धौलपुर में दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन मनाया गया उत्तम शौच धर्म, शाम को किया गया धार्मिक प्रतियोगिता का आयोजन 📰 धौलपुर में दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन मनाया गया उत्तम शौच धर्म, शाम को किया गया धार्मिक प्रतियोगिता का आयोजन मन की शुद्धता, लोभ का त्याग और संतोषपूर्ण जीवन का दिया संदेश, श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में हुए विभिन्न धार्मिक आयोजन ओम प्रकाश वर्मा धौलपुर धौलपुर। जैन समाज के प्रमुख धार्मिक पर्व दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत शनिवार, 19 सितंबर 2026 को चौथे दिन उत्तम शौच धर्म श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। 1008 श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कमेटी, धौलपुर की ओर से 16 से 25 सितंबर तक आयोजित दस दिवसीय महापर्व के दौरान प्रतिदिन एक उत्तम धर्म के आध्यात्मिक स्वरूप और जीवन में उसके महत्व पर चिंतन किया जा रहा है। दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन मनाए जाने वाले उत्तम शौच धर्म का संबंध केवल बाहरी स्वच्छता से नहीं, बल्कि मन की पवित्रता, इच्छाओं पर नियंत्रण, लोभ से दूरी और संतोषपूर्ण जीवन से है। जैन दर्शन में शौच धर्म व्यक्ति को बाहरी वस्तुओं के संग्रह के बजाय अपने भीतर की अशुद्धियों को दूर करने की प्रेरणा देता है। 19 सितंबर को उत्तम शौच धर्म मनाया जाना दशलक्षण पर्व की पारंपरिक क्रम व्यवस्था के अनुरूप है। 🪷 क्या है उत्तम शौच धर्म? उत्तम शौच का सरल अर्थ पवित्रता और संतोष से है। जैन दर्शन के अनुसार मनुष्य के भीतर उत्पन्न होने वाला लोभ, अधिक पाने की इच्छा और असंतोष आत्मिक शुद्धता में बाधक बनते हैं। उत्तम शौच धर्म व्यक्ति को यह समझने की प्रेरणा देता है कि जीवन में आवश्यकताओं और इच्छाओं के बीच अंतर समझना जरूरी है। केवल अधिक धन, वस्तु, प्रतिष्ठा या सुविधाएं प्राप्त कर लेना ही सुख का आधार नहीं है, बल्कि मन का संतोष और आत्मिक शुद्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। धार्मिक चिंतन के दौरान श्रद्धालुओं को संदेश दिया गया कि व्यक्ति को अपनी आवश्यकताओं को सीमित करने, लोभ से बचने और जो प्राप्त है उसमें संतोष रखने का प्रयास करना चाहिए। जब मन लालच और अनावश्यक इच्छाओं से मुक्त होता है, तभी भीतर शांति और पवित्रता का भाव विकसित होता है। उत्तम शौच धर्म इसी आंतरिक शुद्धता की ओर ले जाने वाला मार्ग बताया गया है। 🙏 मंदिर में सुबह से हुए धार्मिक आयोजन महापर्व के चौथे दिन 1008 श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, धौलपुर में प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की धार्मिक गतिविधियां शुरू हुईं साथी साथ धार्मिक प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया शाम को। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन-अर्चना में सहभागिता की। मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ भगवान की आराधना की और उत्तम शौच धर्म के आध्यात्मिक महत्व को समझने का प्रयास किया। इसके साथ ही तत्त्वार्थ सूत्र वाचन एवं धार्मिक कक्षा के माध्यम से जैन धर्म के सिद्धांतों पर चर्चा की गई। धार्मिक अध्ययन के माध्यम से श्रद्धालुओं को आत्मशुद्धि, संयम, संतोष और लोभ से दूर रहने के महत्व के बारे में बताया गया। 