अमेठी जिले में प्रतिमा हटाने पर बवाल, पथराव में चार पुलिसकर्मी घायल रामगंज के नरहरपुर गांव में शनिवार को ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पथराव कर दिया, जिससे स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। नरहरपुर गांव में करीब पांच बिस्वा भूमि सुरक्षित खाते में दर्ज है, जिसका उपयोग पशु शव निस्तारण के लिए किया जाता है। आरोप है कि कुछ लोगों ने इस भूमि पर कब्जे की नीयत से पहले मिट्टी डालकर चबूतरा तैयार किया और उस पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। ग्रामीणों की शिकायत पर नायब तहसीलदार अजय सिंह राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पैमाइश कराई। जांच में भूमि सुरक्षित पाई गई, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए चबूतरा हटवा दिया गया और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई,शनिवार को दोबारा कुछ लोगों ने उसी स्थान पर चबूतरा बनाकर प्रतिमा स्थापित कर दी। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी से चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सम्मानपूर्वक सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया। हालांकि पुलिस टीम के लौटते ही कुछ लोगों ने फिर से उसी स्थान पर प्रतिमा स्थापित कर दी। इसके बाद एसडीएम अमेठी आशीष सिंह के नेतृत्व में रामगंज, पीपरपुर और संग्रामपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासन की ओर प्रतिमा हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही भीड़ उग्र हो गई और विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले में प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह, चौकी प्रभारी विकास कुमार, महिला कांस्टेबल किरन सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भादर में कराया गया। कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर कर हालात पर नियंत्रण पाया। 15 लोगों हिरासत में लिया गया है। पूरे गांव में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा है। एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर अवैध रूप से चबूतरा बनाए जाने की शिकायत मिली थी। पुलिस बल के साथ पहुंची राजस्व टीम ने चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर अवैध रूप से चबूतरा बनाए जाने की शिकायत मिली थी। पुलिस बल के साथ पहुंची राजस्व टीम ने चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है। मौजूदा और पूर्व प्रधान की भूमिका संदिग्ध ग्रामीणों के अनुसार सुरक्षित भूमि पर निर्माण कराए जाने में मौजूदा व पूर्व प्रधान की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व प्रधान रीना कोरी ने आरोप लगाया कि प्रतिमा स्थापना के लिए दिए गए पत्र पर उनके ससुर के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने मामले से अपना कोई संबंध न होने की बात कहते हुए पुलिस को सूचना देने की जानकारी दी है। 22 मार्च को हुई थी बैठक गांव में 22 मार्च को आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें कुछ ग्रामीणों ने सहमति जताई थी। तहसील स्तर की जांच टीम ने इसे मान्य नहीं माना। 22 मार्च को हुई थी बैठक गांव में 22 मार्च को आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें कुछ ग्रामीणों ने सहमति जताई थी। तहसील स्तर की जांच टीम ने इसे मान्य नहीं माना। रिपोर्ट दर्ज, जांच शुरू एसपी सरवण टी ने बताया कि मामले में 14 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है। गांव में एहतियातन फोर्स तैनात की गई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अमेठी जिले में प्रतिमा हटाने पर बवाल, पथराव में चार पुलिसकर्मी घायल रामगंज के नरहरपुर गांव में शनिवार को ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पथराव कर दिया, जिससे