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ग्राम पंचायत महुली ब्लॉक ओडगी जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़
Mahesh kumar khairwar
ग्राम पंचायत महुली ब्लॉक ओडगी जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़
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- तुमसा झूठा कोई बेईमान नहीं है देश कि बपौती हिंदुस्तान नहीं है।1
- गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सम्मानीय जयनाथ सिंह केराम जी का उद्बोधन हम बिकने वाले नहीं,कोई ऐसा कागज का नोट नहीं बना जो हीरा जैसे विचार को किसी से समझौता कर सकता है1
- 02 नवंबर को भोपाल चलो मुखमंत्री आवास घेराव सागर में OBC ,SC ST मुस्लिम वर्ग बहुजन का जनसैलाब 52% जनसंख्या वाले OBC वर्ग को 27% आरक्षण की मांग पर तीसहजारों लोग सड़कों पर उतरे पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा एवं ओबीसी महासभा के तत्वाधान में, सागर में पिछड़ा वर्ग एकता का बहुत ही अनोखा दृश्य देखने मिला है। यह दृश्य ओबीसी महासभा एवं सागर संयुक्त मोर्चा पिछड़ा वर्ग के द्वारा लगातार की गई मेहनत के परिणाम स्वरुप आया है ओबीसी आरक्षण लागू करो के नारों के साथ पैदल मार्च में obc जातियों के जिला अध्यक्ष एवं उनके प्रतिनिधि जैसे रजक,नामदेव,माली,सोनी,ताम्रकार, चौरसिया, धाकड़, गुर्जर,प्रजापति, घोसी, सेन, रावत, लोधी यादव कुर्मी कुशवाहा एवं ST और SC के सामाजिक संगठन एवं प्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर एक सुर में 27% आरक्षण को मध्य प्रदेश की सरकार नौवीं अनुसूची में डालकर केंद्र को भेज कर कानून बनाए और obc आरक्षण दें,rss बीजेपी की मोहन यादव की सरकार और पिछला वर्ग को गुमराह करना बंद करें, कोर्ट कोर्ट खेलना बंद करें। बीजेपी सरकार को कानून लाना चाहिए जैसा कि अन्य प्रदेशों में 50 परसेंट से आरक्षण लागू करने के लिए 9वी अनुसूची में डालने के लिए सरकारी प्रस्ताव भेजते हैं और केंद्र उसको पास करता है इसके बाद कोर्ट द्वारा कोई स्टे नहीं लगाया जाता एक बात और कहना चाहता हूं सागर में जो आंदोलन हुआ है इसमें सरपंच जनपद पंचायत सदस्य जिला पंचायत सदस्य पार्षद सभी समाजों के जन्म प्रतिनिधि एवं नेतृत्व करता सिर्फ थे अगर यह लोग एक आवाज लगा दे तो मुझे लगता है सागर में जगह नहीं बनेगी पिछड़ा वर्ग इतना निकाल के आ सकता है कि कल मैं खुद देखा एक-एक व्यक्ति 1000 से लेकर 10 हजार लोगों को लाने की ताकत रखता है और ऐसे लोग आंदोलन में हजारों थे चाहे वह चौरसिया समाज के हो या फिर प्रजापति समाज लोधी यादव कुर्मी कुशवाहा समाज के या फिर सेन सोनी माली घोसी ताम्रकार रैकवार रजक विश्वकर्मा समाज के पिछड़ा वर्ग की सभी जातियों के बहुत बड़े नेता उपस्थित थे और इस रणनीति में जिन लोगों ने भी काम किया है इसके पीछे उन लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा ओबीसी महासभा ने तय किया है कि विधानसभा स्तर पर विधायकों को घेरा जाएगा। CM Madhya Pradesh जी ओबीसी आरक्षण लागू करों नहीं तो हर जिले में इस प्रकार के आंदोलन देखने मिलेंगे और भोपाल की धरती पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू होगा जिसके माध्यम से रेल रोको और हाईवे रोको