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गंगाघाट थाना क्षेत्र की ग्रामसभा कटरी पीपरखेड़ा में रकबा संख्या 46 की सरकारी भूमि पर कथित रूप से अवैध प्लॉटिंग कर करोड़ों रुपये कमाए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि भू-माफियाओं ने सरकारी जमीन के टुकड़ों को बेच दिया, जिसके परिणामस्वरूप कई लोगों ने उन पर मकान भी बना लिए हैं। अब प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना बढ़ने के साथ ही स्थानीय निवासियों में चिंता फैल गई है। यदि यह भूमि सरकारी पाई जाती है और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू होती है, तो वहां बसे परिवारों के आशियानों पर संकट आ सकता है। क्षेत्र के नागरिकों की मुख्य मांग है कि यदि अवैध प्लॉटिंग हुई है, तो इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, अवैध बिक्री से अर्जित धन की भी गहन जांच कर उसकी वसूली सुनिश्चित की जानी चाहिए। मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने, तथ्यों को सार्वजनिक करने और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की जा रही है।

2 hrs ago
user_Thakur Amit Partap Singh
Thakur Amit Partap Singh
Local News Reporter Unnao, Uttar Pradesh•
2 hrs ago

गंगाघाट थाना क्षेत्र की ग्रामसभा कटरी पीपरखेड़ा में रकबा संख्या 46 की सरकारी भूमि पर कथित रूप से अवैध प्लॉटिंग कर करोड़ों रुपये कमाए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि भू-माफियाओं ने सरकारी जमीन के टुकड़ों को बेच दिया, जिसके परिणामस्वरूप कई लोगों ने उन पर मकान भी बना लिए हैं। अब प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना बढ़ने के साथ ही स्थानीय निवासियों में चिंता फैल गई है। यदि यह भूमि सरकारी पाई जाती है और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू होती है, तो वहां बसे परिवारों के आशियानों पर संकट आ सकता है। क्षेत्र के नागरिकों की मुख्य मांग है कि यदि अवैध प्लॉटिंग हुई है, तो इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, अवैध बिक्री से अर्जित धन की भी गहन जांच कर उसकी वसूली सुनिश्चित की जानी चाहिए। मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने, तथ्यों को सार्वजनिक करने और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की जा रही है।

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  • गंगाघाट थाना क्षेत्र की ग्रामसभा कटरी पीपरखेड़ा में रकबा संख्या 46 की सरकारी भूमि पर कथित रूप से अवैध प्लॉटिंग कर करोड़ों रुपये कमाए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि भू-माफियाओं ने सरकारी जमीन के टुकड़ों को बेच दिया, जिसके परिणामस्वरूप कई लोगों ने उन पर मकान भी बना लिए हैं। अब प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना बढ़ने के साथ ही स्थानीय निवासियों में चिंता फैल गई है। यदि यह भूमि सरकारी पाई जाती है और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू होती है, तो वहां बसे परिवारों के आशियानों पर संकट आ सकता है। क्षेत्र के नागरिकों की मुख्य मांग है कि यदि अवैध प्लॉटिंग हुई है, तो इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, अवैध बिक्री से अर्जित धन की भी गहन जांच कर उसकी वसूली सुनिश्चित की जानी चाहिए। मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने, तथ्यों को सार्वजनिक करने और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की जा रही है।
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    गंगाघाट थाना क्षेत्र की ग्रामसभा कटरी पीपरखेड़ा में रकबा संख्या 46 की सरकारी भूमि पर कथित रूप से अवैध प्लॉटिंग कर करोड़ों रुपये कमाए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि भू-माफियाओं ने सरकारी जमीन के टुकड़ों को बेच दिया, जिसके परिणामस्वरूप कई लोगों ने उन पर मकान भी बना लिए हैं।

अब प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना बढ़ने के साथ ही स्थानीय निवासियों में चिंता फैल गई है। यदि यह भूमि सरकारी पाई जाती है और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू होती है, तो वहां बसे परिवारों के आशियानों पर संकट आ सकता है।