स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। नरहरपुर गांव में करीब पांच बिस्वा भूमि सुरक्षित खाते में दर्ज है, जिसका उपयोग पशु शव निस्तारण के लिए किया जाता है। आरोप है कि कुछ लोगों ने इस भूमि पर कब्जे की नीयत से पहले मिट्टी डालकर चबूतरा तैयार किया और उस पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। ग्रामीणों की शिकायत पर नायब तहसीलदार अजय सिंह राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पैमाइश कराई। जांच में भूमि सुरक्षित पाई गई, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए चबूतरा हटवा दिया गया और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई,शनिवार को दोबारा कुछ लोगों ने उसी स्थान पर चबूतरा बनाकर प्रतिमा स्थापित कर दी। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी से चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सम्मानपूर्वक
सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया। हालांकि पुलिस टीम के लौटते ही कुछ लोगों ने फिर से उसी स्थान पर प्रतिमा स्थापित कर दी। इसके बाद एसडीएम अमेठी आशीष सिंह के नेतृत्व में रामगंज, पीपरपुर और संग्रामपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासन की ओर प्रतिमा हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही भीड़ उग्र हो गई और विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले में प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह, चौकी प्रभारी विकास कुमार, महिला कांस्टेबल किरन सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भादर में कराया गया। कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर कर हालात पर नियंत्रण पाया। 15 लोगों हिरासत में लिया गया है। पूरे गांव में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा है। एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर अवैध रूप से चबूतरा बनाए जाने की शिकायत मिली थी। पुलिस बल के साथ पहुंची राजस्व टीम ने चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर अवैध रूप से चबूतरा बनाए जाने की शिकायत मिली थी। पुलिस बल के साथ
पहुंची राजस्व टीम ने चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है। मौजूदा और पूर्व प्रधान की भूमिका संदिग्ध ग्रामीणों के अनुसार सुरक्षित भूमि पर निर्माण कराए जाने में मौजूदा व पूर्व प्रधान की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व प्रधान रीना कोरी ने आरोप लगाया कि प्रतिमा स्थापना के लिए दिए गए पत्र पर उनके ससुर के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने मामले से अपना कोई संबंध न होने की बात कहते हुए पुलिस को सूचना देने की जानकारी दी है। 22 मार्च को हुई थी बैठक गांव में 22 मार्च को आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें कुछ ग्रामीणों ने सहमति जताई थी। तहसील स्तर की जांच टीम ने इसे मान्य नहीं माना। 22 मार्च को हुई थी बैठक गांव में 22 मार्च को आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें कुछ ग्रामीणों ने सहमति जताई थी। तहसील स्तर की जांच टीम ने इसे मान्य नहीं माना। रिपोर्ट दर्ज, जांच शुरू एसपी सरवण टी ने बताया कि मामले में 14 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है। गांव में एहतियातन फोर्स तैनात की गई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- अमेठी से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। रामगंज थाना क्षेत्र के नरहरपुर गांव में आंबेडकर प्रतिमा को लेकर ऐसा बवाल भड़का कि पूरा गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। बताया जा रहा है कि सुरक्षित सरकारी जमीन पर प्रतिमा स्थापित कर कब्जे की कोशिश की जा रही थी। शिकायत मिलते ही एसडीएम आशीष सिंह पुलिस और राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी से बन रहा चबूतरा