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स्वामी बालकृष्ण जी के जन्मदिवस पर शासकीय महाविद्यालय में हुआ औषधीय एवं फलदार पौधों का वृक्षारोपण लोकेशन: उमरिया, बिरसिंहपुर पाली रिपोर्टर: श्याम गुप्ता उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित मां बिरासनी शासकीय महाविद्यालय में पतंजलि योगपीठ के परम श्रद्धेय स्वामी बालकृष्ण जी के जन्मदिवस के अवसर पर फलदार एवं औषधीय गुणों से भरपूर पौधों का वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के फलदार तथा जड़ी-बूटी आधारित औषधीय पौधे लगाए गए। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि औषधीय पौधे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी होते हैं। ऐसे पौधों के संरक्षण और संवर्धन से आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण एवं प्राकृतिक औषधियों का लाभ मिलेगा। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य हरलाल अहिरवार ने पौधरोपण को जनभागीदारी से जोड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भारत स्वाभिमान के जिला प्रभारी समयलाल साहू, सह प्रभारी शिवराम सिंह सोनी, तिवारी जी सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।

5 hrs ago
user_Shyamkumargupta
Shyamkumargupta
पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

स्वामी बालकृष्ण जी के जन्मदिवस पर शासकीय महाविद्यालय में हुआ औषधीय एवं फलदार पौधों का वृक्षारोपण लोकेशन: उमरिया, बिरसिंहपुर पाली रिपोर्टर: श्याम गुप्ता उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित मां बिरासनी शासकीय महाविद्यालय में पतंजलि योगपीठ के परम श्रद्धेय स्वामी बालकृष्ण जी के जन्मदिवस के अवसर पर

फलदार एवं औषधीय गुणों से भरपूर पौधों का वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के फलदार तथा जड़ी-बूटी आधारित औषधीय पौधे लगाए गए। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि औषधीय पौधे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत

लाभकारी होते हैं। ऐसे पौधों के संरक्षण और संवर्धन से आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण एवं प्राकृतिक औषधियों का लाभ मिलेगा। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य हरलाल अहिरवार ने पौधरोपण को जनभागीदारी से जोड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भारत स्वाभिमान के जिला

प्रभारी समयलाल साहू, सह प्रभारी शिवराम सिंह सोनी, तिवारी जी सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।

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  • स्वामी बालकृष्ण जी के जन्मदिवस पर शासकीय महाविद्यालय में हुआ औषधीय एवं फलदार पौधों का वृक्षारोपण लोकेशन: उमरिया, बिरसिंहपुर पाली रिपोर्टर: श्याम गुप्ता उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित मां बिरासनी शासकीय महाविद्यालय में पतंजलि योगपीठ के परम श्रद्धेय स्वामी बालकृष्ण जी के जन्मदिवस के अवसर पर फलदार एवं औषधीय गुणों से भरपूर पौधों का वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के फलदार तथा जड़ी-बूटी आधारित औषधीय पौधे लगाए गए। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि औषधीय पौधे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी होते हैं। ऐसे पौधों के संरक्षण और संवर्धन से आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण एवं प्राकृतिक औषधियों का लाभ मिलेगा। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य हरलाल अहिरवार ने पौधरोपण को जनभागीदारी से जोड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भारत स्वाभिमान के जिला प्रभारी समयलाल साहू, सह प्रभारी शिवराम सिंह सोनी, तिवारी जी सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।
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    स्वामी बालकृष्ण जी के जन्मदिवस पर शासकीय महाविद्यालय में हुआ औषधीय एवं फलदार पौधों का वृक्षारोपण

लोकेशन: उमरिया, बिरसिंहपुर पाली
रिपोर्टर: श्याम गुप्ता

उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित मां बिरासनी शासकीय महाविद्यालय में पतंजलि योगपीठ के परम श्रद्धेय स्वामी बालकृष्ण जी के जन्मदिवस के अवसर पर फलदार एवं औषधीय गुणों से भरपूर पौधों का वृक्षारोपण किया गया।

कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के फलदार तथा जड़ी-बूटी आधारित औषधीय पौधे लगाए गए। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि औषधीय पौधे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी होते हैं। ऐसे पौधों के संरक्षण और संवर्धन से आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण एवं प्राकृतिक औषधियों का लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य हरलाल अहिरवार ने पौधरोपण को जनभागीदारी से जोड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भारत स्वाभिमान के जिला प्रभारी समयलाल साहू, सह प्रभारी शिवराम सिंह सोनी, तिवारी जी सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।
    user_Shyamkumargupta
    Shyamkumargupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • 💥 *_बांधवगढ़ में मिले बाघ का मंगलवार को हुआ अंतिम संस्कार,मौत की गुत्थी सुलझाने एक्शन मोड में पार्क टीम_* _उमरिया//बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र में मृत मिले बाघ के मामले में पार्क प्रबंधन ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की मानक कार्यप्रणाली के तहत सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी करते हुए मंगलवार को बाघ का विधिवत अंतिम संस्कार कर दिया।अब बाघ की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा नमूनों को वैज्ञानिक परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।गौरतलब है कि 3 अगस्त को मानपुर बफर परिक्षेत्र की मानपुर बीट में नियमित गश्त के दौरान करीब 4 से 5 वर्ष आयु के एक बाघ का शव मिला था।सूचना मिलते ही पार्क प्रबंधन अलर्ट हो गया और घटनास्थल को तत्काल घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया। पूरी रात कड़ी निगरानी रखी गई,जबकि मंगलवार सुबह डॉग स्क्वाड,मेटल डिटेक्टर और हाथियों की सहायता से व्यापक सर्च अभियान चलाया गया।जांच के दौरान घटनास्थल से कोई भी संदिग्ध या अस्वाभाविक सामग्री बरामद नहीं हुई।बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर तथा संजय टाइगर रिजर्व के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अभय सेंगर ने बाघ का विधिवत पोस्टमार्टम किया।परीक्षण में बाघ के सभी दांत और नाखून सुरक्षित पाए गए।शव की स्थिति के कारण लिंग की स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी,जबकि उसकी अनुमानित आयु 4 से 5 वर्ष आंकी गई है।पोस्टमार्टम के बाद आवश्यक विसरा नमूने वैज्ञानिक परीक्षण के लिए सुरक्षित कर प्रयोगशाला भेजे गए हैं,ताकि बाघ की मौत के कारणों का सटीक पता लगाया जा सके।पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई,सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद एनटीसीए के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप मृत बाघ का अंतिम संस्कार किया गया।इस दौरान एनटीसीए के प्रतिनिधि अक्षय दलवी,नायब तहसीलदार,जनप्रतिनिधि तथा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।अब वन विभाग की निगाहें वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं,जिससे इस बाघ की मौत के रहस्य से पर्दा उठ सके।_
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    💥 *_बांधवगढ़ में मिले बाघ का मंगलवार को हुआ अंतिम संस्कार,मौत की गुत्थी सुलझाने एक्शन मोड में पार्क टीम_*
_उमरिया//बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र में मृत मिले बाघ के मामले में पार्क प्रबंधन ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की मानक कार्यप्रणाली के तहत सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी करते हुए मंगलवार को बाघ का विधिवत अंतिम संस्कार कर दिया।अब बाघ की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा नमूनों को वैज्ञानिक परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।गौरतलब है कि 3 अगस्त को मानपुर बफर परिक्षेत्र की मानपुर बीट में नियमित गश्त के दौरान करीब 4 से 5 वर्ष आयु के एक बाघ का शव मिला था।सूचना मिलते ही पार्क प्रबंधन अलर्ट हो गया और घटनास्थल को तत्काल घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया। पूरी रात कड़ी निगरानी रखी गई,जबकि मंगलवार सुबह डॉग स्क्वाड,मेटल डिटेक्टर और हाथियों की सहायता से व्यापक सर्च अभियान चलाया गया।जांच के दौरान घटनास्थल से कोई भी संदिग्ध या अस्वाभाविक सामग्री बरामद नहीं हुई।बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर तथा संजय टाइगर रिजर्व के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अभय सेंगर ने बाघ का विधिवत पोस्टमार्टम किया।परीक्षण में बाघ के सभी दांत और नाखून सुरक्षित पाए गए।शव की स्थिति के कारण लिंग की स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी,जबकि उसकी अनुमानित आयु 4 से 5 वर्ष आंकी गई है।पोस्टमार्टम के बाद आवश्यक विसरा नमूने वैज्ञानिक परीक्षण के लिए सुरक्षित कर प्रयोगशाला भेजे गए हैं,ताकि बाघ की मौत के कारणों का सटीक पता लगाया जा सके।पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई,सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद एनटीसीए के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप मृत बाघ का अंतिम संस्कार किया गया।इस दौरान एनटीसीए के प्रतिनिधि अक्षय दलवी,नायब तहसीलदार,जनप्रतिनिधि तथा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।अब वन विभाग की निगाहें वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं,जिससे इस बाघ की मौत के रहस्य से पर्दा उठ सके।_