क्षेत्र के नागरिकों की मुख्य मांग है कि यदि अवैध प्लॉटिंग हुई है, तो इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, अवैध बिक्री से अर्जित धन की भी गहन जांच कर उसकी वसूली सुनिश्चित की जानी चाहिए। मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने, तथ्यों को सार्वजनिक करने और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की जा रही है।
    user_Thakur Amit Partap Singh
    Thakur Amit Partap Singh
    Local News Reporter Unnao, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • पश्चिम जोन साइबर सेल और थाना साइबर हेल्प डेस्क की टीमों ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुल 101 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई जा रही है। आज के समय में खोया मोबाइल वापस मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं, और इन टीमों ने यही चमत्कार कर दिखाया है। पुलिस ने CEIR (संचार साथी पोर्टल), जनसुनवाई और अन्य माध्यमों से मिली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए यह बरामदगी की। बरामद किए गए मोबाइलों में एक ऐसा फोन भी शामिल है जो वर्ष 2023 से लापता था, जिससे इस उपलब्धि की अहमियत और बढ़ जाती है। सभी 101 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटा दिए गए, जिससे 101 परिवारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई है। अब पुलिस आगे यह भी जांच कर रही है कि ये मोबाइल फोन किन लोगों तक और किन परिस्थितियों में पहुंचे थे। यदि इस पड़ताल में किसी प्रकार की चोरी या अन्य आपराधिक गतिविधि सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी एस.एम. कासिम आबिदी ने दी है।
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    पश्चिम जोन साइबर सेल और थाना साइबर हेल्प डेस्क की टीमों ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुल 101 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई जा रही है। आज के समय में खोया मोबाइल वापस मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं, और इन टीमों ने यही चमत्कार कर दिखाया है।

पुलिस ने CEIR (संचार साथी पोर्टल), जनसुनवाई और अन्य माध्यमों से मिली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए यह बरामदगी की। बरामद किए गए मोबाइलों में एक ऐसा फोन भी शामिल है जो वर्ष 2023 से लापता था, जिससे इस उपलब्धि की अहमियत और बढ़ जाती है। सभी 101 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटा दिए गए, जिससे 101 परिवारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई है।

अब पुलिस आगे यह भी जांच कर रही है कि ये मोबाइल फोन किन लोगों तक और किन परिस्थितियों में पहुंचे थे। यदि इस पड़ताल में किसी प्रकार की चोरी या अन्य आपराधिक गतिविधि सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी एस.एम. कासिम आबिदी ने दी है।
    user_Shyam ji gupta
    Shyam ji gupta
    Media Consultant उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक वीडियो और संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक पर पुलिस द्वारा कथित तौर पर मारपीट करने का आरोप है। दावों के अनुसार, यह घटना तब हुई जब युवक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ शाम को फिल्म देखकर घर लौट रहा था और रास्ते में पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान उसके साथ कथित रूप से मारपीट की गई। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति पुलिसकर्मियों से बात करते हुए और मदद की गुहार लगाते हुए दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर इस घटना में शामिल पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है, जबकि कुछ पोस्ट में यह भी कहा गया है कि मामले के बाद पुलिस ने अन्य प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं शुरू की हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है, जिसमें कई लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं और कुछ लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। परिवार की मौजूदगी और कथित विवाद के दृश्य वीडियो में प्रमुख चर्चा का विषय बने हुए हैं। फिलहाल, संबंधित अधिकारियों की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच रिपोर्ट का इंतजार है, क्योंकि यह घटना एक बार फिर कानून-व्यवस्था, पुलिस जवाबदेही और नागरिक अधिकारों पर बहस का केंद्र बन गई है।
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    छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक वीडियो और संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक पर पुलिस द्वारा कथित तौर पर मारपीट करने का आरोप है। दावों के अनुसार, यह घटना तब हुई जब युवक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ शाम को फिल्म देखकर घर लौट रहा था और रास्ते में पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान उसके साथ कथित रूप से मारपीट की गई।

वायरल वीडियो में एक व्यक्ति पुलिसकर्मियों से बात करते हुए और मदद की गुहार लगाते हुए दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर इस घटना में शामिल पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है, जबकि कुछ पोस्ट में यह भी कहा गया है कि मामले के बाद पुलिस ने अन्य प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं शुरू की हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

