डिजिटल स्क्रीन पर मौत का आखिरी पैगाम मेरी मौत हो चुकी है, देख लो आकर'हरदोई के अतरौली में मूसलाधार बारिश में बहते रहे परिजनों के आंसू,पेड़ की डाल से लटके मिले नाबालिगों के शव..... तकनीक के इस दौर में सोशल मीडिया जहाँ अपनों को करीब लाने का दावा करता है, वहीं कभी-कभी यही प्लेटफॉर्म किसी बड़ी तबाही की गवाही भी बन जाता है।हरदोई से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली और बेहद मार्मिक खबर सामने आई है। जहाँ एक डिजिटल स्टेटस, मौत का आखिरी पैगाम बन गया। अतरौली थाना क्षेत्र के सारंगपुर गांव में एक नाबालिग प्रेमी युगल ने मौत को गले लगा लिया। लेकिन इस आत्मघाती कदम को उठाने से ठीक पहले, उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक ऐसा खौफनाक स्टेटस लगाया, जिसे देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आसमान से बरसती मूसलाधार बारिश... और उस बारिश के बीच अपनों को ढूंढते बदहवास परिजन। किसी को अंदाज़ा नहीं था कि सारंगपुर गांव के पास के ही एक बाग में मौत उनका इंतजार कर रही है। गांव के दो नाबालिग अचानक लापता हो गए थे। घरवाले और ग्रामीण उन्हें हर तरफ तलाश रहे थे, लेकिन तभी मोबाइल की एक घंटी बजी और सोशल मीडिया पर एक ऐसा स्टेटस सामने आया, जिसने सबकी सांसें रोक दीं।इंस्टाग्राम के स्टेटस पर लिखा था— "मेरी मौत हो चुकी है, देख लो आकर।" यह शब्द नहीं, बल्कि जिंदगी का आखिरी और सबसे दर्दनाक बुलावा था। इस खौफनाक स्टेटस को देखते ही परिजनों के होश उड़ गए। ग्रामीण और घरवाले बदहवास होकर स्टेटस के सुराग के सहारे गांव के पास पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर हर आंख रो पड़ी। एक ही पेड़ की डाल से दोनों नाबालिगों के शव फांसी के फंदे पर लटके हुए थे।इस सनसनीखेज घटना की सूचना मिलते ही अतरौली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। भारी बरसात और विकट हालातों के बीच पुलिस ने दोनों शवों को पेड़ से नीचे उतारा और अपने कब्जे में लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खुद अपर पुलिस अधीक्षक सुबोध गौतम भी भारी पुलिस बल के साथ सारंगपुर गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और जांच के सख्त निर्देश दिए।दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा और पोस्टमार्टम की आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि दोनों नाबालिगों ने यह खौफनाक कदम किन परिस्थितियों में उठाया।पुलिस अब इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि आखिर वो कौन से हालात थे, जिन्होंने इन मासूम जिंदगियों को इस कदर मजबूर कर दिया कि उन्होंने मौत को गले लगाने से पहले दुनिया को अलविदा कहने का जरिया भी सोशल मीडिया को ही चुना। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है, और हर कोई बस यही सोच रहा है कि काश समय रहते इन बच्चों के दिल की बात को समझा जा सकता।हरदोई की यह घटना सिर्फ एक सुसाइड केस नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज और परिवारों के लिए एक बहुत बड़ा अलार्म है। यह सवाल उठाती है कि आज की युवा पीढ़ी और नाबालिग बच्चे आखिर किस मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं कि वे इतना बड़ा कदम उठा लेते हैं। जरूरत है कि हम अपने बच्चों से संवाद बनाए रखें, ताकि किसी भी मासूम की जिंदगी का अंत इस तरह किसी सोशल मीडिया स्टेटस पर न हो।
