नैमिषारण्य बिजली विभाग की लापरवाही, सड़क पर झूल रहा तार, हादसे का खतरा* नैमिषारण्य फीडर के अंतर्गत दहिलरा गांव में बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई है। विश्व विख्यात नैमिषारण्य जाने वाले मुख्य मार्ग पर बिजली का तार कई घंटों से सड़क पर झूल रहा है। तार जमीन के काफी करीब होने से राहगीरों के साथ ग्रामीणों में भी हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, मुख्य मार्ग पर तार गिरने और झूलने की जानकारी होने के बावजूद बिजली विभाग नीमसार की ओर से अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस मार्ग से ग्रामीणों के अलावा नैमिषारण्य जाने वाले लोगों का भी लगातार आवागमन रहता है। ऐसे में तार में करंट प्रवाहित होने की स्थिति में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। दहिलरा गांव के ग्रामीण मनोज शुक्ला, महफूज, राज शुक्ला, भैनू, भुन्नी, मेराज आदि ने बताया कि गांव में बिजली की केबल और तारों की स्थिति लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं कराया गया। सड़क पर झूलते तार के कारण लोगों को बेहद सावधानी से गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग नीमसार से तत्काल मौके पर पहुंचकर सड़क पर झूल रहे तार को हटवाने और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय विभाग को पहले ही समस्या का समाधान करना चाहिए। इस संबंध में क्षेत्रीय जेई सौरभ अवस्थी से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
नैमिषारण्य बिजली विभाग की लापरवाही, सड़क पर झूल रहा तार, हादसे का खतरा* नैमिषारण्य फीडर के अंतर्गत दहिलरा गांव में बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई है। विश्व विख्यात नैमिषारण्य जाने वाले मुख्य मार्ग पर बिजली का तार कई घंटों से सड़क पर झूल रहा है। तार जमीन के काफी करीब होने से राहगीरों के साथ ग्रामीणों में भी हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, मुख्य मार्ग पर तार गिरने और झूलने की जानकारी होने के बावजूद बिजली विभाग नीमसार की ओर से अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस मार्ग से ग्रामीणों के अलावा नैमिषारण्य जाने वाले लोगों का भी लगातार आवागमन रहता है। ऐसे में तार में करंट प्रवाहित होने की स्थिति में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। दहिलरा गांव के
ग्रामीण मनोज शुक्ला, महफूज, राज शुक्ला, भैनू, भुन्नी, मेराज आदि ने बताया कि गांव में बिजली की केबल और तारों की स्थिति लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं कराया गया। सड़क पर झूलते तार के कारण लोगों को बेहद सावधानी से गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग नीमसार से तत्काल मौके पर पहुंचकर सड़क पर झूल रहे तार को हटवाने और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय विभाग को पहले ही समस्या का समाधान करना चाहिए। इस संबंध में क्षेत्रीय जेई सौरभ अवस्थी से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
- नैमिषारण्य बिजली विभाग की लापरवाही, सड़क पर झूल रहा तार, हादसे का खतरा* नैमिषारण्य फीडर के अंतर्गत दहिलरा गांव में बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई है। विश्व विख्यात नैमिषारण्य जाने वाले मुख्य मार्ग पर बिजली का तार कई घंटों से सड़क पर झूल रहा है। तार जमीन के काफी करीब होने से राहगीरों के साथ ग्रामीणों में भी हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, मुख्य मार्ग पर तार गिरने और झूलने की जानकारी होने के बावजूद बिजली विभाग नीमसार की ओर से अब तक कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस मार्ग से ग्रामीणों के अलावा नैमिषारण्य जाने वाले लोगों का भी लगातार आवागमन रहता है। ऐसे में तार में करंट प्रवाहित होने की स्थिति में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। दहिलरा गांव के ग्रामीण मनोज शुक्ला, महफूज, राज शुक्ला, भैनू, भुन्नी, मेराज आदि ने बताया कि गांव में बिजली की केबल और तारों की स्थिति लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं कराया गया। सड़क पर झूलते तार के कारण लोगों को बेहद सावधानी से गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग नीमसार से तत्काल मौके पर पहुंचकर सड़क पर झूल रहे तार को हटवाने और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय विभाग को पहले ही समस्या का समाधान करना चाहिए। इस संबंध में क्षेत्रीय जेई सौरभ अवस्थी से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।2