इस घटना ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है, जिसमें कई लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं और कुछ लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। परिवार की मौजूदगी और कथित विवाद के दृश्य वीडियो में प्रमुख चर्चा का विषय बने हुए हैं। फिलहाल, संबंधित अधिकारियों की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच रिपोर्ट का इंतजार है, क्योंकि यह घटना एक बार फिर कानून-व्यवस्था, पुलिस जवाबदेही और नागरिक अधिकारों पर बहस का केंद्र बन गई है।
    user_Rohit Kumar Baudh
    Rohit Kumar Baudh
    Court reporter उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • कानपुर नगर से भारत सूत्र लाइव टीवी डिजिटल मीडिया प्रेस की एक रिपोर्ट में यातायात नियमों के प्रवर्तन में भेदभावपूर्ण रवैये पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जहां एक ओर विभिन्न संगठनों और शासन-प्रशासन द्वारा यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, वहीं यह सख्ती केवल निजी और कमजोर व्यक्तियों पर ही लागू होती दिख रही है, जबकि 'शासन प्रशासन के व्यक्तियों' पर ये नियम लागू नहीं होते। रिपोर्ट बताती है कि चालान करने से ही समस्या का समाधान नहीं हो सकता, क्योंकि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति को दुर्घटना का सामना करना पड़ सकता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना और गाड़ी के सभी कागजात (डिजिटल या भौतिक) पूरे रखना अनिवार्य है। इसके बावजूद, कानपुर नगर के हैलेट हॉस्पिटल के पास गहन यातायात जाँच के दौरान, गीता नगर क्रॉसिंग की ओर जाते हुए एक 'जनरक्षक महोदय' को बिना हेलमेट के देखा गया, जबकि उनके साथ चल रहे व्यक्ति ने हेलमेट पहना हुआ था। आरोप है कि 'शासन प्रशासन के व्यक्तियों' का त्रिनेत्र कैमरे में कभी चालान नहीं देखा जाता और न ही यातायात विभाग के कर्मचारी उनका चालान करते हैं, जबकि आम जनता को हेलमेट न लगाने पर तत्काल चालान भेज दिया जाता है, जिसे न भरने पर मामला कोर्ट भेज दिया जाता है। भारत सूत्र लाइव टीवी के संवाददाता ओमवीर जी ने उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक महोदय और उत्तर प्रदेश ट्रैफिक अधिकारी महोदय से यह जानने की मांग की है कि क्या यातायात नियमों का पालन केवल आम जनता के लिए ही है। चैनल ने कानपुर से सभी से हाथ जोड़कर निवेदन किया है कि वे यातायात के नियमों का पालन करें और शासन-प्रशासन का पूरा सहयोग करें, क्योंकि उन्हें देखकर अन्य लोग भी नियमों का पालन करेंगे। यह रिपोर्ट कानपुर नगर के गीता नगर क्रॉसिंग के पास यातायात विभाग द्वारा हो रही चेकिंग के संदर्भ में सवाल करती है कि जब सब-इंस्पेक्टर द्वारा यातायात नियमों का पालन कराया जा रहा है, तब भी 'जनरक्षक' का चालान क्यों नहीं होता है।
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    कानपुर नगर से भारत सूत्र लाइव टीवी डिजिटल मीडिया प्रेस की एक रिपोर्ट में यातायात नियमों के प्रवर्तन में भेदभावपूर्ण रवैये पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जहां एक ओर विभिन्न संगठनों और शासन-प्रशासन द्वारा यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, वहीं यह सख्ती केवल निजी और कमजोर व्यक्तियों पर ही लागू होती दिख रही है, जबकि 'शासन प्रशासन के व्यक्तियों' पर ये नियम लागू नहीं होते।

