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तहसील मोहनगढ के कई ग्रामों से हल्का पटवारी की शिकायत होनें से हुए पूर्व जिला पंचायत प्रत्याशी छोटेलाल यादव नाराज मुख्यमंत्री को भेजा शिकायती पत्र। तहसील मोहनगढ के कई ग्रामों से हल्का पटवारी की शिकायत होनें से हुए पूर्व जिला पंचायत प्रत्याशी छोटेलाल यादव नाराज मुख्यमंत्री को भेजा शिकायती पत्र।
सौरभ गंगेले पत्रकार
तहसील मोहनगढ के कई ग्रामों से हल्का पटवारी की शिकायत होनें से हुए पूर्व जिला पंचायत प्रत्याशी छोटेलाल यादव नाराज मुख्यमंत्री को भेजा शिकायती पत्र। तहसील मोहनगढ के कई ग्रामों से हल्का पटवारी की शिकायत होनें से हुए पूर्व जिला पंचायत प्रत्याशी छोटेलाल यादव नाराज मुख्यमंत्री को भेजा शिकायती पत्र।
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- दिगौड़ा में पटवारियों की कलमबंद हड़ताल शुरू, कैडर रिव्यू और प्रमोशन समेत 5 बड़ी मांगो को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू दिगौड़ा 5 अगस्त मध्यप्रदेश में वर्षों से लंबित मांगों को लेकर पटवारियों ने प्रदेशव्यापी कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर 3 अगस्त से शुरू हो गई है। इस हड़ताल में प्रदेशभर के पटवारी शामिल हो गए हैं। इसी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर तहसील कार्यालय दिगौड़ा में पदस्थ पटवारी भी अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल व धरने पर बैठे हुए हैं।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ टीकमगढ़ जिले में स्वाभिमानी मजदूर संगठन ने टीकमगढ़ जिले के सभी ग्रामपंचायत में से महिलाएं एक चित्र होकर अपने-अपने हक अधिकार की आवाज उठाने के लिए कलेक्ट पैसा में कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सोपा।3
- पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारीयों का पूरे मध्य प्रदेश में हल्ला बोल कलम बंद धरने पर बैठे पूरी मांगे होने तक हड़ताल करने की कवायत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों का हल्लाबोल, कलम बंद धरने पर बैठे मांग पूरी होने तक हड़ताल करने की कवायत बल्देवगढ़ के साथ दिगौड़ा तहसील कार्यालय में भी अनिश्चितकालीन हड़ताल, राजस्व कामकाज प्रभावित होने की आशंका बल्देवगढ़/दिगौड़ा। पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों का आंदोलन अब तेज हो गया है। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर बल्देवगढ़ क्षेत्र के साथ दिगौड़ा तहसील कार्यालय में भी पटवारियों ने कलमबंद अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। दिगौड़ा में कई पटवारी कामकाज छोड़कर धरने पर बैठ गए हैं। पटवारी संघ ने साफ किया है कि जब तक शासन स्तर पर उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते तहसील स्तर पर राजस्व से जुड़े कामकाज पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, राजस्व अभिलेखों से जुड़े कार्यों के साथ फसल संबंधी जानकारी एवं अन्य मैदानी राजस्व कार्यों में पटवारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में हड़ताल लंबी खिंचने पर सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों और ग्रामीणों को हो सकती है, जो अपने राजस्व संबंधी कामों के लिए तहसील और पटवारी कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं। मध्यप्रदेश पटवारी संघ द्वारा पांच प्रमुख मांगों को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। इनमें कैडर रिव्यू के साथ पदोन्नति एवं समयमान का लाभ दिए जाने की मांग प्रमुख है। संघ का कहना है कि पटवारियों के सेवाकाल और जिम्मेदारियों को देखते हुए कैडर व्यवस्था की समीक्षा की जाए तथा पात्र कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति और समयमान का लाभ दिया जाए। इसके साथ ही नायब तहसीलदार पद के लिए विभागीय परीक्षा आयोजित करने की मांग भी उठाई गई है, ताकि योग्य