बड़ी खबर | इटावा इटावा कचहरी परिसर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। एडवोकेट विकास रावत 7 सितंबर से अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। एडवोकेट विकास रावत का आरोप है कि क्षेत्र में सांसद निधि से कराए जाने वाले कई विकास कार्य पूरे नहीं कराए गए हैं। वहीं, सांसद से जुड़े कुछ कार्यों को लेकर भी उन्होंने गंभीर सवाल उठाए हैं। इन्हीं मांगों और कथित अनदेखी के विरोध में विकास रावत कचहरी परिसर में आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब सवाल यह है कि आमरण अनशन पर बैठे एडवोकेट विकास रावत की मांगों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और सांसद निधि से जुड़े विकास कार्यों को लेकर लगाए गए आरोपों पर जिम्मेदार पक्ष क्या जवाब देता है। फिलहाल, इस मामले को लेकर कचहरी परिसर में लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर बनी हुई है। बड़ी खबर | इटावा इटावा कचहरी परिसर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। एडवोकेट विकास रावत 7 सितंबर से अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। एडवोकेट विकास रावत का आरोप है कि क्षेत्र में सांसद निधि से कराए जाने वाले कई विकास कार्य पूरे नहीं कराए गए हैं। वहीं, सांसद से जुड़े कुछ कार्यों को लेकर भी उन्होंने गंभीर सवाल उठाए हैं। इन्हीं मांगों और कथित अनदेखी के विरोध में विकास रावत कचहरी परिसर में आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब सवाल यह है कि आमरण अनशन पर बैठे एडवोकेट विकास रावत की मांगों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और सांसद निधि से जुड़े विकास कार्यों को लेकर लगाए गए आरोपों पर जिम्मेदार पक्ष क्या जवाब देता है। फिलहाल, इस मामले को लेकर कचहरी परिसर में लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर बनी हुई है।
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- बड़ी खबर | इटावा इटावा कचहरी परिसर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। एडवोकेट विकास रावत 7 सितंबर से अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। एडवोकेट विकास रावत का आरोप है कि क्षेत्र में सांसद निधि से कराए जाने वाले कई विकास कार्य पूरे नहीं कराए गए हैं। वहीं, सांसद से जुड़े कुछ कार्यों को लेकर भी उन्होंने गंभीर सवाल उठाए हैं। इन्हीं मांगों और कथित अनदेखी के विरोध में विकास रावत कचहरी परिसर में आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब सवाल यह है कि आमरण अनशन पर बैठे एडवोकेट विकास रावत की मांगों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और सांसद निधि से जुड़े विकास कार्यों को लेकर लगाए गए आरोपों पर जिम्मेदार पक्ष क्या जवाब देता है। फिलहाल, इस मामले को लेकर कचहरी परिसर में लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर बनी हुई है। बड़ी खबर | इटावा इटावा कचहरी परिसर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। एडवोकेट विकास रावत 7 सितंबर से अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। एडवोकेट विकास रावत का आरोप है कि क्षेत्र में सांसद निधि से कराए जाने वाले कई विकास कार्य पूरे नहीं कराए गए हैं। वहीं, सांसद से जुड़े कुछ कार्यों को लेकर भी उन्होंने गंभीर सवाल उठाए हैं। इन्हीं मांगों और कथित अनदेखी के विरोध में विकास रावत कचहरी परिसर में आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब सवाल यह है कि आमरण अनशन पर बैठे एडवोकेट विकास रावत की मांगों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और सांसद निधि से जुड़े विकास कार्यों को लेकर लगाए गए आरोपों पर जिम्मेदार पक्ष क्या जवाब देता है। फिलहाल, इस मामले को लेकर कचहरी परिसर में लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर बनी हुई है।1
- *सात बेटियों ने मां को दिया कंधा, छोटी बेटी ने निभाया बेटे का फर्ज रूढ़िवादी सोच को तोड़कर बेटियों ने किया मां का अंतिम संस्कार, भावुक हुआ माहौल* “ओ मां, तू कितनी भोली है, कितनी प्यारी है... मां वो हैं किस्मत वाले, जिनके मां होती है।” यह भावुक कर देने वाला दृश्य उस समय देखने को मिला, जब जनपद इटावा से करीब 50 किलोमीटर दूर कस्बा दिबियापुर में सात बेटियों ने रूढ़िवादी सोच को तोड़ते हुए अपनी मां को अंतिम विदाई दी। दिबियापुर निवासी कृष्णा देवी के पति रामकिशोर का कई वर्ष पूर्व निधन हो गया था। उनके सात बेटियां थीं और कोई बेटा नहीं था। पति के निधन के बाद कृष्णा देवी ने मेहनत-मजदूरी कर अपनी सातों बेटियों का पालन-पोषण किया और उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाई। सोमवार शाम कृष्णा देवी के निधन के बाद सभी सात बेटियां एकत्र हुईं। उन्होंने