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लेखपाल पर गंभीर आरोप,तहसील परिसर में ग्रामीणों का तख्ती लेकर प्रदर्शन,निष्पक्ष जांच की मांग। *करहल,मैनपुरी।* करहल तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत अंडनी के मजरा नगला कंश व नगला खुशाल के ग्रामीणों ने एक लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपों को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण करहल तहसील परिसर पहुंचे और प्रदर्शन कर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि लेखपाल द्वारा उनके कार्यों में लापरवाही और मनमानी की जा रही है,जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा।
अंकित कुमार पत्रकार
लेखपाल पर गंभीर आरोप,तहसील परिसर में ग्रामीणों का तख्ती लेकर प्रदर्शन,निष्पक्ष जांच की मांग। *करहल,मैनपुरी।* करहल तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत अंडनी के मजरा नगला कंश व नगला खुशाल के ग्रामीणों ने एक लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपों को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण करहल तहसील परिसर पहुंचे और प्रदर्शन कर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि लेखपाल द्वारा उनके कार्यों में लापरवाही और मनमानी की जा रही है,जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा।
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- कचौरा बाईपास से कैस्त का मुख्य मार्ग गड्ढों में तब्दील: जलभराव से राहगीरों की परेशानी बढ़ी, बच्चों के चोटिल होने का खतरा जसवंतनगर में कचौरा बाईपास से कैस्त गांव को जाने वाला मुख्य मार्ग खराब हालत में है। जसवंतनगर में कचौरा बाईपास से कैस्त गांव को जाने वाला मुख्य मार्ग खराब हालत में है। ईंटों से बने इस रास्ते पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे आने-जाने वालों को दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं हुई है। कैस्त गांव का यह रास्ता ग्रामीणों के लिए बहुत जरूरी है। ग्रामीण इसी रास्ते से स्कूल, मॉडल तहसील और दूसरे जरूरी जगहों पर जाते हैं। इस मार्ग पर एक स्कूल भी है, जिसके पास का रास्ता पूरी तरह टूट गया है। गहरे गड्ढों में पानी भरने से हालात और खराब हो गए हैं। इससे पैदल चलने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। कई बार बच्चे और राहगीर गड्ढों में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के पास रास्ते की खराब हालत बच्चों के लिए खतरा बनी हुई है। गांव के रमेश, सुरेश और महेश ने बताया कि रास्ते की मरम्मत के लिए अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई है। इसके बावजूद समस्या का कोई पक्का समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों ने कहा कि रास्ते की हालत लगातार खराब हो रही है और बारिश में पानी भरने से परेशानी और बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि रास्ते का मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाए। साथ ही टूटे हुए रास्ते की मरम्मत कराई जाए और गड्ढों को भरकर पानी भरने की समस्या का पक्का समाधान किया जाए। इससे स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को सुरक्षित आने-जाने की सुविधा मिल सकेगी। इस मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी देवेंद्र सिंह पाल ने बताया कि रास्ते की समस्या सुलझाने के लिए एक टीम बनाकर जांच कराई जाएगी। जांच के बाद जरूरी कार्रवाई करते हुए समस्या खत्म करने के लिए जल्द काम शुरू किया जाएगा।1
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- नमस्कार, जीडी न्यूज नेटवर्क में आपका स्वागत है। मैनपुरी से इस वक्त एक बेहद दुखद और गंभीर मामला सामने आ रहा है, जहाँ सुदिति ग्लोबल एकेडमी में कक्षा 9 के छात्र वंश कश्यप की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद न्याय की गुहार तेज हो गई है। 22 नवंबर को रोजाना की तरह स्कूल गया 14 वर्षीय वंश अचानक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के 10 महीने बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में लगातार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटने को मजबूर है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन इस संवेदनशील मामले में लीपापोती कर रहे हैं और घटना की वास्तविक जांच नहीं की जा रही है। छात्र के पिता केशव कश्यप और माता ज्योति कश्यप का कहना है कि उनका बेटा पूरी तरह स्वस्थ होकर घर से निकला था, लेकिन स्कूल परिसर के अंदर उसके साथ गंभीर अनहोनी हुई। स्कूल प्रबंधन द्वारा घटना की सही जानकारी न देना और सीसीटीवी फुटेज न दिखाना मामले को और अधिक संदिग्ध बनाता है। पीड़ित परिवार ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी मुख्य रूप से दो ही प्रमुख मांगें हैं—पहली, सुदिति ग्लोबल एकेडमी की मान्यता तुरंत रद्द की जाए और दूसरी, स्कूल मालिक तथा आरोपी क्लास टीचर अमित माथुर और लवमोहन को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। मामले ने आज उस वक्त बड़ा मोड़ ले लिया जब 7 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजे वंश कश्यप के माता-पिता, परिवारजन, रिश्तेदार और स्थानीय लोग भूख हड़ताल के लिए तिकोनिया पार्क कलेक्ट्रेट मैनपुरी में प्रवेश करने लगे। वहाँ पहले से मौजूद मैनपुरी कोतवाली इंस्पेक्टर फतेह बहादुर सिंह और सिविल लाइन चौकी इंचार्ज दिनेश चंद्र ने पुलिस बल के साथ उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन पीड़ित परिवार अपनी दोनों मांगों पर अड़ा रहा। इसके कुछ देर बाद सीओ सिटी मैनपुरी अशोक कुमार सिंह भी मौके पर पहुँचे और अनशन समाप्त कराने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों द्वारा 3 दिनों के भीतर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने का आश्वासन दिया गया, परंतु इसके बावजूद पीड़ित परिवार स्कूल की मान्यता रद्द करने और स्कूल मालिक को सीधे जेल भेजने की अपनी जिद पर अड़ा रहा और अनशन वापस लेने से साफ इंकार कर दिया। प्रशासनिक स्तर पर बरती जा रही कथित ढिलाई और पीड़ित परिवार के इस अभूतपूर्व संघर्ष के बीच यह सवाल बेहद गंभीर रूप धारण कर चुका है कि आखिर इस बेबस परिवार को इंसाफ कब मिलेगा। जीडी न्यूज नेटवर्क इस पूरे मामले पर लगातार अपनी नजर बनाए रखेगा और हर अपडेट आप तक पहुँचाता रहेगा। देश और दुनिया की तमाम बड़ी खबरों के लिए जुड़े रहिए जीडी न्यूज नेटवर्क के साथ। धन्यवाद।1
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