🌿 बाहरी स्वच्छता से अधिक जरूरी है मन की स्वच्छता उत्तम शौच धर्म का संदेश केवल शरीर या आसपास की सफाई तक सीमित नहीं है। इसका सबसे महत्वपूर्ण पक्ष मन की स्वच्छता है। मन में लगातार बढ़ती इच्छाएं, दूसरों से तुलना, अधिक पाने की लालसा और वस्तुओं के प्रति अत्यधिक मोह व्यक्ति को मानसिक रूप से अशांत कर सकते हैं। ऐसे में उत्तम शौच धर्म व्यक्ति को अपने भीतर झांकने और यह विचार करने की प्रेरणा देता है कि क्या वास्तव में जीवन में सुख के लिए उतना ही आवश्यक है, जितना हम पाने की इच्छा रखते हैं? धार्मिक संदेश के माध्यम से श्रद्धालुओं को लोभ का त्याग, संतोष का भाव और आत्मिक शुद्धता अपनाने की प्रेरणा दी गई। 🪔 शाम को संगीतमय आरती और धार्मिक कार्यक्रम दिनभर चले धार्मिक आयोजनों के बाद शाम को मंदिर परिसर में श्रीजी की संगीतमय आरती, शास्त्र वाचन एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ आरती में भाग लिया। रात्रि में आयोजित धार्मिक गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं में भी समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। बच्चों, युवाओं और समाज के अन्य सदस्यों की भागीदारी से मंदिर परिसर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। 📖 दस दिनों में दस उत्तम धर्मों पर हो रहा चिंतन दशलक्षण महापर्व के दौरान दस दिनों में दस उत्तम धर्मों के माध्यम से आत्मशुद्धि और आत्मचिंतन का संदेश दिया जाता है। इस क्रम में— 16 सितंबर — उत्तम क्षमा 17 सितंबर — उत्तम मार्दव 18 सितंबर — उत्तम आर्जव 19 सितंबर — उत्तम शौच 20 सितंबर — उत्तम सत्य 21 सितंबर — उत्तम संयम 22 सितंबर — उत्तम तप 23 सितंबर — उत्तम त्याग 24 सितंबर — उत्तम आकिंचन्य 25 सितंबर — उत्तम ब्रह्मचर्य मनाए जाने हैं। इस प्रकार दशलक्षण महापर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित न रहकर व्यक्ति के व्यवहार, विचार और जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाने का अवसर भी माना जाता है। 🛕 श्रद्धालुओं से अधिकाधिक सहभागिता की अपील मंदिर कमेटी द्वारा महापर्व में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में धुली पूजन सामग्री की व्यवस्था की गई है। वहीं पुजारीगण के लिए धोती-दुपट्टा लेने की व्यवस्था भी मंदिर परिसर में उपलब्ध कराई गई है। मंदिर कमेटी ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अपील की है कि वे आगामी दिनों में आयोजित होने वाले धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में शामिल हों और दशलक्षण महापर्व के माध्यम से आत्मशुद्धि, संयम, संतोष, त्याग एवं आत्मचिंतन की भावना को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करें।
धौलपुर में दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन मनाया गया उत्तम शौच धर्म, शाम को किया गया धार्मिक प्रतियोगिता का आयोजन 📰 धौलपुर में दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन मनाया गया उत्तम शौच धर्म, शाम को किया गया धार्मिक प्रतियोगिता का आयोजन मन की शुद्धता, लोभ का त्याग और संतोषपूर्ण जीवन का दिया संदेश, श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में हुए विभिन्न धार्मिक आयोजन ओम प्रकाश वर्मा धौलपुर धौलपुर। जैन समाज के प्रमुख धार्मिक पर्व दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत शनिवार, 19 सितंबर 2026 को चौथे दिन उत्तम शौच धर्म श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। 1008 श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कमेटी, धौलपुर की ओर से 16 से 25 सितंबर तक आयोजित दस दिवसीय महापर्व के दौरान प्रतिदिन एक उत्तम धर्म के आध्यात्मिक स्वरूप और जीवन में उसके महत्व पर चिंतन किया जा रहा है। दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन मनाए जाने वाले उत्तम शौच धर्म का संबंध केवल बाहरी स्वच्छता से नहीं, बल्कि मन की पवित्रता, इच्छाओं पर नियंत्रण, लोभ से दूरी और संतोषपूर्ण जीवन से है। जैन दर्शन में शौच धर्म व्यक्ति को बाहरी वस्तुओं के संग्रह के बजाय अपने भीतर की अशुद्धियों को दूर करने की प्रेरणा देता है। 19 सितंबर को उत्तम शौच धर्म मनाया जाना दशलक्षण पर्व की पारंपरिक क्रम व्यवस्था के अनुरूप है। 🪷 क्या है उत्तम शौच धर्म? उत्तम शौच का सरल अर्थ पवित्रता