अभियान शुरू किया जाएगा हम पीछे हटने वाले नहीं हैं जब तक कि हमें संख्या के अनुपात में ओबीसी आरक्षण नहीं मिल जाता इस आंदोलन में ओबीसी आरक्षण के साथ-साथ जनगणना में जाति का कलम होना चाहिए जैसा ऐसी और एसटी भाइयों का है इस आंदोलन के सभी सूत्र धारकों को जो आंदोलन के पीछे बैठे हुए हैं उनको मैं बहुत-बहुत धन्यवाद परीक्षित करता हूं, इस आंदोलन की रणनीति बनाने वालों को धन्यवाद परीक्षित करता हूं हम सागर गए इतना मान सम्मान सत्कार किया उसके लिए भी मैं ओबीसी महासभा की तरफ से आपको धन्यवाद प्रेषित करता हूं आंदोलन में पहुंचे युवा छात्र बुद्धिजीवी कर्मचारी पुलिस पत्रकार प्रशासन पिछला वर्ग के नेताओं को धन्यवाद प्रेषित करता आप सभी को जय ओबीसी जय संविधान जय जवान जय किसान जय भारत अगर जल्द आरक्षण लागू नहीं हुआ ओबीसी का तो दिल्ली दूर नहीं है याद रखना बुंदेलखंड की धरती से यह उबाल शुरू हो रहा है अंग्रेजों के खिलाफ ही आंदोलन यहीं से शुरू किया गया था तो तैयार रहिए2
- पांच किलोमीटर का सफर, लेकिन सड़क पर हर कदम खतरे से खाली नहीं! आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार? गड्ढों में गुम हुआ विकास का दावा मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। मनेन्द्रगढ़ से नई लेदरी की ओर जाने वाला लगभग पांच किलोमीटर का सड़क मार्ग आज अपनी बदहाली पर आंसू बहाता नजर आ रहा है। झगराखाण्ड क्षेत्र में प्रवेश करते ही सड़क की हालत ऐसी बिगड़ती है कि नई लेदरी तक पहुंचते-पहुंचते जगह-जगह गड्ढे, उखड़ी हुई सड़क और जर्जर रास्ते राहगीरों के लिए मुसीबत बन जाते हैं। लगभग चार किलोमीटर का यह हिस्सा मानो सड़क कम और गड्ढों का रास्ता अधिक बन चुका है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस सड़क की सुध लेने वाला कौन है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इस मार्ग की बदहाली दिखाई नहीं देती, या फिर इस रास्ते से गुजरने के बावजूद उन्हें आम नागरिकों की परेशानी महसूस नहीं होती? हैरानी की बात यह है कि इसी मार्ग से छत्तीसगढ़ के बड़े-बड़े नेता, मंत्री, अधिकारी, पदाधिकारी और एसईसीएल के स्थानीय यूनियन नेता भी अक्सर आवागमन करते हैं। इसके बावजूद सड़क की दशा सुधारने के लिए अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आती। जब बड़े-बड़े जिम्मेदार लोग इसी रास्ते से गुजरते हैं, तो क्या उनकी गाड़ियों के पहिए इन गड्ढों से नहीं टकराते? क्या उन्हें हिचकोले खाते इस सफर में आम जनता की तकलीफ का एहसास नहीं होता? इस सड़क पर रोजाना दोपहिया वाहन चालक, चारपहिया वाहन, स्कूली बच्चे, नौकरीपेशा लोग और ग्रामीण आवागमन करते हैं। गड्ढों से बचने के प्रयास में वाहन चालकों को कभी इस तरफ तो कभी उस तरफ जाना पड़ता है। जरा सी चूक दुर्घटना का कारण बन जाती है। ऐसे कई दुर्घटनाएं इन गड्ढों से बचाने के चक्कर में हो चुके हैं। बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। सबसे अधिक चिंता उन मरीजों और उनके परिजनों की है, जिन्हें इलाज के लिए एंबुलेंस या निजी वाहन से मनेन्द्रगढ़ अथवा अन्य अस्पतालों तक पहुंचना पड़ता है। सामान्य राहगीर का इस सड़क पर सफर करना मुश्किल है, तो गंभीर मरीज की पीड़ा का अंदाजा लगाना भी कठिन है। जिस समय मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की जरूरत होती है, उस समय जर्जर सड़क उसकी परेशानी और बढ़ाता है। लोकतंत्र में विकास केवल मंचों से दिए जाने वाले भाषणों, चुनावी घोषणाओं और बड़े-बड़े दावों से नहीं मापा जाता। विकास की असली तस्वीर तो उन सड़कों पर दिखाई देती है, जिनसे आम जनता रोज गुजरती है। चुनाव के समय यही नेता जनता के उत्थान, क्षेत्र के विकास और बेहतर सुविधाओं के बड़े-बड़े वादे करते हैं। लेकिन चुनाव बीतने के बाद क्या जनता की बुनियादी समस्याएं भी भुला दी जाती हैं? आखिर पांच किलोमीटर के इस छोटे से मार्ग की बदहाली दूर करने के लिए कितने वर्षों तक इंतजार करना पड़ेगा? क्या इस सड़क की मरम्मत के लिए किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किया जा रहा है? क्या जिम्मेदार विभाग किसी हादसे के बाद ही जागेगा? जनता को आश्वासन नहीं, सड़क पर काम चाहिए। निरीक्षण की औपचारिकता नहीं, स्थायी समाधान चाहिए। संबंधित विभाग, जनप्रतिनिधि और प्रशासन को चाहिए कि इस मार्ग का तत्काल निरीक्षण कराकर मरम्मत अथवा आवश्यकतानुसार नवीनीकरण की ठोस कार्ययोजना तैयार करें और काम शुरू कराएं। क्योंकि सड़क केवल आने-जाने का रास्ता नहीं होती, यह आम आदमी की जिंदगी, मरीज की उम्मीद और क्षेत्र के विकास की बुनियादी जरूरत होती है। सवाल सिर्फ सड़क के गड्ढों का नहीं, बल्कि उन जिम्मेदारियों का भी है जो लंबे समय से इन गड्ढों में कहीं खोती नजर आ रही हैं।1
- छठ महापर्व का निमंत्रण लेकर एडवोकेट संजय कुमार यादव के पास पहुंचे बजरंग क्लब सोसाइटी के पदाधिकारी छठ महापर्व का निमंत्रण लेकर एडवोकेट संजय कुमार यादव के पास पहुंचे बजरंग क्लब सोसाइटी के पदाधिकारी विंढमगंज से जितेन्द्र प्रसाद की रिपोर्ट विंढमगंज हरनाकछार (सोनभद्र)। लोक आस्था, श्रद्धा और सूर्य उपासना के महापर्व छठ को लेकर क्षेत्र में आमंत्रण देने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में हरनाकछार की पावन धरती पर मालिया नदी के तट स्थित श्री मालेश्वर महादेव मंदिर परिसर से जुड़े बजरंग क्लब सोसाइटी के पदाधिकारी दुद्धी ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत केवाल निवासी एडवोकेट श्री संजय कुमार यादव को आमंत्रित करने पहुंचे। सोसाइटी के पदाधिकारियों ने एडवोकेट संजय कुमार यादव से मुलाकात कर उन्हें छठ महापर्व में शामिल होने के लिए सादर निमंत्रण दिया। छठ महापर्व भारतीय संस्कृति और लोक आस्था का महत्वपूर्ण पर्व है। इस अवसर पर श्रद्धालु भगवान सूर्य और छठी मैया की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हैं। यह पर्व सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है। बजरंग क्लब सोसाइटी की ओर से क्षेत्र के गणमान्य लोगों को आमंत्रित करने की यह पहल धार्मिक परंपराओं के प्रति समर्पण और सामाजिक सहभागिता का संदेश देती है। मालिया नदी के पावन तट पर स्थित श्री मालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में छठ महापर्व को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। भारत दृष्टि लाइव न्यूज़ आस्था, संस्कृति और जनसरोकार की आवाज।1
- हिंदू महासभा के मंच पर ओबीसी एससी एसटी वर्ग के हक का अधिकार की बात करना है बेगुनाह1