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मध्य प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिसके कारण गाड़ियां पानी के तेज बहाव में पत्तों की तरह बहती हुई देखी जा रही हैं।
Abhishek Pandey
मध्य प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिसके कारण गाड़ियां पानी के तेज बहाव में पत्तों की तरह बहती हुई देखी जा रही हैं।
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- रीवा जिले की रायपुर कर्चुलियान तहसील के ग्राम देवरा फरेंदा में आम रास्ते पर पानी भर जाने से लगभग 200 ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह रास्ता गाँव की मुख्य पहुंच मार्ग है, जिसका उपयोग लगभग 200 लोग अपने दैनिक आवागमन के लिए करते हैं, लेकिन जलभराव के कारण उनका चलना-फिरना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद, संबंधित अधिकारियों द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।1
- रीवा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गौरव राजपूत ने जनता और पुलिस के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से एक नवाचार 'जन चौपाल' कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य पूरे संभाग में बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करना, जनता की समस्याओं को सुनना और उनके बहुमूल्य सुझावों को प्राप्त करना है। इसी पहल के तहत, आज 'जन चौपाल 3.0' का आयोजन रीवा शहर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में स्थित सोनौरा गांव में किया गया। इस विशेष चौपाल में स्वयं पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत मौजूद रहे, जहाँ उन्होंने निजी तौर पर जनता से अपने विभाग की कमियां सुनीं। आईजी राजपूत ने जनता को आश्वासन दिया कि हर समस्या का निराकरण उनकी व्यक्तिगत निगरानी में कराया जाएगा। इस कार्यक्रम के दौरान, आमजन ने सिटी एसपी राजीव पाठक के कार्यों की प्रशंसा की, जिसके लिए आईजी ने उनकी पीठ भी थपथपाई।1
- सतना जिले की महिला पुलिस अधिकारी इंस्पेक्टर श्वेता मौर्या का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि इंस्पेक्टर मौर्या ने मैहर स्थित प्रसिद्ध शारदा देवी मंदिर परिसर में कॉमेडी "बड़ी मुश्किल से समझाया है दिल को। छोटी सी जिंदगी है.." पर एक रील बनाकर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट *@inspector_shweta* पर पोस्ट की है। उनकी इंस्टा प्रोफाइल के अनुसार, वे *SATNA MP Police* में पदस्थ हैं और उनके *75.7K फॉलोअर्स* हैं, जिसमें उनकी एक रील पर *9.7 लाख व्यूज* भी दिख रहे हैं। पुलिस आचरण नियमावली के अनुसार, वर्दी में रहते हुए धार्मिक स्थलों या सार्वजनिक स्थानों पर व्यक्तिगत या मनोरंजन के लिए वीडियो बनाना सेवा शर्तों के उल्लंघन के दायरे में आ सकता है। हालांकि, इस मामले पर अभी तक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हमारा ग्रुप वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।1
- मध्य प्रदेश के सतना में एक निजी अस्पताल पर लापरवाही और आर्थिक शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित पिता का आरोप है कि अस्पताल ने डेढ़ लाख रुपये वसूलने के बाद भी उनके बेटे का इलाज नहीं किया। अब अस्पताल प्रबंधन कथित तौर पर दवाइयां वापस मांग रहा है, और सवाल पूछने पर मरीज को रेफर कर दिया गया। पीड़ित पिता ने कैमरे पर बताया कि भर्ती के समय आईसीयू का खर्च प्रतिदिन 12-13 हजार रुपये बताया गया था, जबकि उसका वास्तविक शुल्क 3500 रुपये प्रतिदिन है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि "डेढ़ लाख पचास हजार घाटे में" देने के बावजूद बेटे का इलाज नहीं हुआ; बेटा अस्पताल में चलकर आया था, लेकिन आईसीयू में रखे जाने के बाद उसे पीलिया हो गया और उसकी हालत बिगड़ गई। जब पीड़ित ने अस्पताल से सवाल किए, तो बेटे को "सीरियस है" कहकर रेफर कर दिया गया। एक नए वीडियो में सामने आई बातचीत में अस्पताल द्वारा दी गई दवाइयां वापस मांगे जाने का आरोप है, जिसके जवाब में पीड़ित ने सभी दवाइयों के पूरे बिल होने की बात कही। लाल गमछा पहने और हल्के नीले कुर्ते में पीड़ित पिता ने अस्पताल के बिस्तर पर बैठकर हाथ जोड़ते हुए दर्द बयां किया कि "अच्छा, तो गरीबों के साथ अत्याचार नहीं होगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके पास दवा और जांच के सभी बिल मौजूद हैं। पीड़ित ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से इस मामले की जांच की मांग की है, सवाल करते हुए कि एक गरीब व्यक्ति इतना पैसा कहां से लाए और अब अपने बेटे को लेकर कहां जाए। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह जानकारी पीड़ित द्वारा कैमरे पर दिए गए बयानों पर आधारित है, और सतना के संबंधित निजी अस्पताल का पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है।3
- गुढ़ क्षेत्र में आज सुबह से ही सावन की झमाझम बारिश शुरू हो गई है। तेज बरसात के कारण मौसम सुहाना हो गया है, जिससे लोगों को राहत मिली है।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले में रामपुर बघेलान के हनुमानगंज स्थित शासकीय आवासों पर वर्षों से ऐसे लोगों का कब्जा बताया जा रहा है जो इन सरकारी क्वार्टरों में रहने के पात्र नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधीन इन आवासों पर गैर-कर्मचारियों, सेवानिवृत्त हो चुके व्यक्तियों (जिनमें से एक वर्ष 2022 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी आज तक क्वार्टर खाली नहीं किया है), अन्य संस्थानों में पदस्थ कर्मचारियों, अटैचमेंट पर कार्यरत स्टाफ, और यहाँ तक कि 108 एम्बुलेंस चालकों के निवास करने का मामला सामने आया है। यह गंभीर सवाल उठाया गया है कि आखिर किसके संरक्षण में यह 'खेल' चल रहा है और यदि नियम केवल आम कर्मचारियों तथा जनता के लिए हैं, तो इन विशिष्ट मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। जानकारी मिली है कि बीएमओ द्वारा कुछ लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन यह बड़ा सवाल बना हुआ है कि जिन अन्य लोगों पर भी ये नियम लागू होते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई कब होगी। इस पूरे मामले में सूचना के अधिकार (RTI) के तहत विस्तृत जानकारी मांगी गई है, और यह स्पष्ट किया गया है कि जैसे-जैसे दस्तावेज प्राप्त होंगे, एक-एक तथ्य जनता के सामने रखा जाएगा। जोर देकर कहा गया है कि जनता के टैक्स के पैसे से बने ये सरकारी आवास किसी की निजी संपत्ति नहीं हैं, और यदि नियमों का स्पष्ट उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदार अधिकारियों को इस पर जवाब देना होगा।1
- मध्य प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिसके कारण गाड़ियां पानी के तेज बहाव में पत्तों की तरह बहती हुई देखी जा रही हैं।1