227 प्रतिबंधित पशुओं के साथ पकड़े गए 16 पशु तस्कर भेजे गए जेल सिमडेगा: सिमडेगा के बोलबा थाना क्षेत्र के पीडियापोछ जंगल से 227 प्रतिबंधित पशुओं के साथ गिरफ्तार 16 पशु तस्करों को सिमडेगा पुलिस ने आज जेल भेजा। मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी हेड क्वार्टर रणवीर सिंह ने बताया कि एसपी सिमडेगा को गुप्त सूचना मिली थी कि बोलबा थाना क्षेत्र के पीडियापोछ जंगल के रास्ते बहुत सारे गोवंशिय पशुओं को लोग मारते पीटते ले जा रहे हैं। सूचना के आलोक में एसपी सिमडेगा के निर्देश पर डीएसपी हेड क्वार्टर के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। पुलिस टीम के द्वारा छापामारी की गई। जहां 227 गोवंशीय पशुओं को जब्त करते हुए इन्हें लेकर जा रहे 16 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इनसे पूछताछ के दौरान पता चला कि ये सारे पशु ओडिसा के खटखुरबहार निवासी नक्का, चक्कू, नक्कू और मो चमन की है। ये लोग इन सारे पशुओं को रांची निवासी बबलू पासवान और गुमला निवासी मो इश्तियाक के पास पहुंचना था। यहां से सभी पशु वधशाला में भेजे जाते। पुलिस ने प्रतिबंधित पशुओं को लेकर का रहे सभी 16 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तार सभी लोग ओडिसा के रहने वाले बताए गए।गिरफ्तार लोगों में निखिल कोंगाड़ी, नेत्रमणि बेहरा, आयुष कालो, फिलमोन तिग्गा, सुनील इंदवार, सुलेमान तिर्की, मोधा मिलवार, इंद्रो लकड़ा, सुखराम तिर्की, पास्कल तिर्की, संदीप टोप्पो, सुनील रोहिदास, अलफोंस मिंज, सुकेश बिलूंग, मोहन रोहिदास और खोतरे रोहिदास शामिल है। डीएसपी ने बताया कि आरोपियो के पास से पुलिस ने सात कीपैड मोबाईल, दस पीस टॉर्च भी जब्त किया है।
227 प्रतिबंधित पशुओं के साथ पकड़े गए 16 पशु तस्कर भेजे गए जेल सिमडेगा: सिमडेगा के बोलबा थाना क्षेत्र के पीडियापोछ जंगल से 227 प्रतिबंधित पशुओं के साथ गिरफ्तार 16 पशु तस्करों को सिमडेगा पुलिस ने आज जेल भेजा। मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी हेड क्वार्टर रणवीर सिंह ने बताया कि एसपी सिमडेगा को गुप्त सूचना मिली थी कि बोलबा थाना क्षेत्र के पीडियापोछ जंगल के रास्ते बहुत सारे गोवंशिय पशुओं को लोग मारते पीटते ले जा रहे हैं। सूचना के आलोक में एसपी सिमडेगा के निर्देश पर डीएसपी हेड क्वार्टर के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। पुलिस टीम के द्वारा छापामारी की गई। जहां 227 गोवंशीय पशुओं को जब्त करते हुए इन्हें लेकर जा रहे 16 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इनसे पूछताछ के दौरान पता चला कि ये सारे पशु ओडिसा के खटखुरबहार निवासी नक्का, चक्कू, नक्कू और मो चमन की है। ये लोग इन सारे पशुओं को रांची निवासी बबलू पासवान और गुमला निवासी मो इश्तियाक के पास पहुंचना था। यहां से सभी पशु वधशाला में भेजे जाते। पुलिस ने प्रतिबंधित पशुओं को लेकर का रहे सभी 16 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तार सभी लोग ओडिसा के रहने वाले बताए गए।गिरफ्तार लोगों में निखिल कोंगाड़ी, नेत्रमणि बेहरा, आयुष कालो, फिलमोन तिग्गा, सुनील इंदवार, सुलेमान तिर्की, मोधा मिलवार, इंद्रो लकड़ा, सुखराम तिर्की, पास्कल तिर्की, संदीप टोप्पो, सुनील रोहिदास, अलफोंस मिंज, सुकेश बिलूंग, मोहन रोहिदास और खोतरे रोहिदास शामिल है। डीएसपी ने बताया कि आरोपियो के पास से पुलिस ने सात कीपैड मोबाईल, दस पीस टॉर्च भी जब्त किया है।
