शासकीय पहाड़ी पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने तहसीलदार से कार्रवाई की मांग शासकीय पहाड़ी पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने तहसीलदार से कार्रवाई की मांग बाजीतपुरा सरपंच पर बिना स्वीकृति फेंसिंग कराने का आरोप, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन जतारा। तहसील क्षेत्र के ग्राम बंदरगुड़ा, बाजीतपुरा एवं बैरवार के ग्रामीणों ने बुधवार को तहसीलदार जतारा को आवेदन सौंपकर ग्राम बाजीतपुरा के सरपंच मनी राजपूत पर शासकीय भूमि (पहाड़ी) पर बिना किसी शासकीय स्वीकृति के अवैध कब्जा कराकर चारों ओर कंटीले तारों की फेंसिंग कराने का आरोप लगाया है। आवेदन के अनुसार खसरा नंबर 111/1/1, रकबा 25.048 हेक्टेयर की शासकीय पहाड़ी पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि वर्षों से आसपास के गांवों के पशुओं के चरने का प्रमुख स्थान रही है, लेकिन अब वहां अवैध रूप से फेंसिंग कर दी गई है, जिससे पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पहाड़ी पर कुछ लोगों ने झोपड़ियां बनाकर निवास शुरू कर दिया है तथा चोरी की बिजली का उपयोग किए जाने की भी शिकायत की है। आवेदन में कहा गया है कि ग्रामीणों द्वारा विरोध किए जाने के बावजूद कथित अतिक्रमण नहीं हटाया गया। ग्रामीणों ने तहसीलदार से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि बिना शासकीय अनुमति के शासकीय भूमि पर कब्जा और फेंसिंग की गई है तो अतिक्रमण हटाकर शासकीय भूमि को मुक्त कराया जाए।
शासकीय पहाड़ी पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने तहसीलदार से कार्रवाई की मांग शासकीय पहाड़ी पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने तहसीलदार से कार्रवाई की मांग बाजीतपुरा सरपंच पर बिना स्वीकृति फेंसिंग कराने का आरोप, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन जतारा। तहसील क्षेत्र के ग्राम बंदरगुड़ा, बाजीतपुरा एवं बैरवार के ग्रामीणों ने बुधवार को तहसीलदार जतारा को आवेदन सौंपकर ग्राम बाजीतपुरा के सरपंच मनी राजपूत पर शासकीय भूमि (पहाड़ी) पर बिना किसी शासकीय स्वीकृति के अवैध कब्जा कराकर चारों ओर कंटीले तारों की फेंसिंग कराने का आरोप लगाया है। आवेदन के अनुसार खसरा नंबर 111/1/1, रकबा 25.048 हेक्टेयर की शासकीय पहाड़ी पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि वर्षों से आसपास के
गांवों के पशुओं के चरने का प्रमुख स्थान रही है, लेकिन अब वहां अवैध रूप से फेंसिंग कर दी गई है, जिससे पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पहाड़ी पर कुछ लोगों ने झोपड़ियां बनाकर निवास शुरू कर दिया है तथा चोरी की बिजली का उपयोग किए जाने की भी शिकायत की है। आवेदन में कहा गया है कि ग्रामीणों द्वारा विरोध किए जाने के बावजूद कथित अतिक्रमण नहीं हटाया गया। ग्रामीणों ने तहसीलदार से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि बिना शासकीय अनुमति के शासकीय भूमि पर कब्जा और फेंसिंग की गई है तो अतिक्रमण हटाकर शासकीय भूमि को मुक्त कराया जाए।
- शासकीय पहाड़ी पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने तहसीलदार से कार्रवाई की मांग शासकीय पहाड़ी पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने तहसीलदार से कार्रवाई की मांग बाजीतपुरा सरपंच पर बिना स्वीकृति फेंसिंग कराने का आरोप, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन जतारा। तहसील क्षेत्र के ग्राम बंदरगुड़ा, बाजीतपुरा एवं बैरवार के ग्रामीणों ने बुधवार को तहसीलदार जतारा को आवेदन सौंपकर ग्राम बाजीतपुरा के सरपंच मनी राजपूत पर शासकीय भूमि (पहाड़ी) पर बिना किसी शासकीय स्वीकृति के अवैध कब्जा कराकर चारों ओर कंटीले तारों की फेंसिंग कराने का आरोप लगाया है। आवेदन के अनुसार खसरा नंबर 111/1/1, रकबा 25.048 हेक्टेयर की शासकीय पहाड़ी पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह भूमि वर्षों से आसपास के गांवों के पशुओं के चरने का प्रमुख स्थान रही है, लेकिन अब वहां अवैध रूप से फेंसिंग कर दी गई है, जिससे पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पहाड़ी पर कुछ लोगों ने झोपड़ियां बनाकर निवास शुरू कर दिया है तथा चोरी की बिजली का उपयोग किए जाने की भी शिकायत की है। आवेदन में कहा गया है कि ग्रामीणों द्वारा विरोध किए जाने के बावजूद कथित अतिक्रमण नहीं हटाया गया। ग्रामीणों ने तहसीलदार से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि बिना शासकीय अनुमति के शासकीय भूमि पर कब्जा और फेंसिंग की गई है तो अतिक्रमण हटाकर शासकीय भूमि को मुक्त कराया जाए।2
