7 एकड़ जमीन, 1800 छात्र और बेहतर सुविधा, फिर क्यों नहीं बना पखनाहा का +2 विद्यालय डिग्री कॉलेज पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड स्थित प्रोजेक्ट उच्चतर माध्यमिक +2 विद्यालय पखनाहा को डिग्री कॉलेज का दर्जा देने की मांग अब तेज हो गई है। गुरुवार को विद्यालय परिसर में ग्रामीणों, छात्रों और अभिभावकों ने एकजुट होकर शिक्षा विभाग और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए इस विद्यालय को डिग्री कॉलेज बनाने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि जिस विद्यालय का चयन डिग्री कॉलेज के लिए किया गया है, उससे कहीं बेहतर संसाधन और सुविधाएं पखनाहा विद्यालय में मौजूद हैं, बावजूद इसके इस विद्यालय की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय करीब 7 एकड़ जमीन में फैला हुआ है और यहां अतिरिक्त कमरों की भी पर्याप्त व्यवस्था है। विशाल खेल मैदान, चारों तरफ पक्की सड़क से जुड़ाव, 7 फीट ऊंची सुरक्षा दीवार और मुख्य सड़क बेतिया–पखनाहा मार्ग के किनारे स्थित होना इसे डिग्री कॉलेज के लिए सबसे उपयुक्त बनाता है। बैरिया प्रखंड का मध्य बिंदु होने के कारण लगभग 10 पंचायतों के छात्र-छात्राएं यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। लोगों ने यह भी कहा कि इस विद्यालय में वर्तमान समय में करीब 1800 छात्र नामांकित हैं, जिनमें लगभग 900 बच्चियां शामिल हैं। यदि यहां डिग्री कॉलेज की स्थापना होती है तो आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और सुरक्षित माहौल में पढ़ाई की सुविधा मिल सकेगी। ग्रामीणों ने सुरक्षा और शैक्षणिक वातावरण को देखते हुए इस परिसर को प्रखंड का सबसे बेहतर शैक्षणिक केंद्र बताया। विद्यालय की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यहां के छात्र जिला से लेकर राज्य स्तर तक अपनी प्रतिभा का परचम लहरा चुके हैं। लगातार बेहतर प्रदर्शन के बावजूद इस विद्यालय की उपेक्षा होना समझ से परे है। लोगों का आरोप है कि डिग्री कॉलेज चयन में भौगोलिक और शैक्षणिक संतुलन की अनदेखी की गई है। इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री नारायण प्रसाद भी सरकार को पत्र लिख चुके हैं। उन्होंने पत्रांक 152 दिनांक 10 अप्रैल 2026 के माध्यम से सरकार को भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा था कि डिग्री कॉलेज के लिए किया गया चयन उचित स्थान पर नहीं हुआ है। उन्होंने प्रोजेक्ट उच्च माध्यमिक +2 विद्यालय पखनाहा बाजार को सर्वश्रेष्ठ विकल्प बताते हुए यहां उपलब्ध संसाधनों, विशाल परिसर, खेल मैदान, बेहतर सड़क संपर्क और निर्बाध बिजली आपूर्ति जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया था। विद्यालय के समीप पावर ग्रिड होने के कारण यहां नियमित बिजली उपलब्ध रहती है, जो पढ़ाई के माहौल को और बेहतर बनाती है। अब ग्रामीणों और छात्रों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द पखनाहा +2 विद्यालय को डिग्री कॉलेज का दर्जा दे, ताकि बैरिया प्रखंड के हजारों छात्र-छात्राओं को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा का बेहतर अवसर मिल सके।
7 एकड़ जमीन, 1800 छात्र और बेहतर सुविधा, फिर क्यों नहीं बना पखनाहा का +2 विद्यालय डिग्री कॉलेज पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड स्थित प्रोजेक्ट उच्चतर माध्यमिक +2 विद्यालय पखनाहा को डिग्री कॉलेज का दर्जा देने की मांग अब तेज हो गई है। गुरुवार को विद्यालय परिसर में ग्रामीणों, छात्रों और अभिभावकों ने एकजुट होकर शिक्षा विभाग और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए इस विद्यालय को डिग्री कॉलेज बनाने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि जिस विद्यालय का चयन डिग्री कॉलेज के लिए किया गया है, उससे कहीं बेहतर संसाधन और सुविधाएं पखनाहा विद्यालय में मौजूद हैं, बावजूद इसके इस विद्यालय की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय करीब 7 एकड़ जमीन