अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा धौलपुर अंतर्राष्ट्रीय गुर्जर दिवस एवं गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज महान की जयंती का हुआ आयोजन धौलपुर: अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा धौलपुर के द्वारा गुर्जर कालौनी धौलपुर में अंतर्राष्ट्रीय गुर्जर दिवस एवं चक्रवर्ती गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज महान की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्प चढ़ाकर अंतर्राष्ट्रीय गुर्जर दिवस एवं गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज महान की जयंती को बड़े ही धूमधाम से मनाया गया, जिसमें सर्वसमाज से बडी संख्या में लोग उपस्थित हुए। यहां संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गंगाराम गुर्जर एवं जिलाध्यक्ष भारत गुर्जर ने कहा कि चक्रवर्ती गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज का जन्म विक्रम संवत 873 (ईसवी 816) भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया वराह जयंती के दिन हुआ, इसी उपलक्ष्य में यह दिवस 18 स्टेट में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है, जहां लोग घी का दीपक जलाकर अपने अपने घरों में खीर पूरी, पकवान बनाते हैं और जगह जगह भंडारे, सभायें, रैली आयोजन, ब्लड डोनेशन, फल वितरण आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है ये महान प्रतापी चक्रवर्ती सम्राट के रूप में रहा, ये प्रभावशाली, मनमोहन, दानी, कला प्रेमी, धर्म रक्षक , राष्ट्रप्रेमी व राष्ट्र रक्षक रहे, इन्होंने सनातन धर्म ,आर्य धर्म तथा संस्कृति की रक्षा की यह भगवान विष्णु (वराह) के उपासक थे इसी कारण इनको आदिवराह की उपाधि धारण की। यहां गिरीश कुमार शर्मा ने कहा कि गुर्जर प्रतिहार वंश 650 ईसवी से 1027 ईसवी तक रहा गुर्जर प्रतिहारों ने सातवीं शताब्दी से दसवीं शताब्दी तक अरब आकरमण कारीयों को भारत में घुसने नहीं दिया, इनके इतिहास को हमारी युवा पीढ़ी और जन-जन तक पहुंचाना है, इनका इतिहास बहुत ही मजबूत और सशक्त रहा है, इनका स्वर्गवास विक्रम संवत 945 (ईसवी 888) को हुआ, इनके पिता का नाम रामभद्र और उनकी माता का नाम अप्पा देवी था, इन्होंने विभिन्न स्टेटों में मंदिर, बाबडी, किलों का निर्माण कराया जिसमें ग्वालियर में किला, तेली मंदिर, मुरैना में बटेश्वर मंदिर, पंचकुला भीमा देवी मंदिर दौसा राजस्थान हर्षत माता मंदिर आदि बहुत सारे स्थानों पर निर्माण कराया। गंगाराम गुर्जर, भारत गुर्जर, गिरीश कुमार शर्मा ,पवन पंडित, अनिल शर्मा, सौरभ जैन, नरेश गुर्जर, केशव, रामनरेश,गट्टी पहलवान, अभिशेख , सचिन, आदित्य शर्मा, भूरा पंडित, प्रिंस आदि लोग उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा धौलपुर अंतर्राष्ट्रीय गुर्जर दिवस एवं गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज महान की जयंती का हुआ आयोजन धौलपुर: अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा धौलपुर के द्वारा गुर्जर कालौनी धौलपुर में अंतर्राष्ट्रीय गुर्जर दिवस एवं चक्रवर्ती गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज महान की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्प चढ़ाकर अंतर्राष्ट्रीय गुर्जर दिवस एवं गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज महान की जयंती को बड़े ही धूमधाम से मनाया गया, जिसमें सर्वसमाज से बडी संख्या में लोग उपस्थित हुए। यहां संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गंगाराम गुर्जर एवं जिलाध्यक्ष भारत
गुर्जर ने कहा कि चक्रवर्ती गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज का जन्म विक्रम संवत 873 (ईसवी 816) भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया वराह जयंती के दिन हुआ, इसी उपलक्ष्य में यह दिवस 18 स्टेट में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है, जहां लोग घी का दीपक जलाकर अपने अपने घरों में खीर पूरी, पकवान बनाते हैं और जगह जगह भंडारे, सभायें, रैली आयोजन, ब्लड डोनेशन, फल वितरण आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है ये महान प्रतापी चक्रवर्ती सम्राट के रूप में रहा, ये प्रभावशाली, मनमोहन, दानी,
