पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारीयों का पूरे मध्य प्रदेश में हल्ला बोल कलम बंद धरने पर बैठे पूरी मांगे होने तक हड़ताल करने की कवायत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों का हल्लाबोल, कलम बंद धरने पर बैठे मांग पूरी होने तक हड़ताल करने की कवायत बल्देवगढ़ के साथ दिगौड़ा तहसील कार्यालय में भी अनिश्चितकालीन हड़ताल, राजस्व कामकाज प्रभावित होने की आशंका बल्देवगढ़/दिगौड़ा। पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों का आंदोलन अब तेज हो गया है। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर बल्देवगढ़ क्षेत्र के साथ दिगौड़ा तहसील कार्यालय में भी पटवारियों ने कलमबंद अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। दिगौड़ा में कई पटवारी कामकाज छोड़कर धरने पर बैठ गए हैं। पटवारी संघ ने साफ किया है कि जब तक शासन स्तर पर उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते तहसील स्तर पर राजस्व से जुड़े कामकाज पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, राजस्व अभिलेखों से जुड़े कार्यों के साथ फसल संबंधी जानकारी एवं अन्य मैदानी राजस्व कार्यों में पटवारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में हड़ताल लंबी खिंचने पर सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों और ग्रामीणों को हो सकती है, जो अपने राजस्व संबंधी कामों के लिए तहसील और पटवारी कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं। मध्यप्रदेश पटवारी संघ द्वारा पांच प्रमुख मांगों को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। इनमें कैडर रिव्यू के साथ पदोन्नति एवं समयमान का लाभ दिए जाने की मांग प्रमुख है। संघ का कहना है कि पटवारियों के सेवाकाल और जिम्मेदारियों को देखते हुए कैडर व्यवस्था की समीक्षा की जाए तथा पात्र कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति और समयमान का लाभ दिया जाए। इसके साथ ही नायब तहसीलदार पद के लिए विभागीय परीक्षा आयोजित करने की मांग भी उठाई गई है, ताकि योग्य एवं अनुभवी पटवारियों को विभाग में आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। पटवारी संघ ने जज प्रोटेक्शन एक्ट में पटवारियों को शामिल करने की मांग भी प्रमुखता से रखी है। इसके अलावा लंबे समय से लंबित वित्तीय भुगतानों का शीघ्र निराकरण करने तथा संघ पदाधिकारियों के नियम विरुद्ध स्थानांतरण के मामलों में छूट और उचित संरक्षण दिए जाने की मांग की जा रही है। दिगौड़ा तहसील कार्यालय में भी आंदोलन का असर साफ दिखाई दिया, जहां पटवारियों ने कलमबंद हड़ताल करते हुए धरना शुरू कर दिया। कई पटवारी धरने में शामिल हुए और पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। पटवारियों के काम से दूरी बनाने के कारण तहसील में आने वाले दिनों में राजस्व प्रकरणों के निराकरण की रफ्तार प्रभावित होने की संभावना है। पटवारी संघ का कहना है कि मांगों को लेकर शासन का ध्यान पहले भी लगातार आकर्षित कराया गया, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं मिलने के कारण अब अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। संघ ने संकेत दिए हैं कि केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा और मांगों पर ठोस निर्णय होने तक हड़ताल जारी रहेगी। राजस्व प्रशासन की जमीनी व्यवस्था में पटवारी महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गांवों में जमीन से जुड़े अभिलेखों से लेकर अनेक राजस्व और मैदानी कार्य उनकी जिम्मेदारी से जुड़े होते हैं। ऐसे में बल्देवगढ़ और दिगौड़ा क्षेत्र में शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल यदि लंबी खिंचती है तो इसका सीधा असर किसानों, भूमिस्वामियों और आम नागरिकों के कामों पर पड़ सकता है। अब पटवारियों के आंदोलन के बीच निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारीयों का पूरे मध्य प्रदेश में हल्ला बोल कलम बंद धरने पर बैठे पूरी मांगे होने तक हड़ताल करने की कवायत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों का हल्लाबोल, कलम बंद धरने पर बैठे मांग पूरी होने तक हड़ताल करने की कवायत बल्देवगढ़ के साथ दिगौड़ा तहसील कार्यालय में भी अनिश्चितकालीन हड़ताल, राजस्व कामकाज प्रभावित होने की आशंका बल्देवगढ़/दिगौड़ा। पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों का आंदोलन अब तेज हो गया है। