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पटना से एक अत्यंत डराने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पॉलिटेक्निक परीक्षा देने आई एक छात्रा को होटल के कमरे से जबरन उठाने का प्रयास किया गया। बताया जा रहा है कि छात्रा अपने पिता के साथ होटल में ठहरी हुई थी, तभी देर रात नशे में धुत एक युवक अचानक उनके कमरे में घुस आया और छात्रा को खींचकर अपने साथ ले जाने लगा। छात्रा की चीख-पुकार सुनकर उसके पिता की नींद खुल गई, जिसके बाद उन्होंने किसी तरह अपनी बेटी को उस युवक के चंगुल से बचाया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे यह चिंता भी उभरी है कि यदि पिता समय पर नहीं जागते तो क्या भयानक परिणाम हो सकते थे।
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पटना से एक अत्यंत डराने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पॉलिटेक्निक परीक्षा देने आई एक छात्रा को होटल के कमरे से जबरन उठाने का प्रयास किया गया। बताया जा रहा है कि छात्रा अपने पिता के साथ होटल में ठहरी हुई थी, तभी देर रात नशे में धुत एक युवक अचानक उनके कमरे में घुस आया और छात्रा को खींचकर अपने साथ ले जाने लगा। छात्रा की चीख-पुकार सुनकर उसके पिता की नींद खुल गई, जिसके बाद उन्होंने किसी तरह अपनी बेटी को उस युवक के चंगुल से बचाया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे यह चिंता भी उभरी है कि यदि पिता समय पर नहीं जागते तो क्या भयानक परिणाम हो सकते थे।
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- मुख्यमंत्री को संबोधित एक अपील में, प्रतापगढ़ के कोहड़ौर थाना क्षेत्र की लाखीपुर (बोझवा) निवासी सुशीला देवी ने गंभीर आरोप लगाया है कि थानेदार न्याय दिलाने की बजाय पीड़ित पक्ष को ही निशाना बना रहे हैं। पीड़िता के अनुसार, 20 मई की रात लगभग 1 बजे उसके पट्टीदार राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू, जो कि नशेड़ी है और जिसकी पत्नी दिवंगत हो चुकी है, ने बुरी नीयत से उसकी चारपाई के पास आकर मच्छरदानी हटाई और उसका हाथ पकड़कर मुँह दबाकर जोर जबरदस्ती करने की कोशिश की। पीड़िता का पति सूरत में रहता है और वह अपने दो नाबालिग बच्चों के साथ घर पर अकेली थी। यह दूसरी बार था जब राजेश कुमार यादव ने पीड़िता के साथ ऐसी हरकत की थी। घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने आपातकालीन सेवा UP112 पर कॉल किया, जिसके बाद पुलिस आरोपी को मौके से उठा ले गई। अगली सुबह पीड़िता को कोहड़ौर थाना बुलाया गया, जहाँ उसने घटना की लिखित तहरीर दी और घर लौट आई। हालाँकि, 21 मई को दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी राजेश कुमार यादव उर्फ गभरू का शांति भंग में चालान कर दिया गया, जबकि पीड़िता का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। 22 मई को, जब पीड़िता अपने सहयोगी स्वामी नाथ यादव के साथ मुकदमे की नकल लेने कोहड़ौर थाना पहुँची, तो उन्हें ही थाने में बंद कर दिया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष कोहड़ौर धनन्जय राय ने आरोपी को बचाने के लिए उसे महिला सिपाहियों से डराया-धमकाया और बंद कर दिया, साथ ही उसके सहयोगी स्वामी नाथ यादव का भी शांति भंग में चालान कर दिया। इस अन्यायपूर्ण व्यवहार के बाद, पीड़िता आज सीओ सिटी, प्रतापगढ़ के दफ्तर पहुँची और न्याय की गुहार लगाई, साथ ही सीओ सिटी साहेब से न्याय व्यवस्था पर सवाल भी उठाए। सीओ सिटी प्रशांत राज हुड्डा ने पीड़िता का प्रार्थना पत्र पढ़ने के बाद उसे आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि आरोपी या उसका कोई समर्थक फिर से पीड़िता को डराने-धमकाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इस तरह, जहाँ थानाध्यक्ष कोहड़ौर धनन्जय राय पर पीड़िता को परेशान करने और आरोपी को बचाने का आरोप है, वहीं सीओ सिटी साहेब ने पीड़िता को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है।1
- लखनऊ जिले की तहसील मलिहाबाद के भदवाना गाँव में खनन माफिया ने एक सरकारी तालाब से अवैध रूप से मिट्टी का खनन किया है। माफिया ने जेसीबी का उपयोग कर चोरी-छिपे सैकड़ों ट्रॉली सरकारी मिट्टी खोदी और उसे मुफ्त में प्राप्त कर महंगे दामों पर बेच दिया, जिससे सरकार के खजाने को भारी नुकसान हुआ है। यह अवैध खनन रात भर जारी रहा। यह घटना भदवाना गाँव में कसमंडी रोड पर एक प्लांट के बाहर और टावर के सामने कच्चे रास्ते पर स्थित सरकारी तालाब में हुई। इस गंभीर मामले में संबंधित अधिकारी खनन माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाए, जबकि इसका एक विपरीत उदाहरण दिया गया है कि यदि कोई किसान अपनी एक ट्रॉली मिट्टी भी सरकारी तालाब से निकालता, तो उस पर कई तरह की सख्त कार्रवाई हो जाती। खनन माफिया द्वारा सरकारी मिट्टी को अवैध रूप से बेचने का यह कार्य लगातार जारी है।1
- पटना से एक अत्यंत डराने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पॉलिटेक्निक परीक्षा देने आई एक छात्रा को होटल के कमरे से जबरन उठाने का प्रयास किया गया। बताया जा रहा है कि छात्रा अपने पिता के साथ होटल में ठहरी हुई थी, तभी देर रात नशे में धुत एक युवक अचानक उनके कमरे में घुस आया और छात्रा को खींचकर अपने साथ ले जाने लगा। छात्रा की चीख-पुकार सुनकर उसके पिता की नींद खुल गई, जिसके बाद उन्होंने किसी तरह अपनी बेटी को उस युवक के चंगुल से बचाया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे यह चिंता भी उभरी है कि यदि पिता समय पर नहीं जागते तो क्या भयानक परिणाम हो सकते थे।1