कला प्रेमी, धर्म रक्षक , राष्ट्रप्रेमी व राष्ट्र रक्षक रहे, इन्होंने सनातन धर्म ,आर्य धर्म तथा संस्कृति की रक्षा की यह भगवान विष्णु (वराह) के उपासक थे इसी कारण इनको आदिवराह की उपाधि धारण की। यहां गिरीश कुमार शर्मा ने कहा कि गुर्जर प्रतिहार वंश 650 ईसवी से 1027 ईसवी तक रहा गुर्जर प्रतिहारों ने सातवीं शताब्दी से दसवीं शताब्दी तक अरब आकरमण कारीयों को भारत में घुसने नहीं दिया, इनके इतिहास को हमारी युवा पीढ़ी और जन-जन तक पहुंचाना है, इनका इतिहास बहुत ही मजबूत और सशक्त रहा है, इनका
स्वर्गवास विक्रम संवत 945 (ईसवी 888) को हुआ, इनके पिता का नाम रामभद्र और उनकी माता का नाम अप्पा देवी था, इन्होंने विभिन्न स्टेटों में मंदिर, बाबडी, किलों का निर्माण कराया जिसमें ग्वालियर में किला, तेली मंदिर, मुरैना में बटेश्वर मंदिर, पंचकुला भीमा देवी मंदिर दौसा राजस्थान हर्षत माता मंदिर आदि बहुत सारे स्थानों पर निर्माण कराया। गंगाराम गुर्जर, भारत गुर्जर, गिरीश कुमार शर्मा ,पवन पंडित, अनिल शर्मा, सौरभ जैन, नरेश गुर्जर, केशव, रामनरेश,गट्टी पहलवान, अभिशेख , सचिन, आदित्य शर्मा, भूरा पंडित, प्रिंस आदि लोग उपस्थित रहे।
- साइबर ठगी से बचाव के लिए विद्यार्थियों को किया जागरूक राजकीय महाविद्यालय में साइबर जागरूकता कार्यक्रम, 500 छात्र-छात्राओं व स्टाफ को दी सुरक्षा की जानकारी धौलपुर। राजस्थान पुलिस मुख्यालय जयपुर एवं महानिरीक्षक पुलिस भरतपुर रेंज के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘साइबर सुरक्षित राजस्थान’ अभियान के तहत बुधवार को राजकीय महाविद्यालय धौलपुर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 500 छात्र-छात्राओं एवं महाविद्यालय स्टाफ को साइबर अपराधों से बचाव और ऑनलाइन सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी गई। जिला पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा के निकट पर्यवेक्षण एवं थानाधिकारी बृजेश कुमार के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करने, व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करने, मजबूत पासवर्ड रखने तथा सभी सोशल मीडिया खातों में टू-स्टेप वेरिफिकेशन का उपयोग करने की सलाह दी गई। फर्जी जॉब ऑफर और निवेश से रहें सावधान पुलिस अधिकारियों ने टेलीग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले फर्जी वर्क फ्रॉम होम जॉब ऑफर, ट्रेडिंग एप, क्रिप्टोकरेंसी और निवेश योजनाओं से सावधान रहने की जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि साइबर ठग अधिक रिटर्न का लालच देकर फर्जी ट्रेडिंग एप पर निवेश करवाते हैं और बाद में टैक्स अथवा अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगते हैं। संदिग्ध APK फाइल और स्क्रीन शेयरिंग एप से बचने की सलाह कार्यक्रम में संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड नहीं करने और मोबाइल में एप केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करने की सलाह दी गई। व्हाट्सऐप व टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर ऑटो डाउनलोड फीचर बंद रखने की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा AnyDesk, QuickSupport और UltraViewer जैसे स्क्रीन शेयरिंग एप के माध्यम से होने वाली ठगी के बारे में जागरूक किया गया। KYC के नाम पर ठगी से रहें सतर्क पुलिस ने बताया कि साइबर ठग बैंक या टेलीकॉम अधिकारी बनकर फोन करते हैं और KYC अपडेट नहीं कराने पर बैंक खाता या सिम बंद होने का डर दिखाते हैं। इसके बाद OTP, कार्ड नंबर या UPI पिन हासिल कर खाते से रकम निकाल लेते हैं। विद्यार्थियों को स्पष्ट किया गया कि बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करें। फर्जी शॉपिंग साइट, लॉटरी और फिशिंग लिंक से सावधानी फर्जी ई-कॉमर्स वेबसाइट, सस्ते ऑफर, लॉटरी, इनाम और गिफ्ट के नाम पर होने वाली ठगी के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग नकली लिंक अथवा वेबसाइट के जरिए लोगों से भुगतान करवाते हैं या बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते हैं। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या उसमें व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी दर्ज करने से बचने की सलाह दी गई। लोन एप और ब्लैकमेलिंग से रहें सावधान नकली लोन एप के जरिए होने वाली ठगी को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। पुलिस ने बताया कि ऐसे एप मोबाइल के कॉन्टेक्ट और गैलरी का एक्सेस लेकर बाद में अधिक ब्याज व शुल्क के नाम पर रकम मांग सकते हैं तथा भुगतान नहीं करने पर फोटो के दुरुपयोग के जरिए ब्लैकमेल करने का प्रयास कर सकते हैं। अंत में विद्यार्थियों एवं स्टाफ को बताया गया कि साइबर अपराध होने की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने अपील की कि साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता बरतें और किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, एप या निवेश प्रस्ताव पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें।4
- रोडवेज एटक की नई कार्यकारिणी गठित, ध्यान सिंह लांगी बने अध्यक्ष 22 पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी, कर्मचारियों के हितों को लेकर संगठन को मजबूत करने पर जोर धौलपुर। राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्प्लाइज यूनियन ‘एटक’ शाखा धौलपुर आगार की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। संगठन की ओर से जारी कार्यकारिणी सूची के अनुसार ध्यान सिंह लांगी को अध्यक्ष, प्रदीप गुप्ता एवं राजरूप सिंह लांगी को कार्यकारी अध्यक्ष तथा विजय सिंह को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा ताराचंद अग्रवाल को वित्त सचिव बनाया गया है। संयुक्त सचिव के पद पर गणेश कुमार पाल, हेमेन्द्र सिंह, प्रमोद कुमार, जितेन्द्र चौधरी और विनीत कुमार को जिम्मेदारी दी गई है। कार्यकारिणी में धीरबल सिंह, दिनेश त्यागी, राघवेन्द्र सिंह और सुरेश चौधरी को उपाध्यक्ष बनाया गया। वहीं बालेराम चौधरी एवं अच्युत सिंह परमार को सलाहकार की जिम्मेदारी मिली है। मीडिया/प्रचार सचिव के पद पर धीरेन्द्र कुमार, संगठन सचिव के पद पर श्याम सुंदर, मुकेश यादव, श्याम सुंदर त्यागी एवं प्रताप सिंह, जबकि संजय त्यागी को संयुक्त वित्त सचिव बनाया गया है। रोडवेज एटक की नई कार्यकारिणी गठित, ध्यान सिंह लांगी बने अध्यक्ष 22 पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी, कर्मचारियों के हितों को लेकर संगठन को मजबूत करने पर जोर धौलपुर। राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्प्लाइज यूनियन ‘एटक’ शाखा धौलपुर आगार की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। संगठन की ओर से जारी कार्यकारिणी सूची के अनुसार ध्यान सिंह लांगी को अध्यक्ष, प्रदीप गुप्ता एवं राजरूप सिंह लांगी को कार्यकारी अध्यक्ष तथा विजय सिंह को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा ताराचंद अग्रवाल को वित्त सचिव बनाया गया है। संयुक्त सचिव के पद पर गणेश कुमार पाल, हेमेन्द्र सिंह, प्रमोद कुमार, जितेन्द्र चौधरी और विनीत कुमार को जिम्मेदारी दी गई है। कार्यकारिणी में धीरबल सिंह, दिनेश त्यागी, राघवेन्द्र सिंह और सुरेश चौधरी को उपाध्यक्ष बनाया गया। वहीं बालेराम चौधरी एवं अच्युत सिंह परमार को सलाहकार की जिम्मेदारी मिली है। मीडिया/प्रचार सचिव के पद पर धीरेन्द्र कुमार, संगठन सचिव के पद पर श्याम सुंदर, मुकेश यादव, श्याम सुंदर त्यागी एवं प्रताप सिंह, जबकि संजय त्यागी को संयुक्त वित्त सचिव बनाया गया है।4
- धौलपुर में नगर परिषद धौलपुर सभापति पद के लिए 9 आवेदन किया धौलपुर में नगर परिषद धौलपुर सभापति पद के लिए 9 आवेदन किया जिनमे कांग्रेस से शराफत खान एवं सीमा शर्मा बसपा से डॉक्टर सुभाष शर्मा, निर्दलीय गिरीश गर्ग,निशांत सिंह चौधरी, कमलजीत, सत्यदीप कंसाना, नरेंद्र सिंह जाट और पप्पू ने आवेदन किया1