- सिमडेगा:- सदर प्रखंड अंतर्गत बड़ाबरपानी पंचायत के राजस्व ग्राम कोलयादामर में लगभग 25 परिवार निवास करते हैं, जो आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। गांव की सबसे बड़ी समस्या सड़क की कमी है, जिसके कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से स्कूल और कॉलेज जाने वाले बच्चों को आवागमन में काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और भी विकट हो जाती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। ग्रामीणों को बाजार, प्रखंड मुख्यालय तथा जिला मुख्यालय तक पहुंचने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जबकि ये सभी स्थान गांव से महज चार से पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। सड़क नहीं होने के कारण लोगों को लंबा और कठिन रास्ता तय करना पड़ता है। ग्रामीणों ने जन प्रतिनिधि एवं प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि उन्हें आवागमन में सहूलियत मिल सके और बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। मौके पर सुनील सुरीन, आनंद बड़ाईक,कुवारी सोरेग.क्लारा ईंदवार,नीरजा बाघवार,अमृता बाघवार,मेरिना होरो,सुनीता ईंदवार,शशी ईंदवार ,मनोज बाघवार, तेलेसफोर केरकेट्टा,नीलेश डुंगडुंग,जेबियर बाघवार,सुचिता तिर्की,लिबनुश बाघवार सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे। 1
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- चैनपुर-: शहीद दिवस के मौके पर परमवीर अल्बर्ट एक्का मेमोरियल कॉलेज के युवाओं ने देश के अमर बलिदानियों को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। माय भारत गुमला और परमवीर अल्बर्ट एक्का मेमोरियल कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य पदयात्रा और श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान युवाओं ने न केवल देशभक्ति का जज्बा दिखाया बल्कि स्वच्छता का कड़ा संदेश भी दिया। इस कार्यक्रम का आगाज कॉलेज परिसर से हुआ। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और एनएसएस स्वयंसेवकों ने कदम से कदम मिलाते हुए पदयात्रा निकाली। इसके बाद युवाओं ने हाथों में झाड़ू थामकर कॉलेज परिसर और आसपास के इलाकों में वृहद पैमाने पर साफ-सफाई की। श्रमदान के जरिए इन ऊर्जावान युवाओं ने समाज को स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया। पदयात्रा और श्रमदान के बाद मुख्य कार्यक्रम कॉलेज के सभागार में आयोजित हुआ। बतौर मुख्य अतिथि कॉलेज के प्राचार्य फादर अगस्तुस एक्का ने शिरकत की। युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान हमें सिर्फ याद नहीं रखना है बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलना है। आज के युवाओं को उन वीर सपूतों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सार्थक भूमिका निभानी चाहिए। इस मौके पर फादर इनोसेंट और माय भारत के प्रतिनिधि विश्वेश्वर मुंडा ने भी युवाओं में जोश भरा। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि सच्ची देशभक्ति समाज सेवा, कड़े अनुशासन और राष्ट्र के प्रति पूर्ण समर्पण में निहित है। आयोजन के दौरान अंचल की खेल प्रतिभाओं को निखारने की दिशा में भी अहम कदम उठाया गया। माय भारत अभियान के तहत क्षेत्र के चार खेल क्लबों को स्पोर्ट्स किट प्रदान की गई। किट पाकर खिलाड़ियों के चेहरे खिल उठे जिससे उनमें भारी उत्साह और खेल भावना का संचार देखने को मिला।1
- Post by Nikhil Chauhan1
- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का जशपुर दौरा जिलेभर में जिलाध्यक्ष यूडी मिंज के नेतृत्व में भब्य कार्यक्रम1
- रांची के हरमू मैदान में 22 मार्च से 28 मार्च तक चलने वाला है शिव महापुराण कथा इस कथा के आयोजन के लिए आज दिनांक 22 मार्च को विभिन्न पूजा समितियां के द्वारा पारंपरिक विधि विधान और भक्ति गीतों के साथ में कलश यात्रा निकाला गया कलश यात्रा पूरी होने के बाद कथा का आयोजन किया जाएगा जिसे श्री संतोष और श्री आशुतोष जी महाराज और सर्वेश्वर महाराज द्वारा पाठ कराया जाएगा, जिसके कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय पुलिस बल तैनात किया गया है साथ में विभिन्न पूजा समितियां के एवं स्वयंसेवक संघ के जवान शामिल किए गए हैं जिसके कारण कथा में आने वाले किसी भी श्रद्धालु के सुरक्षा के पूरी इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह का कोई परेशानी का सामना न करना पड़े। रांची से ब्रजेश गोप की रिपोर्ट1