- सरपंच पति की 'पहाड़' जैसी हिम्मत, सरकारी गोचर भूमि घेरी; मवेशियों का दाना-पानी बंद, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा! सरपंच पति की 'पहाड़' जैसी हिम्मत, सरकारी गोचर भूमि घेरी; मवेशियों का दाना-पानी बंद, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा!टीकमगढ़/जतारा: सरकार एक तरफ सरकारी और गोचर (चरनोई) भूमि से अवैध कब्जे हटाने के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है, तो दूसरी तरफ रसूखदार पूरे के पूरे सरकारी पहाड़ को ही निगलने की तैयारी में हैं। ताजा मामला जनपद पंचायत जतारा के तहत आने वाली ग्राम पंचायत बाजीतपुरा का है। यहां सरपंच पति मनी राजपूत ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर गोवंश के चरने वाले पूरे सरकारी पहाड़ पर ही कटीले तारों की फेंसिंग (बाड़) लगा दी है।इस मनमानी के कारण क्षेत्र के मवेशियों का पहाड़ पर जाना पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे बेजुबान जानवर चारे के लिए तरस रहे हैं।वृक्षारोपण का बहाना, कब्जे का असली 'खेला'जब ग्रामीणों ने इस तारबंदी का विरोध किया, तो सरपंच पति की ओर से दलील दी गई कि यहाँ सरकारी वृक्षारोपण का कार्य किया जाना है। हालांकि, जब इसकी जमीनी हकीकत खंगाली गई तो मामला पूरी तरह फर्जी निकला। जनपद पंचायत से बाजीतपुरा में इस प्रकार के किसी भी वृक्षारोपण कार्य की कोई शासकीय स्वीकृति ही जारी नहीं हुई है। वृक्षारोपण के नाम पर सरकारी पहाड़ (खसरा क्रमांक 111/1/1) को चारों तरफ से घेरकर वहां अवैध रूप से झोपड़ी तान दी गई है, ताकि धीरे-धीरे पूरी जमीन पर कब्जा पक्का किया जा सके।ग्रामीणों में भारी आक्रोश, एसडीएम-तहसीलदार को सौंपा ज्ञापनसरपंच पति की इस दबंगई से परेशान ग्राम बंदरगुड़ा और आसपास के दर्जनों किसानों व ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सालों से यह पहाड़ कई गांवों के गोवंश के लिए मुख्य चारागाह रहा है। मवेशियों का रास्ता बंद होने से नाराज ग्रामीणों ने लामबंद होकर एसडीएम नीरज खरे और तहसीलदार पलक जैन को एक शिकायती ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस अवैध फेंसिंग को तुरंत हटाया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।प्रशासन का रुख: जल्द चलेगा पीला पंजाइस गंभीर मामले को लेकर तहसीलदार पलक जैन ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "शासकीय भूमि पर किसी भी व्यक्ति को अवैध रूप से कब्जा करने का कोई अधिकार नहीं है। मामले की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द ही टीम भेजकर पहाड़ से अवैध फेंसिंग और अतिक्रमण को पूरी तरह हटा दिया जाएगा।"अब देखना यह होगा कि प्रशासन का 'पीला पंजा' इस रसूखदार सरपंच पति के अवैध मसूबे पर कब तक चलता है और कब इन बेजुबान मवेशियों को उनका चारागाह वापस मिलता है।2
- पलेरा में पटवारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारीकैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान सहित 5 सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है। 📍 पलेरा में पटवारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी कैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान सहित 5 सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है। तहसील पलेरा अधिवक्ता संघ ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर नैतिक समर्थन दिया। हड़ताल से नामांतरण, सीमांकन और अन्य राजस्व कार्य प्रभावित होने लगे हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ✍️ रिपोर्ट: मुहम्मद ख्वाजा, टीकमगढ़ #Palera #PatwariStrike #Tikamgarh #MadhyaPradesh #RevenueDepartment #PatwariUnion #BreakingNews1
