ब्लॉक बार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कैलोनी टपरियन में फर्जी पट्टे का आरोप, जांच की मांग ललितपुर। जनपद ललितपुर के विकासखंड बार अंतर्गत ग्राम पंचायत कैलोनी टपरियन निवासी रक्षपाल ने गांव में वर्ष 2013 में हुए एक पट्टे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। रक्षपाल का कहना है कि गांव निवासी कैलाश पुत्र सोबरन का वर्ष 2013 में पट्टा बनाया गया, जबकि उनकी मृत्यु वर्ष 2008-09 में ही हो चुकी थी। ऐसे में मृत व्यक्ति के नाम पर पट्टा जारी होना कई सवाल खड़े करता है। रक्षपाल का आरोप है कि उक्त पट्टा कैलाश के पिता सोबरन द्वारा कराया गया था। उनका कहना है कि यदि संबंधित व्यक्ति की मृत्यु वर्ष 2008-09 में हो चुकी थी, तो वर्ष 2013 में उनके नाम पर पट्टा कैसे स्वीकृत हुआ। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। रक्षपाल ने प्रशासन से मांग की है कि पट्टे से संबंधित सभी अभिलेखों, आवेदन पत्र, जांच रिपोर्ट एवं स्वीकृति प्रक्रिया की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा सामने आता है, तो संबंधित अधिकारियों और दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ग्रामीणों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। हालांकि, अभी तक संबंधित राजस्व विभाग या प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता रक्षपाल द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की सत्यता प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ब्लॉक बार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कैलोनी टपरियन में फर्जी पट्टे का आरोप, जांच की मांग ललितपुर। जनपद ललितपुर के विकासखंड बार अंतर्गत ग्राम पंचायत कैलोनी टपरियन निवासी रक्षपाल ने गांव में वर्ष 2013 में हुए एक पट्टे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। रक्षपाल का कहना है कि गांव निवासी कैलाश पुत्र सोबरन का वर्ष 2013 में पट्टा बनाया गया, जबकि उनकी मृत्यु वर्ष 2008-09 में ही हो चुकी थी। ऐसे में मृत व्यक्ति के नाम पर पट्टा जारी होना कई सवाल खड़े करता है। रक्षपाल का आरोप है कि उक्त पट्टा कैलाश के पिता सोबरन द्वारा कराया गया था। उनका कहना है कि यदि संबंधित व्यक्ति की मृत्यु वर्ष 2008-09 में हो चुकी थी, तो वर्ष 2013 में उनके नाम पर पट्टा कैसे स्वीकृत हुआ। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। रक्षपाल ने प्रशासन से मांग की है कि पट्टे से संबंधित सभी अभिलेखों, आवेदन पत्र, जांच रिपोर्ट एवं स्वीकृति प्रक्रिया की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा सामने आता है, तो संबंधित अधिकारियों और दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ग्रामीणों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। हालांकि, अभी तक संबंधित राजस्व विभाग या प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता रक्षपाल द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की सत्यता प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
- ब्लॉक बार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कैलोनी टपरियन में फर्जी पट्टे का आरोप, जांच की मांग ललितपुर। जनपद ललितपुर के विकासखंड बार अंतर्गत ग्राम पंचायत कैलोनी टपरियन निवासी रक्षपाल ने गांव में वर्ष 2013 में हुए एक पट्टे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। रक्षपाल का कहना है कि गांव निवासी कैलाश पुत्र सोबरन का वर्ष 2013 में पट्टा बनाया गया, जबकि उनकी मृत्यु वर्ष 2008-09 में ही हो चुकी थी। ऐसे में मृत व्यक्ति के नाम पर पट्टा जारी होना कई सवाल खड़े करता है। रक्षपाल का आरोप है कि उक्त पट्टा कैलाश के पिता सोबरन द्वारा कराया गया था। उनका कहना है कि यदि संबंधित व्यक्ति की मृत्यु वर्ष 2008-09 में हो चुकी थी, तो वर्ष 2013 में उनके नाम पर पट्टा कैसे स्वीकृत हुआ। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। रक्षपाल ने प्रशासन से मांग की है कि पट्टे से संबंधित सभी अभिलेखों, आवेदन पत्र, जांच रिपोर्ट एवं स्वीकृति प्रक्रिया की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा सामने आता है, तो संबंधित अधिकारियों और दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ग्रामीणों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। हालांकि, अभी तक संबंधित राजस्व विभाग या प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता रक्षपाल द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की सत्यता प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- दिगौड़ा में पटवारियों की कलमबंद हड़ताल शुरू, कैडर रिव्यू और प्रमोशन समेत 5 बड़ी मांगो को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू दिगौड़ा 5 अगस्त मध्यप्रदेश में वर्षों से लंबित मांगों को लेकर पटवारियों ने प्रदेशव्यापी कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर 3 अगस्त से शुरू हो गई है। इस हड़ताल में प्रदेशभर के पटवारी शामिल हो गए हैं। इसी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर तहसील कार्यालय दिगौड़ा में पदस्थ पटवारी भी अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल व धरने पर बैठे हुए हैं।1
- मड़ावरा में तीन ग्राम विकास अधिकारियों का स्थानांतरण, लंबे समय से चल रही खींचतान के बीच प्रशासनिक फैसले ने बढ़ाई चर्चाएं उपमुख्यमंत्री से ग्राम प्रधानों और कार्यकर्ताओं की मुलाकात के बाद तेज हुई अटकलें, अब कार्यमुक्ति और नई तैनाती पर टिकी निगाहें मड़ावरा में तीन ग्राम विकास अधिकारियों का स्थानांतरण, लंबे समय से चल रही खींचतान के बीच प्रशासनिक फैसले ने बढ़ाई चर्चाएं उपमुख्यमंत्री से ग्राम प्रधानों और कार्यकर्ताओं की मुलाकात के बाद तेज हुई अटकलें, अब कार्यमुक्ति और नई तैनाती पर टिकी निगाहें इन्द्रपाल सिंह'प्रिइन्द्र' ललितपुर। विकासखंड मड़ावरा में प्रशासनिक फेरबदल का दौर लगातार जारी है। हाल ही में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) रमेश कुमार के स्थानांतरण के बाद अब विकासखंड में लंबे समय से कार्यरत तीन ग्राम विकास अधिकारियों (पंचायत सचिवों) का भी स्थानांतरण कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद पूरे विकासखंड में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक गलियारों से लेकर ग्राम पंचायतों तक तबादले को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जिला विकास अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार ग्राम विकास अधिकारी तुषार कटारिया तथा इन्द्रेश कुमार गौतम का स्थानांतरण विकासखंड बिरधा किया गया है, जबकि महेंद्र कुमार को विकासखंड महरौनी भेजा गया है। आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए भेजा जाए। बताया गया है कि यह स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर जिलाधिकारी के अनुमोदन के उपरांत किया गया है। काफी समय से चल रही थी तबादलों को लेकर खींचतान विकासखंड मड़ावरा में पंचायत सचिवों के स्थानांतरण को लेकर पिछले कई महीनों से राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर खींचतान की स्थिति बनी हुई थी। क्षेत्र में यह मुद्दा लगातार चर्चा का विषय रहा। सूत्रों के अनुसार, विभिन्न जनप्रतिनिधियों, जनसंगठनों और ग्रामीणों की ओर से समय-समय पर पंचायत सचिवों की कार्यशैली एवं लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती को लेकर सवाल उठाए जाते रहे। बताया जाता है कि कुछ समय पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष द्वारा संबंधित पंचायत सचिवों के स्थानांतरण की मांग करते हुए विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा गया था। वहीं दूसरी ओर, एक जिला पंचायत सदस्य ने संबंधित अधिकारियों के पक्ष में एक राज्यमंत्री से समर्थन पत्र भी दिलवाया था। इस कारण स्थानांतरण का मुद्दा लंबे समय तक राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चाओं का केंद्र बना