हटवा दिया। लेकिन प्रशासन के लौटते ही हालात पलट गए। ग्रामीणों ने दोबारा उसी जगह पर प्रतिमा स्थापित कर दी। सूचना मिलते ही जब पुलिस फिर मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की, तो महिलाओं समेत ग्रामीणों ने अचानक मोर्चा खोल दिया और पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते पूरा इलाका जंग के मैदान जैसा बन गया। हालात बेकाबू होते देख पीपरपुर, संग्रामपुर और रामगंज थानों की भारी पुलिस फोर्स मौके पर उतार दी गई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को किसी तरह नियंत्रण में लिया, लेकिन गांव में अब भी तनाव चरम पर है। इस हिंसक बवाल में पुलिस ने 6 नामजद समेत 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कई अज्ञात उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियोग्राफी खंगाली जा रही है। आरोपियों पर बलवा, सरकारी कार्य में बाधा और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत सख्त धाराएं लगाई गई हैं। सबसे बड़ी बात — डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती से ठीक एक दिन पहले भड़की इस घटना ने प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। क्या ये महज जमीन विवाद है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश? क्या जयंती से पहले माहौल बिगाड़ने की कोशिश? फिलहाल अमेठी में हालात बेहद संवेदनशील हैं, पुलिस हाई अलर्ट पर है और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।4
- अमेठी। रामगंज थाना क्षेत्र के नरहरपुर गांव में शनिवार को ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पथराव कर दिया, जिससे स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। मौके पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे थे और सार्वजनिक भूमि से प्रतिमा हटवाने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने उग्र होकर पुलिस और राजस्व टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पथराव में प्रभारी निरीक्षक समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं। अचानक बिगड़े हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया। घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर नजर रखी जा रही है। मामले में लेखपाल की तहरीर पर थाना रामगंज में 19 नामजद और करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उपद्रव में शामिल 9 आरोपियों—रमेश यादव, ब्रजेश यादव, विजयशंकर यादव, विजय कुमार उर्फ मुन्ना, अखिलेश कुमार कोरी, सूरज कुमार (पुत्र कल्लूराम), सूरज कुमार (पुत्र कमलेश कुमार, निवासी प्रतापगढ़), जगन्नाथ और उमेश कुमार—को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात रखा गया है।1
- थाना नवाबगंज में पंजीकृत हत्या के अभियोग से संबंधित 50000/- रुपये के ईनामिया 01 अभियुक्त परमेश कुमार पटेल को किया गया गिरफ्तार-इस संबंध में क्षेत्राधिकारी कुण्डा अमरनाथ गुप्ता ने क्या कुछ कहा देखें।1
- लोकेशन - कौशाम्बी यूपी रिपोर्टर - राकेश साहू Slug - रिज़वी कॉलेज ऑफ लॉ में मूट कोर्ट हुई आयोजित Anchor - कौशाम्बी करारी में रिज़वी कॉलेज ऑफ लॉ में विधि के छात्रों के लिए मूट कोर्ट का आयोजन किया गया। इस अभ्यास के जरिए छात्रों को न्यायिक प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी दी गई।कॉलेज में एलएलबी के छठवें सेमेस्टर और बीए एलएलबी के दसवें सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने इस मूट कोर्ट में भाग लिया। इस दौरान छात्रों ने एससी-एसटी एक्ट जैसे महत्वपूर्ण विषय पर बहस कर अपनी कानूनी समझ का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार पाण्डे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को वकालत के नियम, कोर्ट की प्रक्रिया और पेशे से जुड़ी बारीकियों की विस्तार से जानकारी दी।