डिजिटल स्क्रीन पर मौत का आखिरी पैगाम मेरी मौत हो चुकी है, देख लो आकर'हरदोई के अतरौली में मूसलाधार बारिश में बहते रहे परिजनों के आंसू,पेड़ की डाल से लटके मिले नाबालिगों के शव..... तकनीक के इस दौर में सोशल मीडिया जहाँ अपनों को करीब लाने का दावा करता है, वहीं कभी-कभी यही प्लेटफॉर्म किसी बड़ी तबाही की गवाही भी बन जाता है।हरदोई से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली और बेहद मार्मिक खबर सामने आई है। जहाँ एक डिजिटल स्टेटस, मौत का आखिरी पैगाम बन गया। अतरौली थाना क्षेत्र के सारंगपुर गांव में एक नाबालिग प्रेमी युगल ने मौत को गले लगा लिया। लेकिन इस आत्मघाती कदम को उठाने से ठीक पहले, उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक ऐसा खौफनाक स्टेटस लगाया, जिसे देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आसमान से बरसती मूसलाधार बारिश... और उस बारिश के बीच अपनों को ढूंढते बदहवास परिजन। किसी को अंदाज़ा नहीं था कि सारंगपुर गांव के पास के ही एक बाग में मौत उनका इंतजार कर रही है। गांव के दो नाबालिग अचानक लापता हो गए थे। घरवाले और ग्रामीण उन्हें हर तरफ तलाश रहे थे, लेकिन तभी मोबाइल की एक घंटी बजी और सोशल मीडिया पर एक ऐसा स्टेटस सामने आया, जिसने सबकी सांसें रोक दीं।इंस्टाग्राम के स्टेटस पर लिखा था— "मेरी मौत हो चुकी है, देख लो आकर।" यह शब्द नहीं, बल्कि जिंदगी का आखिरी और सबसे दर्दनाक बुलावा था। इस खौफनाक स्टेटस को देखते ही परिजनों के होश उड़ गए। ग्रामीण और घरवाले बदहवास होकर स्टेटस के सुराग के सहारे गांव के पास पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर हर आंख रो पड़ी। एक ही पेड़ की डाल से दोनों नाबालिगों के शव फांसी के फंदे पर लटके हुए थे।इस सनसनीखेज घटना की सूचना मिलते ही अतरौली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। भारी बरसात और विकट हालातों के बीच पुलिस ने दोनों शवों को पेड़ से नीचे उतारा और अपने कब्जे में लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खुद अपर पुलिस अधीक्षक सुबोध गौतम भी भारी पुलिस बल के साथ सारंगपुर गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और जांच के सख्त निर्देश दिए।दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा और पोस्टमार्टम की आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि दोनों नाबालिगों ने यह खौफनाक कदम किन परिस्थितियों में उठाया।पुलिस अब इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि आखिर वो कौन से हालात थे, जिन्होंने इन मासूम जिंदगियों को इस कदर मजबूर कर दिया कि उन्होंने मौत को गले लगाने से पहले दुनिया को अलविदा कहने का जरिया भी सोशल मीडिया को ही चुना। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है, और हर कोई बस यही सोच रहा है कि काश समय रहते इन बच्चों के दिल की बात को समझा जा सकता।हरदोई की यह घटना सिर्फ एक सुसाइड केस नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज और परिवारों के लिए एक बहुत बड़ा अलार्म है। यह सवाल उठाती है कि आज की युवा पीढ़ी और नाबालिग बच्चे आखिर किस मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं कि वे इतना बड़ा कदम उठा लेते हैं। जरूरत है कि हम अपने बच्चों से संवाद बनाए रखें, ताकि किसी भी मासूम की जिंदगी का अंत इस तरह किसी सोशल मीडिया स्टेटस पर न हो।
- Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu begins his speech at the UN General Assembly Almost every single delegation walks out, many of them heckling and booing Netanyahu, while only a few remain. Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu begins his speech at the UN General Assembly Almost every single delegation walks out, many of them heckling and booing Netanyahu, while only a few remain.1