में फैला हुआ है और यहां अतिरिक्त कमरों की भी पर्याप्त व्यवस्था है। विशाल खेल मैदान, चारों तरफ पक्की सड़क से जुड़ाव, 7 फीट ऊंची सुरक्षा दीवार और मुख्य सड़क बेतिया–पखनाहा मार्ग के किनारे स्थित होना इसे डिग्री कॉलेज के लिए सबसे उपयुक्त बनाता है। बैरिया प्रखंड का मध्य बिंदु होने के कारण लगभग 10 पंचायतों के छात्र-छात्राएं यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। लोगों ने यह भी कहा कि इस विद्यालय में वर्तमान समय में करीब 1800 छात्र नामांकित हैं, जिनमें लगभग 900 बच्चियां शामिल हैं। यदि यहां डिग्री कॉलेज की स्थापना होती है तो आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और सुरक्षित माहौल में पढ़ाई की सुविधा मिल सकेगी। ग्रामीणों ने सुरक्षा और शैक्षणिक वातावरण को देखते हुए इस परिसर को प्रखंड का सबसे बेहतर शैक्षणिक केंद्र बताया। विद्यालय की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यहां के छात्र जिला से लेकर राज्य स्तर तक अपनी प्रतिभा का परचम लहरा चुके हैं। लगातार बेहतर प्रदर्शन के बावजूद इस विद्यालय की उपेक्षा होना समझ से परे है। लोगों का आरोप है कि डिग्री कॉलेज चयन में भौगोलिक और शैक्षणिक संतुलन की अनदेखी की गई है। इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री नारायण प्रसाद भी सरकार को पत्र लिख चुके हैं। उन्होंने पत्रांक 152 दिनांक 10 अप्रैल 2026 के माध्यम से सरकार को भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा था कि डिग्री कॉलेज के लिए किया गया चयन उचित स्थान पर नहीं हुआ है। उन्होंने प्रोजेक्ट उच्च माध्यमिक +2 विद्यालय पखनाहा बाजार को सर्वश्रेष्ठ विकल्प बताते हुए यहां उपलब्ध संसाधनों, विशाल परिसर, खेल मैदान, बेहतर सड़क संपर्क और निर्बाध बिजली आपूर्ति जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया था। विद्यालय के समीप पावर ग्रिड होने के कारण यहां नियमित बिजली उपलब्ध रहती है, जो पढ़ाई के माहौल को और बेहतर बनाती है। अब ग्रामीणों और छात्रों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द पखनाहा +2 विद्यालय को डिग्री कॉलेज का दर्जा दे, ताकि बैरिया प्रखंड के हजारों छात्र-छात्राओं को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा का बेहतर अवसर मिल सके।
- पश्चिम चंपारण के युवाओं के लिए खुशखबरी, इजरायल में 3500 पदों पर भर्ती और ₹1,99,770 सैलरी जिला नियोजन पदाधिकारी, पश्चिम चंपारण द्वारा जानकारी दी गई है कि बिहार राज्य समुद्रपार नियोजन ब्यूरो, पटना के माध्यम से इजरायल देश में ‘Home Based Caregiver’ के पदों पर बड़ी संख्या में भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इस अंतरराष्ट्रीय रोजगार अवसर के तहत कुल 3500 रिक्तियां उपलब्ध कराई गई हैं, जो उन युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है जो विदेश में रोजगार प्राप्त कर अपने भविष्य को संवारना चाहते हैं। इच्छुक एवं योग्य अभ्यर्थी 20 मई 2026 तक अपना आवेदन जिला नियोजनालय, बेतिया में निर्धारित प्रक्रिया के तहत जमा कर सकते हैं। जिला नियोजन पदाधिकारी के अनुसार इस भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मैट्रिक (10वीं पास) निर्धारित की गई है, जिससे यह अवसर अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंच सके। अभ्यर्थियों की आयु सीमा 25 वर्ष से 45 वर्ष के बीच रखी गई है, ताकि अनुभव एवं कार्यक्षमता के आधार पर उपयुक्त उम्मीदवारों का चयन किया जा सके। चयनित अभ्यर्थियों को लगभग 1,99,770 रुपये प्रतिमाह का आकर्षक वेतन प्रदान किया जाएगा, जो विदेश में रोजगार के दृष्टिकोण से एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभकारी अवसर माना जा रहा है। आवेदन प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों को किसी भी कार्य दिवस में पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे के बीच जिला नियोजनालय, बेतिया में उपस्थित होकर अपना