुरुओं एवं पुजारियों की एक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी पुजारियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ मेले में भी जिले के पुजारियों का सहयोग लिया जाएगा।1