- सीतापुर श्री गडेस महोत्सव का समापन 25 सितंबर को होगा मूर्ती विसर्जन सीतापुर सिटी के श्री गडेस महोत्सव 25 सितंबर को एवं मूर्ती विसर्जन समरोह1
- इस वीडियो को दिखाने का उद्देश्य किसी व्यक्ति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना है। वीडियो में दिखाई गई घटना को इसी उद्देश्य से साझा किया जा रहा है कि ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए सभी लोग सावधानी बरतें और खेतों या सुनसान स्थानों पर अकेले जाने से बचें। कृपया वीडियो को शांति और जिम्मेदारी के साथ देखें और आगे साझा करते समय भी इसका उद्देश्य जागरूकता और सुरक्षा ही रखें। 🙏1
- लखनऊ में फीस के बावजूद नहीं मिली बेटी की मार्कशीट? | स्कूल प्रबंधक पर पिता के गंभीर आरोप | Mal News लखनऊ में फीस के बावजूद नहीं मिली बेटी की मार्कशीट? | स्कूल प्रबंधक पर पिता के गंभीर आरोप | Mal News1
- हरदोई के नए डीएम के कड़े तेवर,डीएम राहुल पांडेय बोले- 'शासन की प्राथमिकता ही मेरा विजन'पदभार संभालते ही एक्शन में नवागत डीएम राहुल पांडेय, पत्रकारों से बातचीत में कही ये बड़ी बात!...... हरदोई के नवागत जिलाधिकारी राहुल पांडेय ने कार्यभार संभालते ही अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दी हैं। आज पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने दो टूक कहा कि—"शासन की प्राथमिकता ही प्रशासन की प्राथमिकता होगी और जनता की समस्याओं का समाधान हर हाल में पहली प्राथमिकता पर किया जाएगा।"1
- स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं पर छींटाकशी, एंटी रोमियो टीम ने युवक को दबोचा स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं पर छींटाकशी, एंटी रोमियो टीम ने युवक को दबोचा अटरिया पुलिस की कार्रवाई, आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 296 में मुकदमा दर्ज संवाददाता,, नरेश गुप्ता अटरिया/सीतापुर। मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो अभियान के तहत सीतापुर पुलिस द्वारा महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे अभियान में अटरिया पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने स्कूल से आने-जाने वाली छात्राओं व महिलाओं पर कथित रूप से छींटाकशी करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक सीतापुर अंकुर अग्रवाल ने जनपद में मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो अभियान के तहत थाना क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाकर महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी दुर्गेश कुमार सिंह के निकट पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी वेद प्रकाश श्रीवास्तव के निर्देशन में अटरिया पुलिस ने कार्रवाई की। थानाध्यक्ष लाल बहादुर मिश्र के नेतृत्व में एंटी रोमियो टीम में उपनिरीक्षक सतेन्द्र सिंह, कांस्टेबल संजय, अशोक, अंकित पाल एवं महिला कांस्टेबल रूचि पाल शामिल रहीं। पुलिस को सूचना मिली थी कि सुरजीत पुत्र संतोष (20 वर्ष), निवासी ग्राम दुलारपुरवा मजरा महोलिया, थाना घुंघटेर, जनपद बाराबंकी स्कूल से आने-जाने वाली छात्राओं एवं महिलाओं पर छींटाकशी कर रहा है। सूचना के बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मौके पर पहुंचकर आरोपी को कथित रूप से छींटाकशी करते हुए पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध थाना अटरिया में मु0अ0सं0 247/2026, धारा 296 