रिपोर्ट बताती है कि चालान करने से ही समस्या का समाधान नहीं हो सकता, क्योंकि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति को दुर्घटना का सामना करना पड़ सकता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना और गाड़ी के सभी कागजात (डिजिटल या भौतिक) पूरे रखना अनिवार्य है। इसके बावजूद, कानपुर नगर के हैलेट हॉस्पिटल के पास गहन यातायात जाँच के दौरान, गीता नगर क्रॉसिंग की ओर जाते हुए एक 'जनरक्षक महोदय' को बिना हेलमेट के देखा गया, जबकि उनके साथ चल रहे व्यक्ति ने हेलमेट पहना हुआ था। आरोप है कि 'शासन प्रशासन के व्यक्तियों' का त्रिनेत्र कैमरे में कभी चालान नहीं देखा जाता और न ही यातायात विभाग के कर्मचारी उनका चालान करते हैं, जबकि आम जनता को हेलमेट न लगाने पर तत्काल चालान भेज दिया जाता है, जिसे न भरने पर मामला कोर्ट भेज दिया जाता है।

भारत सूत्र लाइव टीवी के संवाददाता ओमवीर जी ने उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक महोदय और उत्तर प्रदेश ट्रैफिक अधिकारी महोदय से यह जानने की मांग की है कि क्या यातायात नियमों का पालन केवल आम जनता के लिए ही है। चैनल ने कानपुर से सभी से हाथ जोड़कर निवेदन किया है कि वे यातायात के नियमों का पालन करें और शासन-प्रशासन का पूरा सहयोग करें, क्योंकि उन्हें देखकर अन्य लोग भी नियमों का पालन करेंगे।

यह रिपोर्ट कानपुर नगर के गीता नगर क्रॉसिंग के पास यातायात विभाग द्वारा हो रही चेकिंग के संदर्भ में सवाल करती है कि जब सब-इंस्पेक्टर द्वारा यातायात नियमों का पालन कराया जा रहा है, तब भी 'जनरक्षक' का चालान क्यों नहीं होता है।
    user_Omveer
    Omveer
    Media Consultant कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    43 min ago
  • कानपुर नगर में यातायात विभाग के नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है, जहाँ ये नियम केवल आम जनता पर लागू होते दिख रहे हैं, जबकि शासन-प्रशासन से जुड़े व्यक्तियों को अक्सर छूट मिलती है। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ और समृद्ध भारत समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा सभी के लिए समान है, फिर भी नियमों का पालन केवल निजी और कमजोर वर्ग के व्यक्तियों से कराया जाता है, जबकि शासन-प्रशासन के ऊपर ये नियम लागू नहीं होते। रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल चालान करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसी संदर्भ में, कानपुर नगर के हैलेट हॉस्पिटल के पास यातायात प्रशासन की सघन चेकिंग के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। गीता नगर क्रॉसिंग के पास एक 'जनरक्षक महोदय' को बिना हेलमेट के यात्रा करते देखा गया, जबकि उनके साथ चल रहे व्यक्ति ने हेलमेट पहना हुआ था। रिपोर्ट में आरोप है कि शासन-प्रशासन से जुड़े व्यक्तियों के चालान न तो त्रिनेत्र कैमरे में दर्ज होते हैं और न ही यातायात विभाग के कर्मचारी उनका चालान करते हैं। इसके विपरीत, आम लोगों को हेलमेट न होने पर तत्काल चालान भेजा जाता है, जो न भरने पर कोर्ट भेज दिया जाता है। वरदान फाउंडेशन, वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ और समृद्ध भारत समाचार पत्र परिवार की ओर से उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक और उत्तर प्रदेश ट्रैफिक अधिकारी से अनुरोध किया गया है कि यातायात नियमों का पालन सड़क पर चलने वाले सभी व्यक्तियों के लिए अनिवार्य किया जाए। कानपुर से संवाददाता दिनकर जी की रिपोर्ट में जनता यह जानना चाहती है कि आखिर ऐसा दोहरा मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है। आम जनता से भी हाथ जोड़कर निवेदन किया गया है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और शासन-प्रशासन का सहयोग करें, ताकि उन्हें देखकर दूसरे लोग भी नियमों का पालन करें।
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    कानपुर नगर में यातायात विभाग के नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है, जहाँ ये नियम केवल आम जनता पर लागू होते दिख रहे हैं, जबकि शासन-प्रशासन से जुड़े व्यक्तियों को अक्सर छूट मिलती है। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ और समृद्ध भारत समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा सभी के लिए समान है, फिर भी नियमों का पालन केवल निजी और कमजोर वर्ग के व्यक्तियों से कराया जाता है, जबकि शासन-प्रशासन के ऊपर ये नियम लागू नहीं होते। रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल चालान करने से समस्या का समाधान नहीं होगा।