बायोडाटा, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, अनुभव प्रमाण पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करना होगा। जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि यह भर्ती पूरी तरह निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाएगी तथा योग्य उम्मीदवारों का चयन पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। यह अवसर उन युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो विदेश में रोजगार प्राप्त कर बेहतर आय और स्थिर भविष्य की तलाश में हैं। इजरायल जैसे विकसित देश में ‘Home Based Caregiver’ के पद पर कार्य करने का यह मौका न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव प्राप्त करने का भी सुनहरा अवसर प्रदान करता है।1
- भव्य कलश यात्रा के साथ मां काली मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ पश्चिम चम्पारण के ऐतिहासिक बानूछापर संत कबीर रोड स्थित मां काली मंदिर के पुनः नवनिर्माण एवं प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर शनिवार को शहर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस कलश यात्रा में हजारों की संख्या में कन्याएं, महिलाएं एवं पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। कलश यात्रा की शुरुआत बानूछापर स्थित मां काली मंदिर परिसर से हुई। यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए कालीधाम मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र जल भरा। इसके बाद श्रद्धालु पुनः यात्रा के रूप में मां काली मंदिर पहुंचे, जहां विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना प्रारंभ की गई। धार्मिक आयोजन के दौरान पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। जय माता दी के उद्घोष, भक्ति गीतों एवं श्रद्धालुओं की आस्था ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। आयोजकों ने बताया कि 12 मई से अष्टयाम का शुभारंभ होगा। इसी क्रम में मंदिर परिसर में पंचमुखी महावीर जी की प्रतिमा, शिवलिंग सह पिंडी तथा मां काली की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। वहीं 13 मई को भव्य भंडारा एवं कुंवारी पूजन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। श्रद्धालुओं का उत्साह और जनसहभागिता इस आयोजन को बेतिया की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का एक विशेष उत्सव बना रहा है।1
- बखरिया पंचायत में 62 पुल के पास कोहाड नदी का बांध टूटा, किसानों में बढ़ी चिंता मझौलिया प्रखंड की बखरिया पंचायत में 62 पुल के पास कोहाड नदी का मिट्टी का बांध लगातार बारिश के कारण टूट गया। बांध का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से आसपास के गांवों में खतरे की स्थिति बन गई है। बांध टूटने से खेतों तक जाने वाले रास्ते बाधित हो गए हैं, जिससे किसानों को खेती-बाड़ी और दैनिक कार्यों में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि बारिश जारी रही तो नदी का कटाव और बढ़ सकता है तथा धान समेत अन्य फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। ग्रामीण निक्कू पटेल, मनोज प्रसाद, दीपक प्रसाद, भिखारी प्रसाद और चंदन प्रसाद ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बांध में दरार की सूचना पहले ही दी गई थी, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई। लोगों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से तत्काल बांध मरम्मत और कटाव रोकने के लिए सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।1
- बेटी के विवाह में बारात ठहराने के लिए स्कूल की चाबी नहीं मिली, सुनिए ग्रामीण की गुहार बिहार के ग्रामीण इलाकों में एक बार फिर सरकारी व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी सामने आई है, जहां बेटी के विवाह के दौरान एक व्यक्ति को बारात ठहराने के लिए सरकारी स्कूल की चाबी नहीं मिल सकी, जिससे वह सरकार पर भड़क उठा। गांवों में आम तौर पर सरकारी स्कूलों का उपयोग रात में बारात ठहराने के लिए किया जाता है, लेकिन इस घटना ने स्थानीय व्यवस्था और समन्वय की कमी को उजागर कर दिया है। लोगों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में प्रशासन को बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना चाहिए ताकि सामाजिक आयोजनों में परेशानी न हो।1