निर्णय लिया कि मां का अंतिम संस्कार वे स्वयं करेंगी। इसके बाद बेटियों ने बारी-बारी से अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया और श्मशान घाट तक पहुंचाया। मां की अंतिम विदाई के दौरान सबसे छोटी बेटी ने आगे बढ़कर बेटों का फर्ज निभाते हुए विधि-विधान से अपनी मां को मुखाग्नि दी और अंतिम संस्कार संपन्न किया। यह दृश्य देखकर श्मशान घाट पर मौजूद लोग भावुक हो उठे। लोगों का कहना था कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार ऐसा दृश्य देखा है, जहां सात बेटियों ने मिलकर अपनी मां को कंधा दिया और बेटी ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। बेटियों के इस साहसिक कदम की क्षेत्र में चारों ओर सराहना हो रही है। लोगों ने कहा कि बेटियां आज किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। कृष्णा देवी ने जिस मेहनत और त्याग से अपनी बेटियों का पालन-पोषण किया, अंतिम विदाई के समय बेटियों ने भी मां के प्रति अपना फर्ज निभाकर समाज के सामने एक मिसाल पेश की। रजत यादव पत्रकार जन नीति 24 इटावा मो.74171970641
- इटावा के जसवंतनगर थाना क्षेत्र से एक युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने पुलिस पर गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। इटावा के जसवंतनगर थाना क्षेत्र से एक युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने पुलिस पर गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। दरअसल, प्रार्थी लक्ष्मण सिंह, निवासी परसौआ थाना जसवंतनगर ने एसएसपी इटावा को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनकी करीब 20 वर्षीय पुत्री ज्योति 4 मई 2026 की रात करीब ढाई बजे घर से बिना बताए चली गई। परिजनों ने काफी तलाश करने के बाद 8 मई को थाना जसवंतनगर में गुमशुदगी दर्ज कराई। शिकायत पत्र के मुताबिक, पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज तो की, लेकिन करीब चार महीने बीत जाने के बाद भी युवती का कोई पता नहीं चल सका है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें मामले की जांच और कार्रवाई के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई। शिकायत में मोबाइल नंबरों से संबंधित जानकारी मिलने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने की बात भी कही गई है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस कुछ लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ चुकी है और युवती के बारे में अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। अब पीड़ित परिवार ने एसएसपी से मामले को गंभीरता से लेते हुए जसवंतनगर थाना पुलिस को तत्काल जांच कर युवती को सकुशल बरामद करने के निर्देश देने की मांग की है। अब देखना होगा कि शिकायत के बाद पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और लापता युवती की तलाश कब तक पूरी हो पाती है।1
- कचौरा बाईपास से कैस्त का मुख्य मार्ग गड्ढों में तब्दील: जलभराव से राहगीरों की परेशानी बढ़ी, बच्चों के चोटिल होने का खतरा जसवंतनगर में कचौरा बाईपास से कैस्त गांव को जाने वाला मुख्य मार्ग खराब हालत में है। जसवंतनगर में कचौरा बाईपास से कैस्त गांव को जाने वाला मुख्य मार्ग खराब हालत में है। ईंटों से बने इस रास्ते पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे आने-जाने वालों को दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं हुई है। कैस्त गांव का यह रास्ता ग्रामीणों के लिए बहुत जरूरी है। ग्रामीण इसी रास्ते से स्कूल, मॉडल तहसील और दूसरे जरूरी जगहों पर जाते हैं। इस मार्ग पर एक स्कूल भी है, जिसके पास का रास्ता पूरी तरह टूट गया है। गहरे गड्ढों में पानी भरने से हालात और खराब हो गए हैं। इससे पैदल चलने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। कई बार बच्चे और राहगीर गड्ढों में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल के पास रास्ते की खराब हालत बच्चों के लिए खतरा बनी हुई है। गांव के रमेश, सुरेश और महेश ने बताया कि रास्ते की मरम्मत के लिए अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई है। इसके बावजूद समस्या का कोई पक्का समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों ने कहा कि रास्ते की हालत लगातार खराब हो रही है और बारिश में पानी भरने से परेशानी और बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि रास्ते का मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाए। साथ ही टूटे हुए रास्ते की मरम्मत कराई जाए और गड्ढों को भरकर पानी भरने की समस्या का पक्का समाधान किया जाए। इससे स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को सुरक्षित आने-जाने की सुविधा मिल सकेगी। इस मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी देवेंद्र सिंह पाल ने बताया कि रास्ते की समस्या सुलझाने के लिए एक टीम बनाकर जांच कराई जाएगी। जांच के बाद जरूरी कार्रवाई करते हुए समस्या खत्म करने के लिए जल्द काम शुरू किया जाएगा।1