वहीं कॉलेज के प्राचार्य मोहम्मद ज़फ़र ने भी छात्रों को कानून की गहराई और उसके सही उपयोग को लेकर मार्गदर्शन दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार पाण्डे ने कहा मूट कोर्ट छात्रों के लिए बहुत जरूरी है। इससे उन्हें कोर्ट की वास्तविक कार्यप्रणाली समझने का मौका मिलता है और उनके अंदर आत्मविश्वास भी बढ़ता है।” प्राचार्य मोहम्मद ज़फर ने कहा कि “हमारा उद्देश्य है कि छात्र सिर्फ किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान भी हासिल करें ताकि वे भविष्य में एक सफल अधिवक्ता बन सकें। इस अवसर पर दीपक चतुर्वेदी, एजाज़ अहमद, अजय कुमार, डॉ. अतुल कुमार पाल, महविश तलत, आरिफ सैयद, संगीता कपाड़िया, ज़किया सुल्ताना, मनोज पाण्डेय और आलोक श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।1
- प्रतापगढ़। भारतीय जनता पार्टी द्वारा ग्राम संपर्क अभियान के तहत गावों में डोर टू डोर जाकर सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। रानीगंज विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नेता आलोक कुमार पांडेय की अगुवाई में ग्राम संपर्क अभियान चरम पर पहुंच चुका है। इस अभियान के तहत सरकार की उपलब्धियों को गिनाने के साथ ही आम जनता को सम्मानित भी किया जा रहा है। रविवार को रानीगंज विधानसभा अंतर्गत दिलीपपुर ग्राम पंचायत में ग्राम संपर्क अभियान आयोजित किया गया। भाजपा नेता आलोक कुमार पांडेय की अगुवाई में कार्यकर्ता और पदाधिकारियों ने डोर टू डोर संपर्क किया और ग्रामीणों से संवाद किया। आलोक कुमार पांडेय ने कहाकि भाजपा राज में अपराधियों का सफाया हो चुका है। जो भी अपराधी बचे हैं वो या तो जेल में हैं या फिर प्रदेश छोड़कर भाग चुके हैं। आज महिलाएं, व्यापारी वर्ग और आम जनता किसी भी वक्त बेखौफ होकर घर से बाहर निकल सकते हैं। क्योंकि सभी को यह पता है कि प्रदेश में योगी सरकार है। जो अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करती है। केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए भाजपा नेता ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में आज भारत का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है। एक तरफ विश्व के दर्जनों देश आर्थिक तंगी, युद्ध की मार से बेहाल हैं। वहीं देश में आईपीएल का लोग आनंद उठा रहे हैं। ऐसा इसलिए संभव है कि देश की जनता को यह पता है कि केंद्र की सरकार नरेंद्र मोदी के हाथों में है। इसी क्रम में सेक्टर संयोजक अजय कुमार उमरवैश्य ने ग्रामीणों में प्रदेश सरकार के नौ वर्ष की उपलब्धियों को गिनाया और पुस्तकें वितरित कीं। इस दौरान बूथ अध्यक्ष मधुकर पांडेय, बूथ अध्यक्ष नागेंद्र शर्मा, बूथ अध्यक्ष बृज नायक मिश्र, बीडीसी राकेश गुप्ता, पूर्व बीडीसी रवि शंकर उमरवैश्य, आशुतोष सोनी, दिनेश चंद्र मिश्रा, हीरालाल यादव, इंद्रपाल, डा. दिनेश पाल, मनीलाल गौतम, हरीश चंद्र पांडेय, लक्ष्म कांत पांडेय समेत दर्जनों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।4
- सेवा में, माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ, उत्तर प्रदेश। *सदर विधायक श्री राज प्रसाद उपाध्याय उर्फ राज बाबू जी को *ज्ञापन देते हुए पं महेश निषाद प्रदेश सचिव निषाद पार्टी* विषय: UPSI भर्ती 2025 (विज्ञापन संख्या-पीआरपीबी-बी (उपनिरीक्षक संवर्ग)-03/2025) में रिक्त पदों की संख्या बढ़ाने, लिखित परीक्षा परिणाम के साथ ही स्कोरकार्ड/अंकपत्र जारी करने और अंतिम चयन परिणाम के बाद खाली पदों के रहने की स्थिति में वेटिंग लिस्ट जारी कर पद भरने के संबंध में। महोदय, सविनय निवेदन है कि हम उत्तर प्रदेश के प्रतियोगी छात्र हैं। हम पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर (SI) के पदों पर भर्ती के लिए आयोजित UPSI 2025-26 परीक्षा में शामिल हो चुके हैं। जो 14 और 15 मार्च 2025 को संपन्न हो चुकी है। महोदय हम आपके संज्ञान में वर्तमान में जारी भर्ती प्रक्रिया में पदवृद्धि और अन्य खामियों हेतू कुछ महत्वपूर्ण चीजें लाना चाहते है, 1. भारी कंपटीशन: इस वर्ष लगभग 16.5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने मात्र 4543 पदों के लिए आवेदन किया है, जो बताता है कि कंपटीशन बहुत ज्यादा है। 