- आज, 25 मई को, सुल्तानपुर जनपद के दोस्तपुर थाना क्षेत्र में एक युवक ने आत्महत्या कर ली। धरमपुर ग्रेसिंगपुर की निवासी श्रीमती शिवकुमारी ने पुलिस को सूचना दी कि उनके बड़े बेटे लक्ष्मीकांत मिश्रा, जो नशे के आदी थे, ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट भी घटना स्थल पर मौजूद है। आवश्यक पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है, और इस संबंध में सभी आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित शालीमार चौराहे पर पिछले एक महीने से अधिक समय से सड़क खुदी होने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि जलकल विभाग द्वारा कराए जा रहे काम के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं की जा सकी है, जिससे यह खुदी हुई सड़क अब जनता के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गई है। इस स्थिति के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को लंबा घूमकर निकलना पड़ रहा है, जिससे इलाके में रोजाना जाम जैसी स्थिति पैदा हो रही है। स्थानीय लोगों में इस पर लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। यह समस्या नगर निगम जोन-7 क्षेत्र में पहले भी कई बार सामने आ चुकी है, लेकिन संबंधित विभाग इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पाया है। स्थानीय जनता ने मांग की है कि जल्द से जल्द इस सड़क को दुरुस्त किया जाए ताकि आम लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके।1
- यह पंक्तियाँ बताती हैं कि सच्चा 'क्रांतिकारी' वह व्यक्ति होता है जिसके भीतर संतोष का असीम सागर बहता है। ऐसा व्यक्ति जीवन के बड़े से बड़े तूफानों और मुश्किलों में भी शांत और अटल बना रहता है। धन-दौलत की बजाय, मन की संपन्नता और आंतरिक शांति ही उसे वास्तविक अर्थों में समृद्ध बनाती है, और यही कारण है कि संसार उसे ही सच्चा 'क्रांतिकारी' मानता है।1
- उन्नाव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महोबा में अनुसूचित जाति की एक छात्रा के अपहरण और कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला, प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने इसे 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' के नारे देने वाली सरकार की बेटियों की सुरक्षा में विफलता करार दिया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में हुई बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश में लगातार महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष हनुमत सिंह ने महोबा की घटना को बेहद शर्मनाक और अमानवीय बताया, जिसमें नीट परीक्षा की तैयारी कर रही अनुसूचित जाति की छात्रा को कथित रूप से अगवा कर 16 दिनों तक प्रताड़ित किया गया। उन्होंने इसे कानून व्यवस्था की बड़ी विफलता करार दिया। वहीं, उपाध्यक्ष संगठन चंद्र प्रकाश शुक्ला ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और महामहिम राज्यपाल को तत्काल सरकार को बर्खास्त करने पर विचार करना चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला, इस दौरान वे “बेटी के सम्मान में कांग्रेस मैदान में” जैसे नारे लगाते रहे। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन प्राप्त किया और उसे महामहिम राज्यपाल तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस प्रदर्शन में महामंत्री अजय गौतम, अमरेंद्र प्रताप सिंह, श्याम प्रकाश मिश्रा एडवोकेट, संतोष मिश्रा एडवोकेट, आशुतोष कुमार शर्मा, रज्जन सोनी, तन्मय श्रीवास्तव, राम बाबू, फैज फारुकी, शाश्वत बाजपेई, मोहित विनय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- लखनऊ में मुंशी पुलिया से पॉलिटेक्निक और कामता तक सोमवार सुबह भीषण ट्रैफिक जाम लग गया, जिसने लोगों की रफ्तार को पूरी तरह रोक दिया। इस जाम में ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और यहाँ तक कि एंबुलेंस भी घंटों फंसी रहीं, जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। यह जाम 500 मीटर से भी अधिक लंबा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति रोज़ाना की है, जहाँ पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के साथ-साथ लोग घंटों गाड़ियों में फँसकर भीषण गर्मी झेलने को मजबूर हैं। उन्होंने इस समस्या के लिए सड़क किनारे अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा और ऑटो की अव्यवस्था, कट व चौराहों पर ट्रैफिक नियंत्रण की कमी, और पीक आवर्स में पर्याप्त पुलिस बल की अनुपलब्धता को मुख्य कारण बताया है। भीषण गर्मी के बीच घंटों गाड़ियों में परेशान होकर इंतजार करना आमजन की मजबूरी बन गया है। जनता ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा है कि हर रोज़ ऐसी ही स्थिति क्यों बनी रहती है और ट्रैफिक पुलिस व डीसीपी ट्रैफिक का प्लान ज़मीन पर क्यों नहीं दिख रहा है। लोगों ने मुंशी पुलिया, पॉलिटेक्निक और कामता जैसे व्यस्त रूट्स पर स्थायी समाधान की मांग की है। जनता ने प्रशासन से तत्काल ठोस कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि उन्हें इस रोज़ाना की परेशानी से राहत मिल सके।1