- बिजली विभाग की टीम ने दिखाई दरियादिली, 11 हजार केवी लाइन का शटडाउन लेकर पक्षी को बचाया महेवा (इटावा)। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने मानवीय संवेदना और जीव-जंतुओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी का परिचय देते हुए एक पक्षी की जान बचाई। 11 हजार केवी की विद्युत लाइन पर एक पक्षी फंस गया था। इसकी जानकारी बिजली विभाग के कर्मचारियों को मिली तो उन्होंने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर पक्षी को सुरक्षित निकालने की पहल की। पक्षी की जान को खतरा देखते हुए बिजली विभाग की लाइन टीम ने पहले 11 हजार केवी की विद्युत लाइन का शटडाउन लिया। इसके बाद सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए लाइन को सुरक्षित कर पक्षी को सावधानीपूर्वक नीचे उतारा गया। पक्षी को सुरक्षित निकालने के बाद उसे खुले वातावरण में छोड़ दिया गया, जहां वह आजाद होकर उड़ गया। बिजली विभाग के कर्मचारियों की इस पहल की आसपास मौजूद लोगों ने सराहना की। लोगों का कहना था कि अक्सर विद्युत लाइनों पर पक्षियों के फंसने या करंट की चपेट में आने की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन इस मामले में विभागीय कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए एक बेजुबान जीव की जिंदगी बचाने का सराहनीय कार्य किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि बिजली विभाग की टीम ने केवल अपनी ड्यूटी ही नहीं निभाई, बल्कि जीवों के प्रति संवेदनशीलता का भी परिचय दिया। समय रहते विद्युत आपूर्ति बंद कर पक्षी को सुरक्षित निकालना एक जिम्मेदार कदम रहा। पक्षी को खुले आसमान में उड़ता देखकर मौके पर मौजूद लोगों के चेहरे पर भी खुशी दिखाई दी। बिजली विभाग की इस दरियादिली और तत्परता की क्षेत्र में चर्चा हो रही है।1
- लेखपाल पर गंभीर आरोप,तहसील परिसर में ग्रामीणों का तख्ती लेकर प्रदर्शन,निष्पक्ष जांच की मांग। *करहल,मैनपुरी।* करहल तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत अंडनी के मजरा नगला कंश व नगला खुशाल के ग्रामीणों ने एक लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपों को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण करहल तहसील परिसर पहुंचे और प्रदर्शन कर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि लेखपाल द्वारा उनके कार्यों में लापरवाही और मनमानी की जा रही है,जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा।1
- 120 किसान होंगे प्रशिक्षित, मिलेट्स फसलों पर कृषकों का भ्रमण यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सतीश कुमार पांडे उप कृषि निदेशक इटावा ने पांच दिवसी कृषकक प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम हेतु बस को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना इस कार्यक्रम के अंतर्गत 120 किसान होंगे प्रशिक्षित।1
- इटावा में डबल डेकर बस में लगी भीषण आग, यात्रियों में मची अफरा-तफरी इटावा में डबल डेकर बस में लगी भीषण आग, यात्रियों में मची अफरा-तफरी इटावा। शहर के फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र में सोमवार की अल सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब दिल्ली से हमीरपुर जा रही एक डबल डेकर बस में अचानक भीषण आग लग गई। बस में आग लगते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि हादसे के समय बस में करीब 40 यात्री सवार थे। जानकारी के अनुसार, बस फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र से गुजर रही थी। इसी दौरान बस में अचानक आग भड़क उठी। आग की लपटें दिखाई देते ही यात्रियों में दहशत फैल गई। यात्रियों ने किसी तरह बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आग लगने के बाद बस चालक और परिचालक के मौके से फरार होने की बात सामने आई है। घटना की सूचना तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। फायर टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बस में लगी आग पर काबू पाया। बताया गया कि बस दिल्ली से हमीरपुर जा रही थी। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना फिलहाल सामने नहीं आई है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई और यात्रियों से भी पूछताछ की। आग की घटना के कारण कुछ समय के लिए क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने स्थिति को नियंत्रित किया। घटना के बाद बस की सुरक्षा व्यवस्था और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।1