- बाड़ी नगर पालिका चुनाव में वोटिंग को लेकर झगड़ा, प्रत्याशी के पक्ष में वोट नहीं डालने पर मारपीट बाड़ी नगर पालिका चुनाव में वोटिंग को लेकर झगड़ा, प्रत्याशी के पक्ष में वोट नहीं डालने पर मारपीट, घर में घुसकर आधा दर्जन लोगों ने किया हमला, घायल युवक बाड़ी अस्पताल में भर्ती, घायल की पत्नी ने थाने पहुंचे पुलिस से की शिकायत, छोटे-छोटे बच्चों की भी की गई पिटाई, पीड़ित ने मोबाइल छीनने और रुपए लूटने का भी लगाया आरोप, कोतवाली पुलिस कर रही है मामले की जांच।1
- अतिक्रमण हटाया तो चलेंगी गोलियां! जनपद पंचायत CEO को ग्रामीण ने दी धमकी, मैडम बोलीं- गोलियां चलती हैं तो चलने दो अतिक्रमण हटाया तो चलेंगी गोलियां! जनपद पंचायत CEO को ग्रामीण ने दी धमकी, मैडम बोलीं- गोलियां चलती हैं तो चलने दो नंदपुरा की गलियां बनीं तालाब, जल निकासी के लिए पहुंचीं CEO सुनीता दंडोतिया से भिड़े ग्रामीण; धमकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल मुरैना | पोरसा | संवाददाता : मनोज उपाध्याय मुरैना। पोरसा जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत नंदपुरा नंदपुर में जलभराव की समस्या को लेकर निरीक्षण करने पहुंचीं जनपद पंचायत सीईओ सुनीता दंडोतिया को एक ग्रामीण द्वारा कथित तौर पर गोली चलाने की धमकी देने का मामला सामने आया है। ग्रामीण ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अगर अतिक्रमण हटाया तो गोलियां चलेंगी। इसके जवाब में सीईओ ने कहा- "गोलियां चलती हैं तो चलने दो।" पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। गलियां बनीं तालाब, ग्रामीण परेशान ग्राम पंचायत नंदपुरा नंदपुर की गलियों में जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बारिश के बाद गलियां तालाब में तब्दील हो गई हैं, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण लगातार जल निकासी की शिकायतें कर रहे थे। शिकायत के बाद निरीक्षण करने पहुंचीं CEO लगातार शिकायतों के बाद जनपद पंचायत सीईओ सुनीता दंडोतिया मौके पर निरीक्षण करने पहुंचीं। इस दौरान जल निकासी के लिए गलियों में किए गए अतिक्रमण हटाने को लेकर ग्रामीणों से चर्चा की गई। इसी दौरान एक ग्रामीण ने अतिक्रमण हटाने पर गोली चलने की धमकी दे दी। ग्रामीण के कथित धमकी भरे बयान के बाद सीईओ ने जवाब देते हुए कहा, "गोलियां चलती हैं तो चलने दो।" घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। धमकी से प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल जलभराव से परेशान ग्रामीण जल निकासी की मांग कर रहे हैं, लेकिन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान धमकी का मामला सामने आने से प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन जल निकासी के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर पाएगा या फिर धमकी के दबाव में समस्या जस की तस बनी रहेगी। वीडियो वायरल, कार्रवाई का इंतजार वायरल वीडियो में ग्रामीण और जनपद पंचायत सीईओ के बीच बातचीत दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और धमकी के संबंध में पुलिस कार्रवाई की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस कथित धमकी के मामले में क्या कार्रवाई करता है और नंदपुरा नंदपुर की जलभराव की समस्या का समाधान कब तक हो पाता है।1
- नए भारत की नई उड़ानभारतीय इंजीनियरों की प्रतिमामेहनत और नवाचार *नए भारत की नई उड़ान, भारतीय इंजीनियरों की प्रतिभा, मेहनत और नवाचार से गढ़े जा रहे विकास के नए कीर्तिमान!* 🇮🇳 तकनीक से तरक्की तक, इंफ्रास्ट्रक्चर से आत्मनिर्भरता तक… भारतीय इंजीनियर देश के विकास को दे रहे हैं नई गति और नई दिशा। #EngineersDay1