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • पेड़ गिरने से कॉलरी स्कूल रोड पर आवागमन बाधित, तीन घंटे बाद भी नहीं पहुंचा बिजली विभाग का अमला* *पेड़ गिरने से कॉलरी स्कूल रोड पर आवागमन बाधित, तीन घंटे बाद भी नहीं पहुंचा बिजली विभाग का अमला* उमरिया। तेज हवाओं और बारिश के चलते कॉलरी स्कूल रोड पर एक बड़ा पेड़ गिर जाने से सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। पेड़ के साथ बिजली के तार भी प्रभावित होने से क्षेत्र में खतरे की स्थिति बनी हुई है। घटना के करीब तीन घंटे बीत जाने के बावजूद बिजली विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार घटना के तुरंत बाद बिजली विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन शिकायत के कई घंटे बाद भी विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि सड़क बंद होने के कारण राहगीरों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक व्यक्ति बार-बार लोगों को सतर्क करते हुए दुर्घटना होने से बचा रहा है, क्योंकि पेड़ और बिजली के तारों के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और बिजली विभाग से तत्काल मौके पर पहुंचकर पेड़ हटाने, बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने और सड़क पर आवागमन बहाल करने की मांग की है।
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    पेड़ गिरने से कॉलरी स्कूल रोड पर आवागमन बाधित, तीन घंटे बाद भी नहीं पहुंचा बिजली विभाग का अमला*
*पेड़ गिरने से कॉलरी स्कूल रोड पर आवागमन बाधित, तीन घंटे बाद भी नहीं पहुंचा बिजली विभाग का अमला*
उमरिया। तेज हवाओं और बारिश के चलते कॉलरी स्कूल रोड पर एक बड़ा पेड़ गिर जाने से सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। पेड़ के साथ बिजली के तार भी प्रभावित होने से क्षेत्र में खतरे की स्थिति बनी हुई है। घटना के करीब तीन घंटे बीत जाने के बावजूद बिजली विभाग का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार घटना के तुरंत बाद बिजली विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन शिकायत के कई घंटे बाद भी विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि सड़क बंद होने के कारण राहगीरों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक व्यक्ति बार-बार लोगों को सतर्क करते हुए दुर्घटना होने से बचा रहा है, क्योंकि पेड़ और बिजली के तारों के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और बिजली विभाग से तत्काल मौके पर पहुंचकर पेड़ हटाने, बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने और सड़क पर आवागमन बहाल करने की मांग की है।
    user_अनुज सेन  राष्ट्रचंडिका अखबार
    अनुज सेन राष्ट्रचंडिका अखबार
    Lawyer Bandhogarh, Umaria•
    11 hrs ago
  • सीईओ जिला पंचायत ने जनसुनवाई में सुनी लोगों की समस्याएं, शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश शहडोल -कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित सोन सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति ने जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में ग्राम पंचायत पोंगरी निवासी बब्बू बैगा ने प्राथमिक शाला बैगान टोला के नवीन भवन निर्माण, शहडोल नंबर 8/6 निवासी सुभाष गुप्ता ने राशन दिलाए जाने, ग्राम मौहार टोला निवासी रामसुहान गौतम ने रास्ते से अतिक्रमण हटाए जाने, शहडोल निवासी विजयपाल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाए जाने तथा पुरानी बस्ती शहडोल निवासी देवदास चौधरी ने गरीबी रेखा राशन कार्ड में नाम जुड़वाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति ने जनसुनवाई में प्राप्त सभी आवेदनों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रेषित करते हुए शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, श्रीमती मिनिषा पाण्डेय, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अमृता गर्ग, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती अन्तोनिआ एक्का सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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    सीईओ जिला पंचायत ने जनसुनवाई में सुनी लोगों की समस्याएं, शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश
शहडोल -कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित सोन सभागार में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति ने जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में ग्राम पंचायत पोंगरी निवासी बब्बू बैगा ने प्राथमिक शाला बैगान टोला के नवीन भवन निर्माण, शहडोल नंबर 8/6 निवासी सुभाष गुप्ता ने राशन दिलाए जाने, ग्राम मौहार टोला निवासी रामसुहान गौतम ने रास्ते से अतिक्रमण हटाए जाने, शहडोल निवासी विजयपाल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाए जाने तथा पुरानी बस्ती शहडोल निवासी देवदास चौधरी ने गरीबी रेखा राशन कार्ड में नाम जुड़वाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया।
सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति ने जनसुनवाई में प्राप्त सभी आवेदनों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रेषित करते हुए शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, श्रीमती मिनिषा पाण्डेय, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अमृता गर्ग, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती अन्तोनिआ एक्का सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Akhilesh Mishra
    Akhilesh Mishra
    सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मां काली मंदिर सिंहपुर बना लोक न्यास, पहली कार्यसमिति का सर्वसम्मति से गठन मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम, 1951 के तहत पंजीयन के बाद मंदिर प्रबंधन में नई व्यवस्था लागू, बैंक खाता और QR स्कैनर से होगा पारदर्शी संचालन कार्यसमिति में शिवनारायण द्विवेदी को अध्यक्ष, मनीष शुक्ला को उपाध्यक्ष, श्रवण श्रीवास्तव को सह सचिव, दीपेश तिवारी को सह कोषाध्यक्ष तथा जगदीश प्रसाद तिवारी को स्थायी सदस्य चुना गया। मां काली मंदिर सिंहपुर में नई व्यवस्था, अब ऑनलाइन होगा दान और आय-व्यय का हिसाब लोक न्यास बना मां काली मंदिर सिंहपुर, पारदर्शी प्रबंधन की शुरुआत शहडोल के मां काली मंदिर सिंहपुर में ऐतिहासिक फैसला, बैंक खाता और QR स्कैनर से होगा संचालन मां काली मंदिर सिंहपुर के विकास को नई दिशा, पहली ट्रस्ट कार्यसमिति ने संभाली जिम्मेदारी एंकर शहडोल जिले के सिंहपुर स्थित प्रसिद्ध मां काली मंदिर के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल सामने आई है। मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम, 1951 के तहत "मां काली मंदिर लोक न्यास, सिंहपुर, तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल" का विधिवत पंजीयन कर दिया गया है। इसके साथ ही ट्रस्ट की पहली कार्यसमिति का भी सर्वसम्मति से गठन किया गया है। अब मंदिर की आय-व्यय का संचालन ऑनलाइन बैंक खाते और QR स्कैनर के माध्यम से किया जाएगा। न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं पंजीयक लोक न्यास, सोहागपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार मां काली मंदिर लोक न्यास, सिंहपुर, तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल का मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम, 1951 के तहत विधिवत पंजीयन किया गया है। पंजीयन प्रमाणपत्र 27 जुलाई 2026 को जारी किया गया। सदस्यता प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 जुलाई 2026 को प्रथम सामान्य सभा आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से पहली कार्यसमिति का गठन किया गया। कार्यसमिति में शिवनारायण द्विवेदी को अध्यक्ष, मनीष शुक्ला को उपाध्यक्ष, श्रवण श्रीवास्तव को सह सचिव, दीपेश तिवारी को सह कोषाध्यक्ष तथा जगदीश प्रसाद तिवारी को स्थायी सदस्य चुना गया। पंजीयक लोक न्यास द्वारा जारी आदेश में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि मंदिर के नाम से अविलंब बैंक खाता खोला जाए तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए QR स्कैनर स्थापित किया जाए। अब मंदिर की समस्त आय-व्यय ऑनलाइन बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से संचालित होगी, जिससे आर्थिक लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी रहेगा। आदेश में तहसीलदार सोहागपुर एवं नायब तहसीलदार सिंहपुर को भी मंदिर ट्रस्ट के संचालन और आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मंदिर के धार्मिक, सामाजिक एवं विकास कार्यों को संस्थागत और व्यवस्थित ढंग से संचालित किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
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    मां काली मंदिर सिंहपुर बना लोक न्यास, पहली कार्यसमिति का सर्वसम्मति से गठन 
मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम, 1951 के तहत पंजीयन के बाद मंदिर प्रबंधन में नई व्यवस्था लागू, बैंक खाता और QR स्कैनर से होगा पारदर्शी संचालन  
कार्यसमिति में शिवनारायण द्विवेदी को अध्यक्ष, मनीष शुक्ला को उपाध्यक्ष, श्रवण श्रीवास्तव को सह सचिव, दीपेश तिवारी को सह कोषाध्यक्ष तथा जगदीश प्रसाद तिवारी को स्थायी सदस्य चुना गया।
मां काली मंदिर सिंहपुर में नई व्यवस्था, अब ऑनलाइन होगा दान और आय-व्यय का हिसाब
लोक न्यास बना मां काली मंदिर सिंहपुर, पारदर्शी प्रबंधन की शुरुआत
शहडोल के मां काली मंदिर सिंहपुर में ऐतिहासिक फैसला, बैंक खाता और QR स्कैनर से होगा संचालन
मां काली मंदिर सिंहपुर के विकास को नई दिशा, पहली ट्रस्ट कार्यसमिति ने संभाली जिम्मेदारी 
एंकर 
शहडोल जिले के सिंहपुर स्थित प्रसिद्ध मां काली मंदिर के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल सामने आई है। मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम, 1951 के तहत "मां काली मंदिर लोक न्यास, सिंहपुर, तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल" का विधिवत पंजीयन कर दिया गया है। इसके साथ ही ट्रस्ट की पहली कार्यसमिति का भी सर्वसम्मति से गठन किया गया है। अब मंदिर की आय-व्यय का संचालन ऑनलाइन बैंक खाते और QR स्कैनर के माध्यम से किया जाएगा। न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं पंजीयक लोक न्यास, सोहागपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार मां काली मंदिर लोक न्यास, सिंहपुर, तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल का मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम, 1951 के तहत विधिवत पंजीयन किया गया है। पंजीयन प्रमाणपत्र 27 जुलाई 2026 को जारी किया गया। सदस्यता प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 जुलाई 2026 को प्रथम सामान्य सभा आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से पहली कार्यसमिति का गठन किया गया। कार्यसमिति में शिवनारायण द्विवेदी को अध्यक्ष, मनीष शुक्ला को उपाध्यक्ष, श्रवण श्रीवास्तव को सह सचिव, दीपेश तिवारी को सह कोषाध्यक्ष तथा जगदीश प्रसाद तिवारी को स्थायी सदस्य चुना गया। पंजीयक लोक न्यास द्वारा जारी आदेश में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि मंदिर के नाम से अविलंब बैंक खाता खोला जाए तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए QR स्कैनर स्थापित किया जाए। अब मंदिर की समस्त आय-व्यय ऑनलाइन बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से संचालित होगी, जिससे आर्थिक लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी रहेगा। आदेश में तहसीलदार सोहागपुर एवं नायब तहसीलदार सिंहपुर को भी मंदिर ट्रस्ट के संचालन और आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मंदिर के धार्मिक, सामाजिक एवं विकास कार्यों को संस्थागत और व्यवस्थित ढंग से संचालित किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • सावन के प्रथम सोमवार को शिव मंदिर में भक्तों लगी भीड़ हर्ष के साथ बनाया सावन का सोमवार
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    सावन के प्रथम सोमवार को शिव मंदिर में भक्तों लगी भीड़ हर्ष के साथ बनाया सावन का सोमवार
    user_Sadhna saroj
    Sadhna saroj
    Local News Reporter Sohagpur, Shahdol•
    22 hrs ago
  • बांधवगढ़ में युवा बाघ की रहस्यमयी मौत, हर पहलू से जांच में जुटा वन विभाग बांधवगढ़ में युवा बाघ की रहस्यमयी मौत, हर पहलू से जांच में जुटा वन विभाग उमरिया तपस गुप्ता बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र में एक युवा बाघ का शव मिलने से वन विभाग सतर्क हो गया है। बाघ की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका फिलहाल कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। वन विभाग ने मामले की वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम के बाद विसरा नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। वन विभाग के अनुसार, 3 अगस्त की दोपहर नियमित गश्त के दौरान मानपुर बफर परिक्षेत्र के बीट मानपुर में गश्ती दल को एक बाघ का शव मिला। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने घटनास्थल को सुरक्षित कर आसपास के पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की और विस्तृत निरीक्षण शुरू किया। देर शाम होने के कारण शव को रातभर कड़ी निगरानी में घटनास्थल पर ही रखा गया। अगले दिन 4 अगस्त को जांच अभियान और तेज कर दिया गया। डॉग स्क्वाड की सहायता से आसपास के जंगल में सघन तलाशी ली गई। मेटल डिटेक्टर से घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई ताकि किसी फंदे, हथियार या अन्य संदिग्ध वस्तु का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही हाथियों की मदद से भी आसपास के जंगल का व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। हालांकि जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध या अस्वाभाविक सामग्री बरामद नहीं हुई। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर और संजय टाइगर रिजर्व के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभय सेंगर ने मृत बाघ का पोस्टमार्टम किया। परीक्षण में बाघ के सभी दांत और नाखून सुरक्षित पाए गए, जिससे प्रथम दृष्टया अवैध शिकार की आशंका मजबूत नहीं मानी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार मृत बाघ की अनुमानित आयु 4 से 5 वर्ष है, जबकि उसका लिंग स्पष्ट नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम के दौरान आवश्यक विसरा नमूने एकत्र कर वैज्ञानिक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की निर्धारित मानक कार्यप्रणाली के अनुसार बाघ के शव का अंतिम संस्कार किया गया। जांच और पोस्टमार्टम की कार्रवाई के दौरान NTCA के प्रतिनिधि अक्षय दलवी, नायब तहसीलदार, जनप्रतिनिधि तथा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि बाघ की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। वैज्ञानिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बाघ की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही। तब तक वन विभाग पूरे मामले की निगरानी कर रहा है।
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    बांधवगढ़ में युवा बाघ की रहस्यमयी मौत, हर पहलू से जांच में जुटा वन विभाग
बांधवगढ़ में युवा बाघ की रहस्यमयी मौत, हर पहलू से जांच में जुटा वन विभाग
उमरिया तपस गुप्ता 
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र में एक युवा बाघ का शव मिलने से वन विभाग सतर्क हो गया है। बाघ की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका फिलहाल कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। वन विभाग ने मामले की वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम के बाद विसरा नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
वन विभाग के अनुसार, 3 अगस्त की दोपहर नियमित गश्त के दौरान मानपुर बफर परिक्षेत्र के बीट मानपुर में गश्ती दल को एक बाघ का शव मिला। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने घटनास्थल को सुरक्षित कर आसपास के पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की और विस्तृत निरीक्षण शुरू किया। देर शाम होने के कारण शव को रातभर कड़ी निगरानी में घटनास्थल पर ही रखा गया।
अगले दिन 4 अगस्त को जांच अभियान और तेज कर दिया गया। डॉग स्क्वाड की सहायता से आसपास के जंगल में सघन तलाशी ली गई। मेटल डिटेक्टर से घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई ताकि किसी फंदे, हथियार या अन्य संदिग्ध वस्तु का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही हाथियों की मदद से भी आसपास के जंगल का व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। हालांकि जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध या अस्वाभाविक सामग्री बरामद नहीं हुई।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर और संजय टाइगर रिजर्व के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभय सेंगर ने मृत बाघ का पोस्टमार्टम किया। परीक्षण में बाघ के सभी दांत और नाखून सुरक्षित पाए गए, जिससे प्रथम दृष्टया अवैध शिकार की आशंका मजबूत नहीं मानी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार मृत बाघ की अनुमानित आयु 4 से 5 वर्ष है, जबकि उसका लिंग स्पष्ट नहीं हो सका है।
पोस्टमार्टम के दौरान आवश्यक विसरा नमूने एकत्र कर वैज्ञानिक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की निर्धारित मानक कार्यप्रणाली के अनुसार बाघ के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
जांच और पोस्टमार्टम की कार्रवाई के दौरान NTCA के प्रतिनिधि अक्षय दलवी, नायब तहसीलदार, जनप्रतिनिधि तथा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि बाघ की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। वैज्ञानिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बाघ की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही। तब तक वन विभाग पूरे मामले की निगरानी कर रहा है।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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