- 👆आज जनपद उन्नाव में सम्पन्न हुआ भूमि पूजन का कार्यक्रम जिसमें परम श्रध्देय भागवत भूषण विश्वविख्यात कथावाचक प्रदीप मिश्र जी सीहोर वालों के श्री मुख से होने वाली श्री शिव महापुराण कथा के कथा स्थल गौरी बीघापुर में आज भूमिपूजन संपन्न हुआ। वहीं कार्यक्रम का आयोजन कर रहे अरुण सिंह जी ने मीडिया से भी बात की✍️ BJP - Bharatiya Janata Party BJP Uttar Pradesh BJP UNNAO Anurag Awasthi Bjp Dr Swami Sakshi Ji Maharaj Arun Singh उन्नाव [ उत्तर प्रदेश ]] उन्नाव न्यूज़ Unnao Wale Hain | उन्नाव वाले हैं ऐतिहासिक नगरी उन्नाव 🚩 Unnao Wale Hain | उन्नाव वाले हैं VIP_UNNAO ऐतिहासिक नगरी उन्नाव 🚩 उन्नाव (𝐔𝐧𝐧𝐚𝐨) पूछता है उन्नाव *✍️आपका अनुज पत्रकार अनिल सिंह चौहान 🎤*4
- ग्रामीण भारत न्यूज़ से संवाददाता हरिश्चंद्र निषाद की रिपोर्ट खबर का असर: दूध से भरा ऑटो पलटने की खबर पर जागा PWD विभाग , सड़क सुधार शुरू तीन दिन पहले हादसे में चार कुंटल दूध बह गया था, खबर प्रकाशित होते ही जेसीबी से शुरू कराया गया मरम्मत कार्य परियर, उन्नाव। बाढ़ से कटी सड़क पर दूध से भरा ऑटो पलटने की खबर प्रकाशित होते ही पीडब्ल्यूडी विभाग हरकत में आ गया। गुरुवार को मरौंदा सूचित के पंनपथा गांव के पास क्षतिग्रस्त सड़क पर जेसीबी पहुंची और गड्ढों व कटे हिस्से को मिट्टी डालकर दुरुस्त कराने का काम शुरू कराया गया। तीन दिन पहले इसी बदहाल सड़क से गुजरते समय पंनपथा निवासी दीपक निषाद का दूध से भरा ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया था। हादसे में ऑटो में लदा करीब चार कुंतल दूध बाढ़ के पानी में बह गया था। ग्रामीणों की मदद से चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग उठाई थी। मामला खबर के माध्यम से सामने आने के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग ने संज्ञान लिया। गुरुवार को विभाग की ओर से जेसीबी भेजकर सड़क के गड्ढों और बाढ़ से कटे हिस्से में मिट्टी डलवाकर रास्ते को आवागमन योग्य बनाने का काम शुरू कराया गया। मौके पर मरौंदा सूचित के प्रधान प्रतिनिधि अमरकांत निषाद भी मौजूद रहे। खबर का असर दिखा, ग्रामीणों को मिली राहत। सड़क सुधार कार्य शुरू होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि बाढ़ से सड़क के अन्य हिस्से भी प्रभावित हैं, जिनकी मरम्मत की जरूरत बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षतिग्रस्त हिस्सों को समय रहते पूरी तरह दुरुस्त कराया जाए, ताकि दोबारा कोई हादसा न हो। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता हरदयाल अहिरवार द्वारा खबर का संज्ञान लेते हुए तत्काल जेसीबी भेजकर सड़क के गड्ढों में मिट्टी डलवाकर सुधार कार्य शुरू कराना सराहनीय पहल है।1
- स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं पर छींटाकशी, एंटी रोमियो टीम ने युवक को दबोचा स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं पर छींटाकशी, एंटी रोमियो टीम ने युवक को दबोचा अटरिया पुलिस की कार्रवाई, आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 296 में मुकदमा दर्ज संवाददाता,, नरेश गुप्ता अटरिया/सीतापुर। मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो अभियान के तहत सीतापुर पुलिस द्वारा महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे अभियान में अटरिया पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने स्कूल से आने-जाने वाली छात्राओं व महिलाओं पर कथित रूप से छींटाकशी करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक सीतापुर अंकुर अग्रवाल ने जनपद में मिशन शक्ति एवं एंटी रोमियो अभियान के तहत थाना क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाकर महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी दुर्गेश कुमार सिंह के निकट पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी वेद प्रकाश श्रीवास्तव के निर्देशन में