- पश्चिम चंपारण के नौतन बनकटवा में एक कार और मोटरसाइकिल की जोरदार टक्कर में दो लोग घायल हो गए। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने घायलों के उचित इलाज की मांग करते हुए हंगामा किया।1
- Post by Bhulan Kumar1
- बंगाल चुनाव में Khesari Lal Yadav के चुनावी प्रचार पर ये क्या बोल गए BJP सांसद Dinesh Lal Yadav ? बंगाल चुनाव में Khesari Lal Yadav के चुनावी प्रचार पर ये क्या बोल गए BJP सांसद Dinesh Lal Yadav ?1
- 7 एकड़ जमीन, 1800 छात्र और बेहतर सुविधा, फिर क्यों नहीं बना पखनाहा का +2 विद्यालय डिग्री कॉलेज पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड स्थित प्रोजेक्ट उच्चतर माध्यमिक +2 विद्यालय पखनाहा को डिग्री कॉलेज का दर्जा देने की मांग अब तेज हो गई है। गुरुवार को विद्यालय परिसर में ग्रामीणों, छात्रों और अभिभावकों ने एकजुट होकर शिक्षा विभाग और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए इस विद्यालय को डिग्री कॉलेज बनाने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि जिस विद्यालय का चयन डिग्री कॉलेज के लिए किया गया है, उससे कहीं बेहतर संसाधन और सुविधाएं पखनाहा विद्यालय में मौजूद हैं, बावजूद इसके इस विद्यालय की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय करीब 7 एकड़ जमीन में फैला हुआ है और यहां अतिरिक्त कमरों की भी पर्याप्त व्यवस्था है। विशाल खेल मैदान, चारों तरफ पक्की सड़क से जुड़ाव, 7 फीट ऊंची सुरक्षा दीवार और मुख्य सड़क बेतिया–पखनाहा मार्ग के किनारे स्थित होना इसे डिग्री कॉलेज के लिए सबसे उपयुक्त बनाता है। बैरिया प्रखंड का मध्य बिंदु होने के कारण लगभग 10 पंचायतों के छात्र-छात्राएं यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। लोगों ने यह भी कहा कि इस विद्यालय में वर्तमान समय में करीब 1800 छात्र नामांकित हैं, जिनमें लगभग 900 बच्चियां शामिल हैं। यदि यहां डिग्री कॉलेज की स्थापना होती है तो आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और सुरक्षित माहौल में पढ़ाई की सुविधा मिल सकेगी। ग्रामीणों ने सुरक्षा और शैक्षणिक वातावरण को देखते हुए इस परिसर को प्रखंड का सबसे बेहतर शैक्षणिक केंद्र बताया। विद्यालय की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यहां के छात्र जिला से लेकर राज्य स्तर तक अपनी प्रतिभा का परचम लहरा चुके हैं। लगातार बेहतर प्रदर्शन के बावजूद इस विद्यालय की उपेक्षा होना समझ से परे है। लोगों का आरोप है कि डिग्री कॉलेज चयन में भौगोलिक और शैक्षणिक संतुलन की अनदेखी की गई है। इस मामले को लेकर पूर्व मंत्री नारायण प्रसाद भी सरकार को पत्र लिख चुके हैं। उन्होंने पत्रांक 152 दिनांक 10 अप्रैल 2026 के माध्यम से सरकार को भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा था कि डिग्री कॉलेज के लिए किया गया चयन उचित स्थान पर नहीं हुआ है। उन्होंने प्रोजेक्ट उच्च माध्यमिक +2 विद्यालय पखनाहा बाजार को सर्वश्रेष्ठ विकल्प बताते हुए यहां उपलब्ध संसाधनों, विशाल परिसर, खेल मैदान, बेहतर सड़क संपर्क और निर्बाध बिजली आपूर्ति जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया था। विद्यालय के समीप पावर ग्रिड होने के कारण यहां नियमित बिजली उपलब्ध रहती है, जो पढ़ाई के माहौल को और बेहतर बनाती है। अब ग्रामीणों और छात्रों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द पखनाहा +2 विद्यालय को डिग्री कॉलेज का दर्जा दे, ताकि बैरिया प्रखंड के हजारों छात्र-छात्राओं को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा का बेहतर अवसर मिल सके।1