2. काफी समय से भर्ती न होना: यह भर्ती 05 वर्षों बाद आई है, जिसकी वजह से लाखों फॉर्म भरे गए और लगभग 10 लाख 77 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी है। 3. रिक्त पदों की उपलब्धता: उत्तर प्रदेश पुलिस में अभी भी सब-इंस्पेक्टर के कई पद रिक्त हैं जिन्हें वर्तमान में प्रक्रियाधीन भर्ती में पदवृद्धि कर भरा जा सकता है। 4. पिछली बार UPSI भर्ती 2020-21 में कुल पदों की संख्या 9534 थी लेकिन इस बार लगभग 05 वर्षों के बाद 2025-26 भर्ती में 4543 पदों के लिए भर्ती हो रही है किन्तु पदों की संख्या पिछली बार से आधी से भी कम है। जो भारी कंपटीशन होने के कारण बहुत ही कम है। यदि वर्तमान परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाई जाती है, तो यह योग्य युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर होगा। 5. पुलिस भर्ती बोर्ड की पूर्व परीक्षाओं में देखा गया है कि केवल सफल उम्मीदवारों की सूची जारी की जाती है, जिससे बहुत से अभ्यर्थी यह जानने से वंचित रह जाते हैं कि वे कितने अंकों से अनुत्तीर्ण हुए हैं। अतः आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि UPSI भर्ती 2025 का लिखित परीक्षा परिणाम घोषित करते समय DV/PST रिजल्ट के दौरान ही सभी अभ्यर्थियों (सफल और असफल) का स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाए। परिणाम के साथ ही नॉर्मलाइज्ड अंक (Normalized Marks) और विषयवार अंक (Sectional Marks) भी प्रदर्शित किए जाएं। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और छात्रों का बोर्ड पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा। 6. श्रीमान अंतिम चयन परिणाम के बाद मेडिकल प्रक्रिया के बाद और कुछ चयनित उम्मीदवारों द्वारा जोइनिंग न लेने के कारण कुछ सीटें खाली रह जाती है। जिन्हें उसी भर्ती के अन्य अभ्यर्थियों में से वेटिंग लिस्ट जारी कर भरा जाना चाहिए जिससे कोई सीट खाली न जाए और कुछ अन्य अभ्यर्थियों को मौका मिल जाएं। अतः आदरणीय मुख्यमंत्री जी आपसे हम सभी UPSI भर्ती 2025-26 के परीक्षार्थियों का विनम्र निवेदन है कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने तथा युवा बेरोजगारों को रोजगार देने के उद्देश्य से, UPSI भर्ती 2025- 26 की जारी भर्ती प्रक्रिया में पदों की संख्या 4543 से बढ़ाकर उसे कम से कम 6500-7000 करवाने, लिखित परीक्षा के स्कोरकार्ड दिखाएं जाने और अंतिम चयन परिणाम के बाद खाली पदों को वेटिंग लिस्ट से भरवाए जाने की कृपा करें। हम आपके सदा आभारी रहेंगे। #UPSI भर्ती 2025-26 के परीक्षार्थियों की उत्तर प्रदेश सरकार से मुख्य 03 मांगे~ 01. वर्तमान में प्रक्रियाधीन #UPSI भर्ती में कम से कम 02 हजार पदों की वृद्धि हो। 02. रिज़ल्ट के साथ व्यक्तिगत और सार्वजनिक रूप से स्कोरकार्ड तथा रैंक सूची दिखाएं जाए। 03.अंतिम चयन परिणाम के बाद खाली पदों को भरने के लिए वेटिंग लिस्ट जारी होनी चाहिए। निवेदक ~ पं महेश निषाद (प्रदेश सचिव निषाद पार्टी) और समस्त #UPSI के लाखों परीक्षार्थी..🙏1
- ब्रेकिंग न्यूज़ प्रतापगढ़ में रील के चक्कर में इकलौते बेटे की गयीं जान घर के इकलौते बेटे ने अपनी अनमोल जिंदगी रील बनाने के चक्कर में गवां दी। वह नदी के चेक डैम पर रील बनाने पहुंच गया था, जहां एक दोस्त संग शनिवार को गहरे पानी में डूब गया था। एक को तो किसी तरह बचा लिया गया, लेकिन दूसरा युवक अनिकेत ऊमरवैश्य नहीं बचा। रविवार को दूसरे दिन एसडीआरफ ने तलाश शुरू की तो डैम के डेढ़ किमी दूर उसका सुबह नौ बजे शव मिला। चिलबिला के डमरू ऊमरवैश्य का 20 साल का बेटा अनिकेत ऊमरवैश्य की मौत से परिजनों में मचा कोहराम,पिता किराने की छोटी सी दुकान करते हैं। बेटे से परिवार को बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन सब उसके संग पानी में डूब गईं।1
