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बांका (बिहार) के पंजवारा-गोड्डा नेशनल हाईवे 333A पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने महिला को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद उग्र भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया, जिसमें दरोगा सहित 7 पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ ने हाईवे जाम कर दिया था। घटना से जुड़ी ताजा खबरों के लिए MSN पर और पढ़ें।
Jackey yadav
बांका (बिहार) के पंजवारा-गोड्डा नेशनल हाईवे 333A पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने महिला को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद उग्र भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया, जिसमें दरोगा सहित 7 पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ ने हाईवे जाम कर दिया था। घटना से जुड़ी ताजा खबरों के लिए MSN पर और पढ़ें।
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- बांका (बिहार) के पंजवारा-गोड्डा नेशनल हाईवे 333A पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने महिला को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद उग्र भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया, जिसमें दरोगा सहित 7 पुलिसकर्मी घायल हो गए। भीड़ ने हाईवे जाम कर दिया था। घटना से जुड़ी ताजा खबरों के लिए MSN पर और पढ़ें।1
- Post by N.k.choudhary1
- बिहार बांका- जिले के आनंदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भैरोगंज बाजार में हुई चर्चित चोरी कांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बीते 18 फरवरी को दो दुकानों में सेंधमारी कर चोरों ने करीब 15-16 तोला अर्धनिर्मित आभूषण, मोबाइल, लैपटॉप और नगदी की चोरी की थी। घटना के बाद से ही आनंदपुर थाना पुलिस लगातार जांच में जुटी थी। थानाध्यक्ष विनोद कुमार के नेतृत्व में और बेलहर एसडीपीओ रविन्द्र मोहन प्रसाद के मार्गदर्शन में गठित टीम ने तकनीकी अनुसंधान के आधार पर छापेमारी कर दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किस्टु पासवान और सुरेश पासवान के रूप में हुई है, जिनका आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा बताया जा रहा है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की गई एक कीपैड मोबाइल और एक जोड़ी चांदी की पायल भी बरामद की है। फिलहाल पुलिस अन्य सामान की बरामदगी और गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। इस कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा को लेकर लोगों में विश्वास बढ़ा है।1
- *विद्यालय में बच्चों से नाला साफ कराने का आरोप, प्रधानाध्यापक पर उठे सवाल* चांदन (बांका) प्रखंड क्षेत्र के प्रोन्नत मध्य विद्यालय गाजोरायडीह से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां छात्रों से नाले की सफाई कराए जाने का आरोप लगा है। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो इलाके में तेजी से वायरल हो रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय परिसर में एक छात्र नाले में उतरकर कीचड़ साफ करता दिख रहा है, जबकि अन्य लोग खड़े होकर देखते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह सब प्रधानाध्यापक राम बाबू सिंह की मौजूदगी में हुआ।सूत्रों की मानें तो विद्यालय में बच्चों से जूठे बर्तन धुलवाने और गंदगी साफ कराने जैसी गतिविधियां पहले भी कराई जाती रही हैं। बुधवार को जब बच्चों से नाला साफ कराया गया, तब मामला और गंभीर हो गया। हालांकि इस न्यूज़ को मेरा न्यूज़ चैनल पुष्टि नहीं करता है. इसे लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है।अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में बच्चों को शिक्षा देने के बजाय उनसे इस तरह का कार्य कराना न केवल गलत है, बल्कि उनके स्वास्थ्य और अधिकारों के साथ भी खिलवाड़ है।हालांकि, इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाध्यापक राम बाबू सिंह ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है।वहीं, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुरेश ठाकुर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, यह मामला शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। रिपोर्ट :उमाकांत पोद्दार2
- Post by THE LIVE1
- सबौर प्रखंड के बैजलपुर पंचायत के वार्ड संख्या 3 में जलजमाव की समस्या अब गंभीर जनस्वास्थ्य संकट का रूप लेती जा रही है। यहां एक बड़े गड्ढे में लंबे समय से पानी जमा है, जिसकी निकासी नहीं होने के कारण आसपास के लोगों को कई तरह की बीमारियों का खतरा बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह गड्ढा पिछले कई महीनों से गंदे पानी से भरा हुआ है और धीरे-धीरे यह क्षेत्र मच्छरों व विषैले कीटों का अड्डा बनता जा रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि इस स्थायी जलजमाव के कारण मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के फैलने की आशंका लगातार बनी हुई है। इसके अलावा, दूषित पानी और उससे उठने वाली दुर्गंध के कारण श्वसन संबंधी समस्याएं और त्वचा रोग भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने तो यहां तक आशंका जताई है कि लंबे समय तक ऐसे प्रदूषित वातावरण में रहने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। वार्ड संख्या 3 के निवासी बताते हैं कि उन्होंने कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को आवेदन देकर इस समस्या के समाधान की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। हर बार आश्वासन तो मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नजर नहीं आता। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलजमाव वाले स्थानों में गंदा पानी लंबे समय तक जमा रहने से बैक्टीरिया, वायरस और अन्य हानिकारक सूक्ष्मजीव तेजी से पनपते हैं। यही कारण है कि ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक साबित हो सकती है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस गड्ढे के पानी की निकासी की व्यवस्था करे और वहां की सफाई सुनिश्चित करे। साथ ही, स्थायी समाधान के तहत नाली निर्माण या गड्ढे को भरने की दिशा में भी काम किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह न केवल स्वास्थ्य के लिए बल्कि पूरे गांव के जीवन स्तर के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि वे इस मुद्दे को प्राथमिकता दें और शीघ्र कार्रवाई कर ग्रामीणों को इस संकट से राहत दिलाएं।1
- आप लोगों का क्या राय है कमेंट में बताइए1
- Post by N.k.choudhary1