और संतोष से है। जैन दर्शन के अनुसार मनुष्य के भीतर उत्पन्न होने वाला लोभ, अधिक पाने की इच्छा और असंतोष आत्मिक शुद्धता में बाधक बनते हैं। उत्तम शौच धर्म व्यक्ति को यह समझने की प्रेरणा देता है कि जीवन में आवश्यकताओं और इच्छाओं के बीच अंतर समझना जरूरी है। केवल अधिक धन, वस्तु, प्रतिष्ठा या सुविधाएं प्राप्त कर लेना ही सुख का आधार नहीं है, बल्कि मन का संतोष और आत्मिक शुद्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। धार्मिक चिंतन के दौरान श्रद्धालुओं को संदेश दिया गया कि व्यक्ति को अपनी आवश्यकताओं को सीमित करने, लोभ से बचने और जो प्राप्त है उसमें संतोष रखने का प्रयास करना चाहिए। जब मन लालच और अनावश्यक इच्छाओं से मुक्त होता है, तभी भीतर शांति और पवित्रता का भाव विकसित होता है। उत्तम शौच धर्म इसी आंतरिक शुद्धता की ओर ले जाने वाला मार्ग बताया गया है। 🙏 मंदिर में सुबह से हुए धार्मिक आयोजन महापर्व के चौथे दिन 1008 श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, धौलपुर में प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की धार्मिक गतिविधियां शुरू हुईं साथी साथ धार्मिक प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया शाम को। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन-अर्चना में सहभागिता की। मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ भगवान की आराधना की और उत्तम शौच धर्म के
आध्यात्मिक महत्व को समझने का प्रयास किया। इसके साथ ही तत्त्वार्थ सूत्र वाचन एवं धार्मिक कक्षा के माध्यम से जैन धर्म के सिद्धांतों पर चर्चा की गई। धार्मिक अध्ययन के माध्यम से श्रद्धालुओं को आत्मशुद्धि, संयम, संतोष और लोभ से दूर रहने के महत्व के बारे में बताया गया। 🌿 बाहरी स्वच्छता से अधिक जरूरी है मन की स्वच्छता उत्तम शौच धर्म का संदेश केवल शरीर या आसपास की सफाई तक सीमित नहीं है। इसका सबसे महत्वपूर्ण पक्ष मन की स्वच्छता है। मन में लगातार बढ़ती इच्छाएं, दूसरों से तुलना, अधिक पाने की लालसा और वस्तुओं के प्रति अत्यधिक मोह व्यक्ति को मानसिक रूप से अशांत कर सकते हैं। ऐसे में उत्तम शौच धर्म व्यक्ति को अपने भीतर झांकने और यह विचार करने की प्रेरणा देता है कि क्या वास्तव में जीवन में सुख के लिए उतना ही आवश्यक है, जितना हम पाने की इच्छा रखते हैं? धार्मिक संदेश के माध्यम से श्रद्धालुओं को लोभ का त्याग, संतोष का भाव और आत्मिक शुद्धता अपनाने की प्रेरणा दी गई। 🪔 शाम को संगीतमय आरती और धार्मिक कार्यक्रम दिनभर चले धार्मिक आयोजनों के बाद शाम को मंदिर परिसर में श्रीजी की संगीतमय आरती, शास्त्र वाचन एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ आरती में भाग लिया। रात्रि में आयोजित धार्मिक गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं में भी समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक
सहभागिता की। बच्चों, युवाओं और समाज के अन्य सदस्यों की भागीदारी से मंदिर परिसर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। 📖 दस दिनों में दस उत्तम धर्मों पर हो रहा चिंतन दशलक्षण महापर्व के दौरान दस दिनों में दस उत्तम धर्मों के माध्यम से आत्मशुद्धि और आत्मचिंतन का संदेश दिया जाता है। इस क्रम में— 16 सितंबर — उत्तम क्षमा 17 सितंबर — उत्तम मार्दव 18 सितंबर — उत्तम आर्जव 19 सितंबर — उत्तम शौच 20 सितंबर — उत्तम सत्य 21 सितंबर — उत्तम संयम 22 सितंबर — उत्तम तप 23 सितंबर — उत्तम त्याग 24 सितंबर — उत्तम आकिंचन्य 25 सितंबर — उत्तम ब्रह्मचर्य मनाए जाने हैं। इस प्रकार दशलक्षण महापर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित न रहकर व्यक्ति के व्यवहार, विचार और जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाने का अवसर भी माना जाता है। 🛕 श्रद्धालुओं से अधिकाधिक सहभागिता की अपील मंदिर कमेटी द्वारा महापर्व में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में धुली पूजन सामग्री की व्यवस्था की गई है। वहीं पुजारीगण के लिए धोती-दुपट्टा लेने की व्यवस्था भी मंदिर परिसर में उपलब्ध कराई गई है। मंदिर कमेटी ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अपील की है कि वे आगामी दिनों में आयोजित होने वाले धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में शामिल हों और दशलक्षण महापर्व के माध्यम से आत्मशुद्धि, संयम, संतोष, त्याग एवं आत्मचिंतन की भावना को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करें।
- तहसील के बगल की 21 करोड़ की जमीन अतिक्रमण मुक्त 40 साल पुराने कब्जे पर चार घंटे चली कार्रवाई, बाजरा फसल गौशाला भेजी अंबाह। भूमाफिया के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत तहसीलदार नरेश शर्मा के नेतृत्व में नवीन तहसील परिसर से लगी 18 बीघा से अधिक सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। जमीन पर करीब 40 साल से कब्जा था और इसे बटाई पर दिए जाने की जानकारी सामने आई थी। कार्रवाई में सर्वे क्रमांक 906, 907, 912 और 913 की भूमि को मुक्त कराया गया, जिसका बाजार मूल्य करीब 21 करोड़ रुपए बताया गया है। कलेक्टर लोकेश जांगिड़ के निर्देशन और एसडीएम प्रतिज्ञा शर्मा के मार्गदर्शन में करीब चार घंटे कार्रवाई चली। अतिक्रमण हटाने के दौरान खड़ी बाजरा फसल को नगर पालिका की गौशाला भेजा गया। मुक्त जमीन पर अब वृक्षारोपण कराया जाएगा। कार्रवाई के दौरान राजस्व अमले के साथ पुलिस बल मौजूद रहा।1
- शिक्षक दिवस पर ओझा समाज विकास समिति अंबाह जिला मुरैना द्वारा किया गया शिक्षकों का सम्मान 5 सितम्बर 2026 को शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर ओझा समाज विकास समिति अंबाह द्वारा शिक्षकों का सम्मान समारोह किशोरी लाल जी की धर्मशाला में रखा गया जिसमें समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और गुरुओं का किया सम्मान जिसमें सेवानिवृत एवं वर्तमान में कार्यरत सभी शिक्षकों का सम्मान किया गया ओझा समाज विकास समिति के मुरैना के जिला अध्यक्ष रमेश ओझा जी और उपाध्यक्ष नरेंद्र ओझा जी और कोषाध्यक्ष शिवम ओझा और संगठन मंत्री अन्य कमेटी के सभी पदाधिकारी गण मौजूद रहे4
- शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय राजाखेड़ा की व्यवस्था पूरी तरह फेल, कहने को उप जिला अस्पताल लेकिन गर्भवती महिला के लिए स्ट्रेचर तक नहीं, गर्भवती महिला को परिजन पैरों से पकड़कर लटकाकर ले गए अंदर, महिला चिल्लाती रही, वीडियो वायरल मानवता हुई शर्मसार, स्टाफ देखता रहा तमाशा, मरीजों ने कहा - यहां जानवरों से भी बुरा बर्ताव राजाखेड़ा के शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय की लचर व्यवस्था की एक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। कहने को तो यह उप जिला चिकित्सालय है, लेकिन यहां परेशान मरीजों के लिए स्ट्रेचर तक की व्यवस्था नहीं हो पाती है। आज अस्पताल परिसर में एक गर्भवती महिला को लाया गया। आरोप है कि उसके लिए कोई स्ट्रेचर या व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूरी में उसके परिजन उसको पैरों से पकड़कर लटकाकर अस्पताल के अंदर ले गए। इस दौरान परेशान गर्भवती महिला दर्द से चिल्लाती रही, लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने कोई मदद नहीं की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह है राजाखेड़ा की चिकित्सा व्यवस्था, जहां मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी अस्पताल के व्यवस्था में कोई सुधार नहीं बच्चे है औरतें आ रही है मगर व्यवस्थाएं लाचार की लाचारी जांच रूम के बाहर लाइन लंबी लगी रहती है क्योंकि मरीज की संख्या में काफी इजाफा हो चुका है सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है सफाई व्यवस्था से जुड़े सभी कर्मचारी मौज मार रहे हैं फिनायल तक को बेचकर खा जाते हैं फिनायल की एक बार भी छिड़काव नहीं होता है नहीं सफाई होती है शौचालय की हालत देखकर लोगों को उसकी तरफ जाने में भी शर्म आती है ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले में दोषी स्टाफ पर कार्रवाई हो और अस्पताल में तुरंत स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और डॉक्टरों की व्यवस्था दुरुस्त की जाए। शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय राजाखेड़ा की व्यवस्था पूरी तरह फेल, कहने को उप जिला अस्पताल लेकिन गर्भवती महिला के लिए स्ट्रेचर तक नहीं, गर्भवती महिला को परिजन पैरों से पकड़कर लटकाकर ले गए अंदर, महिला चिल्लाती रही, वीडियो वायरल मानवता हुई शर्मसार, स्टाफ देखता रहा तमाशा, मरीजों ने कहा - यहां जानवरों से भी बुरा बर्ताव राजाखेड़ा के शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय की लचर व्यवस्था की एक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। कहने को तो यह उप जिला चिकित्सालय है, लेकिन यहां परेशान मरीजों के लिए स्ट्रेचर तक की व्यवस्था नहीं हो पाती है। आज अस्पताल परिसर में एक गर्भवती महिला को लाया गया। आरोप है कि उसके लिए कोई स्ट्रेचर या व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूरी में उसके परिजन उसको पैरों से पकड़कर लटकाकर अस्पताल के अंदर ले गए। इस दौरान परेशान गर्भवती महिला दर्द से चिल्लाती रही, लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने कोई मदद नहीं की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह है राजाखेड़ा की चिकित्सा व्यवस्था, जहां मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी अस्पताल के व्यवस्था में कोई सुधार नहीं बच्चे है औरतें आ रही है मगर व्यवस्थाएं लाचार की लाचारी जांच रूम के बाहर लाइन लंबी लगी रहती है क्योंकि मरीज की संख्या में काफी इजाफा हो चुका है सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है सफाई व्यवस्था से जुड़े सभी कर्मचारी मौज मार रहे हैं फिनायल तक को बेचकर खा जाते हैं फिनायल की एक बार भी छिड़काव नहीं होता है नहीं सफाई होती है शौचालय की हालत देखकर लोगों को उसकी तरफ जाने में भी शर्म आती है ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले में दोषी स्टाफ पर कार्रवाई हो और अस्पताल में तुरंत स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और डॉक्टरों की व्यवस्था दुरुस्त की जाए।1