अटरिया पुलिस ने कार्रवाई की। थानाध्यक्ष लाल बहादुर मिश्र के नेतृत्व में एंटी रोमियो टीम में उपनिरीक्षक सतेन्द्र सिंह, कांस्टेबल संजय, अशोक, अंकित पाल एवं महिला कांस्टेबल रूचि पाल शामिल रहीं। पुलिस को सूचना मिली थी कि सुरजीत पुत्र संतोष (20 वर्ष), निवासी ग्राम दुलारपुरवा मजरा महोलिया, थाना घुंघटेर, जनपद बाराबंकी स्कूल से आने-जाने वाली छात्राओं एवं महिलाओं पर छींटाकशी कर रहा है। सूचना के बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मौके पर पहुंचकर आरोपी को कथित रूप से छींटाकशी करते हुए पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध थाना अटरिया में मु0अ0सं0 247/2026, धारा 296 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- लखनऊ ठाकुरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत भुअर चौकी क्षेत्र में वसंत विहार कॉलोनी गेट के सामने लोडर डंपर पलटा बताया जा रहा है कि माल उतारते समय लोडर की टाली अचानक पलट गई1
- 🚨 ब्रेकिंग: अमेरिकी सांसद टिम बर्चेट ने कहा कि एप्स्टीन फाइलों में शैतानी रिपोर्टें "दुनिया को हिलाकर रख देंगी।" 🚨 ब्रेकिंग: अमेरिकी सांसद टिम बर्चेट ने कहा कि एप्स्टीन फाइलों में शैतानी रिपोर्टें "दुनिया को हिलाकर रख देंगी।"1
- डिजिटल स्क्रीन पर मौत का आखिरी पैगाम मेरी मौत हो चुकी है, देख लो आकर'हरदोई के अतरौली में मूसलाधार बारिश में बहते रहे परिजनों के आंसू,पेड़ की डाल से लटके मिले नाबालिगों के शव..... तकनीक के इस दौर में सोशल मीडिया जहाँ अपनों को करीब लाने का दावा करता है, वहीं कभी-कभी यही प्लेटफॉर्म किसी बड़ी तबाही की गवाही भी बन जाता है।हरदोई से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली और बेहद मार्मिक खबर सामने आई है। जहाँ एक डिजिटल स्टेटस, मौत का आखिरी पैगाम बन गया। अतरौली थाना क्षेत्र के सारंगपुर गांव में एक नाबालिग प्रेमी युगल ने मौत को गले लगा लिया। लेकिन इस आत्मघाती कदम को उठाने से ठीक पहले, उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक ऐसा खौफनाक स्टेटस लगाया, जिसे देखकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आसमान से बरसती मूसलाधार बारिश... और उस बारिश के बीच अपनों को ढूंढते बदहवास परिजन। किसी को अंदाज़ा नहीं था कि सारंगपुर गांव के पास के ही एक बाग में मौत उनका इंतजार कर रही है। गांव के दो नाबालिग अचानक लापता हो गए थे। घरवाले और ग्रामीण उन्हें हर तरफ तलाश रहे थे, लेकिन तभी मोबाइल की एक घंटी बजी और सोशल मीडिया पर एक ऐसा स्टेटस सामने आया, जिसने सबकी सांसें रोक दीं।इंस्टाग्राम के स्टेटस पर लिखा था— "मेरी मौत हो चुकी है, देख लो आकर।" यह शब्द नहीं, बल्कि जिंदगी का आखिरी और सबसे दर्दनाक बुलावा था। इस खौफनाक स्टेटस को देखते ही परिजनों के होश उड़ गए। ग्रामीण और घरवाले बदहवास होकर स्टेटस के सुराग के सहारे गांव के पास पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर हर आंख रो पड़ी। एक ही पेड़ की डाल से दोनों नाबालिगों के शव फांसी के फंदे पर लटके हुए थे।इस सनसनीखेज घटना की सूचना मिलते ही अतरौली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। भारी बरसात और विकट हालातों के बीच पुलिस ने दोनों शवों को पेड़ से नीचे उतारा और अपने कब्जे में लिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए खुद अपर पुलिस अधीक्षक सुबोध गौतम भी भारी पुलिस बल के साथ सारंगपुर गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और जांच के सख्त निर्देश दिए।दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा और पोस्टमार्टम की आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि दोनों नाबालिगों ने यह खौफनाक कदम किन परिस्थितियों में उठाया।