- 🚨 एक सैंपल की रिपोर्ट में देरी, हजारों उपभोक्ताओं की चिंता! 🚨 35 दिन बाद भी मिठाई के सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार! 👇 दिमनी चौराहे की मिठाई दुकान पर खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद उठे गंभीर सवाल—सैंपल जांच में आखिर कितना समय लगेगा? ☝️👇 दिमनी/मुरैना। दिमनी थाना चौराहे पर स्थित मिठाई की दुकान पर खाद्य विभाग की टीम द्वारा करीब 35 दिन पहले कार्रवाई कर मिठाइयों के सैंपल लिए गए थे। कार्रवाई के बाद अब तक सैंपलों की जांच रिपोर्ट सामने नहीं आने से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। 👉इस मामले में जब खाद्य विभाग के अधिकारी अनिल परिहार से कार्रवाई के बाद जांच रिपोर्ट आने में लगने वाले समय के संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि कार्रवाई और जांच का समय निश्चित नहीं होता। इसके बाद विभाग की ओर से भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया कि सैंपल की जांच प्रक्रिया में 14 दिवस से अधिक समय भी लग सकता है, लेकिन इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं है। ⚠️ सवाल यह है—जब तक रिपोर्ट आएगी, तब तक क्या होगा? खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे जाने के बाद यदि रिपोर्ट आने में सप्ताहों या महीनों का समय लग सकता है, तो उस दौरान संबंधित दुकान पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी कैसे होगी? 👉अगर सैंपल वास्तव में मानकों के विपरीत पाए जाते हैं, तो रिपोर्ट आने तक उपभोक्ताओं द्वारा उस दुकान से खाद्य पदार्थों का सेवन किए जाने की स्थिति में जनस्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव की जिम्मेदारी किसकी होगी? *सैंपल लेने के बाद जिम्मेदारी खत्म नहीं होनी चाहिए* 👉खाद्य सुरक्षा का उद्देश्य केवल सैंपल लेना नहीं, बल्कि आम जनता को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना भी है। यदि किसी दुकान से नमूना लिया गया है तो जांच रिपोर्ट आने तक संबंधित मामले की निगरानी और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया कितनी प्रभावी है—इस पर भी स्पष्ट व्यवस्था होना जरूरी है। 👉यह मामला केवल एक मिठाई की दुकान तक सीमित नहीं है। खाद्य पदार्थों, दूध, मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री के लिए लिए जाने वाले सैंपलों की जांच प्रक्रिया में यदि अनावश्यक देरी होती है, तो इसका सीधा संबंध उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़ जाता है। 🔎 जनता पूछ रही है कई सवाल ▪️ सैंपल लेने के बाद जांच रिपोर्ट आने की अधिकतम समय-सीमा क्या है? ▪️ 35 दिन बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट क्यों नहीं आई? ▪️ रिपोर्ट आने तक संबंधित खाद्य प्रतिष्ठान की निगरानी कौन करता है? ▪️ यदि सैंपल अमानक पाया जाता है तो बीच की अवधि में बिके खाद्य पदार्थों की जिम्मेदारी किसकी होगी? ▪️ क्या लंबित सैंपलों की नियमित समीक्षा होती है? ▪️ आम उपभोक्ता को सैंपल की स्थिति और रिपोर्ट की जानकारी कैसे मिलेगी? *व्यवस्था पर सवाल, दुकानदार पर सीधा आरोप नहीं* 👉इस पूरे मामले में सवाल संबंधित दुकानदार से ज्यादा व्यवस्था और जांच प्रक्रिया की गति पर उठ रहे हैं। जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक किसी दुकानदार को दोषी मानना उचित नहीं होगा। लेकिन यदि जांच में देरी होती है तो प्रशासन से यह जरूर पूछा जाना चाहिए कि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरिम व्यवस्था क्या है। 🚨 एक सैंपल की रिपोर्ट में देरी, हजारों उपभोक्ताओं की चिंता! खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में कार्रवाई का असर तभी दिखाई देगा, जब सैंपल लेने से लेकर जांच रिपोर्ट और अंतिम कार्रवाई तक पूरी प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी हो। वरना कार्रवाई कागजों तक सीमित रह जाने का खतरा बना रहता है। 👉अब देखने वाली बात यह है कि दिमनी चौराहे की मिठाई दुकान से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट आखिर कब सामने आती है और खाद्य विभाग इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।1
- प्रसिद्ध मचकुंड मेले की हुई शुरुआत साधु संतों ने किया शाही स्नान भारी संख्या में पहुंचे महिला पुरुष1