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- *अवगत कराना है कि दिनांक 25.09.2026 को थाना अतरौली के ग्राम सारंगपुर में नटल बाग के खेत पर एक युवक व युवती के शव लटके होने की सूचना प्राप्त हुई सूचना पर स्थानीय पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर घटनास्थल निरीक्षण कर शवों को नियमानुसार पंचायतनामा की कार्यवाही पूर्ण कर पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भेजा जा रहा है अन्य आवश्यक कार्यवाही प्रचलित है इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री सुबोध गौतम द्वारा दी गई बाईट।*1
- डिजिटल स्क्रीन पर मौत का आखिरी पैगाम मेरी मौत हो चुकी है, देख लो आकर'हरदोई के अतरौली में मूसलाधार बारिश में बहते रहे परिजनों के आंसू,पेड़ की डाल से लटके मिले नाबालिगों के शव..... तकनीक के इस दौर में सोशल मीडिया जहाँ अपनों को करीब लाने का दावा करता है, वहीं कभी-कभी यही प्लेटफॉर्म किसी बड़ी तबाही की गवाही भी बन जाता है।हरदोई से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली और बेहद मार्मिक खबर सामने आई है। जहाँ एक डिजिटल स्टेटस, मौत का आखिरी पैगाम बन गया। अतरौली थाना क्षेत्र के सारंगपुर गांव में एक नाबालिग प्रेमी युगल ने मौत को गले लगा लिया। लेकिन इस आत्मघाती कदम को उठाने से ठीक पहले, उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक ऐसा खौफनाक स्टेटस लगाया, जिसे देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आसमान से बरसती मूसलाधार बारिश... और उस बारिश के बीच अपनों को ढूंढते बदहवास परिजन। किसी को अंदाज़ा नहीं था कि सारंगपुर गांव के पास के ही एक बाग में मौत उनका इंतजार कर रही है। गांव के दो नाबालिग अचानक लापता हो गए थे। घरवाले और ग्रामीण उन्हें हर तरफ तलाश रहे थे, लेकिन तभी मोबाइल की एक घंटी बजी और सोशल मीडिया पर एक ऐसा स्टेटस सामने आया, जिसने सबकी सांसें रोक दीं।इंस्टाग्राम के स्टेटस पर लिखा था— "मेरी मौत हो चुकी है, देख लो आकर।" यह शब्द नहीं, बल्कि जिंदगी का आखिरी और सबसे दर्दनाक बुलावा था। इस खौफनाक स्टेटस को देखते ही परिजनों के होश उड़ गए। ग्रामीण और घरवाले बदहवास होकर स्टेटस के सुराग के सहारे गांव के पास पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर हर आंख रो पड़ी। एक ही पेड़ की डाल से दोनों नाबालिगों के शव फांसी के फंदे पर लटके हुए थे।इस सनसनीखेज घटना की सूचना मिलते ही अतरौली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। भारी बरसात और विकट हालातों के बीच पुलिस ने दोनों शवों को पेड़ से नीचे उतारा और अपने कब्जे में लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खुद अपर पुलिस अधीक्षक सुबोध गौतम भी भारी पुलिस बल के साथ सारंगपुर गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और जांच के सख्त निर्देश दिए।दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा और पोस्टमार्टम की आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि दोनों नाबालिगों ने यह खौफनाक कदम किन परिस्थितियों में उठाया।पुलिस अब इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि आखिर वो कौन से हालात थे, जिन्होंने इन मासूम जिंदगियों को इस कदर मजबूर कर दिया कि उन्होंने मौत को गले लगाने से पहले दुनिया को अलविदा कहने का जरिया भी सोशल मीडिया को ही चुना। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है, और हर कोई बस यही सोच रहा है कि काश समय रहते इन बच्चों के दिल की बात को समझा जा सकता।हरदोई की यह घटना सिर्फ एक सुसाइड केस नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज और परिवारों के लिए एक बहुत बड़ा अलार्म है। यह सवाल उठाती है कि आज की युवा पीढ़ी और नाबालिग बच्चे आखिर किस मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं कि वे इतना बड़ा कदम उठा लेते हैं। जरूरत है कि हम अपने बच्चों से संवाद बनाए रखें, ताकि किसी भी मासूम की जिंदगी का अंत इस तरह किसी सोशल मीडिया स्टेटस पर न हो।1