- शक्ति का संचार (भाव आना): धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान जब भक्ति और मंत्रोच्चार अपने चरम पर होते हैं, तो भक्त के शरीर में देवी की दिव्य ऊर्जा या 'शक्ति' का प्रवेश होता है। इस अवस्था को 'भाव आना' कहा जाता है, जिसमें व्यक्ति अनियंत्रित रूप से झूमने या डोलने लगता है। आध्यात्मिक तल्लीनता: भजन और कीर्तन की लय पर पंडा पूरी तरह से देवी की भक्ति में लीन हो जाते हैं। यह शारीरिक हलचल उनके गहरे ध्यान और समर्पण की अभिव्यक्ति होती है, जहाँ वे बाहरी दुनिया को भूलकर ईश्वर से जुड़ जाते हैं। सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव: नवरात्रि में वातावरण मंत्रों और धूप-दीप से अत्यंत ऊर्जावान होता है। पंडा, जो नौ दिनों तक कड़ा उपवास और साधना करते हैं, इस ऊर्जा के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, जिससे उनके शरीर में कंपन या झूपना शुरू हो जाता है।1
- सिमडेगा:- जूनियर कैम्ब्रिज स्कूल, सिमडेगा के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित सर्व धर्म सम्मेलन का भव्य आयोजन सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि धर्मगुरुओं, शिक्षकगणों एवं विद्वद्जनों ने मानव जीवन में धर्म के सैद्धांतिक तथा प्रायोगिक पक्षों के महत्व पर सारगर्भित प्रकाश डाला। सभी अतिथियों द्वारा समवेत रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। विद्यालय के प्रतिभाशाली बच्चों ने “दीपो ज्योति परम् ज्योति” गाकर मंगलाचरण प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक हो उठा। उपायुक्त महोदया कंचन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सभी धर्मग्रंथों में अहिंसा, सत्य, समन्वय एवं भाईचारे का ही संदेश निहित है। यदि हम इन शिक्षाओं को अपने जीवन में उतार लें, तो समाज में शांति और सौहार्द स्थापित हो सकता है। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास की पंक्ति “पर हित सरिस धर्म नहीं भाई, पर पीड़ा सम नहीं अधमाई” को आत्मसात करने का संदेश दिया। विद्यालय के प्रबंधक राहुल प्रसाद जी ने स्वागत भाषण देते हुए सभी अतिथियों का अभिनंदन किया और कहा कि पूजा-पद्धतियों में भिन्नता हो सकती है, किन्तु धर्म का मूल भाव एक ही है। विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखते हुए कहा कि धर्म पंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। वैदिक परंपरा के प्रतिनिधि नारायण दास जी, इस्लाम परंपरा से मौलाना शाकिब अहमद, जैन परंपरा से गुरुमा वसुंधरा जी, शिक्षाविद् शंभू जी, गायत्री परिवार से प्रज्ञा कुमारी, आनंदमार्ग के प्रतिनिधि तथा अन्य वक्ताओं ने अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका प्रभा केरकेट्टा ने मानसिक एवं भावनात्मक विकास के लिए योग, प्रभु भक्ति एवं सकारात्मक सोच के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य अध्यक्ष आचार्य पद्मराज स्वामी जी महाराज ने अपने समन्वयात्मक उद्बोधन में कहा कि धर्म एक मंजिल है और विभिन्न धर्म उसके मार्ग हैं। उन्होंने प्रेम, अहिंसा एवं अनेकांतवाद की व्याख्या करते हुए समाज में समरसता का संदेश दिया। इस अवसर पर विद्यालय की स्मारिका “स्वर्णिम पथ” तथा आचार्य पद्मराज स्वामी जी द्वारा लिखित ग्रंथ “प्राकृत व्याकरण” का लोकार्पण किया गया। साथ ही गुरुमा वसुंधरा जी के नवीन भजन “रामह स्तुति” का विमोचन एवं मंचन भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज में विशिष्ट योगदान देने वाले प्रेरक व्यक्तित्वों को चादर एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सफल आयोजन में विद्यालय के SMC सदस्यों, विद्या वनस्थली शिक्षा समिति के सदस्यों, समस्त शिक्षकगणों एवं सहयोगी कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन प्रिंस जी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अध्यापिका लक्ष्मी जी द्वारा प्रस्तुत किया गया। मंगलपाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। “धर्म का सार मानवता है” — इसी संदेश के साथ सम्मेलन संपन्न हुआ।1