एवं अनुभवी पटवारियों को विभाग में आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। पटवारी संघ ने जज प्रोटेक्शन एक्ट में पटवारियों को शामिल करने की मांग भी प्रमुखता से रखी है। इसके अलावा लंबे समय से लंबित वित्तीय भुगतानों का शीघ्र निराकरण करने तथा संघ पदाधिकारियों के नियम विरुद्ध स्थानांतरण के मामलों में छूट और उचित संरक्षण दिए जाने की मांग की जा रही है। दिगौड़ा तहसील कार्यालय में भी आंदोलन का असर साफ दिखाई दिया, जहां पटवारियों ने कलमबंद हड़ताल करते हुए धरना शुरू कर दिया। कई पटवारी धरने में शामिल हुए और पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। पटवारियों के काम से दूरी बनाने के कारण तहसील में आने वाले दिनों में राजस्व प्रकरणों के निराकरण की रफ्तार प्रभावित होने की संभावना है। पटवारी संघ का कहना है कि मांगों को लेकर शासन का ध्यान पहले भी लगातार आकर्षित कराया गया, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं मिलने के कारण अब अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। संघ ने संकेत दिए हैं कि केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा और मांगों पर ठोस निर्णय होने तक हड़ताल जारी रहेगी। राजस्व प्रशासन की जमीनी व्यवस्था में पटवारी महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गांवों में जमीन से जुड़े अभिलेखों से लेकर अनेक राजस्व और मैदानी कार्य उनकी जिम्मेदारी से जुड़े होते हैं। ऐसे में बल्देवगढ़ और दिगौड़ा क्षेत्र में शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल यदि लंबी खिंचती है तो इसका सीधा असर किसानों, भूमिस्वामियों और आम नागरिकों के कामों पर पड़ सकता है। अब पटवारियों के आंदोलन के बीच निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।2
- ब्लॉक बार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कैलोनी टपरियन में फर्जी पट्टे का आरोप, जांच की मांग ललितपुर। जनपद ललितपुर के विकासखंड बार अंतर्गत ग्राम पंचायत कैलोनी टपरियन निवासी रक्षपाल ने गांव में वर्ष 2013 में हुए एक पट्टे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। रक्षपाल का कहना है कि गांव निवासी कैलाश पुत्र सोबरन का वर्ष 2013 में पट्टा बनाया गया, जबकि उनकी मृत्यु वर्ष 2008-09 में ही हो चुकी थी। ऐसे में मृत व्यक्ति के नाम पर पट्टा जारी होना कई सवाल खड़े करता है। रक्षपाल का आरोप है कि उक्त पट्टा कैलाश के पिता सोबरन द्वारा कराया गया था। उनका कहना है कि यदि संबंधित व्यक्ति की मृत्यु वर्ष 2008-09 में हो चुकी थी, तो वर्ष 2013 में उनके नाम पर पट्टा कैसे स्वीकृत हुआ। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। रक्षपाल ने प्रशासन से मांग की है कि पट्टे से संबंधित सभी अभिलेखों, आवेदन पत्र, जांच रिपोर्ट एवं स्वीकृति प्रक्रिया की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा सामने आता है, तो संबंधित अधिकारियों और दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ग्रामीणों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। हालांकि, अभी तक संबंधित राजस्व विभाग या प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता रक्षपाल द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की सत्यता प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ टीकमगढ़ जिले की हर ग्राम पंचायत से महिलाएं एकत्र होकर अपने हक अधिकार दलित पिछड़ा आदिवासी लोग शामिल हुए जिला कलेक्टर महोदय को ज्ञापन साहूकार अपनी पंचायत में काम की मांग की गई1
- तहसील मोहनगढ के कई ग्रामों से हल्का पटवारी की शिकायत होनें से हुए पूर्व जिला पंचायत प्रत्याशी छोटेलाल यादव नाराज मुख्यमंत्री को भेजा शिकायती पत्र। तहसील मोहनगढ के कई ग्रामों से हल्का पटवारी की शिकायत होनें से हुए पूर्व जिला पंचायत प्रत्याशी छोटेलाल यादव नाराज मुख्यमंत्री को भेजा शिकायती पत्र।1