- रामगंज के नरहरपुर गांव में शनिवार को ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध करते हुए पथराव कर दिया, जिससे स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। नरहरपुर गांव में करीब पांच बिस्वा भूमि सुरक्षित खाते में दर्ज है, जिसका उपयोग पशु शव निस्तारण के लिए किया जाता है। आरोप है कि कुछ लोगों ने इस भूमि पर कब्जे की नीयत से पहले मिट्टी डालकर चबूतरा तैयार किया और उस पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। ग्रामीणों की शिकायत पर नायब तहसीलदार अजय सिंह राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पैमाइश कराई। जांच में भूमि सुरक्षित पाई गई, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए चबूतरा हटवा दिया गया और रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई,शनिवार को दोबारा कुछ लोगों ने उसी स्थान पर चबूतरा बनाकर प्रतिमा स्थापित कर दी। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जेसीबी से चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सम्मानपूर्वक सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया। हालांकि पुलिस टीम के लौटते ही कुछ लोगों ने फिर से उसी स्थान पर प्रतिमा स्थापित कर दी। इसके बाद एसडीएम अमेठी आशीष सिंह के नेतृत्व में रामगंज, पीपरपुर और संग्रामपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासन की ओर प्रतिमा हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही भीड़ उग्र हो गई और विरोध करते हुए पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले में प्रभारी निरीक्षक कृष्ण मोहन सिंह, चौकी प्रभारी विकास कुमार, महिला कांस्टेबल किरन सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भादर में कराया गया। कई ग्रामीणों को भी चोटें आईं। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर कर हालात पर नियंत्रण पाया। 15 लोगों हिरासत में लिया गया है। पूरे गांव में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा है। एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर अवैध रूप से चबूतरा बनाए जाने की शिकायत मिली थी। पुलिस बल के साथ पहुंची राजस्व टीम ने चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है एसडीएम आशीष सिंह ने बताया कि ग्राम समाज की सुरक्षित भूमि पर अवैध रूप से चबूतरा बनाए जाने की शिकायत मिली थी। पुलिस बल के साथ पहुंची राजस्व टीम ने चबूतरा हटवा दिया। प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया है। मौजूदा और पूर्व प्रधान की भूमिका संदिग्ध ग्रामीणों के अनुसार सुरक्षित भूमि पर निर्माण कराए जाने में मौजूदा व पूर्व प्रधान की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। पूर्व प्रधान रीना कोरी ने आरोप लगाया कि प्रतिमा स्थापना के लिए दिए गए पत्र पर उनके ससुर के फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने मामले से अपना कोई संबंध न होने की बात कहते हुए पुलिस को सूचना देने की जानकारी दी है। 22 मार्च को हुई थी बैठक गांव में 22 मार्च को आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें कुछ ग्रामीणों ने सहमति जताई थी। तहसील स्तर की जांच टीम ने इसे मान्य नहीं माना। 22 मार्च को हुई थी बैठक गांव में 22 मार्च को आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें कुछ ग्रामीणों ने सहमति जताई थी। तहसील स्तर की जांच टीम ने इसे मान्य नहीं माना। रिपोर्ट दर्ज, जांच शुरू एसपी सरवण टी ने बताया कि मामले में 14 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है। गांव में एहतियातन फोर्स तैनात की गई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।3