- पलेरा में पटवारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, अधिवक्ता संघ ने दिया नैतिक समर्थन कैडर रिव्यू, पदोन्नति और वेतनमान सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन, राजस्व कार्य प्रभावित होने से किसान परेशान पलेरा में पटवारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, अधिवक्ता संघ ने दिया नैतिक समर्थन कैडर रिव्यू, पदोन्नति और वेतनमान सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन, राजस्व कार्य प्रभावित होने से किसान परेशान पलेरा। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर जिलेभर में चल रही अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इसी क्रम में तहसील पलेरा परिसर में सभी पटवारी एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान पटवारियों ने अपनी लंबित पांच सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग दोहराई। धरना स्थल पर तहसील पलेरा अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने पहुंचकर पटवारी संघ के आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया। तहसील पलेरा पटवारी संघ के अध्यक्ष सुनील अहिरवार ने अधिवक्ता संघ सहित क्षेत्र के किसानों एवं सरपंचों द्वारा मिले समर्थन पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा पूर्व में संघ की दो मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं, जो स्वागत योग्य हैं, लेकिन कैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान सहित अन्य लंबित मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा। पटवारियों का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर शासन स्तर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। हड़ताल के कारण नामांतरण, सीमांकन, फसल गिरदावरी सहित कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्रभावित होने की संभावना है, जिससे आम नागरिकों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। धरना प्रदर्शन में कालीचरण अहिरवार, मनमोहन तिवारी, धर्मदास सौर, राहुल सेन, सौरभ तिवारी, ऋषभ साहू, नीतेश कोली, प्रवीण चौधरी, अजीत जैन, मनीष खरे, मुकेश कुशवाहा, इसरार खान, अवधेश दुबे, रवि यादव, नरेंद्र पटेल, किशोरी अहिरवार, मुकुल चंदेल, दीपक मिश्रा, रूपक, वैभव, रामप्रीत सिंह, मोहित अहिरवार, विष्णु चंदेल, जितेंद्र साहू सहित तहसील पलेरा के समस्त पटवारी उपस्थित रहे।1
- पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारीयों का पूरे मध्य प्रदेश में हल्ला बोल कलम बंद धरने पर बैठे पूरी मांगे होने तक हड़ताल करने की कवायत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों का हल्लाबोल, कलम बंद धरने पर बैठे मांग पूरी होने तक हड़ताल करने की कवायत बल्देवगढ़ के साथ दिगौड़ा तहसील कार्यालय में भी अनिश्चितकालीन हड़ताल, राजस्व कामकाज प्रभावित होने की आशंका बल्देवगढ़/दिगौड़ा। पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों का आंदोलन अब तेज हो गया है। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर बल्देवगढ़ क्षेत्र के साथ दिगौड़ा तहसील कार्यालय में भी पटवारियों ने कलमबंद अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। दिगौड़ा में कई पटवारी कामकाज छोड़कर धरने पर बैठ गए हैं। पटवारी संघ ने साफ किया है कि जब तक शासन स्तर पर उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते तहसील स्तर पर राजस्व से जुड़े कामकाज पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, राजस्व अभिलेखों से जुड़े कार्यों के साथ फसल संबंधी जानकारी एवं अन्य मैदानी राजस्व कार्यों में पटवारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में हड़ताल लंबी खिंचने पर सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों और ग्रामीणों को हो सकती है, जो अपने राजस्व संबंधी कामों के लिए तहसील और पटवारी कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं। मध्यप्रदेश पटवारी संघ द्वारा पांच प्रमुख मांगों को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है। इनमें कैडर रिव्यू के साथ पदोन्नति एवं समयमान का लाभ दिए जाने की मांग प्रमुख है। संघ का कहना है कि पटवारियों के सेवाकाल और जिम्मेदारियों को देखते हुए कैडर व्यवस्था की समीक्षा की जाए तथा पात्र कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति और समयमान का लाभ दिया जाए। इसके साथ ही नायब तहसीलदार पद के लिए विभागीय परीक्षा आयोजित करने की मांग भी उठाई गई है, ताकि योग्य एवं अनुभवी पटवारियों को विभाग में आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। पटवारी संघ ने जज प्रोटेक्शन एक्ट में पटवारियों को शामिल करने की मांग भी प्रमुखता से रखी है। इसके अलावा लंबे समय से लंबित वित्तीय भुगतानों का शीघ्र निराकरण करने तथा संघ पदाधिकारियों के नियम विरुद्ध स्थानांतरण के मामलों में छूट और उचित संरक्षण दिए जाने की मांग की जा रही है। दिगौड़ा तहसील कार्यालय में भी आंदोलन का असर साफ दिखाई दिया, जहां पटवारियों ने कलमबंद हड़ताल करते हुए धरना शुरू कर दिया। कई पटवारी धरने में शामिल हुए और पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। पटवारियों के काम से दूरी बनाने के कारण तहसील में आने वाले दिनों में राजस्व प्रकरणों के निराकरण की रफ्तार प्रभावित होने की संभावना है। पटवारी संघ का कहना है कि मांगों को लेकर शासन का ध्यान पहले भी लगातार आकर्षित कराया गया, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं मिलने के कारण अब अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। संघ ने संकेत दिए हैं कि केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा और मांगों पर ठोस निर्णय होने तक हड़ताल जारी रहेगी। राजस्व प्रशासन की जमीनी व्यवस्था में पटवारी महत्वपूर्ण कड़ी हैं। गांवों में जमीन से जुड़े अभिलेखों से लेकर अनेक राजस्व और मैदानी कार्य उनकी जिम्मेदारी से जुड़े होते हैं। ऐसे में बल्देवगढ़ और दिगौड़ा क्षेत्र में शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल यदि लंबी खिंचती है तो इसका सीधा असर किसानों, भूमिस्वामियों और आम नागरिकों के कामों पर पड़ सकता है। अब पटवारियों के आंदोलन के बीच निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।2
- पलेरा में पटवारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, अधिवक्ता संघ ने दिया नैतिक समर्थन, कैडर रिव्यू, पदोन्नति और वेतनमान सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन, राजस्व कार्य प्रभावित होने से किसान परेशान... पलेरा। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर जिलेभर में चल रही अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इसी क्रम में तहसील पलेरा परिसर में सभी पटवारी एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान पटवारियों ने अपनी लंबित पांच सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग दोहराई। धरना स्थल पर तहसील पलेरा अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने पहुंचकर पटवारी संघ के आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया। तहसील पलेरा पटवारी संघ के अध्यक्ष सुनील अहिरवार ने अधिवक्ता संघ सहित क्षेत्र के किसानों एवं सरपंचों द्वारा मिले समर्थन पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा पूर्व में संघ की दो मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं, जो स्वागत योग्य हैं, लेकिन कैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान सहित अन्य लंबित मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा।पटवारियों का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर शासन स्तर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। हड़ताल के कारण नामांतरण, सीमांकन, फसल गिरदावरी सहित कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्रभावित होने की संभावना है, जिससे आम नागरिकों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। धरना प्रदर्शन में कालीचरण अहिरवार, मनमोहन तिवारी, धर्मदास सौर, राहुल सेन, सौरभ तिवारी, ऋषभ साहू, नीतेश कोली, प्रवीण चौधरी, अजीत जैन, मनीष खरे, मुकेश कुशवाहा, इसरार खान, अवधेश दुबे, रवि यादव, नरेंद्र पटेल, किशोरी अहिरवार, मुकुल चंदेल, दीपक मिश्रा, रूपक, वैभव, रामप्रीत सिंह, मोहित अहिरवार, विष्णु चंदेल, जितेंद्र साहू सहित तहसील पलेरा के समस्त पटवारी उपस्थित रहे। पलेरा में पटवारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, अधिवक्ता संघ ने दिया नैतिक समर्थन, कैडर रिव्यू, पदोन्नति और वेतनमान सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन, राजस्व कार्य प्रभावित होने से किसान परेशान... पलेरा। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर जिलेभर में चल रही अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इसी क्रम में तहसील पलेरा परिसर में सभी पटवारी एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान पटवारियों ने अपनी लंबित पांच सूत्रीय मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग दोहराई। धरना स्थल पर तहसील पलेरा अधिवक्ता संघ के सदस्यों ने पहुंचकर पटवारी संघ के आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया। तहसील पलेरा पटवारी संघ के अध्यक्ष सुनील अहिरवार ने अधिवक्ता संघ सहित क्षेत्र के किसानों एवं सरपंचों द्वारा मिले समर्थन पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा पूर्व में संघ की दो मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं, जो स्वागत योग्य हैं, लेकिन कैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान सहित अन्य लंबित मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा।पटवारियों का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों पर शासन स्तर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। हड़ताल के कारण नामांतरण, सीमांकन, फसल गिरदावरी सहित कई महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्रभावित होने की संभावना है, जिससे आम नागरिकों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। धरना प्रदर्शन में कालीचरण अहिरवार, मनमोहन तिवारी, धर्मदास सौर, राहुल सेन, सौरभ तिवारी, ऋषभ साहू, नीतेश कोली, प्रवीण चौधरी, अजीत जैन, मनीष खरे, मुकेश कुशवाहा, इसरार खान, अवधेश दुबे, रवि यादव, नरेंद्र पटेल, किशोरी अहिरवार, मुकुल चंदेल, दीपक मिश्रा, रूपक, वैभव, रामप्रीत सिंह, मोहित अहिरवार, विष्णु चंदेल, जितेंद्र साहू सहित तहसील पलेरा के समस्त पटवारी उपस्थित रहे।4
- टीकमगढ़ के नगर परिषद कारी में मंगलवार को अवैध खनन की खबर पर ट्रैक्टर जब्त करने पहुंची खनिज विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया। ग्रामीणों ने सहायक खनिज अधिकारी की टीम को ट्रैक्टर ले जाने से रोकने की कोशिश की। जिला खनिज अधिकारी विपुल रावत ने बताया कि कारी के तालाब पास मिट्टी से अवैध तरीके से रेत बनाने की जानकारी मिली थी। खबर मिलते ही सहायक खनिज अधिकारी कुलदीप जैन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। ट्रैक्टर जब्त करने पहुंची टीम, सामने आईं महिलाएं टीम को देखते ही ट्रैक्टर चालक रेत से भरी ट्रॉली लेकर सीधे अपने घर भाग गया और सारा रेत आंगन में खाली कर दिया। जब खनिज विभाग की टीम ने ट्रैक्टर जब्त करना चाहा, तो घर की महिलाएं आगे आ गईं और विरोध करने लगीं। इस दौरान मौके पर काफी हंगामा हुआ। पुलिस बल के साथ पहुंचे अधिकारी, ट्रैक्टर जब्त विवाद बढ़ता देख जिला खनिज अधिकारी विपुल रावत देहात थाने से पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में अधिकारियों ने ट्रैक्टर को जब्त किया और देहात थाने ले आए टीकमगढ़ के नगर परिषद कारी में मंगलवार को अवैध खनन की खबर पर ट्रैक्टर जब्त करने पहुंची खनिज विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया। ग्रामीणों ने सहायक खनिज अधिकारी की टीम को ट्रैक्टर ले जाने से रोकने की कोशिश की। जिला खनिज अधिकारी विपुल रावत ने बताया कि कारी के तालाब पास मिट्टी से अवैध तरीके से रेत बनाने की जानकारी मिली थी। खबर मिलते ही सहायक खनिज अधिकारी कुलदीप जैन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। ट्रैक्टर जब्त करने पहुंची टीम, सामने आईं महिलाएं टीम को देखते ही ट्रैक्टर चालक रेत से भरी ट्रॉली लेकर सीधे अपने घर भाग गया और सारा रेत आंगन में खाली कर दिया। जब खनिज विभाग की टीम ने ट्रैक्टर जब्त करना चाहा, तो घर की महिलाएं आगे आ गईं और विरोध करने लगीं। इस दौरान मौके पर काफी हंगामा हुआ। पुलिस बल के साथ पहुंचे अधिकारी, ट्रैक्टर जब्त विवाद बढ़ता देख जिला खनिज अधिकारी विपुल रावत देहात थाने से पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में अधिकारियों ने ट्रैक्टर को जब्त किया और देहात थाने ले आए3