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर बल्देवगढ़ क्षेत्र के साथ दिगौड़ा तहसील कार्यालय में भी पटवारियों ने कलमबंद अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। दिगौड़ा में कई पटवारी कामकाज छोड़कर धरने पर बैठ गए हैं। पटवारी संघ ने साफ किया है कि जब तक शासन स्तर पर उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते तहसील स्तर पर राजस्व से जुड़े कामकाज पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, राजस्व अभिलेखों से जुड़े कार्यों के साथ फसल संबंधी जानकारी एवं अन्य मैदानी राजस्व कार्यों में पटवारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में हड़ताल लंबी खिंचने पर सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों और ग्रामीणों को हो सकती है, जो अपने राजस्व संबंधी कामों के लिए तहसील और पटवारी कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं। मध्यप्रदेश पटवारी संघ द्वारा पांच प्रमुख मांगों को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। इनमें कैडर रिव्यू के साथ पदोन्नति एवं समयमान का लाभ दिए जाने की मांग प्रमुख है। संघ का कहना है कि पटवारियों के सेवाकाल और जिम्मेदारियों को देखते हुए कैडर व्यवस्था की समीक्षा की जाए तथा पात्र कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति और समयमान का लाभ दिया जाए।
इसके साथ ही नायब तहसीलदार पद के लिए विभागीय परीक्षा आयोजित करने की मांग भी उठाई गई है, ताकि योग्य एवं अनुभवी पटवारियों को विभाग में आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। पटवारी संघ ने जज प्रोटेक्शन एक्ट में पटवारियों को शामिल करने की मांग भी प्रमुखता से रखी है। इसके अलावा लंबे समय से लंबित वित्तीय भुगतानों का शीघ्र निराकरण करने तथा संघ पदाधिकारियों के नियम विरुद्ध स्थानांतरण के मामलों में छूट और उचित संरक्षण दिए जाने की मांग की जा रही है। दिगौड़ा तहसील कार्यालय में भी आंदोलन का असर साफ दिखाई दिया, जहां पटवारियों ने कलमबंद हड़ताल करते हुए धरना शुरू कर दिया। कई पटवारी धरने में शामिल हुए और पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। पटवारियों के काम से दूरी बनाने के कारण तहसील में आने वाले दिनों में राजस्व प्रकरणों के निराकरण की रफ्तार प्रभावित होने की संभावना है। पटवारी संघ का कहना है कि मांगों को लेकर शासन का ध्यान पहले भी लगातार आकर्षित कराया गया, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं मिलने के कारण अब अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। संघ ने संकेत दिए हैं कि केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा और मांगों पर ठोस निर्णय होने तक हड़ताल जारी रहेगी। राजस्व प्रशासन की जमीनी व्यवस्था में पटवारी महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गांवों में जमीन से जुड़े अभिलेखों से लेकर अनेक राजस्व और मैदानी कार्य उनकी जिम्मेदारी से जुड़े होते हैं। ऐसे में बल्देवगढ़ और दिगौड़ा क्षेत्र में शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल यदि लंबी खिंचती है तो इसका सीधा असर किसानों, भूमिस्वामियों और आम नागरिकों के कामों पर पड़ सकता है। अब पटवारियों के आंदोलन के बीच निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
- पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारीयों का पूरे मध्य प्रदेश में हल्ला बोल कलम बंद धरने पर बैठे पूरी मांगे होने तक हड़ताल करने की कवायत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों का हल्लाबोल, कलम बंद धरने पर बैठे मांग पूरी होने तक हड़ताल करने की कवायत बल्देवगढ़ के साथ दिगौड़ा तहसील कार्यालय में भी अनिश्चितकालीन हड़ताल, राजस्व कामकाज प्रभावित होने की आशंका बल्देवगढ़/दिगौड़ा। पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों का आंदोलन अब तेज हो गया है। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर बल्देवगढ़ क्षेत्र के साथ दिगौड़ा तहसील कार्यालय में भी पटवारियों ने कलमबंद अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। दिगौड़ा में कई पटवारी कामकाज छोड़कर धरने पर बैठ गए हैं। पटवारी संघ ने साफ किया है कि जब तक शासन स्तर पर उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते तहसील स्तर पर राजस्व से जुड़े कामकाज पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, राजस्व अभिलेखों से जुड़े कार्यों के साथ फसल संबंधी जानकारी एवं अन्य मैदानी राजस्व कार्यों में पटवारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में हड़ताल लंबी खिंचने पर सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों और ग्रामीणों को हो सकती है, जो अपने राजस्व संबंधी कामों के लिए तहसील और पटवारी कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं। मध्यप्रदेश पटवारी संघ द्वारा पांच प्रमुख मांगों को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। इनमें कैडर रिव्यू के साथ पदोन्नति एवं समयमान का लाभ दिए जाने की मांग प्रमुख है। संघ का कहना है कि पटवारियों के सेवाकाल और जिम्मेदारियों को देखते हुए कैडर व्यवस्था की समीक्षा की जाए तथा पात्र कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति और समयमान का लाभ दिया जाए। इसके साथ ही नायब तहसीलदार पद के लिए विभागीय परीक्षा आयोजित करने की मांग भी उठाई गई है, ताकि योग्य एवं अनुभवी पटवारियों को विभाग में आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। पटवारी संघ ने जज प्रोटेक्शन एक्ट में पटवारियों को शामिल करने की मांग भी प्रमुखता से रखी है। इसके अलावा लंबे समय से लंबित वित्तीय भुगतानों का शीघ्र निराकरण करने तथा संघ पदाधिकारियों के नियम विरुद्ध स्थानांतरण के मामलों में छूट और उचित संरक्षण दिए जाने की मांग की जा रही है। दिगौड़ा तहसील कार्यालय में भी आंदोलन का असर साफ दिखाई दिया, जहां पटवारियों ने कलमबंद हड़ताल करते हुए धरना शुरू कर दिया। कई पटवारी धरने में शामिल हुए और पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। पटवारियों के काम से दूरी बनाने के कारण तहसील में आने वाले दिनों में राजस्व प्रकरणों के निराकरण की रफ्तार प्रभावित होने की संभावना है। पटवारी संघ का कहना है कि मांगों को लेकर शासन का ध्यान पहले भी लगातार आकर्षित कराया गया, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं मिलने के कारण अब अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। संघ ने संकेत दिए हैं कि केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा और मांगों पर ठोस निर्णय होने तक हड़ताल जारी रहेगी। राजस्व प्रशासन की जमीनी व्यवस्था में पटवारी महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गांवों में जमीन से जुड़े अभिलेखों से लेकर अनेक राजस्व और मैदानी कार्य उनकी जिम्मेदारी से जुड़े होते हैं। ऐसे में बल्देवगढ़ और दिगौड़ा क्षेत्र में शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल यदि लंबी खिंचती है तो इसका सीधा असर किसानों, भूमिस्वामियों और आम नागरिकों के कामों पर पड़ सकता है। अब पटवारियों के आंदोलन के बीच निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।2
- दिगौड़ा में पटवारियों की कलमबंद हड़ताल शुरू, कैडर रिव्यू और प्रमोशन समेत 5 बड़ी मांगो को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू दिगौड़ा 5 अगस्त मध्यप्रदेश में वर्षों से लंबित मांगों को लेकर पटवारियों ने प्रदेशव्यापी कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर 3 अगस्त से शुरू हो गई है। इस हड़ताल में प्रदेशभर के पटवारी शामिल हो गए हैं। इसी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर तहसील कार्यालय दिगौड़ा में पदस्थ पटवारी भी अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल व धरने पर बैठे हुए हैं।1