रहा। उपमुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद तेज हुई चर्चाएं बीते मंगलवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मड़ावरा क्षेत्र के कुछ ग्राम प्रधानों तथा संगठन के कार्यकर्ताओं ने मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद क्षेत्र में यह चर्चा और तेज हो गई कि पंचायत सचिवों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को गति मिलने के पीछे यह मुलाकात भी एक महत्वपूर्ण कारण हो सकती है। हालांकि, प्रशासन की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है जिसमें इन दोनों घटनाओं को एक-दूसरे से जोड़ा गया हो। इसलिए इस संबंध में किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल यह स्थानीय स्तर पर चल रही चर्चाओं का विषय बना हुआ है। अब सबकी निगाहें कार्यमुक्ति और आगे की कार्रवाई पर स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि संबंधित ग्राम विकास अधिकारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर नई तैनाती पर भेजा जाएगा या फिर पूर्व की तरह किसी स्तर पर आदेश में संशोधन अथवा निरस्तीकरण की स्थिति उत्पन्न होगी। इसको लेकर भी विकासखंड में चर्चाएं जारी हैं। प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि यदि आदेश का समयबद्ध अनुपालन होता है तो जल्द ही नए ग्राम विकास अधिकारियों की तैनाती के साथ विकासखंड की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव देखने को मिलेगा। वहीं ग्रामीणों की अपेक्षा है कि नई व्यवस्था के बाद पंचायतों में विकास कार्यों की गति और पारदर्शिता दोनों में सुधार होगा। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर विकासखंड मड़ावरा ही नहीं, बल्कि जनपद के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों की भी नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में संबंधित अधिकारियों की कार्यमुक्ति, नए अधिकारियों की तैनाती और विभागीय कार्रवाई की दिशा इस पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट करेगी।2
- बानपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में एक्सपायरी दवा मिलने का आरोप, मरीज ने जांच की मांग की बानपुर (ललितपुर)। आयुष्मान आरोग्य मंदिर बानपुर में दवा वितरण को लेकर एक मरीज ने सवाल उठाए हैं। ग्राम बड़ोखरा निवासी जाहर सिंह अपनी पत्नी रश्मि के साथ इलाज कराने आयुष्मान आरोग्य मंदिर बानपुर पहुंचे थे। जाहर सिंह का आरोप है कि डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद अस्पताल के काउंटर से उन्हें जो दवाइयां उपलब्ध कराई गईं, उनमें कुछ दवाओं की एक्सपायरी डेट समाप्त हो चुकी थी। जाहर सिंह के अनुसार, उन्होंने दवाओं का इस्तेमाल करने से पहले उनकी पैकिंग पर लिखी एक्सपायरी डेट की जांच की, जिसके बाद उन्हें इसकी जानकारी हुई। उनका कहना है कि समय रहते दवा की जांच करने से संभावित नुकसान से बचाव हो गया। उन्होंने मामले की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य विभाग से जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मरीज ने लोगों से अपील की है कि सरकारी अस्पताल या मेडिकल स्टोर से मिलने वाली किसी भी दवा का सेवन करने से पहले उसकी निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट जरूर जांच लें, ताकि किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से बचा जा सके। वहीं, इस मामले में स्वास्थ्य केंद्र प्रशासन का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने के बाद उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच कर क्या कार्रवाई करता है। (नोट: यह खबर मरीज द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।)2
- तहसील मोहनगढ के कई ग्रामों से हल्का पटवारी की शिकायत होनें से हुए पूर्व जिला पंचायत प्रत्याशी छोटेलाल यादव नाराज मुख्यमंत्री को भेजा शिकायती पत्र। तहसील मोहनगढ के कई ग्रामों से हल्का पटवारी की शिकायत होनें से हुए पूर्व जिला पंचायत प्रत्याशी छोटेलाल यादव नाराज मुख्यमंत्री को भेजा शिकायती पत्र।1