पुलिस अब इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि आखिर वो कौन से हालात थे, जिन्होंने इन मासूम जिंदगियों को इस कदर मजबूर कर दिया कि उन्होंने मौत को गले लगाने से पहले दुनिया को अलविदा कहने का जरिया भी सोशल मीडिया को ही चुना। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है, और हर कोई बस यही सोच रहा है कि काश समय रहते इन बच्चों के दिल की बात को समझा जा सकता।हरदोई की यह घटना सिर्फ एक सुसाइड केस नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज और परिवारों के लिए एक बहुत बड़ा अलार्म है। यह सवाल उठाती है कि आज की युवा पीढ़ी और नाबालिग बच्चे आखिर किस मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं कि वे इतना बड़ा कदम उठा लेते हैं। जरूरत है कि हम अपने बच्चों से संवाद बनाए रखें, ताकि किसी भी मासूम की जिंदगी का अंत इस तरह किसी सोशल मीडिया स्टेटस पर न हो।1
- सत्या क्लीनिक में प्रसव के दौरान नवजात की मौत का आरोप, परिजनों ने FIR के लिए दी तहरीर बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के नानामऊ रोड स्थित एक निजी क्लीनिक में प्रसव के दौरान नवजात बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। नवजात की मां ने क्लीनिक संचालक व स्टाफ पर इलाज में लापरवाही बरतने और जबरन प्रसव कराने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए बांगरमऊ कोतवाली में FIR दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। तहरीर के अनुसार, पूर्विया टोला, बांगरमऊ निवासी शबा पत्नी आरिफ गर्भवती थीं। 20 सितंबर 2026 को लेबर पेन बढ़ने पर उन्हें नानामऊ स्थित सत्या क्लीनिक ले जाया गया। आरोप है कि क्लीनिक में मौजूद संचालक व स्टाफ ने बच्चा फंसा होने की बात कहकर उन्हें भर्ती कर लिया। परिजनों के मुताबिक इलाज के नाम पर पहले 20 हजार रुपये लिए गए और करीब दो घंटे बाद 14 हजार रुपये और लिए गए, जबकि छह हजार रुपये बाद में देने की बात कही गई। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि रात करीब दो बजे क्लीनिक स्टाफ ने बताया कि बच्चा पेल्विस की हड्डी में फंस गया है। परिजनों द्वारा मरीज को कहीं और ले जाने की बात कहने पर संचालक ने सुरक्षित प्रसव कराने की जिम्मेदारी लेने की बात कही। इसके बाद कथित तौर पर जबरन प्रसव कराने का प्रयास किया गया, जिससे नवजात के सिर में गंभीर चोट लग गई। परिजनों के अनुसार रातभर प्रसव नहीं हो सका और करीब चार बजे क्लीनिक कर्मियों ने जवाब दे दिया। आरोप है कि बच्चा आधा गर्भाशय में फंसा हुआ छोड़कर परिजनों से बकाया छह हजार रुपये लेकर मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा गया। इसके बाद परिजन महिला और नवजात को निर्मला हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर बताते हुए भर्ती कर ऑपरेशन किया। तहरीर के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की हालत बेहद नाजुक है और उसे कहीं अन्य अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। इसके बाद परिजन बच्ची को लेकर लखनऊ के एक अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने भी बच्ची की हालत गंभीर बताई। तहरीर में कहा गया है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिजन बड़े अस्पताल में भर्ती नहीं करा सके। इसी दौरान गंभीर चोट के कारण नवजात ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्ची की मौत सत्या क्लीनिक में कथित लापरवाही के कारण हुई और इलाज के दौरान करीब 50 हजार रुपये खर्च हो गए। पीड़िता शबा पत्नी आरिफ ने आज गुरुवार दोपहर एक बजे बांगरमऊ कोतवाली प्रभारी को प्रार्थना पत्र देकर मामले में FIR दर्ज कर आरोपों की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1