- शासकीय पहाड़ी पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने तहसीलदार से कार्रवाई की मांग शासकीय पहाड़ी पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने तहसीलदार से कार्रवाई की मांग बाजीतपुरा सरपंच पर बिना स्वीकृति फेंसिंग कराने का आरोप, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन जतारा। तहसील क्षेत्र के ग्राम बंदरगुड़ा, बाजीतपुरा एवं बैरवार के ग्रामीणों ने बुधवार को तहसीलदार जतारा को आवेदन सौंपकर ग्राम बाजीतपुरा के सरपंच मनी राजपूत पर शासकीय भूमि (पहाड़ी) पर बिना किसी शासकीय स्वीकृति के अवैध कब्जा कराकर चारों ओर कंटीले तारों की फेंसिंग कराने का आरोप लगाया है। आवेदन के अनुसार खसरा नंबर 111/1/1, रकबा 25.048 हेक्टेयर की शासकीय पहाड़ी पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि वर्षों से आसपास के गांवों के पशुओं के चरने का प्रमुख स्थान रही है, लेकिन अब वहां अवैध रूप से फेंसिंग कर दी गई है, जिससे पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पहाड़ी पर कुछ लोगों ने झोपड़ियां बनाकर निवास शुरू कर दिया है तथा चोरी की बिजली का उपयोग किए जाने की भी शिकायत की है। आवेदन में कहा गया है कि ग्रामीणों द्वारा विरोध किए जाने के बावजूद कथित अतिक्रमण नहीं हटाया गया। ग्रामीणों ने तहसीलदार से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि बिना शासकीय अनुमति के शासकीय भूमि पर कब्जा और फेंसिंग की गई है तो अतिक्रमण हटाकर शासकीय भूमि को मुक्त कराया जाए।2
- सरपंच पति की 'पहाड़' जैसी हिम्मत, सरकारी गोचर भूमि घेरी; मवेशियों का दाना-पानी बंद, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा! सरपंच पति की 'पहाड़' जैसी हिम्मत, सरकारी गोचर भूमि घेरी; मवेशियों का दाना-पानी बंद, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा!टीकमगढ़/जतारा: सरकार एक तरफ सरकारी और गोचर (चरनोई) भूमि से अवैध कब्जे हटाने के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है, तो दूसरी तरफ रसूखदार पूरे के पूरे सरकारी पहाड़ को ही निगलने की तैयारी में हैं। ताजा मामला जनपद पंचायत जतारा के तहत आने वाली ग्राम पंचायत बाजीतपुरा का है। यहां सरपंच पति मनी राजपूत ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर गोवंश के चरने वाले पूरे सरकारी पहाड़ पर ही कटीले तारों की फेंसिंग (बाड़) लगा दी है।इस मनमानी के कारण क्षेत्र के मवेशियों का पहाड़ पर जाना पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे बेजुबान जानवर चारे के लिए तरस रहे हैं।वृक्षारोपण का बहाना, कब्जे का असली 'खेला'जब ग्रामीणों ने इस तारबंदी का विरोध किया, तो सरपंच पति की ओर से दलील दी गई कि यहाँ सरकारी वृक्षारोपण का कार्य किया जाना है। हालांकि, जब इसकी जमीनी हकीकत खंगाली गई तो मामला पूरी तरह फर्जी निकला। जनपद पंचायत से बाजीतपुरा में इस प्रकार के किसी भी वृक्षारोपण कार्य की कोई शासकीय स्वीकृति ही जारी नहीं हुई है। वृक्षारोपण के नाम पर सरकारी पहाड़ (खसरा क्रमांक 111/1/1) को चारों तरफ से घेरकर वहां अवैध रूप से झोपड़ी तान दी गई है, ताकि धीरे-धीरे पूरी जमीन पर कब्जा पक्का किया जा सके।ग्रामीणों में भारी आक्रोश, एसडीएम-तहसीलदार को सौंपा ज्ञापनसरपंच पति की इस दबंगई से परेशान ग्राम बंदरगुड़ा और आसपास के दर्जनों किसानों व ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सालों से यह पहाड़ कई गांवों के गोवंश के लिए मुख्य चारागाह रहा है। मवेशियों का रास्ता बंद होने से नाराज ग्रामीणों ने लामबंद होकर एसडीएम नीरज खरे और तहसीलदार पलक जैन को एक शिकायती ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस अवैध फेंसिंग को तुरंत हटाया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।प्रशासन का रुख: जल्द चलेगा पीला पंजाइस गंभीर मामले को लेकर तहसीलदार पलक जैन ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "शासकीय भूमि पर किसी भी व्यक्ति को अवैध रूप से कब्जा करने का कोई अधिकार नहीं है। मामले की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द ही टीम भेजकर पहाड़ से अवैध फेंसिंग और अतिक्रमण को पूरी तरह हटा दिया जाएगा।"अब देखना यह होगा कि प्रशासन का 'पीला पंजा' इस रसूखदार सरपंच पति के अवैध मसूबे पर कब तक चलता है और कब इन बेजुबान मवेशियों को उनका चारागाह वापस मिलता है।2