इसी संदर्भ में, कानपुर नगर के हैलेट हॉस्पिटल के पास यातायात प्रशासन की सघन चेकिंग के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। गीता नगर क्रॉसिंग के पास एक 'जनरक्षक महोदय' को बिना हेलमेट के यात्रा करते देखा गया, जबकि उनके साथ चल रहे व्यक्ति ने हेलमेट पहना हुआ था। रिपोर्ट में आरोप है कि शासन-प्रशासन से जुड़े व्यक्तियों के चालान न तो त्रिनेत्र कैमरे में दर्ज होते हैं और न ही यातायात विभाग के कर्मचारी उनका चालान करते हैं। इसके विपरीत, आम लोगों को हेलमेट न होने पर तत्काल चालान भेजा जाता है, जो न भरने पर कोर्ट भेज दिया जाता है।

वरदान फाउंडेशन, वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ और समृद्ध भारत समाचार पत्र परिवार की ओर से उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक और उत्तर प्रदेश ट्रैफिक अधिकारी से अनुरोध किया गया है कि यातायात नियमों का पालन सड़क पर चलने वाले सभी व्यक्तियों के लिए अनिवार्य किया जाए। कानपुर से संवाददाता दिनकर जी की रिपोर्ट में जनता यह जानना चाहती है कि आखिर ऐसा दोहरा मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है। आम जनता से भी हाथ जोड़कर निवेदन किया गया है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और शासन-प्रशासन का सहयोग करें, ताकि उन्हें देखकर दूसरे लोग भी नियमों का पालन करें।
    user_Sri Dinkar jee
    Sri Dinkar jee
    Media house कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • एक अधिकारी को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। इस कार्रवाई के बाद उसकी करोड़ों रुपये की काली कमाई का भी खुलासा हुआ है।
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    एक अधिकारी को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। इस कार्रवाई के बाद उसकी करोड़ों रुपये की काली कमाई का भी खुलासा हुआ है।
    user_KPTV BHARAT NEWS
    KPTV BHARAT NEWS
    Media company कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित महान क्रांतिकारी मौलाना बरकतुल्ला भोपाली के नाम पर बनी यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की तैयारी चल रही है। विश्वविद्यालय का नाम बदलकर 'वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय' किए जाने की योजना है। मौलाना बरकतुल्ला भोपाली का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थान है, क्योंकि वे सन 1915 में काबुल में गठित भारत की पहली निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री थे। उन्हें आठ भाषाओं का जानकार, एक निर्भीक पत्रकार, प्रभावशाली वक्ता और एक प्रखर राष्ट्रवादी व क्रांतिकारी के रूप में जाना जाता है।
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    मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित महान क्रांतिकारी मौलाना बरकतुल्ला भोपाली के नाम पर बनी यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की तैयारी चल रही है। विश्वविद्यालय का नाम बदलकर 'वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय' किए जाने की योजना है।

मौलाना बरकतुल्ला भोपाली का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थान है, क्योंकि वे सन 1915 में काबुल में गठित भारत की पहली निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री थे। उन्हें आठ भाषाओं का जानकार, एक निर्भीक पत्रकार, प्रभावशाली वक्ता और एक प्रखर राष्ट्रवादी व क्रांतिकारी के रूप में जाना जाता है।
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में एक भुगतान संबंधी विवाद ने उस समय तूल पकड़ लिया जब दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले जाकर उनसे पूछताछ की। पुलिस ने एक महिला डॉक्टर की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने जानकारी दी है कि उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी, जिसके बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, सभी की निगाहें इस जांच के नतीजों और पुलिस द्वारा की जाने वाली अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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    कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में एक भुगतान संबंधी विवाद ने उस समय तूल पकड़ लिया जब दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले जाकर उनसे पूछताछ की।

पुलिस ने एक महिला डॉक्टर की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने जानकारी दी है कि उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी, जिसके बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, सभी की निगाहें इस जांच के नतीजों और पुलिस द्वारा की जाने वाली अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
    user_Shyam ji gupta
    Shyam ji gupta
    Media Consultant उन्नाव, उन्नाव, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
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