- 🚨 ब्रांडेड बोतलों में 'मौत' का केमिकल! सतना में नकली शराब सिंडिकेट का भंडाफोड़ क्या आप भी घर बैठे महंगी और ब्रांडेड शराब मंगा रहे हैं? सावधान हो जाइए! जिस चमकदार बोतल को आप ओरिजिनल समझ रहे हैं, उसमें जहर भरा हो सकता है। सतना में आबकारी विभाग ने एक ऐसे खौफनाक सिंडिकेट को ध्वस्त किया है, जो 'मंकी शोल्डर' और 'रेड लेबल' जैसी महंगी बोतलों में जहरीला केमिकल भरकर लोगों की जिंदगी से खेल रहा था। 🔥 शातिर मास्टरमाइंड का फिल्मी पैंतरा इस काले कारोबार का मास्टरमाइंड जितेन्द्र कुमार साह उर्फ रवि (38) खुद कभी सामने नहीं आता था। वह सिर्फ फोन पर ऑर्डर लेता था और पुलिस से बचने के लिए एजेंट के जरिए एक बार में केवल 1-2 बोतलें ही भिजवाता था—ताकि पकड़े जाने पर सख्त कानूनी धाराओं से बच सके। 🕵️♂️ 'डिकॉय ऑपरेशन' से हुआ पर्दाफाश कलेक्टर सतीश कुमार एस और वरिष्ठ आबकारी अधिकारियों के कड़े निर्देशों पर उप-निरीक्षक आशीष वारिया की टीम ने गुप्त 'Sting Operation' का जाल बिछाया। आबकारी टीम ने खुद आम ग्राहक बनकर डिलीवरी एजेंट को घेरा और मास्टरमाइंड सहित दो आरोपियों को दबोच लिया। ⚠️ जनहित में जारी: किसी भी अज्ञात या असत्यापित स्रोत से शराब न खरीदें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें! 📌 #SatnaNews #CrimeAlert #ExciseDepartment #SatnaPolice #FakeLiquorBust #Beware1
- रूपवास: राधा अष्टमी पर 151 किलो बड़ी कचौड़ी की प्रसादी_वितरित, गूंजे राधा रानी के जयकारे,,, रूपबास। राधा अष्टमी के पावन अवसर पर रूपबास में भक्ति और सेवा का अनूठा नजारा देखने को मिला। रूपबास कस्बे के युवाओं और पशु प्रेमी दल एवं हनी मित्तल के संयुक्त सहयोग से धौलपुर रोड स्थित शनिदेव मंदिर पर 151 किलो बड़ी कचौड़ी की प्रसादी वितरित की गई। प्रसादी वितरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नगरवासी शामिल हुए। मंदिर परिसर में प्रसादी ग्रहण करते हुए श्रद्धालुओं ने राधा रानी की जय के जयकारे लगाए, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर हनी मित्तल, चिंटू बंसल, अंकित शर्मा, गौरव खितौलिया, विपिन मुद्गल, गौरव मुद्गल, लक्ष्मीकांत ओझा, गोरेलाल सहित बड़ी संख्या में भक्तगण एवं युवा मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि इस प्रसादी के माध्यम से राधा रानी से रूपबास क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी युवाओं और पशु प्रेमी दल के सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।1
- टावरों से उपकरण चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार बागचीनी पुलिस ने 15 लाख से अधिक का चोरी का माल और वारदात में इस्तेमाल ईको वाहन किया जब्त बागचीनी/मुरैना। मोबाइल टावरों से उपकरण और अन्य सामान चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का बागचीनी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे और निशानदेही से 15 लाख रुपए से अधिक कीमत का चोरी का माल, वारदात में इस्तेमाल ईको वाहन और चोरी में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने मुरैना के साथ-साथ भिंड और ग्वालियर जिले में टावरों से चोरी की कई वारदातें करना स्वीकार किया है। पुलिस के मुताबिक 15 सितंबर को फरियादी रामप्रीत सिकरवार ने बागचीनी थाने में टावर से उपकरण चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी एटी फिज कंपनी में तकनीशियन है। उसने बताया कि 13 अगस्त की रात जाफराबाद स्थित एयरटेल टावर का नेटवर्क डाउन होने की सूचना पर वह मौके पर पहुंचा था। वहां टावर का ताला टूटा मिला और अंदर से उपकरण व अन्य सामान गायब था। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान 18 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मुरैना जिले के देवगढ़, जौरा, चिन्नौनी, सिविल लाइन और मुरैना शहर सहित भिंड जिले के मेहगांव, गोहद, मौ व भिंड तथा ग्वालियर के कम्पू और गिरवाई थाना क्षेत्रों में टावरों को निशाना बनाकर उपकरण चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने ईको वाहन क्रमांक MP07 AN 3943, कटर, ब्लेड कटर, बड़ा कटर, प्लास और बड़ा पेचकस सहित चोरी का सामान बरामद किया। बरामद सामान में दो आरआरयू, दो सिपरी केबल और दो जम्पर केबल शामिल हैं। पुलिस के अनुसार जब्त मशरूका की कीमत 15 लाख रुपए से अधिक है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बागचीनी थाने में अपराध क्रमांक 210/2026 के तहत बीएनएस की धारा 331(4) और 305(ए) में मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के माल की बरामदगी के संबंध में जानकारी जुटा रही है।1
- कमलेश कुशवाहा विधायक जी का किया गया जोर शोर से स्वागत दिलीप ने वॉर्ड नं 14 में1
- रूपवास नगरपालिका के सिरसौंदा में शराब, सट्टा और जुआ जैसे अवैध धंधों से लोग परेशान, पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई न करने पर उठे सवाल,, सुनिए,1
- *सागर में जहरीली शराब कांड — 12 की मौत, 80 से ज्यादा बीमार* *बंडा तहसील के 6 गांवों में मचा हड़कंप, यूपी के ललितपुर से जुड़ा सप्लाई चैन का तार* *सागर (मध्यप्रदेश) | विशेष संवाददाता* मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में जहरीली / नकली शराब पीने से बड़ा हादसा हो गया। *रविवार 6 सितंबर 2026* की सुबह 4:30 बजे के बाद एक-एक कर लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। जिला प्रशासन के अनुसार *कम से कम 11 से 12 लोगों की मौत* हो गई है और *करीब 80 लोग* अस्पतालों में भर्ती हैं। मृतकों की उम्र 30 से 56 साल के बीच है। *कौन से गांव प्रभावित:* नौराज, घूघरा खुर्द (Gogra Khurd), बमोरा, पाटन, चौका और दलपतपुर — सभी बंडा तहसील के। सबसे ज्यादा मौतें नौराज और घूघरा खुर्द में हुई हैं। *क्या हुआ था:* शुरुआती पोस्टमॉर्टम में *मिथाइल अल्कोहल* मिलने की बात सामने आई है। लोग इसे असली ब्रांड समझ कर पी गए थे। बोतलों पर *सागर गोल्ड व्हिस्की* जैसे मध्य प्रदेश के ब्रांडों के नकली लेबल लगे थे। *प्रशासन की कार्रवाई:* - मुख्यमंत्री *डॉ. मोहन यादव* ने इसे "अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण" बताते हुए सख्त जांच के आदेश दिए — "कोई दोषी बख्शा नहीं जाएगा" - *3 आबकारी अधिकारी सस्पेंड, 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड*, एक अधिकारी को हटाया गया - सागर कलेक्टर *प्रतिभा पाल* और एसपी *अनुराग सुजानिया* खुद गांवों में पहुंचे - 7 शराब दुकानें सील, सैंपल जांच के लिए भेजे गए - पुलिस ने *30 आरोपियों पर 3 FIR* दर्ज की, 14 लोग गिरफ्तार — जांच में *यूपी के ललितपुर* के एक गैंग का नाम सामने आया है जो नकली शराब बना कर एमपी में सप्लाई करता था - बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में 55 मरीज, जिला अस्पताल में 17 और बंडा सिविल में 7 भर्ती। एक गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर भोपाल भेजा गया। कलेक्टर ने अपील की है कि पिछले 24-48 घंटे में शराब पीने वाले किसी को भी घबराहट, धुंधला दिखना, चक्कर जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं। घर-घर स्क्रीनिंग टीम लगी है।1