- प्रेस नोट छतरपुर पुलिस *थाना सिविल लाइन पुलिस की अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही- फोरलेन ब्रिज के पास कार से 37 पेटी, 333 लीटर अवैध शराब एवं प्रयुक्त विटारा ब्रेजा कार कीमत करीब 9 लाख रुपए किये जप्त* पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री रजत सकलेचा के निर्देशन में छतरपुर पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थ संग्रह, विक्रय एवं परिवहन करने वालों तथा सार्वजनिक स्थानों में नशाखोरी कर रहे नशाखोरों के विरुद्ध निरंतर सख्त कार्यवाही की जा रही है। थाना सिविल लाइन पुलिस को आज प्रातः रोड पेट्रोलिंग के दौरान अवैध शराब तस्करी संबंधी सूचना प्राप्त हुई। पुलिस टीम संबंधित स्थान नई तहसील फोरलेन ब्रिज के पास पहुंची। संदिग्ध कार को चेक करने पर अवैध शराब पाई गई। कार से 37 पेटी, मात्रा 333 लीटर अवैध शराब एवं विटारा ब्रेजा कार कुल कीमत करीब 9 लाख रुपये जप्त की गई। अवैध शराब तस्करी में संलिप्त फरार आरोपी के विरुद्ध थाना सिविल लाइन में आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। एकत्रित साक्ष्य के आधार पर फरार आरोपी की तलाश एवं विवेचना कार्यवाही जारी है। उक्त कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य पटले एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सोनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक आशुतोष श्रोत्रिय, उप निरीक्षक ख्रीस्तोफर टोप्पो, प्रधान आरक्षक पुष्पेंद्र, रामेश्वर, आरक्षक हरेंद्र, रवि एवं टीम की भूमिका रही। प्रेस नोट छतरपुर पुलिस *थाना सिविल लाइन पुलिस की अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही- फोरलेन ब्रिज के पास कार से 37 पेटी, 333 लीटर अवैध शराब एवं प्रयुक्त विटारा ब्रेजा कार कीमत करीब 9 लाख रुपए किये जप्त* पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री रजत सकलेचा के निर्देशन में छतरपुर पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थ संग्रह, विक्रय एवं परिवहन करने वालों तथा सार्वजनिक स्थानों में नशाखोरी कर रहे नशाखोरों के विरुद्ध निरंतर सख्त कार्यवाही की जा रही है। थाना सिविल लाइन पुलिस को आज प्रातः रोड पेट्रोलिंग के दौरान अवैध शराब तस्करी संबंधी सूचना प्राप्त हुई। पुलिस टीम संबंधित स्थान नई तहसील फोरलेन ब्रिज के पास पहुंची। संदिग्ध कार को चेक करने पर अवैध शराब पाई गई। कार से 37 पेटी, मात्रा 333 लीटर अवैध शराब एवं विटारा ब्रेजा कार कुल कीमत करीब 9 लाख रुपये जप्त की गई। अवैध शराब तस्करी में संलिप्त फरार आरोपी के विरुद्ध थाना सिविल लाइन में आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। एकत्रित साक्ष्य के आधार पर फरार आरोपी की तलाश एवं विवेचना कार्यवाही जारी है। उक्त कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य पटले एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सोनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक आशुतोष श्रोत्रिय, उप निरीक्षक ख्रीस्तोफर टोप्पो, प्रधान आरक्षक पुष्पेंद्र, रामेश्वर, आरक्षक हरेंद्र, रवि एवं टीम की भूमिका रही।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ टीकमगढ़ जिले में स्वाभिमानी मजदूर संगठन ने टीकमगढ़ जिले के सभी ग्रामपंचायत में से महिलाएं एक चित्र होकर अपने-अपने हक अधिकार की आवाज उठाने के लिए कलेक्ट पैसा में कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सोपा।3
- टीकमगढ़ जिले के बड़ागांव धसान थाना क्षेत्र में चोरों के हौसले बुलंद टीकमगढ़ जिले के बड़ागांव धसान थाना क्षेत्र में चोरों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। अज्ञात चोरों ने बीती रात दो घरों को निशाना बनाकर लाखों रुपए के जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। चोरी की वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य सुरागों के आधार पर चोरों की तलाश में जुटी है। फिलहाल चोरी गए सामान की सही कीमत और घटना से जुड़े अन्य विवरणों का पुलिस द्वारा पता लगाया जा रहा है। मामला बड़ागांव धसान थाना क्षेत्र का है।1